चिड़ी खो अभयारण्य नरसिंहगढ़ – इतिहास, वन्यजीव, पर्यटन व संपूर्ण यात्रा गाइड
मध्य प्रदेश में मिनी कश्मीर के नाम से जाने वाले नरसिंहगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। नरसिंहगढ़ में ढेर सारे पर्यटन स्थल है – इनमें से एक चिड़ी खो अभयारण्य है। चिड़ी खो अभयारण्य एक बड़ी झील, आसपास घना जंगल, जंगली जीव और सुंदर घाटियों इस जगह का आकर्षण का मुख्य कारण है।
चिड़ीखो वन्यजीव अभयारण्य (Chidikho Wildlife Sanctuary) के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है, मगर यह जगह बहुत ही सुंदर है। तो चलिए जानते हैं, नरसिंहगढ़ चिड़ीखो अभयारण्य के बारे में
चिड़ीखो अभयारण्य का प्राकृतिक सौंदर्य (Natural beauty of Chidikho Sanctuary)
मध्य प्रदेश को “वन्यजीवों की धरती” कहा जाता है और यहाँ के अभ्यारण्य प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। चिड़ीखो अभ्यारण भोपाल (Chidikho Sanctuary Bhopal) के नजदीक नरसिंहगढ़ में, राजगढ़ जिले में स्थित एक शांत, सुंदर और कम प्रसिद्ध लेकिन बेहद महत्वपूर्ण वन्यजीव अभ्यारण्य है।
चिड़ीखो (Chidikho) प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और सुकून भरे वातावरण के लिए जाना जाता है। यह अभ्यारण उन लोगों के लिए खास है जो भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं। अगर भोपाल के आस-पास आप किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं, जहां पर भीड़ कम हो, या ना हो तो आप यहां पर आ सकते हैं।
यहां पर आकर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर प्रकृति के बीच समय बिताने और सुकून पाने का एक अलग अनुभव है। यहां पर आप कुछ समय बिताने के बाद, अपने दौड़ भाग भरी जिंदगी में वापस लौट सकते हैं।
चिड़ीखो अभ्यारण (Chidikho Sanctuary ) चारों तरफ से घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां पर सुंदर घाटियों देखने के लिए मिलती है। यहां पर सफारी की सुविधा भी उपलब्ध है। चिड़ीखो अभ्यारण (Chidikho Sanctuary) के बीच में एक बड़ी सी झील बनी हुई है। इस झील का आकार चिड़िया के समान है। इसलिए इस अभ्यारण को चिड़ीखो के नाम से जाना जाता है।
साथ ही साथ यहां पर पुरातात्विक स्थल के रूप में भी माना जाता है, क्योंकि यहां पर ढेर सारी प्राचीन प्रतिमाएं प्राप्त हुई हैं। यह प्रतिमाएं चिड़ीखो को अभ्यारण के अंदर पीपल के पेड़ के नीचे रखी गई है। आप इन प्रतिमाओं को देख सकते हैं।
यहां पर वॉच टावर बने हुए हैं, जहां से आप चिड़ीखो वन्य जीव अभ्यारण (Chidikho Wildlife Sanctuary) के आसपास के दृश्यों का आनंद उठा सकते हैं। चिड़ीखो अभ्यारण के आसपास ढेर सारे पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थल है, जो देखने लायक है। आप इन स्थानों में भी घूमने के लिए जा सकते हैं।
चिड़ीखो वन्यजीव अभयारण्य की यात्रा (Chidikho Wildlife Sanctuary Trip)
चिड़ीखो वन्यजीव अभयारण्य (Chidikho Wildlife Sanctuary) की यात्रा के लिए सबसे पहले आप भोपाल आ सकते है। भोपाल से चिड़ीखो अभ्यारण करीब 75 किलोमीटर दूर, राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ कस्बे में स्थित है। यहां पर आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। अगर आप यहां पर अपने खुद के वाहन से आएंगे, तो बेहतर होगा, क्योंकि यहां पर कुछ दूरी पर अभ्यारण के अंदर जाना पड़ता है।
