रीवा में घूमने की टॉप 21 जगह : Amazing Rewa Tourist Places in Hindi

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रीवा में घूमने की जगहें – इतिहास, प्रकृति, पिकनिक स्पॉट और धार्मिक स्थलों का अद्भुत संगम 

रीवा मध्य प्रदेश की उत्तर पूर्व में स्थित प्रमुख शहर है। रीवा शहर को झरनों का शहर कहा जाता है। यहां पर ढेर सारे प्राकृतिक झरने हैं, जो इस जगह को खास बनाते हैं। विंध्य पर्वत श्रृंखला के बीच बसे रीवा को सफेद बाघों का भूमि भी कहा जाता है। रीवा शहर का इतिहास रोचक रहा है। यहां पर आप राजा महाराजाओं की गाथाएं, प्राचीन मंदिर, खूबसूरत जलप्रपात, प्राचीन गुफाएं और धार्मिक धरोहर देख सकते हैं।

अगर आप मध्य प्रदेश में प्राकृतिक झरने, शांत वातावरण, आध्यात्मिक स्थान, ऐतिहासिक धरोहर की तलाश कर रहे हैं, तो रीवा एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है, जहां जाकर आप अपना अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको रीवा जिले के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों की पूरी जानकारी (Rewa Tourist Places in Hindi), रीवा का इतिहास, उनकी खासियत, रीवा में घूमने का सही समय, रीवा में घूमने के लिए एक और 2 दिन का यात्रा प्लान, और समग्र यात्रा गाइड प्रदान कर रहे हैं।

रीवा जिले का इतिहास (Rewa district History)

रीवा मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक जिला है, जो बघेल खंड क्षेत्र में स्थित है और प्रसिद्ध है। रीवा का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। माना जाता है, कि प्राचीन एवं पौराणिक काल में यह क्षेत्र रामायण और महाभारत से जुड़ा हुआ है। यहां पर घने जंगल और हुआ करते था, जहां पर ऋषि मुनि तपस्या करते थे।

रीवा का इतिहास बघेल वंश से जुड़ा है। बघेल राजपूत ने 13वीं शताब्दी में इस क्षेत्र में शासन किया है। रीवा शहर की स्थापना बघेल राजा व्याघ्रदेव द्वारा की गई थी। बाद में रीवा बघेलखंड की राजधानी बना और यह एक शक्तिशाली रियासत के रूप में उभरा।

मध्य काल में रीवा एक स्वतंत्र रियासत थी। यहां के शासको ने कला, साहित्य, स्थापत्य का संरक्षण किया। रीवा किला महल और मंदिर इसी काल की धरोहर है। रीवा के राजाओं ने मुगलों से राजनीतिक संबंध बनाए रखें और कई बार संघर्ष भी हुआ।

रीवा को सफेद बाघों की जन्मस्थली के रूप में विश्व भर में पहचान मिली है। वर्ष 1951 में मोहान नामक सफेद बाघ रीवा के जंगलों में पाया गया। इस कारण रीवा को सफेद बाघों की धरती कहा जाता है। ब्रिटिश शासन के दौरान रीवा एक रियासत थी।

1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद रीवा का विलय भारतीय संघ में हुआ और यह मध्य प्रदेश का हिस्सा बना।

रीवा जिले में घूमने की प्रमुख पर्यटन स्थल (Rewa Tourist Places in Hindi)

रीवा जिले के आसपास प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थलों (Rewa Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी –

रीवा के प्रसिद्ध मंदिर (Famous temples in Rewa)

महामृत्युंजय मंदिर रीवा (Mahamrityunjaya Temple Rewa)

महामृत्युंजय मंदिर रीवा के प्रसिद्ध और पुराने मंदिरों में से एक है। यह मंदिर रीवा मुख्य शहर में रीवा किला के अंदर बना हुआ है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर में दूर-दूर से लोग भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर की खास विशेषता यह है, इस मंदिर के गर्भगृह में एक अद्भुत शिवलिंग विराजमान है, जिसके दर्शन करने से अकाल मृत्यु दूर होती है।

यह शिवलिंग बहुत ही अद्भुत है। इस शिवलिंग में छोटे-छोटे शिवलिंग बने हुए हैं, जिन्हें भगवान शिव के नेत्र के रूप में जाना जाता है और इस शिवलिंग को सहस्त्र नेत्री शिवलिंग के रूप में जाना जाता है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। मंदिर परिसर में ढेर सारे छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप दर्शन कर सकते हैं।

