खंडवा जिला में घूमने की जगह
मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में स्थित खंडवा जिला अपना धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भारत में प्रसिद्ध है। खंडवा जिला ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। खंडवा जिला के पास ओंकारेश्वर मंदिर स्थित है, जो इस पूरे विश्व में प्रसिद्ध बनता है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।
खंडवा में महान संगीतकार किशोर कुमार की जन्मभूमि है, जिसके कारण यह सांस्कृतिक रूप से भी बहुत समृद्ध है। खंडवा जिले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर प्राकृतिक प्रेमी, एडवेंचर्स लवर्स और तीर्थ यात्री आकर एंजॉय कर सकते हैं।
इस लेख में हम खंडवा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Khandwa Tourist Places in Hindi), खंडवा जिला कैसे पहुंचे, खंडवा जिले का टूर प्लान, खंडवा जिले में घूमने का सबसे अच्छा समय, के बारे में जानकारी देंगे। ताकि अगर आप खंडवा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी हो।
खंडवा जिले का इतिहास (Khandwa district History)
खंडवा जिला मध्य प्रदेश के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से में स्थित है। यह मालवा और निमाड़ क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खंडवा का इतिहास अत्यंत प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा है। खंडवा का प्राचीन नाम खंडवावन माना जाता है। यह क्षेत्र नर्मदा और ताप्ती नदियों के बीच स्थित है, इसलिए यह व्यापार, कृषि और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है।
प्राचीन काल में खंडवा का संबंध अवंतिका जनपद और महिष्मति नगरी से माना जाता है। यहां पर नर्मदा घाटी सभ्यता के कई प्रमाण मिले हैं, इस क्षेत्र को प्राचीनता को दर्शाते हैं।
मध्यकाल में यह क्षेत्र दिल्ली सल्तनत के बाद, मुगल सल्तनत के अधीन रहा। यहां अनेक स्थानीय राजपूत और मराठा सरदार का शासन रहा है। 18वीं शताब्दी में खंडवा क्षेत्र पर मराठा पेशवाओं का प्रभाव बढ़ा और यह क्षेत्र इंदौर रियासत के नियंत्रण में आया।
ब्रिटिश काल में यह क्षेत्र, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन आया। अंग्रेजों ने खंडवा को प्रशासनिक केंद्र के रूप में स्थापित किया। 1864 में यहां पर रेलवे लाइन का निर्माण हुआ और यह एक बड़ा रेलवे जंक्शन बना, जिससे व्यापार और जनसंख्या तेजी से बढ़ी।
इस क्षेत्र का स्वतंत्रता संग्राम में बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहां पर तांत्या भील (तांत्या मामा) जैसे आदिवासी योद्धाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ जन संघर्ष चलाया है। यहां पर अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन किया है।
1956 में राज्य पुनर्गठन के बाद, खंडवा को एक स्वतंत्र जिला बनाया गया। इसको पहले निमाड़ जिले के नाम से जाना जाता था, बाद में इसका नाम बदलकर खंडवा जिला रखा गया।
2008 में खंडवा जिले से बुरहानपुर को अलग कर एक नया जिला बनाया गया। खंडवा जिला अपने निमाड़ी संस्कृति और लोक संगीत के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर ढेर सारे पर्यटन स्थल खासकर ओंकारेश्वर है, जो इस विश्व प्रसिद्ध बनता है।
खंडवा में घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी (Khandwa Tourist Places in Hindi)
चलिए जानते हैं खंडवा जिले के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थलों के बारे में –
1. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग – धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र
ओंकारेश्वर भारत के पवित्र प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यह खंडवा जिले के पास ओंकारेश्वर नगर में नर्मदा नदी के बीच में एक टापू पर स्थित है। यहां पर भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान है। यहां पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विराजमान है।
यहां पर प्राचीन मंदिर है और यह जगह बहुत ही सुंदर और पवित्र है। यहां पर अच्छा लगता है। इस तीर्थ स्थल में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर आप ट्रेन, बस और अपने खुद के वाहन से आराम से आ सकते हैं। यह स्थान हिंदू श्रद्धालुओं के बीच अत्यधिक महत्व रखता है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से पहले लोग नर्मदा जी में डुबकी लगाते हैं और उसके बाद, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए जाते हैं। यहां पर नर्मदा नदी के बीच में बने पर्वत में जाने के लिए पुल बना है और आप नाव के द्वारा भी इस जगह पर जा सकते हैं।
