सतना जिले में घूमने की जगहें – Satna District Travel Guide in Hindi
मसतना जिला मध्य प्रदेश के उत्तर–पूर्वी में स्थित है। यह जिला मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा के पास में स्थित है। सतना जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, धार्मिक स्थलों, प्राचीन गुफाओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह विंध्य पर्वत श्रेणी की गोद में बसा हुआ एक सुंदर शहर है।
इस लेख में हम सतना जिले में घूमने की प्रमुख जगहों (Satna Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे। यदि आप सतना जिले में घूमने की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए उपयोगी होगा।
इस लेख में सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places in Hindi), सतना कैसे पहुंचे, सतना में घूमने का सही समय, सतना टूर प्लान और सतना यात्रा के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी मिलेगी।
सतना जिले का इतिहास
सतना जिला मध्य प्रदेश के उत्तर–पूर्वी भाग में स्थित है। सतना जिला विंध्य पर्वतमाला में स्थित है। सतना जिले का उल्लेख रामायण और महाभारत में मिलता है। सतना जिले का इतिहास बहुत ही रोचक है।
प्राचीन काल में सतना क्षेत्र विंध्य देश के अंतर्गत आता था। रामायण काल में चित्रकूट और आसपास का क्षेत्र भगवान श्रीराम की वनवास स्थली माना जाता है। यहाँ ऋषि-मुनियों के आश्रम थे, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र बना।
मौर्य और गुप्त काल में सतना क्षेत्र में प्रशासनिक और सांस्कृतिक विकास हुआ। सतना क्षेत्र में मौर्य काल के भी बहुत सारे अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। सतना क्षेत्र के आसपास प्राचीन स्तूप देखे जा सकते हैं, जो पहले और तीसरी शताब्दी में बनाए गए हैं।गुप्त काल को सतना क्षेत्र का स्वर्ण काल माना जाता है। इस काल में कला और धर्म का विस्तार हुआ था।
मध्यकाल में सतना पर चेदि (कलचुरी), चंदेल और बाद में बघेल राजपूतों का शासन रहा। चंदेल काल में यहाँ अनेक मंदिरों और तालाबों का निर्माण हुआ। बाद में यह क्षेत्र रीवा रियासत के अधीन आ गया, जिससे सतना का राजनीतिक महत्व बढ़ा।
मुगल काल में सतना अप्रत्यक्ष रूप से मुगल साम्राज्य के प्रभाव में रहा। सतना क्षेत्र में प्रशासनिक सुधार हुए और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ी। ब्रिटिश काल में सतना रीवा रियासत का हिस्सा था। इस समय रेल मार्ग, शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का विकास हुआ। सतना सीमेंट उद्योग की स्थापना ने इसे औद्योगिक पहचान दिलाई।
स्वतंत्रता के बाद, 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के साथ सतना जिला अस्तित्व में आया। बाद में इसे अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में विकसित किया गया। स्वतंत्र जिला बनने के बाद, सतना जिले में बहुत सारे परिवर्तन हुए। सतना जिले में प्रशासनिक, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य के विभाग में ढेर सारे काम किए गए हैं।
सतना जिले के आस-पास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Satna Tourist Places in Hindi)
1.मैहर माता शारदा देवी मंदिर (Maihar)
मैहर का शारदा माता मंदिर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है और पूरे भारत से लोग इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस पहाड़ी को त्रिकूट पहाड़ी के नाम से जाना जाता है। इस पहाड़ी तक पहुंचाने के लिए सीढ़ियां उपलब्ध है। यहां पर आप रोपवे से जा सकते हैं।
पहाड़ी के ऊपर जाकर, शारदा माता का सुंदर मंदिर बना हुआ है, जहां पर मुख्य गर्भगृह में शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। गर्भगृह के पीछे की तरफ ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं, जहां परआप अन्य देवी देवताओं के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आप आस-पास के दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। यहां से दूर-दूर
