रायसेन में घूमने की जगह : प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का अद्भुत संगम
रायसेन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित हरियाली से भरपूर एक सुंदर जिला है। रायसेन अपने प्राचीन संस्कृति, स्थापत्य कला, किलो, धार्मिक स्थलों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह पर्यटकों के लिए एक शानदार वीकेंड डेस्टिनेशन है। यहां पर आकर पर्यटक अपना अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। इस लेख में हमने रायसेन जिले में घूमने की प्रमुख जगह (Raisen Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी दी है। अगर आपका रायसेन घूमने का प्लान बन रहा है, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है।
इस विस्तृत लेख में रायसेन के टॉप टूरिस्ट प्लेसेस (Raisen Tourist Places in Hindi), उनकी खासियत, इतिहास, एंट्री फीस, ट्रेवल टिप्स और सभी महत्वपूर्ण जानकारियां का पूरा वर्णन जानेंगे।
रायसेन जिले का इतिहास (Raisen District History)
रायसेन जिले का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। रायसेन जिला मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है। यह भोपाल के बहुत करीब है। रायसेन जिला अपने गौरवशाली इतिहास, प्राचीन किलों, धार्मिक स्थान और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है।
इस जिले का इतिहास प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक का है। रायसेन का नाम सुनते ही सबसे पहले मस्तिष्क में ख्याल रायसेन किले का आता है, जो इस शहर की ऐतिहासिक पहचान है। प्राचीन काल में यह क्षेत्र आबाद रहा है। पुरातात्विक साक्ष्यों से पता चलता है, कि यहाँ मौर्य और शुंग काल में भी मानव रहते थे।
रायसेन क्षेत्र अवंति महाजनपद के अंतर्गत आता था, जो प्राचीन भारत के प्रमुख जनपदों में से एक था। रायसेन क्षेत्र अवंती महाजनपद के अंतर्गत आता था, जो प्राचीन भारत के प्रमुख जनपदों में से एक था। रायसेन के आसपास के क्षेत्र में बहुत सारे प्राचीन बौद्ध स्मारक मिले हैं, जिससे इस बात का पता चलता है, कि यहां पर प्राचीन समय में लोग रहते थे।
मध्यकाल में रायसेन जिला का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रायसेन किला रहा है। इस किले का निर्माण 11वीं शताब्दी के आस-पास हुआ है। इस किले में कई शासको ने शासन किया है। यहां पर परमार वंश, दिल्ली सल्तनत, मालवा सल्तनत का शासन था। इस किले पर कई बार आक्रमण हुए और यह लंबे समय तक सत्ता संघर्ष का केंद्र बना रहा।
16वीं शताब्दी में रायसेन मुगल साम्राज्य के अधीन आया। सम्राट अकबर के शासनकाल में यह क्षेत्र प्रशासनिक रूप से गठित किया गया। यहां पर प्रशासनिक इकाइयां का निर्माण किया गया। मुगल काल में यहां पर मस्जिद, सराय और अन्य ऐतिहासिक इमारत का निर्माण किया गया, जिसकी अवशेष आज भी इस शहर में देखे जा सकते हैं। मुगलों के पतन के बाद यहां पर मराठाओं का शासन हुआ। यहां पर होलकर और सिंधिया वंश का प्रभाव रहा। मराठा काल में भूमि व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में यहां पर विकास हुआ।
ब्रिटिश काल के दौरान रायसेन भोपाल रियासत का हिस्सा था। इस समय यहां पर आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्थाएं, सड़के और शिक्षा का विकास हुआ। 1857 की स्वतंत्रता संग्राम में रायसेन और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत की स्वतंत्रता के बाद रायसेन मध्य प्रदेश का एक प्रमुख जिला बना। यहां पर कृषि, उद्योग और पर्यटन का विकास हुआ है।
रायसेन जिले के आस-पास घूमने की प्रमुख जगह (Raisen Tourist Places in Hindi)
1. रायसेन का किला (Raisen Fort)
रायसेन का किला मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। यह किला रायसेन मुख्य शहर में एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। किले तक पहुंचाने का रास्ता ट्रैकिंग वाला है। आप यहां पर ट्रैकिंग करके आराम से पहुंच सकते हैं। यहां पर एक रास्ता और है, जिससे आप अपनी कार और बाइक लेकर जा सकते हैं, मगर वह रास्ता थोड़ा लंबा है।
अगर आप यहां पर ट्रैकिंग करके जाएंगे, तो 2 से 3 घंटे में आप किले में आराम से पहुंच सकते हैं। इस किले के रास्ते में इसके प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही शानदार लगते हैं। समय के साथ यह प्रवेश द्वार धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहे हैं, मगर आज भी इनकी रौनक बरकरार है।