ओंकारेश्वर नगर में घूमने के लिए अन्य प्रमुख धार्मिक स्थान
- गौरी सोमनाथ मंदिर
- केदारेश्वर मंदिर
- गायत्री मंदिर
- ऋण मुक्तेश्वर मंदिर
- संगम घाट
- ओंकारेश्वर बांध
- सिद्धनाथ मंदिर
- अन्नपूर्णा माता मंदिर
- विष्णु नारायण मंदिर
- श्री गुरु नानक गुरुद्वारा
- ममलेश्वर महादेव मंदिर
- श्री गजानन महाराज मंदिर
- कुबेर भंडार मंदिर
- जीरो प्वाइंट
ओंकारेश्वर में घूमने के लिए ढेर सारे घाट भी हैं, जहां पर आप नहाने का आनंद ले सकते हैं। चलिए जानते हैं – ओंकारेश्वर के प्रमुख घाट
- नगर घाट
- अभय घाट
- संगम घाट
- ब्रह्मपुरी घाट
- नवीन घाट
खास बातें
- नर्मदा तट पर अत्यंत पवित्र स्थल
- द्वीप का आकार ‘ॐ’ जैसा दिखाई देता है
- सुबह और शाम की आरती बेहद मनमोहक
- नौका विहार (Boating) की सुविधा
जानें – ओंकारेश्वर के पर्यटन स्थलों के बारे में
2. हनुवंतिया टापू (Hanuwantiya Island) – MP का मिनी गोवा
हनुमंतिया मध्य प्रदेश का आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है। हनुमंतिया नेचर, शांति और एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिए एक शानदार जगह है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। यह जगह खंडवा जिले में मुंडी से करीब 16 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं।
इस पर्यटन स्थल का मैनेजमेंट एमपी टूरिज्म के द्वारा किया जाता है। यह पर्यटन स्थल इंदिरा सागर बांध के भराव क्षेत्र के किनारा बना एक सुन्दर जगह है। हनुमंतिया टापू कृत्रिम तरीके से बनाया गया है। इस जगह को मिनी गोवा के नाम से जाना जाता है।
यहां पर बहुत सारी वॉटर एक्टिविटी की जाती है। यहां पर आप क्रूज बोट, स्पीड बोट, जेट स्की, जलपरी, पैरासेलिंग, वाटर रोलर, बनाना राइड, बंपर बोट, का आप मजा ले सकते हैं। यहां पर जनवरी माह में जल महोत्सव मनाया जाता है, जिसमें ढेर सारी वाटर एक्टिविटी और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है।
यहां पर ठहरने के लिए भी बहुत सारे अलग-अलग सुविधाएं हैं। यहां पर कैंपिंग,हट और रिसॉर्ट की सुविधा उपलब्ध है। आप अपनी एडवेंचर के हिसाब से स्टे बुक कर सकते हैं। यहां पर इंदिरा सागर डैम का बहुत ही शानदार नजारा देखने के लिए मिलता है।
प्रमुख आकर्षण
- यहां पर आप इंदिरा सागर बांध का सुंदर नजारा
- सूर्यास्त और सूर्योदय का सुंदर नजारा
- चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण
- ढेर सारी वॉटर स्पोर्ट्स का आनंद
3. इंदिरा सागर बांध खंडवा (Indira Sagar Dam Khandwa)
इंदिरा सागर बांध मध्य प्रदेश के सबसे बड़े बांधों में से एक है। यह बांध नर्मदा नदी पर बना है। यह बांध एक बहुउद्देशीय परियोजना है। इस बांध से बिजली एवं सिंचाई जैसी जरूरतों की पूर्ति होती है। इंदिरा सागर बांध को पुनासा बांध भी कहते हैं। यह बांध खंडवा के पास घूमने के लिए एक बढ़िया जगह है। इस बांध में घूमने के लिए आप बरसात के समय आ सकते हैं।
बरसात के समय बांध का दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। बरसात के समय बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे यहां का नजारा बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां बरसात के समय आकर इस बांध के सुंदर दृश्य को इंजॉय कर सकते हैं। इस बांध तक आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है।
4. संत सिंगाजी धाम खंडवा (Sant Singaji Dham Khandwa)
संत सिंगाजी धाम खंडवा शहर के पास घूमने का एक प्रमुख धार्मिक और शांति प्रदान करने वाला स्थल है। यहां पर संत सिंगाजी की समाधि बनी है। संत सिंगाजी निमाड़ एरिया के प्रसिद्ध संत थे। उनकी समाधि इंदिरा सागर बांध के भराव क्षेत्र में स्थित है।
यह समाधि स्थल इंदिरा सागर बांध के भराव एरिया में है। यह स्थल मूंदी से करीब 15 किलोमीटर दूर वीर गांव के पास में है। खंडवा टाउन से यहां पर आने में करीब एक से डेढ़ घंटा लगता है।
इंदिरा सागर बांध बनने के कारण, यहां पर जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही थी। इसलिए इस समाधि स्थल ऊंचा किया गया और यहां पर पहुंचने के लिए सड़क बनाई गई है। यहां पर आप संत सिंगाजी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली थी।