तक की घाटियों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है। मैहर के शारदा माता मंदिर के बारे में ढेर सारी मान्यताएं हैं। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं।
मुख्य आकर्षण
- 1063 सीढ़ियाँ चढ़कर मंदिर तक पहुँचने का रोमांच
- रोपवे के माध्यम से आसान और सुंदर यात्रा
- पर्वतों से चारों ओर फैला अद्भुत दृश्य
- नवरात्रि के दौरान विशेष मेले का आयोजन
- आल्हा ऊदल की प्रसिद्ध कहानी
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2. भरहुत स्तूप (Bharhut Stupa)
भरहुत सतना शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थान है। भरहुत स्तूप सतना जिले के पास घूमने का एक सुंदर स्थान है। यह जगह मैहर सतना हाईवे मार्ग के पास भरहुत गांव में बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं।
यहां पर आपको प्राचीन बौद्ध साइट देखने के लिए मिलती है। यह 2000 साल पुराना बौद्ध स्तूप है, जो मौर्य और शुंग काल की उत्कृष्ट कला का उदाहरण है। साथ ही साथ यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख भी देखा जा सकता है। यहां पर पहाड़ी में और भी ढेर सारे बौद्ध अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। अशोक का शिलालेख भी मिला हुआ है मिला है
मुख्य आकर्षण
- प्राचीन बौद्ध मूर्तिकला
- पुरातात्विक अवशेष
- इतिहास और कला का प्रेरणादायक संगम
मैत्री पार्क सतना (Maitri Park Satna)
मैत्री पार्क सतना जिले में घूमने के लिए एक सुंदर पार्कों में से एक है। यह पार्क सतना जिले के बद्रीपुरम में स्थित है। इस पार्क में आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह पर बहुत अच्छे से बनाया गया है। बच्चों के लिए यह पार्क बहुत ही बढ़िया है।
बच्चे यहां पर एडवेंचरस गतिविधियां कर सकते हैं। यहां पर तालाब भी बना हुआ है। तालाब में शंकर जी का मंदिर बना हुआ है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण अनुभव कर सकते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी बना हुआ है। यह जगह बच्चों और बड़ों के लिए बहुत ही बढ़िया है।
जगतदेव तालाब सतना (Jagatdev Talab Satna)
जगत देव तालाब सतना जिले के प्रमुख धार्मिक स्थान में से एक है। यह तालाब सतना शहर के बीचो-बीच स्थित है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यहां पर तालाब बना है, जिसमें शंकर जी का मंदिर बना हुआ है।
जगत देव तालाब मानव निर्मित है और यह बहुत सुंदर लगता है। यहां पर आप आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय यहां पर बहुत सारे लोग दर्शन करने के लिए आते है।
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पुष्कर्णी पार्क सतना (Pushkarni Park Satna)
पुष्कर्णी पार्क सतना के फेमस पार्कों में से एक है। यह पार्क सतना रेलवे स्टेशन के पास में स्थित है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। इस पार्क में आकर आप ढेर सारी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। पार्क के अंदर ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं।
यह पार्क टहलने के लिए बहुत ही बढ़िया है। यहां पर योग, कसरत, और ध्यान जैसी गतिविधियां भी की जा सकती है। यहां पर बच्चों के लिए ढेर सारे झूले लगे हुए हैं। यहां पर शाम के समय फव्वारा चालू किया जाता है। यहां पर तरह-तरह के कलरफुल फूल लगे हुए हैं। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण अनुभव कर सकते हैं।
राम वन मंदिर सतना (Ram Van Temple, Satna)
राम वन मंदिर सतना जिले के पास स्थित धार्मिक स्थल है। यह स्थल सतना रीवा हाईवे मार्ग में स्थित है। यह मुख्य सिटी से करीब 25 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आराम से आ सकते हैं। इस जगह पर ढेर सारे धार्मिक स्थान औरदेखने के लिए मिलते हैं।
