दतिया जिले में घूमने की जगहें – आध्यात्मिकता, इतिहास और वास्तुकला का अद्भुत संगम
दतिया जिला मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख जिला है। दतिया में ढेर सारे प्राचीन मंदिर और किले बने हुए हैं। दतिया का इतिहास महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है। इस जगह को महर्षि दत्त की तपोस्थली माना जाता है।
दतिया में घूमने के लिए ढेर सारे स्थान है, जहां पर पर्यटक जाकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। इस लेख में, दतिया की प्रमुख पर्यटन स्थल (Datia Tourist Places in Hindi), दतिया के आसपास घूमने की प्रमुख जगह, दतिया की प्रसिद्ध मंदिर, दतिया कैसे पहुंचे, दतिया में घूमने का सबसे अच्छा समय, और दतिया की 1 दिन की यात्रा के बारे में जानकारी देंगे। अगर आप दतिया में घूमने का प्लान बना रहा है, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा।
दतिया जिले का इतिहास (Datia District History)
दतिया का इतिहास बहुत ही समृद्ध रहा है। दतिया बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा के साथ-साथ दतिया नरेशों के साहस के लिए भी जाना जाता है। दतिया रियासत की शुरुआत 1626 ई से होती है। जब महाराज बुंदेला राजा वीर सिंह देव के पुत्र महाराज राम शाह सिंह जू देव ने दतिया रियासत की स्थापना की।
यह रियासत बाद में बुंदेलखंड की सबसे समृद्ध रियासतों में से एक बनी। बुंदेला राजवंश ने दतिया में उत्कृष्ट महल, किले और मंदिरों का निर्माण कराया। मुगल और मराठा काल में दतिया में कई राजनीतिक घटनाएं घटी।
ब्रिटिश काल में दतिया एक महत्वपूर्ण रियासत थी। दतिया के महाराज अंग्रेज सरकार के प्रति निष्ठावान रहे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सहयोग किया। स्वतंत्रता के बाद, दतिया रियासत का विलय भारतीय संघ में हुआ। बाद में यह मध्य प्रदेश राज्य का हिस्सा बना। 1998 में दतिया जिला एक आधिकारिक रूप से एक जिला घोषित किया गया।
दतिया में घूमने के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थलों की जानकारी (Datia Tourist Places in Hindi)
नीचे दतिया जिले के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थानों की विस्तृत जानकारी दी गई है —
1. दतिया पैलेस (Datia Palace)
दतिया पैलेस को वीर सिंह पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। यह महल दतिया मुख्य शहर में बना हुआ है। इस महल में 7 मंजिला है। यहां पर खूबसूरत गुंबद, प्रवेश द्वार, खिड़कियां, पिलर, दीवारें देखी जा सकती है, जो बहुत ही आकर्षक लगते हैं। इस पैलेस से शहर का सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिलता है, जो बेहद मनमोहक लगता है।
इस महल का निर्माण बुंदेला शासक वीर सिंह देव ने सन 1620 ईस्वी में करवाया था। यह महल चैकोर है, जिसमें कोने पर त्रिकोणीय मीनार है। दतिया महल को नरसिंह महल या पुराने महल के नाम से भी जाना जाता है। इस महल के निर्माण में पत्थरों का प्रयोग किया गया है। इस महल में लकड़ी और लोहे का प्रयोग कहीं पर भी नहीं किया गया है। यहां से शहर का पूर्ण दृश्य दिखाई देता है और महल फोटो प्रेमियों के लिए बेहतरीन जगह है।
दतिया पैलेस की विशेषताएं
- 7 मंजिला विशाल भवन
- बिना नींव (foundation) के बने होने की अद्भुत मिसाल
- मुगल व बुंदेली वास्तुकला का मिश्रण
- कलात्मक दीवारें और चित्रांकन
2. श्री पीताम्बरा पीठ दतिया (Shri Pitambra Peeth Datia)
श्री पितांबरा पीठ मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। पीतांबरा पीठ भारत की सबसे शक्तिशाली शक्तिपीठों में से एक है। यह स्थल बगलामुखी और धूमावती माता को समर्पित है। यहां पर पूरे देश से भक्त माता की दर्शन करने के लिए आते हैं।
