छिंदवाड़ा में घूमने के 15+ बेहतरीन पर्यटन स्थल | Amazing Chhindwara Tourist Places in Hindi

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छिंदवाड़ा जिले में घूमने की जगह: सतपुड़ा की वादियों में बसा प्रकृति और संस्कृति का स्वर्ग

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित एक सुंदर जिला है। यह जिला सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा हुआ एक अत्यंत सुंदर और शांत स्थल है। इसे मिनी कश्मीर आफ मध्य प्रदेश भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर हरे भरे जंगल, ऊंचे पहाड़, झरने, घाटियों और ठंडी जलवायु पर्यटकों को आकर्षित करती है।

छिंदवाड़ा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहां पर धार्मिक ऐतिहासिक और आदिवासी संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है। इस लेख में हम आपको छिंदवाड़ा में घूमने वाली प्रमुख जगहों (Chhindwara Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे, जहां पर आप जाकर शांति पूर्वक अपना समय बिता सकते हैं।

यदि आप प्रकृति, धार्मिक और रोमांच से भरपूर यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो छिंदवाड़ा आपके लिए एक आदर्श स्थान है। इस लेख में छिंदवाड़ा में घूमने की जगह (Chhindwara Tourist Places in Hindi), छिंदवाड़ा कैसे पहुंचे, छिंदवाड़ा में घूमने का सही समय, छिंदवाड़ा टूर प्लान, छिंदवाड़ा यात्रा सुझाव के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।

छिंदवाड़ा जिले का इतिहास (Chhindwara district History)

छिंदवाड़ा जिला मध्य प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित है और यह महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है। छिंदवाड़ा जिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से अध्ययन महत्वपूर्ण है। यह जिला सतपुड़ा पर्वतमाला, घने जंगलों, नदियों और आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। छिंदवाड़ा जिला विशेष रूप से आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर गोंड और कोरकू जनजातियों के लिए जाना जाता है। यहां की अर्थव्यवस्था कृषि, वनोपज और पर्यटन पर आधारित है।

छिंदवाड़ा जिले का इतिहास प्राचीन काल से आधुनिक काल तक अनेक उतारा और शासनों से होकर गुजरा हुआ है। प्राचीन काल में छिंदवाड़ा क्षेत्र में मानव सभ्यता के प्रमाण मिले गए मिले हैं। यहां पर पाए गए पुरातात्विक अवशेष शैलचित्र और प्राचीन उपकरण यह बताते हैं, कि यह क्षेत्र आदि मानव काल से आबाद रहा है। माना जाता है कियह क्षेत्र गोंड, कोरकू और भारिया जैसी जनजातियों का प्रमुख निवास स्थल रहा है।

रामायण और महाभारत काल से जुड़ी लोककथाओं के अनुसार, सतपुड़ा क्षेत्र में ऋषि-मुनियों के आश्रम हुआ करते थे। पातालकोट जैसे स्थानों को आज भी प्राचीन तपस्थली माना जाता है। मध्यकाल में छिंदवाड़ा क्षेत्र पर गोंड राजाओं का शासन रहा। गोंडवाना राज्य का यह हिस्सा प्रमुख केंद्र रहा है। यह क्षेत्र आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से समृद्ध रहा है। गोंड राजाओं ने इस क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा दिया है। आज भी इस जिले में गोंड संस्कृति की झलक, लोक नृत्य, लोकगीत और रीति रिवाज देखे जा सकते हैं।

18वीं शताब्दी में छिंदवाड़ा क्षेत्र मराठा साम्राज्य के अधीन आ गया था। पेशवाओ और मराठा सरदार ने यहां पर शासन किया था। इस काल में क्षेत्र में कर व्यवस्था और सैन्य गतिविधियों में वृद्धि हुई। ब्रिटिश काल में मराठा के पराजय के बाद, छिंदवाड़ा अंग्रेजों के अधीन आ गया। अंग्रेज शासन के दौरान छिंदवाड़ा को एक प्रशासनिक जिले के रूप में विकसित किया गया। 1904 में इसे जिला घोषित किया गया। अंग्रेजों ने यहां रेलवे, सड़क, प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया। साथ ही यहां चाय, कॉफी और वन संपदा के दोहन भी किया। इस काल में आदिवासी समाज को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

