अशोकनगर जिले में घूमने की जगह – इतिहास, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम
अशोकनगर जिला मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित एक प्रमुख जिला है। यह जिला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। यह जिला बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र के सीमा पर स्थित है। यहां पर ऐतिहासिक, धर्म, प्रकृति और ग्रामीण शैली का सुंदर मिश्रण देखने के लिए मिलता है।
अशोकनगर जिला अपने प्राचीन धरोहर, मंदिरों, किलों, गुफाओं और प्राकृतिक वातावरण के लिए पर्यटक के बीच में प्रसिद्ध है। इस लेख में हम अशोकनगर में घूमने की प्रमुख जगहों (Ashoknagar Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे।
अगर आप भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान की तलाश कर रहे हैं, तो अशोकनगर जिला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इस लेख में हम आपको अशोकनगर जिले में घूमने की प्रमुख जगहों (Ashoknagar Tourist Places in Hindi), इतिहास, अशोकनगर कैसे पहुंचे, अशोकनगर में घूमने का सही समय, अशोकनगर यात्रा सुझाव, अशोकनगर टूर प्लान के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे।
अशोकनगर जिला का इतिहास (Ashoknagar District History)
अशोकनगर मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है। इसका ऐतिहासिक महत्व प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक है। यह क्षेत्र कभी दशार्ण, मालव और चंदेल जैसे प्राचीन जनपदों का हिस्सा रहा, जिससे इसकी सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध मानी जाती है। प्राचीन काल में अशोकनगर में प्राचीन सभ्यताओं के प्रमाण मिलते हैं।
माना जाता है कि यह क्षेत्र मौर्य काल में भी महत्वपूर्ण था। जिले का नाम “अशोकनगर” सम्राट अशोक से जुड़ा हुआ माना जाता है, हालांकि इसका प्रत्यक्ष ऐतिहासिक प्रमाण सीमित है। यहां बौद्ध काल से संबंधित अवशेष भी आसपास के क्षेत्रों में पाए गए हैं।बेतवा नदी के किनारे ढेर सारे ऐतिहासिक अवशेष और गुफाएँ देखे जा सकते हैं।
मध्यकाल में यह क्षेत्र विभिन्न राजवंशों के अधीन रहा है। यह क्षेत्र पर मौर्य, चंदेल और बाद में तोमर शासको के अधीन रहा है। इस काल में अनेक मंदिर और स्थापत्य कला का विकास हुआ है। चंदेरी जो मुख्य रूप से, जो आज एक मुख्य ऐतिहासिक स्थल है। उसका विकास इसी समय हुआ था। चंदेरी उस समय व्यापार, कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र थी।
मुगल काल में यह क्षेत्र प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। इसके बाद मराठाओं का प्रभाव यहां देखने के लिए मिला है, विशेष कर सिंधिया वंश का। मराठा काल में यहां प्रशासनिक व्यवस्थाएं मजबूत हुई और कई कस्बा का विकास हुआ।
ब्रिटिश काल के दौरान अशोकनगर ग्वालियर रियासत का हिस्सा रहा, जो सिंधिया शासन के अधीन था। इस समय रेल मार्ग, सड़क, संपर्क का विकास हुआ, जिससे क्षेत्र में व्यापार और आवागमन बढ़ा। भारत की स्वतंत्रता के बाद अशोक नगर पहले गुना जिले का हिस्सा था।
वर्ष 2003 में इसे गुना जिले से अलग जिला बनाकर अशोकनगर गठन किया गया। वर्तमान में यह जिला कृषि विशेषकर गेहूं, सोयाबीन, चना, उत्पादन के लिए जाना जाता है। अशोकनगर जिला अपनी ऐतिहासिक विरासत, ग्रामीण संस्कृति और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है। यहां की परंपराएं, मेला, त्यौहार इसके गौरवशाली अतीत को दिखाते हैं।
अशोकनगर के आसपास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Ashoknagar Tourist Places in Hindi)
1. करीला धाम – माँ जानकी मंदिर
करीला धाम मंदिर अशोकनगर के पास सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर माता जानकी को समर्पित है। इस मंदिर के बारे में ढेर सारी मान्यताएं प्रसिद्ध है। यह मंदिर रामायण काल का माना जाता है। यह मंदिर अशोकनगर के पास बंगला चौराहा से लगभग 8km दूर अंदर स्थित है। इस मंदिर में सड़क मार्ग से जा सकते हैं। इस मंदिर में आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से आ सकते हैं।
माँ जानकी मंदिर एक ऊंचा पहाड़ पर बना है। मंदिर में दूर-दूर से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। करीला धाम का राई डांस भी पूरे इलाके में मशहूर है। माना जाता है कि इस मंदिर में आकर, आप जो भी मनोकामना मांगते हैं। वह जरूर पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने के बाद, लोग यहां पर राई डांस करते हैं। कहा जाता है कि बेड़िया जाति की महिलाएं इसके लिए करीला मंदिर में डांस करती हैं।
