टीकमगढ़ जिले में घूमने की जगह – ऐतिहासिक धरोहर, किले, मंदिर और प्राकृतिक सौंदर्य
टीकमगढ़ जिला मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख जिला है। यह जिला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जिला है। टीकमगढ़ जिला अपने प्राचीन किलों, राजमहल, मंदिरों और वीर योद्धाओं की गाथाओं के लिए प्रसिद्ध है। टीकमगढ़ के पास ओरछा नगर बहुत प्रसिद्ध है। यह नगर अपने इतिहास के कारण और प्राचीन महलों के कारण प्रसिद्ध है।
इस टीकमगढ़ जिले का शांत वातावरण ऐतिहासिक विरासत पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इस लेख में हम टीकमगढ़ जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल (Tikamgarh Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे। अगर आप इतिहास, संस्कृति, धार्मिक स्थल और शांत पर्यटन स्थलों में रुचि रखते हैं, तो टीकमगढ़ जिला आपके लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है।
इस लेख में हम आपको टीकमगढ़ जिले के पास में घूमने की प्रमुख जगहों (Tikamgarh Tourist Places in Hindi), टीकमगढ़ का इतिहास, टीकमगढ़ कैसे पहुंचे, टीकमगढ़ घूमने का सही समय, टीकमगढ़ यात्रा सुझाव, टीकमगढ़ टूर प्लान के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे।
टीकमगढ़ जिले का इतिहास (Tikamgarh district History)
टीकमगढ़ मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रसिद्ध और सुन्दर जिला है। यह जिला अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह जिला अपने प्राचीन किले, मंदिर और बुंदेला शासको के गौरवशाली इतिहास के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। टीकमगढ़ जिला पहले ओरछा रियासत का हिस्सा था। वर्ष 1783 में ओरछा राज्य की राजधानी टीकमगढ़ लाई गई थी, जिसके बाद यह एक प्रमुख प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र बना।
टीकमगढ़ क्षेत्र में प्राचीन काल से ही मानव के रहने का एक प्रमुख स्थल था। यहां से प्राप्त पुरातात्विक अवशेष से संकेत मिलता है, कि यह क्षेत्र वैदिक काल से उत्तर वैदिक काल तक इस क्षेत्र में मानव रहते थे। यह क्षेत्र कभी चेदि, मौर्य और गुप्त साम्राज्य के प्रभाव में रहा। गुप्त काल में यहां धर्म, कला और स्थापत्य का विशेष विकास हुआ।
मध्यकाल टीकमगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण समय रहा है। 14वें 15वीं शताब्दी में यहां बुंदेला राजपूत का उदय हुआ। बुंदेलों ने इस क्षेत्र में स्वतंत्र सत्ता स्थापित की और कई किले, तालाब व मंदिरों का निर्माण कराया। टीकमगढ़ का नाम भगवान कृष्ण के नाम पर पड़ा माना जाता है। ओरछा राज्य के संस्थापक महाराजा रुद्र प्रताप सिंह के वंशजों ने टीकमगढ़ को अपनी राजधानी बनाया। 18वीं शताब्दी में महाराजा छत्रसाल और उनके उत्तराधिकारियों के समय यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से सशक्त रहा।
18 वीं शताब्दी में बुंदेलखंड में मराठाओं का प्रभाव बढ़ा। टीकमगढ़ मराठा शासन के अधीन आया। इसके बाद 19वीं शताब्दी में यह क्षेत्र ब्रिटिश शासन के अंतर्गत एक रियासत के रूप में शामिल हुआ।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान टीकमगढ़ के लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। यहां के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लिया है और अपना बलिदान दिया है। स्वतंत्रता के बाद 1956 में राज्य पुनर्गठन के साथ टीकमगढ़ को मध्य प्रदेश राज्य में शामिल किया गया। धीरे-धीरे यह जिला प्रशासनिक शैक्षणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विकसित हुआ।
टीकमगढ़ जिले में घूमने की प्रमुख जगहें (Tikamgarh Tourist Places in Hindi)