छिंदवाड़ा जिले का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहां पर अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के विरोध आंदोलन में भाग लिया है। आदिवासी समुदाय ने जंगल सत्याग्रह और अन्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता के बाद छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश राज्य का हिस्सा बना।

स्वतंत्रता के बाद, जिले में शिक्षा, उद्योग, कृषि, परिवहन के क्षेत्र में विकास हुआ है। छिंदवाड़ा आज कृषि प्रधान देश है और संतरा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। छिंदवाड़ा की पहचान जनजातीय संस्कृति, लोक कला, मेले, पर्व इसकी पहचान है। यहां पर पातालकोट, देवगढ़, तामिया, सतपुड़ा के जंगल इसके ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर है।

छिंदवाड़ा के पास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Chhindwara Tourist Places in Hindi)

चलिए जानते हैं – छिंदवाड़ा जिले के आसपास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल और दर्शनीय स्थलों के बारे में

छिंदवाड़ा जिले के प्रसिद्ध मंदिर (Famous temples in Chhindwara district)

1. पातालेश्वर शिव मंदिर छिंदवाड़ा (Pataleshwar Shiva Temple, Chhindwara)

पातालेश्वर शिव मंदिर छिंदवाड़ा मुख्य शहर में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर छिंदवाड़ा के सबसे पुराने और सुंदर मंदिरों में से एक है। यह शिव भक्तों का प्रमुख और पवित्र धाम है। यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

पातालेश्वर मंदिर छिंदवाड़ा रेलवे जंक्शन से करीब 500 मीटर दूर है। आप यहां पर रेलवे स्टेशन से पैदल ही घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में विराजमान शिवलिंग स्वयंभू है। शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। मंदिर का परिसर बहुत अच्छा और शांत है। इस मंदिर में श्रावण सोमवार और महाशिवरात्रि के समय बड़े मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

2. रामेश्वरम शिव धाम छिंदवाड़ा (Rameshwaram Shiva Dham, Chhindwara)

रामेश्वरम शिव धाम छिंदवाड़ा के पास घूमने के लिए प्रमुख पर्यटन और धार्मिक महत्व का स्थान है। यह स्थल छिंदवाड़ा से करीब 20 किलोमीटर दूर NH37 हाईवे रोड पर स्थित है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। यहां पर भगवान शिव की विशाल मूर्ति बनी हुई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

विशाल शिव मूर्ति के चारों तरफ सुंदर बगीचा बना हुआ है। यहां पर शिव जी की मूर्ति सफेद रंग की है और शिवजी की मूर्ति के मुख में मंद मुस्कान है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। यहां पर नंदी भगवान जी की मूर्ति भी है। यहां पर अन्य मंदिर भी बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। अगर आप छिंदवाड़ा से सिवनी की तरफ यात्रा कर रहे हैं, तो आप इस मंदिर में जरूर आए।

3. हिंगलाज माता मंदिर छिंदवाड़ा (Hinglaj Mata Temple, Chhindwara)

हिंगलाज माता मंदिर छिंदवाड़ा के पास घूमने के लिए एक धार्मिक और आध्यात्मिक स्थान है। यह मंदिर छिंदवाड़ा जिले से ४० किलोमीटर दूर परासिया के पास अम्बारा में बना है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। अम्बारा मुख्य रूप से कोयला खदानों के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है।

भारत में हिंगलाज माता के दो मंदिर हैं, जिसमें से एक अम्बारा में है और दूसरा पाकिस्तान की सीमा पर है। यह मंदिर एक शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दूर-दूर से भक्तों माता के दर्शन करने लिए आते हैं। इस मंदिर में आप माता हिंगलाज के दर्शन कर सकते हैं। इस मंदिर को लेकर ढेर सारी मान्यताएं हैं।

यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर परिसर में और भी ढेर सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के पास एक खूबसूरत गार्डन भी बना हुआ है। यह मंदिर छिंदवाड़ा के पास फैमिली और दोस्तों के पास साथ समय बिताने के लिए एक बढ़िया जगह है।

4. हनुमान मंदिर सिमरिया छिंदवाड़ा (Simariya Hanuman Mandir Chhindwara)