रायसेन किले में प्रवेश करने के बाद, आपको किले परिसर में प्राचीन मंदिर, महल, तालाब, मस्जिद देखने के लिए मिलती है। किले परिसर से रायसेन शहर का बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। किले के पास में एक बड़ा तालाब भी बना है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है।
यहां पर आप बरसात के समय जाएंगे, तो आपको ज्यादा मजा आएगा, क्योंकि बरसात के समय यहां पर हरियाली रहती है और यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है। किले के अंदर एक छोटी सी दुकान भी है, जहां से आप चाय नाश्ता कर सकते हैं। किले की तलहटी में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।
रायसेन किले में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम देख सकते हैं। यहां पर वर्षा को जल को एकत्र करके उस पानी का उपयोग साल भर किया जाता था। रायसेन किले में एक और खास जगह है – पीरजादा शेख सलाहुद्दीन की दरगाह है।
किले के अंदर कई महत्वपूर्ण संरचनाएँ हैं जैसे:
- पुरानी कचहरी
- झिंझरी महल
- बारादरी
- इतर दान
- दरगाह एवं मस्जिद
- कोस मीनार
- धोबी महल और धोबी तलाव
- मोतिया तालाब
- चोपड़ा गेट
- रानी महल
- बादल महल और मदागन तालाब
रायसेन किले की खासियत
- रायसेन किले में कई राजवंशों का शासन रहा है।
- विशाल 800 साल पुराना किला
- शाह बाबा की प्रसिद्ध दरगाह
- सुंदर पहाड़ी दृश्य
- बरसात के समय शानदार नजारा
रायसेन किले की टाइमिंग
रायसेन किला सुबह 10:00 बजे से शाम के 5:00 तक खुला रहता है। रायसेन किले में एंट्री फ्री है।
2. साँची स्तूप – Sanchi Stupa (UNESCO World Heritage Site)
सांची स्तूप विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। सांची स्तूप मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के पास में विदिशा भोपाल मार्ग पर सांची नाम की जगह के पास में बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग और रेल मार्ग से पहुंच सकते हैं। यहां पर देश विदेश से पर्यटक घूमने लिए आते हैं।
सांची में बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यह बौद्ध स्तूप एक ऊंची पहाड़ी में स्थित है। यह स्तूप बहुत बड़े परिसर में फैले हुए हैं। यहां पर तीन मुख्य स्तूप बने हुए हैं। इन स्तूप का निर्माण मौर्य सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में करवाया था। इन स्तूपों के तोरण द्वार पर भगवान बुद्ध के जीवन को दर्शाया गया है, जो बहुत ही सुंदर लगता है।
सांची स्तूप के परिसर में और भी बहुत सारी इमारतें के खंडहर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर गुप्तकालीन मंदिर, बौद्ध विहार, तालाब, बौद्ध मठ बने है। यहां पर एक कैंटीन बनी है, जहां पर चाय, कॉफी और स्नेक्स मिलते हैं। यहां पर बदक, खरगोश और कबूतर को भी रखा गया है। यहां पर मोर आराम से देखने के लिए मिल जाती है।
सांची स्तूप की खासियत
- सांची स्तूप विश्व धरोहर स्थल है।
- सांची स्तूप के सबसे बड़े वाले स्तूप में भगवान बुद्ध की अस्थियों को रखा गया है।
- प्राचीन बौद्ध स्तूप
- खूबसूरत तोरण द्वार
- संग्रहालय
टाइमिंग
8:30 AM – 5:30 PM
एंट्री फीस
- भारतीय पर्यटक: ₹30
विदेशी पर्यटक: ₹500
3. भीमबेटिका रायसेन (Bhimbetika Raisen)
भीमबैठका की गुफाएं रायसेन के पास स्थित एक विश्व धरोहर स्थल है। भीमबैठका की गुफाएं अपने प्रागैतिहासिक काल के शैल चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर प्राकृतिक गुफाएं बनी हुई है, जिनमें शैल चित्र बने हुए हैं। यहां पर प्राचीन समय की ढेर सारी गुफाएं मिली है, जो काफी बड़े एरिया में फैली गई है।
यहां पर आदिमानव के द्वारा बनाए गए हथियार और बहुत सारी वस्तुएं प्राप्त हुई है। भीमबैठका की गुफाएं रायसेन के पास रातापानी वन्य जीव के अभ्यारण के अंदर स्थित है। इन गुफाओं में आप आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं।
इन गुफाओं में आपको शेर, हाथी, शिकार करते हुए लोग, नित्य करते हुए लोग, सूअर, हाथी में बैठे पुरुष की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है ,यहां पर आसपास का वातावरण प्राकृतिक है। यहां पर वैष्णो देवी मंदिर भी बना हुआ है, जिसकी आप दर्शन कर सकते हैं।