1. टीकमगढ़ किला (टीकमगढ़ दुर्ग)
टीकमगढ़ का किला टीकमगढ़ जिले के शहर के बीचो-बीच स्थित है। यह किला टीकमगढ़ के प्रमुख ऐतिहासिक स्थानों में से एक है। यह किला पर बना हुआ है। इस किले में बुंदेलखंड की प्राचीन स्थापत्य कला देखने के लिए मिलती है।
यह किला दशहरे के समय खोला जाता है, तब आप इस किले में जाकर घूम सकते हैं। किले से चारों तरफ का बहुत ही शानदार दृश्य देखने के लिए मिलता है। किले के अंदर ढेर सारी प्राचीन वस्तुओं का संग्रह किया गया है। यहां पर प्राचीन मूर्तियां और राजा महाराजा के द्वारा इस्तेमाल की गई चीज देखी जा सकती है। यह किला इतिहास प्रेमियों के लिए अत्यंत आकर्षक स्थल है।
टीकमगढ़ किले की विशेषताएँ
- विशाल और मजबूत किलेबंदी
- ऐतिहासिक महल और भवन
- आसपास का सुंदर दृश्य
- बुंदेला शासकों की गौरवशाली कहानी
2. महेंद्र तालाब टीकमगढ़ (Mahendra Talab Tikamgarh)
महेंद्र सागर तालाब टीकमगढ़ में देखने लायक प्रमुख जगहों में से एक है। यह तालाब ताल कोठी रोड पर बना है। तालाब के आसपास ढेर सारे ऐतिहासिक स्मारक है जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर धार्मिक मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं।
यह तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बरसात के समय, यह तालाब पानी से भर जाता है। इस तालाब में ढेर सारे कमल के फूल लगे हुए हैं। तालाब के किनारे ताल कोठी प्राचीन स्मारक बना है, जब जो एक पीजी कॉलेज में बदल दिया गया है। यह बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत लगता है।
तालाब के बीच में टापू बना है, जहां पर एक प्राचीन स्मारक देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। तालाब के किनारे सुंदर गार्डन बना हुआ है और तालाब के पास ही में सुंदर घाट बना हुआ है। यहां पर भगवान शिव का मंदिर भी बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर श्री प्राप्तेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
3. श्री राम मंदिर नजर बाग (Shri Ram Temple, Nazar Bagh)
श्री राम मंदिर नजर बाग टीकमगढ़ मुख्य शहर में घूमने के लिए एक प्रमुख स्थान है। यह मंदिर टीकमगढ़ मुख्य शहर में गांधी चौराहे के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से पब्लिक ट्रांसपोर्ट से या अपने वाहन से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही सुंदर और प्राचीन है।
मंदिर के मुख्य गर्भगृह में श्री राम जी, माता सीता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। राम जन्मोत्सव के दौरान यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर बुंदेलखंड स्टाइल में बना हुआ है और बहुत ही सुंदर है। मंदिर के सामने गार्डन भी बना है, जहां पर आप जाकर बैठ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं।
4. कुंडेश्वर धाम टीकमगढ़ (Kundeshwar Dham Tikamgarh)
कुंडेश्वर धाम टीकमगढ़ के पास घूमने के लिए प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर स्थान है। यह स्थल भगवान शिव को समर्पित है। यह शिव भक्तों के लिए पवित्र और आध्यात्मिक स्थान है। यहां पर शिव भक्त भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर को लेकर ढेर सारी मान्यताएं हैं। यहां पर शिव भगवान जी का अनोखा शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक कुंड बना है, जिसके कारण इस जगह को कुंडेश्वर धाम के नाम से जाना जाता है।
कुंडेश्वर धाम मंदिर टीकमगढ़ से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। यहां पर आप अपने वाहन या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यहां पर बहुत ही सुंदर मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में भगवान शिव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही अद्भुत है। यह शिवलिंग बहुत ही यूनिक है।