इस मंदिर परिसर में मां सीता का मंदिर, लव कुश का मंदिर और वाल्मीकि जी का मंदिर बना है। इस मंदिर में श्री राम जी का मंदिर नहीं बना हुआ है। इस स्थल को मां सीता की तपोभूमि माना जाता है। लव कुश का जन्म इसी स्थल पर हुआ था माना जाता है। मंदिर एरिया में सभी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध है। आप यहां पर जाकर अच्छा और शांतिपूर्ण अनुभव कर सकते हैं।
तीज त्योहारों के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें ढेर सारे लोग आते हैं। कुल मिलाकर परिवार और दोस्तों के साथ अशोकनगर के पास घूमने के लिए यह जगह अच्छी है। यहां आस-पास का नजारा देखने लायक है। करीला धाम बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है।
करीला धाम की विशेषताएँ
- प्राचीन जानकी मंदिर
- रामायण काल से जुड़ी मान्यताएँ
- नवरात्रि और रामनवमी पर विशाल मेला
- शांत और आध्यात्मिक वातावरण
2. श्री आनंदपुर धाम (Shri Anandpur Dham)
आनंदपुर धाम अशोकनगर जिले का एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक और सामाजिक केंद्र है। श्री आनंदपुर धाम को संतों की नगरी कहा जाता है। यह अशोकनगर में ईसागढ़ तहसील में स्थित है। इस जगह पहुंचाने के लिए आप अपने वाहन से या बस के द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं। आनंदपुर धाम बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है।
यहां पर ढेर सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं और शांति का अनुभव कर सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर पूरा मंदिर मार्बल से बना है, जो एक अलग तरह का एहसास दिलाता है। यहां पर सुंदर बगीचा भी बना हुआ है, जहां पर बैठ जा सकता है और सुकून महसूस किया जा सकता है। यहां पर आकर आप ध्यान कर सकते हैं। यहां पर पॉजिटिव एनर्जी महसूस होती है। यह स्थान मानसिक शांति और आत्मिक अनुभव के लिए आदर्श है।
आनंदपुर धाम की खासियत
- आध्यात्मिक शांति
- सुंदर और स्वच्छ परिसर
- धार्मिक प्रवचन और सेवा कार्य
3. चंदेरी – ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी
चंदेरी अशोकनगर जिले का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जो अपने ऐतिहासिक किलों, महलों और विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी के लिए जाना जाता है। चंदेरी अशोकनगर से करीब 60 किलोमीटर दूर है और यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। यहां पर आप बस और अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं।
चंदेरी चारों तरफ से पहाड़ियों और जंगलों से घिरा हुआ एक सुंदर नगर है। चंदेरी की साड़ियां पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। चंदेरी में घूमने के लिए प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। आप इन जगहों में घूम कर अपना अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। चंदेरी का इतिहास परमार, मुगल और मराठा काल से जुड़ा रहा है।
चंदेरी में घूमने वाली प्रमुख जगह
- चंदेरी दुर्ग
- कटी घाटी चंदेरी
- पुरातत्व म्यूजियम
- कौशिक महल
- मालन खो झरना
- दिगंबर जैन मंदिर
- लाल बावड़ी
- शहजादी का रोजा
- बत्तीसी बावड़ी
- खंदारीगिरी जैन गुफा मंदिर
- जागेश्वरी माता मंदिर
- बादल महल
- जामा मस्जिद
- भरत शाह बुंदेला की छतरी
- सिंहपुर महल
- काटोटी खाओ मंदिर एवं झरना
4. तुलसी सरोवर पार्क अशोकनगर (Tulsi Sarovar Park Ashoknagar)
तुलसी सरोवर पार्क अशोकनगर में घूमने के लिए मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। यह मुख्य शहर में बना है। यहां पर आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर एक बहुत बड़ी झील देखने के लिए मिलती है, जो काफी बड़े एरिया में फैली हुई है। इस झील को तुलसी सरोवर के नाम से जाना जाता है।
झील के किनारे पार्क बना है। यह पार्क झील के किनारे काफी बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर आकर आप सूर्यास्त का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। झील के बीच में टापू बना हुआ है, जिसमें मंदिर बना हुआ है। आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं। पार्क में ढेर सारी एक्टिविटी कर सकते हैं। यहां पर झूले लगे हुए हैं, जिसमें बच्चे एंजॉय कर सकते हैं। यह पार्क मॉर्निंग वॉक और इवनिंग वॉक के लिए बढ़िया जगह है।
5. युगल सरकार मंदिर अशोकनगर (Yugal Sarkar Temple, Ashoknagar)
युगल सरकार मंदिर अशोक नगर में बना हुआ एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर तुलसी सरोवर के पास में बना है। इस मंदिर में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर श्री राधे कृष्णा जी को समर्पित है। यह मंदिर यादव कम्युनिटी के द्वारा बनाया गया है। मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर दो मंजिला है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में श्री राधे कृष्णा जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर आपको शांति का अनुभव होगा।