यहां पर हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है, जहां पर हनुमान जी की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा खड़ी हुई अवस्था में है। इस प्रतिमा की खास बात यह है, कि इसकी ऊंचाई हर साल बढ़ रही है। इस प्रतिमा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।
राम वन में आपको एक स्थल और देखने के लिए मिलता है, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र है। यहां पर पंचवटी नाम की जगह है, जहां पर पांच वृक्ष लगे हुए हैं। माना जाता है कि, इस जगह पर रामजी अपने वनवास काल के दौरान आए थे और पांच वृक्ष लगाए थे। इसलिए इस जगह को पंचवटी कहा जाता है। यहां पर आम, अमला, बेल, बरगद और नीम के पेड़ लगे हुए हैं।
राम वन में तुलसी संग्रहालय भी देखने के लिए मिलता है। तुलसी संग्रहालय में आप ढेर धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं। यहां पर रामायण के बहुत सारे दृश्यों को दिखाया गया है, ताकि आज की जनरेशन को रामायण और उसके महत्व के बारे में पता चल सके। यहां पर शिव परिवार के सदस्यों की मूर्तियां भी दिखाई गई है, जो बहुत सुंदर है।
राम वन बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। इस मंदिर को घूमने में आपको एक दिन पूरा लग सकता है। आप यहां पर आकर अच्छा अनुभव कर सकते हैं। यहां पर एक तालाब भी बना हुआ है, जहां बोटिंग की जा सकती है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आकर शांतिपूर्वक समय बिता सकते हैं।
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श्री वेंकटेश्वर मंदिर सतना (Sri Venkateswara Temple Satna)
श्री वेंकटेश्वर मंदिर सतना जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मुख्य सतना शहर में रेलवे स्टेशन के करीब बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। मंदिर के बाहर एक बड़ा बगीचा बना हुआ है।
यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में विष्णु भगवान जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर में सुबह एवं शाम के समय बहुत सारे श्रद्धालु दर्शन करने लिए आते हैं।
माधवगढ़ का किला सतना (Madhavgarh Fort)
माधवगढ़ का किला सतना जिला के ऐतिहासिक स्थानों में से एक है। यह किला सतना जिले में रीवा सतना राजमार्ग पर सतना नदी के किनारे बना हुआ है। यह किला फिलहाल खंडहर अवस्था में स्थित है। इस किले के अंदर जाना माना है। किले को बाहर से देखा जा सकता है।
किले का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। किले के बाहर छोटी-छोटी छतरियां बनी हुई है, जो आप देख सकते हैं। बहुत सारे लोग किले के अंदर अनधिकृत तरीके से प्रवेश करते हैं, मगर यह गलत है आप किले के अंदर ना जाए। किले को बाहर से ही देखें। अगर आप यहां जाते हैं, तो किले के बाहर से देख सकते हैं। सतना नदी का सुंदर दृश्य को एंजॉय कर सकते हैं और वापस आ सकते हैं।
धारकुंडी आश्रम सतना (Dharkundi Ashram)
धारकुंडी आश्रम सतना जिले के पास एक प्राकृतिक स्थान है। यह स्थल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। यहां पर आप अपने वाहन से आराम से जा सकते हैं। यहां पर पहाड़ों से जल की एक धार बहती है और कुंड में गिरती है, जहां पानी इकट्ठा होता है, इसलिए इस जगह को धारकुंडी के नाम से जाना जाता है।
यहां पर आप बरसात और ठंड के समय जा सकते हैं। यहां पर जाकर आप नहाने का आनंद उठा सकते हैं। कुंड में नहाने की परमिशन है। यहां पर बरसात में चारों तरफ हरियाली भरा माहौल देखने के लिए मिलता है। यह स्थल आध्यात्मिक से भरा हुआ है। यहां पर मंदिर बना है और आश्रम बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं।
सरभंगा आश्रम सतना (Sarbhanga Ashram Satna)