सिमरिया हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा के प्रमुख दर्शनीय स्थान में से एक है। यह मंदिर छिंदवाड़ा नागपुर हाईवे मार्ग पर बना हुआ है। यहां पर हनुमान जी की 101 फीट ऊंची हनुमान जी की भव्य प्रतिमा विराजमान है, जिसे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी के द्वारा बनवाया गया है। यह मूर्ति बहुत ही सुंदर लगती है।

यहां पर हनुमान जी की प्रतिमा बहुत विशाल है, इसलिए दूर हाईवे से ही दिखाई दे जाती है। हनुमान मूर्ति के आसपास सुंदर गार्डन बना हुआ है, जहां पर ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर दुकान भी हैं, जहां पर खाने-पीने के ऑप्शन मिल जाते हैं। यहां पर आप आकर गार्डन में बैठकर शांति का अनुभव कर सकते हैं।

यहां पर और भी बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर श्री राम दरबार, श्री राधा कृष्ण, महादेव पार्वती मंदिर, और गणेश जी का मंदिर बना हुआ है। यह जगह छिंदवाड़ा के पास फैमिली और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए बहुत ही बढ़िया है।

5. श्री हनुमान मंदिर, जाम सावली छिंदवाड़ा (Jamsavli Mandir Chhindwara)

जाम सावली हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा जिले के पास प्रसिद्ध धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर चमत्कारी माना जाता है। इस मंदिर को लेकर ढेर सारी मान्यताएं है। माना जाता है, कि मंदिर में अगर आप किसी मानसिक पीड़ा से ग्रस्त है, तो मंदिर में आकर आपको उसे पीड़ा से शांति मिलेगी। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है।

जाम सावली मंदिर छिंदवाड़ा जिले से करीब 25 किलोमीटर दूर, छिंदवाड़ा नागपुर हाईवे मार्ग पर जाम सावली गांव में बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर मुख्य हाईवे सड़क से 2 किलोमीटर दूर है। यहां पर हनुमान जी की बहुत प्राचीन और भव्य मूर्ति विराजमान है। इस मूर्ति के बारे में ढेर सारी मान्यताएं है।

इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति लेटी हुई पोजीशन में है। यह मूर्ति 18 फीट ऊंची है। मूर्ति देखने में बहुत ही सुंदर लगती है। मंदिर के आस-पास का वातावरण भी बहुत अच्छा और भक्तिमय है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। इस मंदिर में शनिवार और मंगलवार के दिन बहुत ज्यादा भीड़ लगती है।

6. कालीबाड़ी धर्म टेकरी छिंदवाड़ा (Kalibari Dharma Tekri Chhindwara)

काली बाड़ी मंदिर छिंदवाड़ा में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। यह मंदिर काली माता को समर्पित है। यह मंदिर पहाड़ी पर बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर जिस पहाड़ी पर बना हुआ है, उसे धर्म टेकरी के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर छिंदवाड़ा के पुराने मंदिरों में से एक है।

यहां पर आकर मुख्य गर्भगृह में काली जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर साई बाबा जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। बच्चे और फैमिली के साथ छिंदवाड़ा में शाम के समय घूमने के लिए यह एक अच्छी जगह है। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप इंजॉय कर सकते हैं।

7. जुन्नारदेव विशाला पहली पारी (Junnardeo temple)

जुन्नारदेव मंदिर छिंदवाड़ा के पास घूमने के लिए प्रसिद्ध धार्मिक और प्राचीन स्थान में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस स्थल को पहली पारी के नाम से जाना जाता है। यह स्थान छिंदवाड़ा के पास जुन्नारदेव में विशाला गांव में बनी हुई है। यह मंदिर बहुत ही प्राचीन और बहुत ही सुन्दर है।

जुन्नारदेव मंदिर चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां पर आप बरसात में आएंगे, तो आपको और भी ज्यादा मजा आएगा। जुन्नारदेव विशाला मंदिर को महादेव यात्रा की पहली सीढ़ी कहा जाता है। माना जाता है, कि महादेव यात्रा से पहले आपको यहां पर आकर यात्रा करना चाहिए और दर्शन करने चाहिए। यहां पर प्राकृतिक कुंड बना हुआ है, जहां पर साल भर पानी रहता है।