महामृत्युंजय मंदिर की खासियत

  • महामृत्युंजय शिवलिंग के दर्शन करने से लोगों की इच्छाएं पूरी होती है।
  • यहां पर मकर संक्रांति के समय विशाल मेले का आयोजन होता है। इस मेले में दूर-दूर से लोग आते हैं और मेले में शामिल होते हैं।
  • मंदिर के पास में ही रीवा किला बना हुआ है, जहां पर घूम जा सकता है।
  • मंदिर के पास में राधा कृष्ण मंदिर बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। आप यहां पर भी घूम सकते हैं।

चिरहुला हनुमान मंदिर रीवा (Chirahula Hanuman Mandir Rewa)

चिरहुला हनुमान मंदिर रीवा शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यह मंदिर रीवा मुख्य शहर के पास में गूढ़ मार्ग पर बना है। इस मंदिर में आसानी से सड़क द्वारा पहुंचा जा सकता है। यहां पर पार्किंग के लिए बहुत बड़ी जगह है।

चिरहुला मंदिर के पास में ही एक बड़ा सा तालाब बना हुआ है, जिसे चिरहुला मंदिर तालाब के नाम से जाना जाता है। तालाब के पास में ही मंदिर बना हुआ है। मंदिर के आस-पास का परिसर साफ-सुथरा और बहुत सुंदर है। यहां पर आकर आप अच्छा और सकारात्मक समय बिता सकते हैं। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही आकर्षक लगते हैं।

चिरहुला हनुमान मंदिर की खासियत

  • यहां पर शनिवार और मंगलवार को बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। बहुत सारे भक्त यहां पर हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।
  • मंदिर के पास में एक तालाब और गार्डन है, जहां पर लोग अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
  • मंदिर के बारे में विशेष मान्यता यह है, कि यहां पर लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती है।
  • यहां पर शनिवार और मंगलवार के दिन भंडारा होता है, जिसमें लोग आते हैं और भंडारा ग्रहण करते हैं।

काली देवी मंदिर या कालिका मंदिर रीवा (Kali Devi Temple, Rewa)

काली देवी मंदिर रीवा शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर रीवा शहर में रानी तालाब के पास में बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है और अपने ऐतिहासिक होने के लिए यह मंदिर रीवा और मध्यप्रदेश में बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर स्थानीय लोग आते हैं और मां के दर्शन करते हैं और पूजा करते हैं।

काली देवी मंदिर के आस-पास का परिसर बहुत अच्छा है। मंदिर के पास ही में रानी तालाब का शानदार दृश्य देखने के लिए मिलता है और यहां पर एक सुंदर गार्डन भी बना हुआ है, जो इस जगह को और भी ज्यादा आकर्षक बनाता है। यहां पर मां काली देवी की प्राचीन प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो गर्भगृह में विराजमान है और जिनके दर्शन करने से मन को शांति मिलती है।

कालिका मंदिर की खासियत

  • कालिका मंदिर में नवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं।
  • यह मंदिर रीवा के शाही परिवार के द्वारा बनाया गया है। यह मंदिर प्राचीन है।
  • मंदिर के पास सुंदर गार्डन बना हुआ है, जहां पर बड़ों एवं बच्चों के मनोरंजन के लिए बहुत सारी गतिविधियां है।
  • मंदिर में दोपहर 12:00 बजे से 4:00 बजे तक बंद रहता है।

शिव मंदिर रानी तालाब रीवा (Shiva Temple Rani Talab Rewa)

शिव मंदिर रीवा शहर में रानी तालाब के बीच में स्थित एक सुंदर मंदिर है। इस मंदिर में जाने के लिए नाव का प्रयोग करना पड़ता है। इस मंदिर में आप जाकर भगवान शिव के दर्शन कर सकते है। यह मंदिर बघेल स्थापत्य कला में बना हुआ है।

कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है। मंदिर का निर्माण बघेल राजा ने करवाया है। इस मंदिर से चारों तरफ तालाब का नजारा बहुत ही शानदार होता है। मंदिर के आस-पास घूमने के लिए ढेर सारे स्थल है, जहां पर आप जाकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

पंचमठ मंदिर रीवा (Panchmath Temple, Rewa)