यह स्थल बहुत सुंदर है। यहां पर चारों तरफ नर्मदा नदी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। दूर तक फैला हुआ नर्मदा नदी का भराव क्षेत्र बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर पीछे की तरफ सीढ़ियां बनी हुई है, जिससे आप नर्मदा जल तक जा सकते हैं और स्नान कर सकते हैं। यहां पर एक कैंटीन बनी हुई है और साथ में प्रसाद की दुकान है।
5. नागचू झील खंडवा (Nagchoon Lake Khandwa) – पिकनिक और एडवेंचर का शांत स्थान
नागचू झील और पार्क खंडवा जिले के पास घूमने के लिए एक बहुत ही बढ़िया जगह है। यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ पिकनिक और एडवेंचर के लिए जाया जा सकता है। यह जगह खंडवा शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर है। यहां पर सड़क मार्ग से आया जा सकता है।
यहां पर एक बहुत बड़ी झील बनी हुई है, जिसे अटल सरोवर के नाम से जाना जाता है। इस झील का नाम हमारे माननीय स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर रखा गया है। झील के पास में ही एक बहुत बड़ा बगीचा बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है।
इस बगीचे में ढेर सारी एडवेंचरस गतिविधियों की जा सकती है। यहां पर बच्चों के लिए टॉय ट्रेन है। साथ ही साथ ढेर सारे झूले हैं, जिनमें बच्चे एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर आप बोटिंग का आनंद भी उठा सकते हैं। ये जगह खंडवा के पास एक दिन का समय बिताने के लिए बढ़िया है।
6. किशोर कुमार स्मारक खंडवा (Kishore Kumar Memorial Khandwa) – सुरों के जादूगर का घर
किशोर कुमार स्मारक खंडवा में देखने लायक प्रमुख स्थानों में से एक है। अगर आप खंडवा आते हैं, तो आपको इस जगह जाकर किशोर कुमार जी के समाधि स्थल को जरुर देखना चाहिए। उन्होंने बॉलीवुड में ढेर सारे गाने गए हैं, जो बहुत ज्यादा हिट है। आज भी लोग उनके गाने सुनकर भावुक हो जाते हैं।
किशोर कुमार जी एक प्रसिद्ध गायक थे और पूरे भारत में किशोर कुमार जी फेमस है। किशोर कुमार जी ने हिंदी, बांग्ला, तमिल बहुत सी भाषाओं में गाना गाने गाए हैं। किशोर कुमार जी का जन्म खंडवा में हुआ था और खंडवा में ही उनका स्मारक बना हुआ है। यह स्मारक बहुत सुंदर है। आप यहां पर किशोर कुमार जी की मूर्ति, गार्डन और उनका समाधि स्थल देख सकते हैं।
7. श्री दादाजी धुनी वाले धाम खंडवा (Shri Dadaji Dhuni Wale Dham)
श्री दादाजी धूनी वाले धाम खंडवा शहर का एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थान है। यह मुख्य खंडवा शहर में न्यू बस स्टेशन के पास में स्थित है। यहां पर आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह रेलवे स्टेशन से करीब दो-तीन किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आकर दादाजी धूनी वाले जी के दर्शन कर सकते हैं।
मंदिर परिसर में दो समाधिया बनी हुई है – एक बड़े दादाजी की है और एक छोटे दादाजी की है। यहां पर एक बड़ा म्यूजियम भी बना हुआ है, जहां पर ढेर सारी वस्तुओं का संग्रह किया गया है। आप इन सभी वस्तुओं को देख सकते हैं।
दादाजी के बारे में कहा जाता है, कि वे लोगों का इलाज करते थे। उनके पास चमत्कारिक शक्तियां थी, जिससे वे लोगों का इलाज करते थे। यह जगह पूरे खंडवा और मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है। यहां दूर-दूर से दादाजी के फॉलोअर आते हैं और इस जगह के दर्शन करते हैं।
जानें – इंदौर के पर्यटन स्थलों के बारे में
8. भूतेश्वेर महादेव मंदिर खंडवा (Bhuteshwar Mahadev Temple)
भूतेश्वर महादेव मंदिर खंडवा के पास शिव भक्तों के लिए एक प्रसिद्ध स्थान है। यह मंदिर खंडवा से 20 किलोमीटर दूर भोजखेदी गांव के पास में बना हुआ है। यह मंदिर जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग द्वारा पहुंच सकते हैं।
भूतेश्वर महादेव मंदिर बहुत सुंदर है। यहां पर शिवलिंग के ऊपर प्राकृतिक तरीके से जलधारा बहती है और यह जलधारा 365 दिन इसी तरह से शिवलिंग के ऊपर बहती है और शिव जी का अभिषेक करती है।
शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण देखने के लिए मिलता है। यहां पर स्नान के लिए प्राकृतिक पुल बना हुआ है, जहां पर नहाया जा सकता है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए और अच्छा समय बिताने के लिए आ सकते हैं।
9. जयंती माता मंदिर खंडवा (Jayanti Mata Temple Khandwa)