4. दरगाह शरीफ रायसेन (Dargah Sharif Raisen)
दरगाह शरीफ रायसेन जिले में स्थित एक मुख्य धार्मिक स्थान हैं। यह दरगाह हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह चिश्ती रहमतुल्लाह औलिया की दरगाह है। इस दरगाह को साहिबे मजार शरीफ भी कहते हैं। यह दरगाह बहुत प्रसिद्ध है। दूर-दूर से लोग इस दरगाह में आते हैं।
लोगों का मानना है, कि यहां पर लोगों की इच्छाएं पूरी होती है और लोग हजरत पीर फतेहुद्दीन शाह बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। दरगाह के बाहर चादर और फूल की दुकानें हैं, जहां से आप चादर ले सकते हैं। यह दरगाह रायसेन बस स्टैंड से 3 किलोमीटर दूर में रोड पर स्थित है। आप यहां पर आराम से अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।
5. कंकाली देवी मंदिर रायसेन (Kankali Devi Temple Raisen)
कंकाली देवी मंदिर रायसेन जिले के पास घूमने के लिए एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है। कंकाली देवी मंदिर रायसेन भोपाल मार्ग में गुदावल गांव के पास में बना हुआ है। यहां पर आप अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं। मंदिर में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है और अभी मंदिर और भी बन रहा है।
मंदिर में मां काली की बहुत ही अनोखी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जिसमें मां काली का सर उल्टे हाथ की तरफ हल्का सा झुका हुआ है। लोगों का कहना है, कि चैत्र अष्टमी के समय मां काली का सर कुछ समय के लिए सीधा होता है। लोग यहां पर मां काली के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। मंदिर परिसर में और भी ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं। यहां पर शनि मंदिर,साईं मंदिर, मत्स्य मंदिर बना हुआ है। नवरात्रि में यहां पर ढेर सारी लोग आते हैं और मां की पूजा करते हैं।
6. तितली पार्क एवं मछलीघर रायसेन (Butterfly Park & Aquarium Raisen)
तितली पार्क और मछली घर रायसेन के पास घूमने के लिए एक मुख्य जगह है। यह रायसेन में गोपालपुर के पास वन मंडल में मुख्य सड़क पर स्थित है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं और घूम सकते हैं। यहां पर आपको ढेर सारे पेड़ पौधों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है।
यहां पर एक बड़ा और सुंदर तितली घर बना हुआ है। यहां पर तितलीघर डोम बना हुआ है, जहां पर ढेर सारी तितलियां देखी जा सकती है। यहां पर तितलियों के बारे में ढेर सारी जानकारियां भी मिलती है। यहां पर मछली घर भी बना है, जहां पर विभिन्न प्रकार की मछलियां देखी जा सकती हैं। यह जगह रायसेन में बच्चों के साथ घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया हैं। बच्चे यहां पर आकर बहुत एंजॉय करेंगे।
7. सतधारा स्तूप (Satdhara Stupa)
सतधारा रायसेन के पास घूमने के लिए एक प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान है। यहां पर आपको ढेर सारे स्तूप देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। ये जगह भोपाल विदिशा मार्ग से करीब 5 किलोमीटर अंदर स्थित है। यह जगह हलाली नदी के पास में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर कार और बाइक से घूमने के लिए आया जा सकता है।
यहां पर जंगल के अंदर जाने पर एक बहुत बड़ा स्तूप देखने के लिए मिलता है। इसके अलावा यहां पर 2 और छोटे स्तूप बने हुए हैं। यहां पर जाकर आप हलाली नदी के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहां पर चारों तरफ घना जंगल है। यहां पर वॉच टावर बना हुआ है, जिससे आस-पास का दृश्य देखा जा सकता है।
8. श्री केरवना धाम रायसेन (Sri Keravana Dham Raisen)
श्री केरवना धाम रायसेन जिले के पास घूमने के लिए एक धार्मिक स्थल है। इस मंदिर को वन खंडेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह स्थल केरवन्य ऋषि की साधना स्थल है। यह जगह चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है। यहां पर शंकर भगवान जी को समर्पित मंदिर बना हुआ है। यहां पर आप आकर घूम सकते हैं और इस मंदिर को देख सकते हैं।
