आगर मालवा में घूमने के 10+ प्रमुख पर्यटन स्थल : Amazing Agar Malwa Tourist Places in Hindi

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आगर मालवा जिला में घूमने की जगह – इतिहास, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक सौंदर्य

आगर मालवा जिला मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है। यह जिला अपनी सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक स्थल और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर आकर आप ढेर सारे पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। आगर मालवा जिले में घूमने के लिए ढेर सारे पर्यटन स्थल है, जो बहुत सुंदर है।

इस लेख में हम आपको आगर मालवा जिले में घूमने की प्रमुख जगह (Agar Malwa Tourist Places in Hindi), इतिहास, आगर मालवा में घूमने का सही समय, यात्रा की पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक देंगे।

आगर मालवा जिले का इतिहास (Agar Malwa District History in Hindi)

आगर मालवा जिला मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित है। यह अपने प्राचीन इतिहास, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। प्राचीन काल में आगर मालवा का क्षेत्र अवंति महाजनपद का हिस्सा था, जिसकी राजधानी उज्जैन थी।

मौर्य काल में यह क्षेत्र सम्राट अशोक के साम्राज्य में शामिल रहा। ग और सातवाहन काल में भी यहाँ राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ सक्रिय रहीं। पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह क्षेत्र ऋषि मुनियों की तपोभूमि रहा है। मालवा क्षेत्र को शैव परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

मध्यकाल में यहां पर कई राजवंशों का शासन रहा है। 9वीं से 13वीं शताब्दी में यहां पर परमार शासको का शासन रहा है। इस समय यह क्षेत्र कला, साहित्य और स्थापत्य का केंद्र रहा है। 13वीं से 15वीं शताब्दी में यह क्षेत्र दिल्ली सल्तनत के अधीन आया।

बाद में मालवा सल्तनत का हिस्सा बना, जिसमें इस्लामी स्थापत्य और प्रशासनिक प्रभाव बढ़ा। मुगल काल के दौरान आगर मालवा को प्रशासनिक इकाई के रूप में विकसित किया गया। कृषि और व्यापार को प्रोत्साहन मिला। 18वीं शताब्दी में आगर मालवा क्षेत्र मराठाओं के अधीन आया। यह क्षेत्र होलकर और सिंधिया शासन के प्रभाव में रहा।

मराठा काल में स्थानीय प्रशासन और राजस्व व्यवस्था को मजबूत किया गया। ब्रिटिश काल के दौरान आगर मालवा को ग्वालियर रियासत के अंतर्गत था और इसे अन्य प्रशासनिक रूप से जोड़ा गया। इस काल में सड़के एवं कृषि सुधार पर ध्यान दिया गया।

स्वतंत्रता के बाद आगर मालवा पहले शाजापुर जिले का हिस्सा था। 16 अगस्त 2013 को आगर मालवा को अलग जिला घोषित किया गया। जिला बनने के बाद, यहां शिक्षा स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे में सुधार आया। यहां की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है।

आगर मालवा में घूमने की प्रमुख जगहें (Agar Malwa Tourist Places in Hindi)

1. श्री बैजनाथ महादेव मंदिर आगर (Shri Baijnath Mahadev Mandir Agar)

श्री बैजनाथ महादेव मंदिर मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र शिव धर्मों में से एक है। यह मंदिर आगर मालवा जिले का धार्मिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह मंदिर उज्जैन से करीब 55 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर उज्जैन नेशनल हाईवे 27 से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। यहां पर आप बस के द्वारा भी आसानी से पहुंच सकते हैं।

बैजनाथ महादेव मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर परिसर बहुत ही बड़ा है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह शिवलिंग प्राचीन है। यहां पर नंदी महाराज की भी बहुत बड़ी प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर को लेकर ढेर सारी मान्यताएं हैं।

यह मंदिर बाणगंगा नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर दर्शन करने के लिए ढेर सारे श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर आकर अच्छा लगता है और शांति का अनुभव होता है। मंदिर के पास ही वराह मंदिर बना हुआ है, जहां पर प्राचीन वराह प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर राधे कृष्ण मंदिर भी बना हुआ है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