पंचमठ मंदिर रीवा के प्रसिद्ध और सुंदर मंदिरों में से एक है। यह मंदिर रीवा शहर में बीहर नदी के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। मंदिर परिसर में एक स्कूल और आश्रम देखने के लिए मिलता है।

मंदिर परिसर से बीहर नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। पंचमठ मंदिर में भगवान शंकर जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर में आकर बहुत ही सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है।

इस जगह पर हर शाम 6:00 से 7:00 बजे के बीच बीहर नदी की आरती की जाती है। इस पवित्र स्थान की स्थापना गुरु शंकराचार्य ने की थी। ये जगह धार्मिक और प्राकृतिक माहौल से घिरी है। यह रीवा शहर के घूमने के लिए शांतिपूर्ण और अच्छे स्थानों में से एक है।

साईं बाबा मंदिर रीवा (Sai Baba Temple Rewa)

साईं बाबा का मंदिर रीवा शहर में घूमने के लिए एक मुख्य और सुंदर स्थान में से एक है। यह मंदिर रीवा मुख्य शहर में घंटाघर के पास में बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर तरीके से बना हुआ है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में साई बाबा जी के दर्शन करने के लिए मिलता है। मंदिर परिसर में बहुत शांति है।

आप यहां पर आकर अच्छा महसूस कर सकते हैं। यहां पर गुरुवार के दिन बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। बहुत सारे भक्त यहां पर साई बाबा जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

लक्ष्मण बाग मंदिर रीवा (Laxman Bagh Temple Rewa)

लक्ष्मण बाग मंदिर रीवा शहर के पास घूमने के लिए एक प्रमुख स्थान है। यह मंदिर बिछिया नदी के किनारे रीवा शहडोल हाईवे के पास में बना है। इस मंदिर में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर राधा कृष्ण जी को समर्पित है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में राधा कृष्ण जी और जगन्नाथ भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

मंदिर के आसपास का परिसर बहुत अच्छा और शांत है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। यहां पर गौशाला बनी हुई है, जहां पर ढेर सारी गए पाली गई है। आप उनकी सेवा कर सकते हैं। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे यह जगह बहुत सुंदर लगती है। यहां पर एक प्राचीन कुंड भी बना हुआ है।

बसामन मामा मंदिर रीवा (Basaman Mama Temple Rewa)

बासमन मामा मंदिर रीवा जिले के पास घूमने के लिए एक ऐतिहासिक और अनोखा मंदिर है। यह मंदिर रीवा जिले से करीब 33 किलोमीटर दूर सेमरिया के पास स्थित एक पवित्र तीर्थ स्थान है। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। यहां पर आप आसानी से पब्लिक ट्रांसपोर्ट से या अपने वाहन से पहुंच सकते हैं।

बासमन मामा मंदिर तमस नदी के किनारे बना हुआ है। मंदिर के आस-पास का वातावरण प्राकृतिक और सुंदर है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह बासमन मामा जी को समर्पित है, जिनके बारे में एक मान्यता प्रसिद्ध है।

बासमन मामा स्थानीय देवता के रूप में प्रसिद्ध है और लोग यहां पर दूर-दूर से आते हैं और बासमन देव की पूजा करते हैं। यहां पर एक बड़ा सा पीपल का पेड़ लगा हुआ है, जिसके नीचे बासमन मामा विराजमान है। कहते हैं कि बसामन मामा को पीपल के वृक्ष से बहुत लगाव था। यहां पर आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं।

बासमन मामा मंदिर की खासियत

  • बसमान मामा को यक्ष भगवान के रूप में भी जाना जाता है।
  • यह मंदिर पुरवा और चचाई जलप्रपात के पास में बना हुआ है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आते हैं, तो इन जलप्रपात में भी घूमने के लिए जा सकते हैं।
  • यह मंदिर स्थानीय रूप से बहुत प्रसिद्ध है। लोग यहां दूर-दूर गांव से आते हैं और बासमन मामा जी की पूजा करते हैं।
  • यहां पर लोग आकर तमसा नदी में स्नान करते हैं और बाबा की पूजा करते हैं।

पावन घिनौची धाम रीवा (Paawan ghinauchi dham Rewa)

पावन घिनौची धाम रीवा शहर के पास घूमने का एक ईकोटूरिज्म पर्यटन स्थल है। पावन घिनौची धाम को पिया वन के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थल रीवा मुख्य शहर से 40 किलोमीटर दूर सिरमौर के पास स्थित है।