श्री पितांबरा पीठ मंदिर मुख्य दतिया शहर के बीचों बीच बना है। यहां पर आप सड़क मार्ग से अपने वाहन या सरकारी परिवहन से आसानी से पहुंच सकते हैं। मंदिर में हर प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध है। मंदिर के बारे में ढेर सारी मान्यताएं हैं। मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यह मंदिर महाभारत काल से यहां पर निर्मित है।
मंदिर परिसर में एक प्राचीन शिवलिंग स्थापित है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि यह शिवलिंग अति प्राचीन है। मंदिर के परिसर में मंत्र के उच्चारण से एक सकारात्मक वातावरण में, लोग अपनी सारी चिंताएं भूल जाते हैं।
मंदिर के मुख्य गर्भगृह में पीतांबरा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। माता के दर्शन करके मन को शांति मिलती है। यहां पर धूमावती माता के दर्शन कर सकते है। सौभाग्यवती स्त्रियां धूमावती माता के दर्शन नहीं करती हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।
श्री पीताम्बरा पीठ मंदिर का महत्व
- मां बगलामुखी का सिद्ध पीठ
- नवरात्रि में विशेष मेले का आयोजन होता है और मंदिर में बहुत भीड़ होती है।
- शनिवार के दिन बहुत सारे भक्त आते हैं, क्योंकि शनिवार के दिन धूमावती माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
3. सोनागिर जैन मंदिर दतिया (Sonagiri Jain Temples Datia)
सोनागिर जैन मंदिर दतिया के पास घूमने के लिए मुख्य स्थान में से एक है। यह दतिया के पास सोनागिर एक छोटा सा गांव है, जहां पर जैन मंदिर बने हुए हैं। यह जैन मंदिर भारत की प्रमुख पवित्र और सुंदर स्थलों में से एक है। यह मंदिर पहाड़ी पर बने हुए हैं। सोनागिर का मतलब होता है – सोने का पहाड़।
यहां पर पहाड़ी पर करीब 77 से ज्यादा मंदिर बने हुए हैं, जो जैन धर्म के अलग-अलग तीर्थंकरों को समर्पित किए गए हैं। यहां पर श्री चंद्रप्रभु का मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। चंद्र प्रभु जी की मूर्ति को पत्थर पर उकेरकर बनाया गया है, जिससे यह मूर्ति बहुत ही आकर्षक लगती है।
यहां पर आपको ट्रैकिंग करके इन मंदिरों में जाकर दर्शन करने पड़ते हैं। इन मंदिरों में घूमने जाने के लिए आप सुबह-सुबह आ सकते हैं और सुबह-सुबह यहां पर ट्रैकिंग कर सकते हैं। सुबह-सुबह यहां पर मंदिर खुले रहते हैं। 12:30 बजे के बाद मंदिर बंद हो जाते हैं।
आप यहां पर समय के अनुरूप आए और मंदिर के दर्शन करें। मंदिर में और भी प्रसिद्ध साइट है, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर लोटस जैन मंदिर, मान स्तंभ है। इस मंदिर में 43 फीट ऊंचे मनस्तंभ को देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ लगती है। यह मंदिर वास्तुकला की दृष्टि से भी बहुत खूबसूरत है।
सोनागिर का आकर्षण
- 100 से अधिक जैन मंदिर।
- पहाड़ियों पर स्थित सफेद रंग के जैन मंदिर आकर्षक लगते हैं।
- सोनागिर के आसपास ढेर सारे ठहरने के लिए स्थल है, जहां पर आप ठहर सकते हैं।
4. राम सागर तालाब और किला दतिया (Ram Sagar Lake and Fort, Datia)
राम सागर तालाब और किला दतिया शहर के पास घूमने के लिए सुंदर और शांत जगह में से एक है। यहां पर एक सुंदर और विशाल जलाशय देखने के लिए मिलता है। जलाशय के पास ही ऊपर की तरफ पहाड़ी पर एक किला बना है, जो प्राचीन है।
किले से शाम के समय सूर्यास्त का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं और अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर आप हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं।
5. शाही छतरी समूह दतिया (Royal Cenotaphs Group, Datia)