चिड़ीखो अभ्यारण (Chidikho Sanctuary) के अंदर गेस्ट हाउस तक जाने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है। यहां पर आप आराम से कार या बाइक से जा सकते हैं। यहां पर आपको जंगल और जंगली जीव के नजारे भी देखने के लिए मिलते हैं। यह अभ्यारण भोपाल ब्यावरा
मार्ग पर बना हुआ है। इस अभ्यारण में आप आसानी से आ सकते हैं।
चिड़िया खोह अभ्यारण (Chidiya khoh Sanctuary)का एंट्री गेट हाईवे के पास में बना हुआ है। आप यहां पर हाईवे से डायरेक्ट अभ्यारण के एंट्री गेट से अभ्यारण के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। यहां पर चिड़ीखो अभ्यारण का एंट्री गेट बहुत ही अट्रैक्टिव है। आप यहां पर प्रवेश कर सकते हैं।
चिड़ीखो वाइल्डलाइफ सेंचुरी के आसपास ढेर सारे दुर्लभ पर्यटन स्थल सकते हैं, जहां पर आप चिड़ीखो घूमने जाते है, तो जा सकते है। अगर आपके पास समय हो, तो आप इन जगहों पर भी जा सकते हैं। एंट्री गेट के पास में वन विभाग की चौकी बनी हुई है, जहां पर प्रवेश शुल्क लिया जाता है।
साथ ही साथ यहां पर एक छोटा सा कैफेटेरिया बना हुआ है, जहां पर खाने-पीने के लिए ढेर सारा आइटम मिलता है। यहां पर एक छोटा सा संग्रहालय या व्याख्यान केंद्र बना हुआ है, जहां पर ढेर सारी इनफार्मेशन मिलती है। इस व्याख्यान केंद्र में वन्य जीव अभ्यारण और जंगली जीवों के बारे में जानकरी मिलती है। अगर आपके पास समय हो, तो आप यहां पर भी घूमने के लिए जा सकते हैं और जानकारी हासिल कर सकते हैं।
अभ्यारण के अंदर एक कच्चा सा रास्ता जाता है, जो गेस्ट हाउस तक जाता है। गेस्ट हाउस के जाने के रास्ते में दोनों तरफ जंगल देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर जंगली जीव भी देखे जा सकते हैं। यहां पर हिरण, चीतल, सांभर, नीलगाय, लंगूर, बंदर, जैसे जंगली जीव देखने के लिए मिलते हैं।
करीब 2 किलोमीटर अंदर जाकर झील देखने के लिए मिलती है। यह झील बहुत ही सुंदर है। यह झील बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है। कुछ दूरी तक झील के साथ चलते हुए गेस्ट हाउस में पहुंच जाते हैं। गेस्ट हाउस पर आप अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं और उसके बाद आसपास की अन्य जगहों में घूम सकते हैं।
गेस्ट हाउस में एक कैफेटेरिया बना हुआ है, जहां पर खाने-पीने का सामान मिल जाता है। यहां पर दाल बाटी, भजिया, कॉफी, यह सभी चीज मिल जाती है। यहां पर एक पीपल का वृक्ष देखने के लिए मिलता है, जिसके नीचे ढेर सारी प्राचीन प्रतिमाएं रखी हुई है। यहां पर 10वीं और 11वीं शताब्दी की प्राचीन प्रतिमाएं देखी जा सकती है।
यहां पर चिड़ी खो झील के किनारे वॉकिंग पथ बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं और झील के अंतिम छोर तक जा सकते हैं, जहां पर झील का पानी ओवरफ्लो होकर बहता है। यहां पर छोटा सा डैम बना है। जब भारी बरसात के समय झील का पानी ओवरफ्लो कर बहता है, तब यहां पर बहुत ही आकर्षक दृश्य देखने के लिए मिलता है।