6. आम्ही झील अशोकनगर (Amhi Talab Ashoknagar)
आम्ही झील अशोकनगर के पास घूमने के लिए मुख्य स्थान है। यहां पर एक बहुत बड़ा तालाब है। यह तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। इस तालाब को देखने का सबसे अच्छा समय बरसात का है, क्योंकि बरसात के समय यह तालाब पूरी तरह पानी से भर जाता है और इसका पानी ओवरफ्लो होता है, तो ऐसा लगता है कि कोई झरना बह रहा है। यहां पर आप बरसात के समय जाकर इसके सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।
आम्ही झील के किनारे ही अखेबर धाम बना है, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं। अखेबर धाम राधा कृष्ण जी का मंदिर है। यहां पर राधा कृष्ण की बहुत ही भव्य प्रतिमा विराजमान है। चारों तरफ का प्राकृतिक वातावरण है। यहां पर आप आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह अशोकनगर के पास पिकनिक के लिए एक बढ़िया जगह है।
7. श्री दिगंबर जैन दर्शनोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र थूवोन (Shri Digambar Jain Teerth Kshetra Thuvon)
श्री दिगंबर जैन तीर्थ स्थल थूवोन अशोकनगर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक और जैन धार्मिक स्थल है। यह जगह अशोकनगर से चंदेरी की तरफ जाने वाली सड़क में स्थित है। यह मंदिर घने जंगलों के अंदर बना है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर प्राचीन मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों की प्रतिमाओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
यहां पर 26 मंदिर बने हुए हैं। यहां पर भगवान श्री शांतिनाथ भगवान जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा है, जो खड़ी हुई अवस्था में है। यह प्रतिमा प्राचीन और बहुत अच्छे से तराशी गई है। यहां पर सुंदर बगीचा बना है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। यहां पर धर्मशाला और भोजशाला भी बनी हुई है। यहां पर आप अच्छा और शांतिपूर्ण अनुभव कर सकते हैं। यह मंदिर 12वीं शताब्दी के हैं।
8. हिंदू और जैन मंदिर समूह थूबोन (Hindu and Jain temple groups at Thubon)
हिंदू और जैन मंदिर समूह थूबोन एक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। थूबोन अशोकनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पर आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर थूबोन गांव है, जिसके आस-पास ढेर सारे प्राचीन मंदिरों के अवशेष देखे जा सकते हैं।
यहां पर जैन और हिंदू मंदिर बने हुए हैं, जहां पर जाकर आप इन मंदिरों को देख सकते हैं। इन मंदिरों की दीवारों में आंतरिक और बाहरी भाग में बहुत ही खूबसूरत नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। यह मंदिर खजुराहो के मंदिरों के समान है। यहां पर शिवजी, विष्णु जी, गणेश जी और देवियों को समर्पित ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं। यह प्राचीन मंदिर 10वीं और 11वीं शताब्दी के हैं। अगर आपको इतिहास में रुचि है तो आपको इस जगह घूमने के लिए आना चाहिए और इन मंदिरों को देखना चाहिए।
9. सीतामढ़ी मंदिर समूह अशोकनगर (Sitamarhi Temple Group, Ashoknagar)
सीतामढ़ी मंदिर समूह अशोक नगर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक स्थल है। यह मंदिर अशोकनगर के थूबोन गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर दक्षिण में है। यहां पर ऊंची पहाड़ी पर मंदिर समूह बना हुआ है। यहां पर सड़क मार्ग से आप अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण से घिरे हुए हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। अगर आप इतिहास प्रेमी है, तो आपको यह जगह जरूर पसंद आएगी।
यहां पर करीब 15 छोटे-बड़े मंदिर है, जिन्हें आप देख सकते हैं। यह मंदिर 10वीं और 11वीं शताब्दी के है। यहां अधिकांश मंदिर शिव भगवान जी के है। यह मंदिर खंडहर अवस्था में है। यहां पर ढेर सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं और यहां सुंदर कलाकृतियां देखने के लिए मिलती है।
10. भियादंत जैन गुफा (Bhyadant Jain Cave)
भियादंत दंत जैन गुफा अशोकनगर के पास स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह गुफाएं ओर नदी के किनारे बनी हुई है। यहां पर घना जंगल है, जिनके बीच में यह गुफाएं स्थित है। यहां पर ढेर सारे जैन संतों की मूर्तियां बनी हुई है। साथ ही यहां पर हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों की बनी हुई है। यहां पहाड़ी को काटकर इन मूर्तियों को बड़ी खूबसूरती से तराशा गया है।
यहां पर ब्रह्मा, विष्णु, शिवजी, गणेश और अन्य देवियों की मूर्तियां बनी है। यहां पर बरसात और ठंड के समय आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां का वातावरण बहुत अच्छा और आकर्षण होता है। यहां और नदी का नजारा देखने लायक रहता है। यहां आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यहां पर आने के लिए आपको काफी ऑफ रोडिंग करनी पड़ती है। यह जगह ईसागढ़ और चंदेरी हाईवे मार्ग से काफी अंदर है।