शाही छतरी समूह दतिया के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यह दतिया मुख्य शहर में करण सागर के पास में बना है। दतिया के बुंदेला राजवंश के महाराजाओं एवं राज्य परिवार के अन्य सदस्यों की छतरियां यहां पर बनी हुई है, जिन्हें आप देख सकते हैं।
यह छतरियां भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। यहां पर इन छतरियां की बनावट अलग-अलग है। यह सभी छतरियां बहुत सुंदर तरीके से बनाई गई है और बहुत ही आकर्षक लगते हैं। छतरियां में सुंदरअलंकरण भी देखने के लिए मिलता है, जिसमें श्री कृष्ण की लीलाएं, पुष्प पत्तियां, बेल बूटे देखने के लिए मिलते हैं।
6. गोविंद निवास पैलेस दतिया (Govind Niwas Palace, Datia)
गोविंद निवास पैलेस दतिया के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यह महाराजा गोविंद सिंह जुदेव का एक सुंदर महल है। यह महल असनाई झील के किनारे बना है। यह महल बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत सुंदर है। महल में देखने के लिए बहुत सारी जगह है।
महल में झीलों का सुन्दर दृश्य देखा जा सकता है। महल में गार्डन बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। महल में प्राइवेट प्रॉपर्टी है। इसलिए यहां पर लोगों का आना माना है। मगर खास दिनों में यहां पर आया जा सकता है।
7. सम्राट अशोक शिलालेख गुजार्रा दतिया (Emperor Ashoka Inscription, Gujjarra, Datia)
सम्राट अशोक शिलालेख दतिया के पास गुजार्रा गांव में पाया गया है। यह शिलालेख एक पहाड़ी पर स्थित है, जिसे सिद्ध की टोरिया कहा जाता है। सिद्ध की टोरिया का मतलब है अच्छे लोगों का निवास स्थान।
इस शिलालेख का बहुत महत्व है, क्योंकि इसमें सम्राट अशोक का नाम लिखा हुआ है। यहां पर आस-पास पहाड़ी दृश्य और पवित्र स्थान देखे जा सकते हैं, जो बहुत सुंदर है। आप यहां घूम सकते हैं और इस प्राचीन स्मारक को देख सकते हैं।
8. गुप्तेश्वर धाम दतिया (Gupteshwar Dham Datia)
गुप्तेश्वर धाम दतिया शहर के पास बडोनी में स्थित एक मुख्य स्थल है। यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए चढ़ाई करनी पड़ती है और चढ़ाई करते समय चारों तरफ का प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर के जाने के रास्ते में एक तालाब भी बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है।
मंदिर में पहुंचकर, शंकर भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर के बारे में ढेर सारी मान्यताएं हैं। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर स्थापित शिवलिंग का आकार हर साल बढ़ता है और यह शिवलिंग लंबाई में हर साल बढ़ता जा रहा है। मंदिर प्राकृतिक वातावरण से भरपूर है। यहां पर बरसात और ठंड के समय जाकर अच्छा समय बिताया जा सकता है।
9. पंचम कवि की टोरिया दतिया (Pancham Kavi ki Toriya, Datia)
पंचम कवि की टोरिया दतिया शहर के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान हैं। यह दतिया से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 75 के करीब स्थित है। यहां पर एक ऊंची पहाड़ी है, जहां पर भगवान शिव, भगवान भैरव जी और तारा माता जी का मंदिर बना हुआ है।
इस ऊंचे पहाड़ी में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर आप जाकर भगवान शिव और भैरव जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आकर चारों तरफ का बहुत ही शानदार दृश्य देखने के लिए मिलता है। अगर आप शांति की तलाश कर रहे हैं, तो यहां पर आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं।
10. बडोनी का किला दतिया (Badoni Fort Datia)