पावन घिनौची धाम सिरमौर से 5 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप आराम से अपनी बाइक और कार से जा सकते हैं। यहां पर पार्किंग के लिए जगह है। पार्किंग से इस जगह में जाने के लिए कुछ दूरी तक चलना पड़ता है। यहां पर एंट्री टिकट लगता है। एंट्री गेट से प्रवेश करने के बाद, कुछ दूर चलना पड़ता है।

पावन घिनौची धाम बहुत खूबसूरत है और प्राकृतिक वातावरण से घिरा है। यहां बरसात के समय एक खूबसूरत जगह झरना देखने के लिए मिलता है, जो पहाड़ों से गिरता है और बहुत ही आकर्षक लगता है। इस झरने के सोर्स के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है।

इस जलप्रपात के नीचे शिवलिंग विराजमान है। जलप्रपात का पानी शिवलिंग पर गिरता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और यहां पर नहाने का मजा भी लेते हैं। इस जगह के आस-पास सुंदर घाटी का व्यू देखने के लिए मिलता है। यहां पर घाटी का दूर-दूर तक का सुन्दर व्यू देखा जा सकता है।

पावन घिनौची धाम की खासियत

  • यह रीवा के पास परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
  • बरसात के समय यह जगह हरियाली से घिर जाती है और बहुत ही आकर्षक लगती है।
  • बरसात में यहां पर एक सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय रीवा के पास घूमने के लिए यह बढ़िया जगह है।

लुकेश्वर्नाथ मंदिर रीवा (Lukeshwarnath Temple Rewa)

लुकेश्वर्नाथ मंदिर रीवा के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यह मंदिर सिरमौर के पास महाना नदी के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आने लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ पर बना है।

लुकेश्वर्नाथ मंदिर एक ऊंचे पहाड़ पर बना हुआ है। पहाड़ का आकार एक बैल के आकार का है, जो देखने में बहुत ही सुंदर लगता है। पहाड़ी के ऊपर भगवान शिव का मंदिर बना हुआ है। पहाड़ी के ऊपर पहुंचाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यहां पर करीब 1 से 2 घंटे की ट्रैकिंग के बाद आप मंदिर तक पहुंचाते हैं।

उसके बाद, आप शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर महाशिवरात्रि में लगने वाले मेले के लिए प्रसिद्ध है। यह मेला बहुत बड़े एरिया में लगता है और यहां पर ढेर सारी दुकानें लगती है। आस-पास के गांव वाले और शहर से बहुत सारे लोग इस मेले में घूमने के लिए आते हैं और ट्रैकिंग करते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। चारों तरफ घना जंगल, पहाड़ और भगवान शिव का धाम के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

रीवा शहर के पास प्रसिद्ध झरने (Famous waterfalls near Rewa city)

चचाई जलप्रपात रीवा (Chachai Waterfall Rewa)

चचाई जलप्रपात रीवा शहर के पास घूमने की मुख्य आकर्षण में से एक है। यह जलप्रपात रीवा शहर में सिरमौर मार्ग पर बना है। इस जलप्रपात में सड़क मार्ग से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह जलप्रपात बहुत ही खूबसूरत है। यह जलप्रपात मध्य प्रदेश के सबसे ऊंची जलप्रपात में से एक है।

चचाई जलप्रपात के आकर्षक दृश्य को देखने के लिए आप बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय इसका दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। बरसात के समय झरना अपने पूरे प्रवाह में रहता है और बहुत ही आकर्षक लगता है। चचाई जलप्रपात बीहर नदी पर बना हुआ है। यहां पर जलप्रपात ऊंची चट्टानों से नीचे गिरता है और बहुत ही आकर्षक लगता है।

यह जलप्रपात खूबसूरत घाटियों से बहता है। यह घाटी भी बरसात के समय हरियाली से भर जाती है और आकर्षक लगती है। यह जलप्रपात रीवा के पास पिकनिक मनाने और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए एक बढ़िया जगह है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।

केवटी झरना रीवा (Keoti waterfall Rewa)

केवटी जलप्रपात रीवा शहर के पास घूमने के एक सुंदर और आकर्षक स्थान में से एक है। यह जलप्रपात रीवा के पास सिरमौर में बना हुआ है। यह सिरमौर से करीब 12 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपनी बाइक और कार से आराम से पहुंच सकते हैं।