प्रमुख विशेषताएँ

  • प्राचीन शिव मंदिर
  • सावन और महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन
  • शांत और आध्यात्मिक वातावरण

चिंतामन गणेश मंदिर

चिंतामणि गणेश मंदिर आगर मालवा जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मोती तालाब के किनारे बना है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इस मंदिर में आकर आपको भगवान गणेश जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मोती तालाब के पास होने के कारण मंदिर का दृश्य और भी आकर्षक लगता है।

यहां पर आप आकर मोती तालाब के सुंदर दृश्य का आनंद उठा सकते हैं। गणेश उत्सव के समय मंदिर को बहुत ही अच्छी तरह से सजाया जाता है, जिससे यह मंदिर और भी सुंदर लगता है। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा और शांति का एहसास होगा। मंदिर के पास और भी मंदिर बने हुए हैं, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर भैरव जी, हनुमान मंदिर, हनुमान घाट और गार्डन और शिव मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं और दर्शन कर सकते हैं।

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श्री केवड़ा स्वामी मंदिर आगर मालवा (Sri Kevada Swamy Temple Agar Malwa)

श्री केवड़ा स्वामी मंदिर आगर मालवा जिले में एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर आगर मालवा जिले के मोती तालाब के पास में बना है। इस मंदिर में जाकर आप केवड़ा महाराज के दर्शन कर सकते हैं। इस मंदिर केवड़ा महाराज की प्रतिमा को जंजीरों से जकड़ी है और यहां पर एक खंभा भी लगाया गया है।

इसके पीछे एक मान्यता प्रसिद्ध है। कहा जाता है, कि पुराने समय में केवड़ा महाराज जी बच्चों को तालाब में फेंक दिया करते थे, जिससे लोगों ने परेशान होकर उनका जंजीर से बांधकर यहां पर खंबा लगाया है।

यह मंदिर बहुत ही सुंदर तरीके से बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है। केवड़ा महाराज जी भगवान शिव के अवतार हैं। मंदिर परिसर बहुत ही सुंदर है और मंदिर परिसर में ढेर सारे देवी देवता विराजमान है। आप यहां पर आकर मोती सागर तालाब का सुंदर दृश्य देख सकते हैं।

मां बगलामुखी मंदिर (Maa Baglamukhi Temple)

मां बगलामुखी माता मंदिर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर आगर मालवा मालवा जिले के पास नलखेड़ा में बना हुआ है। यह मंदिर लखुंदर नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आकर आप नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देख सकते हैं। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी उपलब्ध है।

मां बगलामुखी मंदिर पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है और श्रद्धालु पूरे मध्य प्रदेश से इस मंदिर में मां बगलामुखी के दर्शन करने के लिए आते हैं। मां बगलामुखी देवी दुर्गा का रूप है और मां बगलामुखी ने कई राक्षसों का विनाश किया है। यह मंदिर प्राचीन है। मंदिर परिसर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है।

मंदिर के मुख्य गर्भगृह में में मां बगलामुखी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा के दर्शन होते हैं। यह एक सिद्ध पीठ है। मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर है। मंदिर के अंदर जाने पर एक बड़ा सा दीप स्तंभ देखने के लिए मिलता है। यहां पर और भी प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर काल भैरव मंदिर बना हुआ है, जहां पर काल भैरव जी की प्राचीन प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर हनुमान मंदिर भी बना हुआ है। इस मंदिर में आकर अच्छा लगता है।

मां बगलामुखी मंदिर की खासियत

  • यहां पर नवरात्रि के समय बहुत सारे श्रद्धालु आते हैं।
  • यहां नवरात्रि के समय मेले का आयोजन होता है।
  • मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि आप जो भी मनोकामना मांगते हैं। वह पूरी होती है।
  • मंदिर का परिसर शांत और सुन्दर

श्रीनाथ धाम मंदिर नलखेड़ा (Shrinath Dham Temple Nalkheda)

श्रीनाथ धाम मंदिर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित एक और प्रसिद्ध और पवित्र धाम है। यह मंदिर श्री नाथ जी को समर्पित है। नाथ जी श्री कृष्ण जी के अवतार है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं। मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर में ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध है।