यहां पर गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है, जिसके ऊपर प्राकृतिक रूप से साल भर 24 घंटे पानी गिरता रहता है और शिव भगवान जी का जलाभिषेक होता रहता है। कहा जाता है, कि इस जल से नहाने से शरीर रोग मुक्त हो जाता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर घूमने का सबसे अच्छा समय महाशिवरात्रि और सावन सोमवार का पर्व है।

छिंदवाड़ा के पास ऐतिहासिक स्थान (Historical places near Chhindwara)

8. बादल भोई जनजातीय संग्रहालय (Badal Bhoi Tribal Museum)

बादल भाई जनजातीय संग्रहालय छिंदवाड़ा मुख्य शहर में स्थित एक प्रमुख दर्शनीय स्थान है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं। अगर आप आदिवासी संस्कृति को समझना चाहते हैं, तो यह संग्रहालय बहुत बढ़िया है। यहां पर आकर आप आदिवासी संस्कृति को बारीकी से समझ सकते हैं।

यहां पर आपको मध्यप्रदेशकी आदिवासी जनजातियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है। यहां पर आकर आप ट्रैवल कम्युनिटी के पहचान, परंपरा, उनकी रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में जानेंगे, कि वह किस तरह अपना दिन बिताया करते थे, किस तरह उत्सव मनाया करते थे। यहां पर हर एक डिस्प्ले पर, हर चीज की अच्छे से जानकारी दिखाई गई है।

इस म्यूजियम में उनके गहने, औजार, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, पारंपरिक कपड़े और घरेलू चीज दिखाई गई है, जो ट्राइब यूज़ किया करते थे। यह संग्रहालय 10 एकड़ की भूमि पर फैला हुआ है। यह भवन 1923 में बना था। सन 1954 के पहले यह संग्रहालय में रिसर्च अधिकारियों का प्रशिक्षण केंद्र था। इसके बाद 26 अप्रैल 1954 को इस भवन को जनजातीय संग्रहालय में बदल दिया गया।

इस संग्रहालय का संचालन आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान मध्यप्रदेश के द्वारा किया जाता है। 8 सितंबर 1997 को इस संग्रहालय का नाम परिवर्तित कर श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय कर दिया गया। संग्रहालय में 17 कक्ष एवं 6 गैलरी है। संग्रहालय में प्रवेश शुल्क 10 रू प्रति व्यक्ति लिया जाता है। यह संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है।

9. देवगढ़ किला छिंदवाड़ा (Devgarh Fort, Chhindwara)

देवगढ़ किला छिंदवाड़ा के पास में स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ स्थल है। देवगढ़ किला छिंदवाड़ा से 44 किलोमीटर दूर है। इस किले तक आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। इस किले में आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यह किला सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच में बना हुआ है।

किले तक जाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। इस किले से चारों ओर का अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। किले जाने का रास्ता बहुत ही खूबसूरत है। दोनों तरफ बड़े-बड़े पेड़ देखने के लिए मिलते हैं, जिससे होकर आप किले तक पहुंचाते हैं। किले में पहुंचने के लिए करीब 1 किलोमीटर की ट्रैकिंग करनी पड़ती है। किले में पहुंचकर इसका भव्य प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलता है।

यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। किले के अंदर ढेर सारी स्थल है, जहां पर आप घूम सकते हैं। देवगढ़ किले के अंदर मोती टांका, हाथी खाना, कचहरी, राजा की बैठक, खजाना और बादल महल अन्य दर्शनीय स्थल देखने के लिए मिलते हैं। किले से आपको चारों तरफ घाटियों का सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। यह किला 16वीं सदीं में गोंड शासको के द्वारा बनाया गया था। गोंड मध्य प्रदेश में रहने वाली एक जनजाति है, जिसे 16वीं सदीं के लगभग मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर शासन किया था।