बडोनी का किला दतिया के पास एक प्राचीन स्थान है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह किला दतिया के पास बडोनी गांव में बना हुआ है। यह किला खंडहर अवस्था में है। आप यहां पर आकर इस किले को देख सकते हैं। किले से आसपास का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। किले तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। बरसात और ठंड के समय यह जगह घूमने के लिए बढ़िया है।
दतिया कैसे पहुंचें (How to reach Datia)
वायु मार्ग द्वारा : दतिया का निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर में बना है। ग्वालियर दतिया से करीब 75 किलोमीटर दूर है। आप ग्वालियर वायु मार्ग से आ सकते हैं। उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा दतिया पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग के द्वारा : दतिया मुख्य शहर में रेलवे स्टेशन बना है। यह रेलवे स्टेशन प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। दतिया झांसी ग्वालियर रूट पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से रेल मार्ग द्वारा आ सकते हैं।
सड़क मार्ग द्वारा : दतिया में सड़क के द्वारा आसानी से आ सकते हैं। दतिया में NH75 गुजरता है, जिसके द्वारा और यहां पर आसानी से आ सकते है। यहां पर बस और टैक्सी से आराम से पहुंचा जा सकता है। झांसी, ग्वालियर, ओरछा, भोपाल से अच्छी तरह कनेक्टिविटी है।
दतिया जिला का गूगल मैप लोकेशन
दतिया में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Datia)
दतिया में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च के महीने में आ सकते हैं। अक्टूबर से मार्च का महीना अच्छा और सुहावना रहता है, जिससे पर्यटकों को घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। आप यहां पर आकर दतिया और दतिया के आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।
बाकी आप यहां पर बरसात के समय और गर्मी के समय भी अपनी इच्छा अनुसार आ सकते हैं।
दतिया घूमने का 2–3 दिन का ट्रैवल प्लान
दतिया में घूमने का ट्रैवल प्लान आप इस तरह कर सकते हैं, कि आप पहले दिन दतिया शहर के मुख्य पर्यटन स्थल जैसे पीतांबरा पीठ, दतिया पैलेस, शाही छतरी घूम सकते हैं। दूसरे दिन रामसागर तालाब, बडोनी का किला, हनुमान मंदिर, पंचम कवी की टोरिया, इनमें से ट्रैकिंग करनी पड़ती है। आप इन जगहों में से किसी भी जगह जा सकते हैं। दतिया के तीसरे दिन के ट्रेवल प्लेन में आप सोनगिर का ट्रेवल कर सकते हैं। सोनगिर में ट्रैकिंग करनी पड़ती है। आप वहां पर आराम से सुबह जा सकते हैं और ट्रैकिंग कर सकते हैं।
दतिया के आस-पास के पर्यटन स्थल (Tourist places near Datia)
झांसी शहर
मुरैना शहर
छतरपुर शहर
सागर शहर
जबलपुर शहर
दतिया जिला – क्यों खास है?
✔ शक्तिपीठ का घर
✔ जैन तीर्थों का केंद्र
✔ प्राचीन किला और हवेली
✔ लोक संस्कृति
✔ वास्तुकला और आध्यात्मिक अनुभव
दतिया भारत में आध्यात्मिक पर्यटन का उभरता केंद्र है, जहां इतिहास और भक्ति का अनोखा संगम है।
निष्कर्ष
दतिया जिला श्रद्धा, संस्कृति और वास्तुकला का अद्भुत खजाना है। पीतांबरा पीठ की अध्यात्मिक ऊर्जा, सोनागिर की जैन भव्यता और गोविंद महल की स्थापत्य कला इसे हर यात्रियों के bucket list में शामिल करती है।
इस लेख में हमने दतिया जिले के बारे में पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी है। अगर आपको पर्यटन स्थल में कुछ चेंज करने हैं या कुछ बदलाव करना है, तो आप हमें बता सकते हैं।
हम लेख में, परिवर्तन कर देंगे। इस लेख को आप अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में शेयर कर सकते हैं। ताकि अगर कोई दतिया में घूमने का प्लान कर रहा हो, तो यह लेख उसके लिए उपयोगी रहे।