केवटी जलप्रपात का पानी एक सुंदर घाटी में गिरता है, जिसका दृश्य बहुत ही आकर्षक होता है। जलप्रपात के नीचे तरफ एक बहुत बड़ा जल कुंड है, जिसमे जलप्रपात का पानी गिरता है, जो इस जगह को और भी ज्यादा सुंदर बनाता है। आप यहां पर आकर जलप्रपात के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।

केवटी जलप्रपात में घूमने के लिए आप बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात में जलप्रपात में पानी की बहुत अधिक मात्रा रहती है। जलप्रपात के पास ढेर सारे व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप जलप्रपात का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। आप चाहे तो जलप्रपात के निचले हिस्से में ट्रैकिंग करके जा सकते हैं और जलप्रपात के निचले हिस्से में जाकर घाटी की सुंदरता को देख सकते हैं।

बाहुती जलप्रपात रीवा (Bahuti waterfall Rewa)

बाहुती जलप्रपात रीवा शहर के पास घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह झरना रीवा शहर के पास नैगढ़ी से 3.5 किमी दूर स्थित है। झरना तक आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। झरने के पास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। झरने के आसपास का एरिया खूबसूरत घाटी और जंगल से घिरा है।

बाहुती जलप्रपात पहाड़ों के नीचे से गिरता है और बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर खूबसूरत घाटी का दृश्य बहुत ही सुंदर है। झरने के आसपास व्यू प्वाइंट बना हुआ है, जहां से झरने का सुंदर दृश्य देखने मिलता है। यहां पर सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाया गया है, जहां से आप झरने की एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर घाटी का दृश्य भी बहुत आकर्षक लगता है।

यह झरना बरसात के समय बहुत ही सुंदर लगता है। बरसात के समय झरने में पानी की बहुत अधिक मात्रा रहती है, जिससे झरने का मनमोहक दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर बरसात में चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर अच्छा और शांतिप्रिय समय बिता सकते हैं।

पूर्वा जलप्रपात रीवा (Purwa waterfall Rewa)

पूर्वा जलप्रपात रीवा शहर के पास घूमने का एक मुख्य स्थान है। पूर्वा जलप्रपात चचाई जलप्रपात के निकट है। यहां पर आप आकर दोनों जलप्रपात में घूमने का आनंद उठा सकते हैं। यह जलप्रपात बहुत ही आकर्षक है। यहां पर पानी बहुत अधिक ऊंचाई से करता है, जिससे यह बहुत ही सुंदर लगता है और ऐसा लगता है, कि जैसे दूध की धारा बह रही हो।

आप यहां आकर एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर बरसात में बहुत अच्छा लगता है। बरसात में यहां झरने में पानी की मात्रा बहुत अधिक रहती है। यहां पर चारों तरफ हरियाली देखी जा सकती है। यहां पर ढेर सारे बंदर भी है, इसलिए आपको अपना सामान संभाल कर रखना चाहिए।

यह जगह बहुत है। यह झरना रीवा शहर से 40 किलोमीटर दूर सिरमौर मार्ग पर बना हुआ है। आप यहां पर अपनी बाइक और कार से आ सकते हैं। यह झरना तमस नदी पर बना हुआ है।

रीवा के पास प्रसिद्ध बांध और तालाब (Famous dams and reservoirs near Rewa)

गोविंदगढ़ झील रीवा (Govindgarh Lake Rewa)

गोविंदगढ़ झील रीवा के पास घूमने का एक प्रमुख स्थल है। यह झील रीवा शहर से 18 किलोमीटर दूर गोबिंदगढ़ में स्थित है। यहां पर आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर एक विशाल झील है। झील के पास एक महल भी बना हुआ है। झील के चारों तरफ हरियाली है। इस झील में आप बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं। यहां पर आप कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं।

रानी तालाब रीवा (Rani talab Rewa)

रानी तालाब रीवा में घूमने के लिए ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। रानी तालाब रीवा मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से जा सकते हैं। यह तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत ही सुंदर है। इस तालाब क के किनारे और प्राचीन मंदिर बने हुए हैं।

रानी तालाब का मुख्य आकर्षण तालाब के बीच में बना शंकर भगवान जी का मंदिर है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। इस जगह में आकर आप ढेर सारी गतिविधियों का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसका आप आनंद ले सकते हैं। रानी तालाब के बारे में कहा जाता है, कि रानी तालाब असल में एक कुआं है, जिसका उपयोग पीने के पानी के लिए पुराने समय में किया जाता था।