यह किले समुद्र सतह से करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह किला सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है। इस किले का निर्माण अत्यधिक योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। किले की इमारतें इस्लामी शैली से निर्मित है, जिसमें स्थानीय गोंड कला का प्रभाव दिखता है। किले की इमारतें मुख्यतः पत्थर और चूने से निर्मित की गई है, कहीं-कहीं पर ईंटों का प्रयोग किया गया है। इन इमारत के स्तंभ एवं छत के लिए लकड़ी का प्रयोग किया गया है। देवगढ़ का किला छिंदवाड़ा के पास परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए और शांतिपूर्वक समय बिताने के लिए बढ़िया जगह है।

एंट्री फी : १० रू
घूमने का समय : बरसात और ठंड का समय

छिंदवाड़ा के फेमस पार्क (Famous Parks in Chhindwara)

10. भर्तादेव पार्क छिंदवाड़ा (Bhartdev park chhindwara)

भरता देव पार्क छिंदवाड़ा के पास घूमने के लिए सुंदर स्थान में से एक है। यह पार्क छिंदवाड़ा से करीब 5 किलोमीटर दूर कुलबेरा नदी के पास में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। पार्क में ढेर सारी चट्टानें हैं, जो बड़े साइज की है और बहुत ही आकर्षक लगती है।

इन चट्टानों को अलग-अलग रंगों से पेंट कर दिया गया है, जिससे यह और भी ज्यादा अट्रैक्टिव लगती है। पार्क के आसपास प्राकृतिक माहौल देखने के लिए मिलता है। यह पार्क मुख्य रूप से छिंदवाड़ा में कपल्स के घूमने के लिए खास है। कपल्स यहां पर बड़ी संख्या में आते हैं।

वैसे आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और शांति पूर्वक समय बिता सकते हैं। यहां पर ढेर सारे पेड़ पौधे देखना मिल जाते है। यह पार्क छिंदवाड़ा वन मंडल के द्वारा संचालित किया जाता है। साथ ही साथ यहां पर एक झील बनी हुई है। यहां पर झूले हैं और बच्चों के लिए करने के लिए ढेर सारी गतिविधियां है। यह जगह फोटोग्राफी और शूटिंग के लिए बहुत अच्छी है और यहां पर आप डॉक्यूमेंट्री शूट कर सकते हैं।

11. दीन दयाल पार्क छिंदवाड़ा (Deen dayal park chhindwara)

दीनदयाल पार्क छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध और सुंदर पार्क में से एक है। यह पार्क छिंदवाड़ा मुख्य सिटी में एमएलबी स्कूल के पास बना हुआ है। यह पर बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत सुंदर है। पार्क में करने के लिए ढेर सारी एक्टिविटीज है। यहां पर ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे यह जगह बहुत ही अच्छी लगती है। यहां आप जॉगिंग, योगा, ध्यान करने के लिए यह जगह बहुत बढ़िया है। यह पार्क नगर निगम द्वारा संचालित किया जाता है।

12. छोटा तालाब पार्क छिंदवाड़ा (Chhota Talab Park)

छोटा तालाब पार्क छिंदवाड़ा स्थित एक बढ़िया जगह है। आप यहां पर आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं, क्योंकि यह जगह शहर के बीचो-बिच स्थित है। यहां पर आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यहां पर एक तालाब बना हुआ है, जिसे छोटे तालाब के नाम से जाना जाता है और इस तालाब के किनारे पार्क बना हुआ है, जिसे छोटा तालाब पार्क या सुभाष पार्क के नाम से जाना जाता है।

इस तालाब के बीच में पार्क बना हुआ है, जहां पर जाने के लिए पुल बना हुआ है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। तालाब में ढेर सारी मछलियां रहती हैं। इन मछलियों को आप दाना खिला सकते हैं। इसके अलावा शाम के समय यहां पर फव्वारा चालू रहता है, जो इस जगह को और भी ज्यादा खूबसूरत बना देता है। गार्डन में बैठने की व्यवस्था है और यहां पर ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं।

छिंदवाड़ा के पास फेमस झरने (Famous Waterfalls near Chhindwara)

13. घोघरा जलप्रपात छिंदवाड़ा (Ghogra waterfall)