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कुंडलिया बांध नलखेड़ा (Kundalia Dam Nalkheda)

कुंडलिया बांध नलखेड़ा के पास घूमने के लिए एक सुंदर जगह है। आप यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह बांध बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत सुंदर है। यह बांध काली सिंध नदी पर बना हुआ है। इस बांध का सुंदर दृश्य बरसात के समय देखने के लिए मिलता है।

बरसात में बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और बांध का पानी ओवरफ्लो होकर बहता है। जिसका दृश्य बहुत ही आकर्षक होता है। बांध के आस-पास का दृश्य भी बहुत सुंदर लगता है। यह बांध मुख्य तौर पर सिंचाई की उद्देश्य से बनाया गया है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं।

तारकेश्वर महदेव मंदिर और त्रिवेणी संगम

तारकेश्वर महादेव मंदिर और त्रिवेणी संगम आगर मालवा जिले के नलखेड़ा के पास तखला गांव में बने हुए हैं। आप यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आकर आप इस जगह को देख सकते हैं। यह जगह धार्मिक और प्राकृतिक रूप से बहुत ही सुंदर है।

यहां पर काली सिंधु नदी और लखुंदर नदी का संगम देखने के लिए मिलता है। यहां पर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है। यह जगह शांत है और आप यहां पर कर अच्छा समय बिता सकते हैं।

पचेटी बांध आगर मालवा (Pacheti Dam Agar Malwa)

पचेटी बांध आगर मालवा जिले के पास घूमने के लिए मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। यह एक सुंदर जलाशय है, जो काफी बड़े एरिया में फैला हुआ है। यह जलाशय चारों तरफ से पहाड़ों और पेड़ पौधों से घिरा है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बरसात के समय घूमने के लिए परफेक्ट है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

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आगर मालवा घूमने का सही समय (Best Time to Visit Agar Malwa)

आगर मालवा में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का रहता है। अक्टूबर से मार्च का समय ठंड का होता है। इस समय मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। इस समय आप आकर आगर मालवा के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।

आगर मालवा कैसे पहुँचें (How to Reach Agar Malwa)

सड़क मार्ग : आगर मालवा मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप अन्य शहरों से आगर मालवा बस या अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आराम से आ सकते हैं।

रेल मार्ग : आगर मालवा का निकटतम रेलवे स्टेशन उज्जैन और शाजापुर में बना हुआ है। आप अपनी सुविधा अनुसार उज्जैन और शाजापुर में आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा आगर मालवा पहुंच सकते हैं।

हवाई मार्ग : आगर मालवा निकटतम हवाई अड्डा इंदौर में बना हुआ है। इंदौर में देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट बना हुआ है। आप इंदौर हवाई मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद अगर मालवा सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

आगर मालवा जिले का गूगल मैप लोकेशन

आगर मालवा में ठहरने की व्यवस्था

आगर मालवा में सीमित लेकिन सुविधाजनक होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। बजट यात्रियों के लिए यह स्थान उपयुक्त है।

स्थानीय भोजन और स्वाद

यहाँ का भोजन पूरी तरह से मालवी स्वाद से भरपूर है।

प्रमुख व्यंजन

  • दाल-बाटी
  • सेव-परमल
  • भुट्टे का कीस
  • कचौरी और जलेबी

क्यों जाएँ आगर मालवा?

  • शांत और कम भीड़ वाला पर्यटन स्थल
  • धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण
  • ग्रामीण संस्कृति का अनुभव
  • बजट में घूमने की सुविधा

निष्कर्ष

आगर मालवा जिला उन यात्रियों के लिए आदर्श स्थान है, जो धार्मिक, ऐतिहासिक और शांत वातावरण में समय बिताना चाहते हैं। यहाँ भले ही बड़े पर्यटन केंद्र न हों, लेकिन इसकी सादगी, आस्था और संस्कृति इसे खास बनाती है। अगर आप मध्य प्रदेश के अनदेखे पर्यटन स्थलों की खोज में हैं, तो आगर मालवा को अपनी यात्रा सूची में अवश्य शामिल करें।

 

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