मगर डैम से थोड़ा पानी हमेशा बहता रहता है, जिससे यहां पर मछलियां साफ दिखाई देती है। यहां पर ढेर सारी मछलियां है, जो पानी में तैरती हुई बहुत ही सुंदर लगती हैं। इस जगह से आप जंगल के अंदर भी जा सकते हैं। मगर जंगल के ज्यादा अंदर ना जाएं, क्योंकि यहां पर मांसाहारी और जहरीले जानवर भी हैं, जिनसे आपको खतरा हो सकता है।
चिड़ि खो झील के पास गेस्ट हाउस के करीब पहाड़ी के ऊपर की तरफ एक वॉच टावर बना हुआ है। इस वॉच टावर में जाकर आप चारों तरफ के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहां पर दूर-दूर तक घाटियों का सुंदर नजारा, जंगल का फैलाव और झील का दृश्य बहुत ही आकर्षक लगता है।
यहां परकुछ समय बिताने के बाद और फोटोग्राफी करने के बाद आप नीचे आ सकते हैं और गेस्ट हाउस के पास बैठकर कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप झील में ढेर सारे जलीय जीव देख सकते हैं। यहां पर कछुए और ढेर सारी मछलियां देखी जा सकती है।
यहां पर बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। आप बहुत कम चार्ज में यहां पर बोटिंग कर सकते है। आप यहां पर अपना एक से 2 घंटा आराम से बिता सकते हैं। यहां पर शांतिपूर्वक समय बिता कर बहुत ही अच्छा लगता है। साथ-साथ प्रकृति के बीच समय बिताने से पूरी तरह से रिफ्रेश हो जाते हैं।
चिड़िखो अभ्यारण का इतिहास (Chidikho Sanctuary History)
चिड़िखो क्षेत्र को लंबे समय से वन संपदा और वन्यजीवों के लिए जाना जाता रहा है। ब्रिटिश काल में यह क्षेत्र शिकारगाह के रुप में प्रसिद्ध था। इसकी समृद्ध प्राकृतिक और वन्य जीव धरोहर को संरक्षित करने के लिए 1974 में इस क्षेत्र को अभ्यारण घोषित किया गया, जिससे भविष्य में आने वाली पीढ़ी के लिए यह एक सुरक्षित उपहार हो सके।
यह क्षेत्र विभिन्न वनस्पति, जीव जंतुओं और जलीय जीवों से समृद्ध है। यहां मानव निर्मित तालाब है, जो चिड़िया के आकार के समान प्रतीत होता है। आसपास का क्षेत्र हरे-भरे वृक्षों और पहाड़ियों से भरपूर है।
चिड़िखो अभ्यारण का मुख्य उद्देश्य:
- वन्यजीवों का संरक्षण
- प्राकृतिक वनस्पति की रक्षा
- जैव विविधता को बढ़ावा देना
चिड़िखो अभ्यारण में पाए जाने वाले वन्यजीव
चिड़िखो अभ्यारण कई प्रकार के स्तनधारी, पक्षी और सरीसृप जीवों का प्राकृतिक आवास है।
प्रमुख वन्यजीव
- चीतल
- सांभर
- नीलगाय
- जंगली सूअर
- लोमड़ी
- सियार
- खरगोश
सरीसृप
- अजगर
- कोबरा
- मॉनिटर लिज़र्ड
पक्षी प्रजातियाँ
- मोर
- तोता
- बाज
- उल्लू
- तीतर
- बटेर
यह अभ्यारण बर्ड वॉचिंग के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।
नरसिंहगढ़ वन्यजीव अभयारण्य या चिड़ी खो अभ्यारण में करने योग्य गतिविधियाँ (Activities to do at Narsinghgarh Wildlife Sanctuary or Chidi Kho Sanctuary)
- नेचर वॉक : नरसिंहगढ़ अभ्यारण में आकर आप नेचर वॉक का आनंद ले सकते हैं। यहां पर प्राकृतिक पगडंडियों पर चलना एक शांतिपूर्ण अनुभव रहता है। यहां जंगल के बीच में घूमने एक अलग एहसास दिलाता है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा अनुभव करेंगे।
- बर्ड वॉचिंग : पक्षी प्रेमियों के लिए यह एक शानदार जगह है। यहां पर पक्षी प्रेमी जाकर ढेर सारे पक्षियों को देख सकते हैं। खास तौर पर ठंड का मौसम पक्षियों को देखने के लिए बहुत बढ़िया रहता है।