11. बूढ़ी चंदेरी दिगंबर जैन मंदिर (Budhi Chanderi Digambar Jain Temple)
बूढ़ी चंदेरी अशोकनगर के पास घूमने के लिए एक प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान है। यहां पर ढेर सारे प्राचीन जैन मंदिर और हिंदू मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह चंदेरी के पास घने जंगलों के अंदर स्थित है। यहां पर जाने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपने वाहन से आराम से घूमने के लिए जा सकते हैं।
यहां पर जंगल एरिया है और जंगल एरिया के अंदर ढेर सारे प्राचीन हिंदू और जैन मंदिर बने हुए हैं। वैसे यहां पर इन मंदिरों के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर जाकर इन मंदिरों के अवशेष देख सकते हैं। यहां बहुत सुंदर कलाकृतियां देखी जा सकती है। साथ ही साथ यहां पर प्राकृतिक दृश्य का भी आनंद लेने के लिए मिलता है।
12. भरका जलप्रपात अशोकनगर (Bharka Falls Ashoknagar)
भरका जलप्रपात अशोकनगर के पास घूमने के लिए प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर स्थल है। यह जलप्रपात ओर्र नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात दीवलों गांव के पास बना हुआ है। आप यहां पर सड़क मार्ग के द्वारा अपने गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं।
बरसात और ठंड के समय जलप्रपात में पानी रहता है और यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर लगता है। जलप्रपात के आसपास चट्टानें देखने के लिए मिलती है, जो इस जगह को और भी आकर्षक बनाती है। यहां पर घना जंगल है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह जगह अशोकनगर के पास देखने के लिए बहुत बढ़िया है।
अशोकनगर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Ashoknagar)
अशोकनगर में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है। इस दौरान मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। इस समय आप अशोकनगर के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। आप यहां बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय आप अशोकनगर के आसपास के जंगलों और पहाड़ों की सैर कर सकते हैं। अशोकनगर के आसपास ढेर सारे झरने हैं, जहां की सैर आप कर सकते हैं।
अशोकनगर कैसे पहुँचें (How to Reach Ashoknagar)
सड़क मार्ग : अशोकनगर में सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। अशोकनगर मुख्य शहरों से अच्छी तरह कनेक्ट है। अशोकनगर जिला ग्वालियर, गुना, झाँसी और भोपाल से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।अशोकनगर में आप बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।
रेल मार्ग : अशोकनगर शहर में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। अशोकनगर रेलवे स्टेशन प्रमुख रेल मार्ग पर स्थित है। यहां पर सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन आती है। आप यहां पर रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। उसके बाद अन्य जगहों में सड़क मार्ग से जा सकते हैं।
हवाई मार्ग : अशोकनगर का निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर में बना हुआ है। आप ग्वालियर में वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद अशोक नगर में सड़क मार्ग के द्वारा जा सकते हैं। अशोकनगर में पहुंचने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है।
अशोकनगर जिले का गूगल मैप लोकेशन
अशोकनगर में ठहरने की व्यवस्था
अशोकनगर और चंदेरी में होटल, लॉज, धर्मशाला और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। बजट और सामान्य दोनों तरह के विकल्प मिल जाते हैं।
स्थानीय भोजन और स्वाद
अशोकनगर का भोजन बुंदेलखंडी और मालवी स्वाद से भरपूर है।
प्रमुख व्यंजन
- दाल-बाटी
- कचौरी
- पूड़ी-सब्जी
- जलेबी और लड्डू
क्यों जाएँ अशोकनगर जिला?
- करीला धाम जैसा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल
- चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहर
- शांत और कम भीड़ वाला पर्यटन स्थल
- ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य
- बजट फ्रेंडली यात्रा
निष्कर्ष
अशोकनगर जिला मध्य प्रदेश का एक ऐसा पर्यटन स्थल है, जहाँ इतिहास, धर्म और प्रकृति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। करीला धाम, चंदेरी और आनंदपुर धाम जैसे स्थल इसे विशेष बनाते हैं। यदि आप आध्यात्मिक शांति, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करना चाहते हैं, तो अशोकनगर जिला आपकी यात्रा सूची में अवश्य होना चाहिए।