जयंती माता धाम खंडवा जिले के बड़वाह के पास घूमने के लिए एक धार्मिक और प्राकृतिक स्थल है। यह एक प्राचीन सिद्ध पीठ स्थल है। यह मंदिर बड़वाह से करीब पांच किलोमीटर दूर जंगल के अंदर चोरल नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं।
चोरल नदी को पार करने के लिए पुल बना हुआ है, जिसे जयंती माता पुल कहा जाता है। पुल के पास में ही जयंती माता का मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और प्राचीन है। मंदिर में आकरअच्छा लगता है।
यहां पर गर्भगृह में जयंती माता की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा विराजमान है। आस-पास का दृश्य देखने लायक है। यहां पर आप आकर चोरल नदी में नहाने का आनंद उठा सकते हैं। नवरात्रि के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है।
10. नागेश्वर मन्दिर बड़वाह (Nageshwar Temple Barwah)
नागेश्वर मंदिर खंडवा जिले के बड़वाह नगर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है।
इस मंदिर में जलकुंड देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें मछली और कछुए हैं। इस कुंड में रंग-बिरंगे मछलियां हैं। यह मंदिर जल कुंड के बीच में बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है। यहां पर आकर अच्छा लगता है और शांति का एहसास होता है।
जानें – महेश्वर के पर्यटन स्थलों के बारे में
खंडवा में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Khandwa)
खंडवा में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च के महीने में आ सकते हैं। अक्टूबर से मार्च का महीना ठंड का रहता है। इस समय मौसम सुहावना और बहुत ही अच्छा रहता है, जिससे घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है।
आप यहां पर आकर सभी जगह की सैर कर सकते हैं। खंडवा जिले के पास ओंकारेश्वर में भक्त और श्रद्धालु साल भर आते रहते हैं। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत ज्यादा श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं।
खंडवा कैसे पहुंचे (How to Reach Khandwa)
खंडवा में रेल मार्ग से कैसे पहुंचे (How to Reach Khandwa by Rail)
रेलवे स्टेशन खंडवा मुख्य शहर में बना हुआ है। खंडवा में आप रेल मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। खंडवा रेलवे स्टेशन में प्रमुख शहर है जैसे इंदौर उज्जैन भोपाल से डायरेक्ट ट्रेन आती है। आप यहां पर आसानी से रेल मार्ग से आ सकते हैं। उसके बाद अन्य जगहों में जा सकते हैं।
खंडवा में सड़क मार्ग द्वारा कैसे पहुंचे (How to Reach Khandwa by Road)
खंडवा में NH-47 हाईवे गुजरता है, जिसके द्वारा यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप बस के द्वारा या टैक्सी के द्वारा आ सकते हैं। यहां पर सरकारी बस और प्राइवेट बस की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं।
खंडवा में वायु मार्ग से कैसे पहुंचे (How to Reach Khandwa by Air)
खंडवा में वायु मार्ग से पहुंचना आसान है। खंडवा का निकटतम हवाई अड्डा इंदौर में बना हुआ है। आप इंदौर में आ सकते हैं और उसके बाद खंडवा में सड़क मार्ग से जा सकते हैं।
खंडवा जिले का गूगल मैप लोकेशन
खंडवा में कहां ठहरें
- MP Tourism Resorts
- ओंकारेश्वर और हनुवंतिया के होटल
- खंडवा शहर के बजट होटल
खंडवा में क्या खरीदें
- निमाड़ी हस्तशिल्प
- धार्मिक सामान
- नर्मदा स्टोन (शिवलिंग)
निष्कर्ष
खंडवा जिला धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचर पर्यटन का शानदार मिश्रण है। ओंकारेश्वर की आध्यात्मिक शांति से लेकर हनुवंतिया के रोमांचक जल क्रीड़ा तक—यहां घूमने के लिए बहुत कुछ है। अगर आप मध्यप्रदेश में एक शांत, सुंदर और विविधतापूर्ण यात्रा करना चाहते हैं, तो खंडवा जिला एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है।
इस लेख में हमने खंडवा के प्रमुख पर्यटन स्थलों की पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। यदि आपको इस लेख में कोई जानकारी जोड़नी हो या किसी प्रकार का सुधार चाहिए, तो आप नीचे कमेंट करके हमें बता सकते हैं।
हम आपकी सुझावों के अनुसार आवश्यक बदलाव कर देंगे।
अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा हो, तो कृपया इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर शेयर करें ताकि वे भी खंडवा के खूबसूरत पर्यटन स्थलों के बारे में जान सकें।