रीवा के पास ऐतिहासिक स्थल (Historical places near Rewa)

रीवा का किला (Rewa Fort)

रीवा का किला रीवा शहर का एक मुख्य ऐतिहासिक स्थल है। यह किला रीवा मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। रीवा का किला बीहर और बिछिया नदी के संगम स्थान पर स्थित है।

रीवा का किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं, साथ-साथ बीहर और बिछिया नदी का दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। किले के पीछे की तरफ एक सुंदर घाट बना हुआ है, जहां पर आप जाकर इस सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।

रीवा का किला दो मंजिला महल है। इस किले को म्यूजियम में बदल दिया गया है, जिसमें रीवा राज घराने से संबंधित ढेर सारी पुरानी वस्तुओं का संग्रह किया गया है। इस संग्रहालय में आप इन वस्तुओं को देख सकते हैं।

किले के परिसर में आपको दो प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जिसमे से एक मंदिर राधा कृष्ण जी को समर्पित है और एक मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। अगर आपको इतिहास के बारे में जानने में इंटरेस्ट है, तो आप इस जगह आ सकते हैं और इस जगह में घूम सकते हैं।

गोविंदगढ़ पैलेस रीवा (Govindgarh Palace Rewa)

गोविंदगढ़ पैलेस रीवा से 18 किलोमीटर दूर गोविंदगढ़ झील के किनारे बना हुआ एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है। यह एक पुराना किला है। इस किले में ढेर सारी जगह देखने के लिए मिलती है। इस किले में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आकर आप किले का और झील का सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।

गोविंदगढ़ किले से गोविंदगढ़ झील का बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। गोविंदगढ़ का किला रीवा महाराज की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। गर्मी के मौसम में राजा यहां पर अपना समय बिताने के लिए आया करते थे।

यह महल गर्मियों के समय ठंडक प्रदान करता था। इस किले में प्रवेश हेतु शुल्क लिया जाता है। किले के अंदर ढेर सारी प्राचीन वस्तुओं का संग्रह है। किले के पास में मंदिर भी बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं।

वेंकट भवन पैलेस रीवा (Venkat bhawan Rewa)

वेंकट भवन पैलेस रीवा मुख्य शहर में घूमने के लिए एक प्राचीन स्थान है। यहां पर एक पुरानी इमारत देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर है। इस इमारत को संग्रहालय में बदल दिया गया है। यहां पर ढेर सारी पुरानी वस्तु और पेंटिंग देखने के लिए मिल जाती है, जिसका प्रयोग राजा महाराजाओं के द्वारा युद्ध के समय किया जाता था।

वेंकट भवन पैलेस राजा वेंकटरमन के द्वारा बनाया गया था। यह इमारत 1907 में बनाई गई थी। उसके बाद यह संग्रहालय में परिवर्तित कर दी गई। इसकी वस्तुकला बहुत सुंदर है। अगर आप इतिहास प्रेमी है, तो आपके यहां पर जरूर घूमने के लिए आना चाहिए और इस जगह को देखना चाहिए।

देउर कोठार रीवा (Deur Kothar Rewa)

देउर कोठार रीवा के पास घूमने के लिए एक प्रसिद्ध बौद्ध स्थल है। यहां पर आपको ढेर सारे बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यह स्थल रीवा के करीब सोहागी मार्ग पर कटरा के पास देउर गांव में बना है। यह जगह चारों तरफ जंगल और पहाड़ियों से घिरी है। यहां पर आप अपनी कार और बाइक से आराम से पहुंच सकते हैं।

इस जगह के बारे में, माना जाता है कि प्राचीन काल में इस स्थल का संबंध भरहुत तथा कौशांबी से भी रहा होगा। यह बौद्ध स्तूप पहली और तीसरी शताब्दी के बीच बनाए गए हैं। यहां पर घूमने के लिए बरसात और ठंडा सबसे बढ़िया मौसम है। बरसात के समय इस जगह पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप ट्रैकिंग करके जाते हैं, तो आपको घाटी का बहुत ही शानदार दृश्य देखने के लिए मिलता है।

साथ ही साथ यहां पर प्राकृतिक रूप से बनी गुफा भी देखी जा सकती है। यहां पर सूर्यास्त और सूर्योदय का बहुत ही शानदार दृश्य देखने के लिए मिलता है। अगर आपको हिस्टोरिक प्लेस देखने की रुचि है, तो आपके यहां पर जरूर जाना चाहिए। यह रीवा के हिस्टोरिक प्लेस में से एक है।