घोघरा जलप्रपात छिंदवाड़ा के पास घूमने के लिए एक प्रसिद्ध झरना है। यह झरना छिंदवाड़ा नागपुर हाईवे मार्ग पर जाम सावली गांव में बना हुआ है। यह जाम सावली हनुमान मंदिर से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। आप जाम सावली हनुमान मंदिर घूमने के लिए आते हैं, तो इस झरने में भी घूमने के लिए जा सकते हैं।

यह झरना ठंडी और बरसात के समय घूमने के लिए एक परफेक्ट जगह है। यहां पर बड़ी-बड़ी चट्टान है, जिनके बीच से होकर यह झरना बहता है। झरने में ऊपर की तरफ एक स्टॉप डैम बना हुआ है, जहां पर बरसात के समय पानी ओवरफ्लो होता है। तब यह झरना देखा जा सकता है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह झरना जाम सावली मंदिर से ढाई किलोमीटर दूर है।

14. कुकड़ी खापा जलप्रपात (Kukdi Khapa Waterfall chhindwara)

कुकड़ी खापा जलप्रपात छिंदवाड़ा के पास घूमने के लिए प्राकृतिक और सुंदर जलप्रपातों में से एक है। कुकड़ी खापा जलप्रपात छिंदवाड़ा नागपुर हाईवे मार्ग से करीब 8 किलोमीटर दूर कुकड़ी खापा गांव के पास में बना है। इस जलप्रपात में जाने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपने वाहन से आराम से जा सकते हैं। यहां पर पार्किंग की व्यवस्था भी है।

कुकड़ी खापा जलप्रपात बहुत ही सुंदर है। यह जलप्रपात बरसात के समय बहुत ही आकर्षक लगता है, क्योंकि बरसात के समय जलप्रपात में पानी बहुत ही अधिक रहता है। आप जलप्रपात में नीचे की तरफ जाने के लिए ट्रैकिंग कर सकते हैं। ट्रैकिंग का रास्ता बरसात में फिसलन से भरा रहता है, मगर ट्रैकिंग करके मजा आता है। नीचे का दृश्य और भी शानदार रहता है। आप यहां पर अपने फैमिली और दोस्तों के साथ अच्छा और सुकून भरा समय बिता सकते हैं।

छिंदवाड़ा के पास फेमस डैम और जलाशय (Famous Dams and Reservoirs near Chhindwara)

15. माचागोरा बांध छिंदवाड़ा (Machagora Dam)

माचागोरा बांध छिंदवाड़ा के पास घूमने के लिए एक दर्शनीय स्थान है। यह डैम छिंदवाड़ा से करीब 35 किलोमीटर दूर पेंच नदी पर बना हुआ है। इस बांध में आप आसानी से सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां परआप अपने वाहन से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बांध काफी बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत ही सुंदर लगता है।

इस बांध का सबसे अच्छा नजारा बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय बांध का पानी ओवरफ्लो होकर बहता है, जिसका दृश्य बहुत ही आकर्षण रहता है। माचागोरा बांध में आठ गेट है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। इस बांध में आकर आप बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं।

छिंदवाड़ा के अन्य पर्यटन स्थल

16. पातालकोट (Patalkot)

पातालकोट छिंदवाड़ा जिले का सबसे प्रसिद्ध और अनोखा पर्यटन स्थल है। यह एक गहरी घाटी है, जो चारों ओर से पहाड़ियों से घिरी हुई है। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से घिरी है। यहां पर सतपुड़ा की घाटियों का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर बहुत सारे व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जहां से शानदार दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप पातालकोट के नीचे उतरकर आदिवासी जनजाति लोगों के जीवन को देख सकते हैं।

पातालकोट छिंदवाड़ा के तामिया में स्थित है। पातालकोट का आकार घोड़े की नाल के समान है। पातालकोट 87 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर ट्रैकिंग और कैंपिंग जैसी एडवेंचरस गतिविधियां होती हैं। यहां पर और भी एडवेंचर स्पोर्ट्स किए जाते हैं। बरसात में यह जगह स्वर्ग से कम नहीं लगती है।

मुख्य आकर्षण

  • 3000 फीट गहरी घाटी
  • दुर्लभ औषधीय पौधे
  • आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली

क्यों जाएँ: प्रकृति प्रेमियों, रिसर्चर्स और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए स्वर्ग
घूमने का सही समय: अक्टूबर से मार्च