केरबना धाम जैतपुर ग्राम के निकट है। यह वन मंडल अब्दुल्लागंज के अंतर्गत आता है। यहां पर एक जलधारा देखने के लिए मिलती है, जो एक पेड़ की जड़ के पास से निकल रही है। इस धार के बारे में कहा जाता है, कि केरवन्य ऋषि के आवाहन पर मां नर्मदा जी यहां पर प्रकट हुई थी और वही यहां पर निरंतर बह रही हैं। यह जलधारा साल भर इसी तरह से बहती रहती है।
यहां पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला बनी हुई है। यहां पर आस-पास का जंगल की हरियाली बहुत अच्छी लगती है। यहां पर महाशिवरात्रि के समय और सावन सोमवार के समय बहुत सारे भक्त भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। यह जगह रायसेन जिले के पास पिकनिक मनाने के लिए और दोस्तों और परिवार के साथ घूमने लिए बहुत ही बढ़िया है।
9. रातापानी वन्यजीव अभ्यारण रायसेन (Ratapani Wildlife Sanctuary Raisen)
रातापानी वन्यजीव अभ्यारण रायसेन जिले का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यह अभ्यारण बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और इस अभ्यारण में देखने के लिए बहुत सारे आकर्षण है। यहां पर ढेर सारे जंगली जीव, वनस्पतियां और जलाशय देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर जाकर आप इंजॉय कर सकते हैं।
10. अमरगढ़ जलप्रपात रायसेन (Amargarh Falls Raisen)
अमरगढ़ जलप्रपात रायसेन जिले के पास एक प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के अंदर रातापानी वन्य जीव अभ्यारण में बना हुआ है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर लगता है।
अमरगढ़ जलप्रपात में पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यहां पर 5 से 6 किलोमीटर ट्रैकिंग करनी पड़ती है। उसके बाद आप इस जलप्रपात में आ सकते हैं। यहां पर ऊंची चट्टान से पानी नीचे गिरता है, जिसका दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है।यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर है। यहां पर चारों तरफ पहाड़ और जंगल का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।
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रायसेन में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Raisen)
रायसेन में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां ठंड में आ सकते हैं और रायसेन के सभी स्थलों में घूमने के लिए जा सकते हैं। रायसेन के आसपास ढेर सारे पर्यटन स्थल हैं। ठंड का मौसम बहुत अच्छा और सुहावना रहता है। आप यहां बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय रायसेन के आसपास के जलप्रपातों की सैर कर सकते हैं। गर्मियों के समय यात्रा करना थोड़ा कठिन होता है।
रायसेन कैसे पहुँचे (How to reach Raisen)
रेल मार्ग : रायसेन का निकटतम रेलवे स्टेशन भोपाल में है। भोपाल रायसेन से 45 किलोमीटर दूर है। आप भोपाल में रेल मार्ग के द्वारा आ सकते हैं। उसके बाद रायसेन सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग : रायसेन का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल में बना हुआ है। भोपाल में राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना हुआ है। आप वायु मार्ग के द्वारा भोपाल आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा रायसेन पहुंच सकते हैं।
सड़क मार्ग : रायसेन प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। रायसेन भोपाल, विदिशा, सीहोर, जबलपुर से अच्छी तरह कनेक्ट है। यहां पर आप बस या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।
रायसेन जिला का गूगल मैप लोकेशन
रायसेन के फेमस फूड
- भोपाली बिरयानी
- जनजातीय भोजन
- देशी भोजन और फ्रेश फल
रायसेन में खरीदारी
- स्थानीय हस्तशिल्प
- ट्राइबल आर्ट
- लकड़ी की कलाकृतियाँ
निष्कर्ष
रायसेन में घूमने के लिए अनेक ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहाँ जाकर आप प्राकृतिक सुंदरता के बीच शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। इस लेख में हमने आपको रायसेन जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Raisen Tourist Places in Hindi) की विस्तृत जानकारी प्रदान की है। यदि आपको इस लेख में किसी भी प्रकार की जानकारी में बदलाव या नई जानकारी जोड़नी हो, तो कृपया हमें अवश्य बताएं। हम आपके सुझावों के अनुसार आवश्यक संशोधन करेंगे।
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