सरभंगा आश्रम सतना जिले के पास एक दर्शनीय स्थान है। यह आश्रम भी घना जंगलों के बीच में बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से जा सकते हैं और आश्रम में घूम सकते हैं। इस आश्रम के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर श्री राम जी अपने वनवास काल के दौरान आए थे और उनके चरण इस जगह पर पड़े थे।
इस आश्रम में सरभंग नाम के ऋषि रहते थे। उनका अंतिम समय आ गया था, लेकिन उन्होंने अपनी तप शक्ति से अपनी मृत्यु को रोक रखा था। जब श्री राम जी आए, तब उन्होंने अपने प्राणों को छोड़ा था। इस आश्रम को ऋषि सरभंग के नाम पर सारभंगा आश्रम के नाम से जाना जाता है।
यहां पर आपको मंदिर देखने के लिए मिलता है, जहां पर राम जी, लक्ष्मण जी और सीता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां एक कुंड बना है। यहां चारों तरफ का वातावरण प्राकृतिक है। आप यहां पर आकर और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
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बृहस्पति कुंड जलप्रपात सतना (Brihaspati Kund Waterfall)
बृहस्पति कुंड जलप्रपात सतना शहर के पास घूमने के लिए एक सुंदर झरना है। यह झरना सतना से करीब 50 किलोमीटर दूर घने जंगलों के अंदर बना हुआ है। यहां पर आप अपनी गाड़ी से आराम से पहुंच सकते हैं। यह झरना बहुत ही सुंदर लगता है और बरसात के समय देखने के लिए मिलता है।
बरसात के समय झरना ऊंची चट्टानों से नीचे गिरता है। झरने का पानी एक कुंड में गिरता है। झरने के नीचे जाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। आप यहां पर ट्रैकिंग करके झरने के नीचे की तरफ जा सकते हैं और झरने में नहाने का भी आनंद उठा सकते हैं। झरने के नीचे की तरफ आपको प्राचीन गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं, जहां पर शिव भगवान जी विराजमान है। यहां पर आप बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए आ सकते हैं।
सतना में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Satna)
सतना में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड में आकर सतना के सभी पर्यटन स्थलों पर सैर कर सकते हैं। ठंड का मौसम ठंडा और सुहावना रहता है, जिससे यात्रा करने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय आप सतना के जंगलों के क्षेत्र और झरनों की सैर कर सकते है।
सतना कैसे पहुँचे? (How to Reach Satna)
रेल मार्ग : सतना जंक्शन मध्य भारत का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहाँ देश के बड़े शहरों से ट्रेनें उपलब्ध हैं। सतना में आप रेल मार्ग से अन्य शहर से आसानी से आ सकते हैं और सतना के पर्यटन स्थलों की यात्रा आप सड़क मार्ग से कर सकते हैं।
सड़क मार्ग : सतना में नेशनल हाईवे 30 और नेशनल हाईवे 75 के माध्यम से अच्छी कनेक्टिविटी है। सतना अन्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। सतना सड़क से आसानी से पहुंच सकते हैं। सतना में आप बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : सतना का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर और प्रयागराज में बना हुआ है। आप अपनी सुविधा के अनुसार वायु मार्ग से जबलपुर और प्रयागराज आ सकते हैं और उसके बाद सतना रेल या सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।
सतना जिला का गूगल मैप लोकेशन
सतना में ठहरने के विकल्प (Where to Stay)
सतना में बजट होटल, बिजनेस होटल, धर्मशालाएँ और रिसॉर्ट आसानी से उपलब्ध हैं। मैहर और चित्रकूट में भी अच्छे ठहराव विकल्प मौजूद हैं।
निष्कर्ष
सतना जिला प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक स्थलों का बेहतरीन मिश्रण है। यहाँ मैहर का शक्तिपीठ, चित्रकूट की आध्यात्मिकता, झरनों की खूबसूरती और प्राचीन स्मारकों का इतिहास हर यात्री को एक नया अनुभव देता है। यदि आप मध्यप्रदेश में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो सतना निश्चित रूप से आपकी लिस्ट में होना चाहिए।