17. तामिया हिल स्टेशन (Tamia)

तामिया मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन माना जाता है। यह स्थान शांति, ठंडी हवा और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह सतपुड़ा की पहाड़ियों से घिरा हुआ सुंदर स्थान है। यहां पर आकर अच्छा समय बिताया जा सकता है। यहां पर ढेर सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। साथ ही साथ यहां पर ढेर सारे एडवेंचरस स्पोर्ट्स का आप आनंद उठा सकते हैं। यहां पर आप आकर ट्राइबल लाइफ देख सकते हैं। यहां पर ट्रैकिंग का आनंद उठाया जा सकता है।

मुख्य आकर्षण

  • घने जंगल और घाटियाँ
  • सनसेट पॉइंट
  • ट्रेकिंग और नेचर वॉक

विशेषता: भीड़-भाड़ से दूर शांत वातावरण

छिंदवाड़ा का खान-पान

यहाँ का खान-पान आदिवासी और मालवा संस्कृति का मिश्रण है।

प्रसिद्ध व्यंजन

  • मक्का की रोटी
  • कोदो-कुटकी की खिचड़ी
  • महुआ से बने पारंपरिक व्यंजन
  • स्थानीय चटनी

छिंदवाड़ा में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Chhindwara)

छिंदवाड़ा में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च के महीने में आकर, छिंदवाड़ा के पर्यटन स्थलों (Chhindwara Tourist Places in Hindi) की सैर कर सकते हैं। यहां पर ढेर सारे जगह है, जहां पर आप जा सकते हैं। अक्टूबर से मार्च का मौसम ठंड का होता है, जो सुहावना होता है और घूमने के लिए परफेक्ट होता है।

मानसून भी छिंदवाड़ा में घूमने के लिए बढ़िया समय है। इस समय आप छिंदवाड़ा के आस-पास खूबसूरत झरनों की सैर कर सकते हैं। छिंदवाड़ा के आसपास ढेर सारे झरने हैं, जहां पर जाकर आप घूम सकते हैं। गर्मी यहां पर घूमने के लिए अच्छा समय नहीं है।

छिंदवाड़ा कैसे पहुँचें (How to Reach Chhindwara)

रेल मार्ग: छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन प्रमुख शहर में बना हुआ है। यह रेलवे स्टेशन अन्य स्टेशनों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन आती है। आप छिंदवाड़ा ट्रेन मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। उसके बाद अन्य जगहों पर सड़क मार्ग से जा सकते हैं।

सड़क मार्ग: छिंदवाड़ा सड़क मार्ग के द्वारा अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है। यहां पर प्रमुख शहरों जैसे नागपुर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों से बस और टैक्सी से आने की सुविधा है। आप यहां पर सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से आ सकते हैं।

हवाई मार्ग: छिंदवाड़ा का नजदीकी हवाई अड्डा नागपुर में बना हुआ है। नागपुर छिंदवाड़ा से 130 किलोमीटर दूर है। आप नागपुर हवाई मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद छिंदवाड़ा सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

छिंदवाड़ा का गूगल मैप लोकेशन

छिंदवाड़ा यात्रा के लिए टिप्स

  • मानसून में ट्रेकिंग करते समय सावधानी रखें
  • जंगल क्षेत्रों में स्थानीय गाइड लें
  • आदिवासी क्षेत्रों की संस्कृति का सम्मान करें

निष्कर्ष

छिंदवाड़ा जिला प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों, घाटियों, झरनों और आदिवासी संस्कृति का अद्भुत संगम है। पातालकोट की रहस्यमयी घाटी से लेकर तामिया के शांत हिल स्टेशन तक, यहाँ हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ खास है। यदि आप मध्य प्रदेश के किसी शांत, हरे-भरे और कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थल की तलाश में हैं, तो छिंदवाड़ा आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए।

इस लेख में हमने आपको छिंदवाड़ा जिले के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। यदि आप इस लेख में किसी भी प्रकार का बदलाव या नई जानकारी जोड़ना चाहते हैं, तो कृपया हमें कमेंट के माध्यम से बताएं। हम आपके सुझावों के अनुसार लेख को अपडेट कर देंगे।

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