केवटी का किला (Keoti Fort Rewa)

केवटी का किला रीवा शहर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक और प्राचीन स्थान में से एक है। यह किला केवटी झरने के पास में स्थित है। यह किला झरने से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पर आप अपने वाहन से आराम से जा सकते हैं। किले के पास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।

केवटी का किला पहाड़ी के कोने पर बना हुआ है, जिससे आस-पास की घाटी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। किले के अंदर, पीछे की तरफ आप ट्रैकिंग करके जा सकते हैं और नेचुरल गुफाएं देख सकते हैं, जो प्राचीन समय में साधु महात्मा लोग उपयोग करते थे। किले की बहुत सारे भाग खंडहर हो गए हैं, मगर आप केवटी जलप्रपात घूमने जाते हैं, तो आपको इस किले में भी घूमने के लिए जाना चाहिए।

रीवा कैसे पहुंचे? (How to Reach Rewa)

सड़क मार्ग से रीवा कैसे पहुंचे (How to reach Rewa by Road)

रीवा शहर से NH-30 और NH-39 हाईवे गुजरता है, जिससे रीवा आसानी से पहुंचा जा सकता है। रीवा जबलपुर, सतना, इलाहाबाद, भोपाल जैसे शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। रीवा में बस और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग से रीवा कैसे पहुंचे (How to reach Rewa by Train)

रीवा मुख्य शहर में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। यह रीवा–सतना ब्रॉडगेज लाइन का प्रमुख स्टेशन है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। रीवा रेलवे स्टेशन में आने के बाद आप अन्य जगहों पर सड़क के द्वारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जा सकते हैं।

रीवा में हवाई मार्ग कैसे पहुंचे (How to reach Rewa by air)

रीवा का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा प्रयागराज में और जबलपुर में बना है। रीवा प्रयागराज से 130 किलोमीटर दूर और जबलपुर से 150 किलोमीटर दूर है। आप अपनी सुविधा अनुसार इन दोनों सिटी में आ सकते हैं और उसके बाद रीवा सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

रीवा जिला का गूगल मैप लोकेशन

रीवा घूमने का सही समय (Best Time to Visit Rewa)

रीवा में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। अक्टूबर से मार्च का मौसम ठंड का रहता है। ठंड का मौसम सुहावना और अच्छा रहता है। आप यहां पर रीवा के सभी टूरिस्ट प्लेस (Rewa Tourist Places in Hindi) घूम सकते हैं। इस समय आप ट्रैकिंग और अन्य एडवेंचर्स का मजा ले सकते हैं।

आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। रीवा के आसपास ढेर सारे झरने हैं, जहां पर आप बरसात के समय झरने की खूबसूरती का आनंद उठा सकते हैं। गर्मी के दिनों में यहां पर तापमान बहुत अधिक रहता है, जिससे यहां यात्रा करने में कठिनाई हो सकती है।

 

रीवा यात्रा टिप्स

  • झरनों के पास सावधानी बरतें
  • पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग शू पहनें
  • स्थानीय भोजन जैसे रीवा का पूड़ी-कचौड़ी, मालपुआ, घुघरी ज़रूर आज़माएँ
  • मंदिरों में शालीन वस्त्र पहनें

निष्कर्ष – क्यों आएं रीवा?

रीवा जिला प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थलों और शांत वातावरण का अनोखा मेल है। विंध्याचल पर्वतों के बीच बसे यह स्थल पर्यटकों के लिए हर मौसम और हर अवसर पर उपयुक्त है। चाहे आप साहसिक यात्रा पर हों, परिवार के साथ पिकनिक पर जाना चाहते हों या धार्मिक शांति की तलाश में हों—रीवा एक परफेक्ट गंतव्य है।

इस लेख में हमने आपको रीवा के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Rewa Tourist Places in Hindi) की विस्तृत जानकारी दी है। यदि आपको रीवा के पर्यटन स्थलों (Rewa Tourist Places in Hindi) से जुड़ी किसी भी जानकारी में बदलाव या कुछ नया जोड़ना हो, तो आप हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। हम आपकी सुझावों के अनुसार आवश्यक बदलाव करने का पूरा प्रयास करेंगे।

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