- फोटोग्राफी : यहां पर आकर आप फोटोग्राफी का आनंद ले सकते हैं। यहां पर ढेर सारे सुंदर-सुंदर स्पॉट है, जहां पर आप फोटोग्राफी कर सकते हैं। साथ ही नेचर फोटोग्राफी बहुत ही बढ़िया आती है। वन्यजीव, प्राकृतिक दृश्य और सूर्योदय-सूर्यास्त की फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन स्थान है।
- शांति और ध्यान : शहर की भाग दौड़ भरी जिंदगी से दूर शांति से समय बिताने के लिए यह बढ़िया जगह है। यहां पर आकर आप योग और ध्यान कर सकते हैं।
चिड़ी खो अभयारण्य में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Chidi Kho Sanctuary)
चिड़ी खो अभयारण्य (Chidikho Sanctuary) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। यहां पर आप अक्टूबर से मार्च महीने के बीच में आ सकते हैं। अक्टूबर से मार्च का महीना बहुत ही सुहावना रहता है, जिससे घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। आप यहां पर आराम से ट्रैकिंग कर सकते हैं।
आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है, लेकिन रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं, इसलिए बरसात के समय आपको सावधानी बरतना चाहिए। गर्मी में यहां पर अधिक गर्मी होती है, जिससे यहां पर घूमने में दिक्कत हो सकती है।
चिड़ीखो अभयारण्य कहाँ स्थित है (Where is Chidikho Sanctuary located)
चिड़ीखो वन्यजीव अभ्यारण (Chidikho Wildlife Sanctuary) मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित है और यह नरसिंहगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह अभ्यारण भोपाल से लगभग 75 किलोमीटर और राजगढ़ से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
- राज्य: मध्य प्रदेश
- जिला: राजगढ़
- निकटतम शहर: नरसिंहगढ़
चिड़ीखो अभयारण्य का गूगल मैप लोकेशन
चिड़िखो अभ्यारण कैसे पहुँचे (How to reach Chidikho Sanctuary)
हवाई मार्ग से : चिड़िखो अभ्यारण (Chidikho Sanctuary) का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल में है। भोपाल में राजा भोज एयरपोर्ट बना हुआ है। आप यहां पर अन्य शहरों से वायु मार्ग से आ सकते हैं। उसके बाद चिड़िखो अभ्यारण सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग से : निकटतम रेलवे स्टेशन भोपाल और ब्यावरा है। आप इन दोनों शहरों में देश के किसी भी अन्य शहर से ट्रेन के माध्यम से पहुंच सकते हैं। उसके बाद चिड़िखो अभ्यारण सड़क मार्ग से आ सकते हैं।
सड़क मार्ग से : भोपाल, उज्जैन, इंदौर और राजगढ़ से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
आसपास घूमने की जगहें
- नरसिंहगढ़ किला
- राजगढ़ किला
- भोपाल पर्यटन स्थल
- भीमबेटका (थोड़ी दूरी पर)
पर्यटकों के लिए जरूरी सुझाव
- जंगल में शोर न करें
- प्लास्टिक या कचरा न फैलाएँ
- वन विभाग के नियमों का पालन करें
- वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
निष्कर्ष
चिड़ीखो अभ्यारण्य नरसिंहगढ़ (Chidikho Sanctuary, Narsinghgarh) उन लोगों के लिए एक बेहतरीन स्थान है जो प्रकृति, वन्यजीव और शांति पसंद करते हैं। यह अभ्यारण मध्य प्रदेश के छुपे हुए पर्यटन स्थलों में से एक है, जिसे जरूर एक्सप्लोर किया जाना चाहिए।
अगर आप भीड़ से दूर, प्राकृतिक वातावरण में समय बिताना चाहते हैं, तो चिड़िखो अभ्यारण आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए।