मंदिर के पास में ही नदी बहती है, जिसमें कुंड बना है और बरसात के समय यहां पर जलप्रपात भी देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यह जगह बहुत ही आकर्षक लगती है। यहां पर आसपास जंगल का दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर लोग नहाने का आनंद उठाते हैं।
कुंडेश्वर धाम की खासियत
- भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मंदिर
- बसंत पंचमी और मकर संक्रांति के समय विशाल मेले का आयोजन
- बरसात में चारों तरफ हरियाली
- सुंदर प्राकृतिक दृश्य
- शांत वातावरण और मन को सुकून
5. मोहनगढ़ का किला टीकमगढ़ (Mohangarh Fort Tikamgarh)
मोहनगढ़ टीकमगढ़ के पास एक सुंदर सा कस्बा है। मोहनगढ़ अपने प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक स्थान और धार्मिक जगह के लिए प्रसिद्ध है। मोहनगढ़ में आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह टीकमगढ़ से करीब 30 किलोमीटर दूर है। मोहनगढ़ में पहाड़ी पर एक किला बना हुआ है, जिसे मोहनगढ़ किले के नाम से जाना जाता है। किले की तलहटी पर एक सुंदर झील है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।
बरसात के समय यह झील पानी से भर जाती है। यहां पर ढेर सारे प्राचीन मंदिर हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। मोहनगढ़ किले के अंदर प्राचीन विष्णु मंदिर बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। इस मंदिर के गर्भ गृह में बहुत ही आकर्षक काले रंग की विष्णु भगवान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप मोहनगढ़ में घूमने के लिए आ सकते हैं और इन सभी जगह में घूम सकते हैं। टीकमगढ़ के पास एक दिन की यात्रा के लिए यह बढ़िया जगह है।
6. सूर्य मंदिर टीकमगढ़ (Surya Temple Tikamgarh)
सूर्य मंदिर टीकमगढ़ के पास मरखेड़ा गांव में बना एक प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान है। यह मंदिर टीकमगढ़ से 20 किलोमीटर दूर टीकमगढ़ झांसी मार्ग पर स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है और बहुत सुंदर है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थर से बना हुआ है। सूर्य मंदिर 9वीं सदी में प्रतिहार शासकों ने बनवाया था। मंदिर का द्वार पूर्व की ओर है और यह एक ऊंची चबूतरे पर बनाया गया है।
तल योजना के अनुसार मंदिर में गर्भगृह, अंतराल और महा मंडप है। मंदिर की दिवार में गणेश, कार्तिकेय, पार्वती और सुर सुंदरियों की मूर्तियां बनी हुई है। मंदिर का शिखर नागर स्टाइल में बना हुआ है और यह बहुत सुंदर लगता है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में सूर्य देव की बहुत ही सुंदर प्रतिमा विराजमान है। आप यहां पर सूर्य देव के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं।
7. बल्देवगढ़ का किला टीकमगढ़ (Baldevgarh Fort Tikamgarh)
बल्देवगढ़ का किला टीकमगढ़ से 25 किलोमीटर दूर टीकमगढ़ छतरपुर मार्ग पर स्थित है। यह किला टीकमगढ़ के पास बल्देवगढ़ कस्बे में बना है। यह किला पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले की तलहटी पर एक विशाल झील बनी हुई है, जैसे ग्वाल तालाब या बल्देवगढ़ झील के नाम से जाना जाता है।
यह किला बहुत ही सुंदर और आकर्षक लगता है। किले के ऊपर से झील के सुंदर दृश्य को देखा जा सकता है और आसपास के पहाड़ियों का दृश्य देखा जा सकता है। बल्देवगढ़ के किले का निर्माण महाराज विक्रमजीत सिंह ने किया था।
महाराज विक्रमजीत सिंह बुंदेला ने मराठों के आतंक से भयभीत होकर 1783 ईस्वी में अपनी राजधानी ओरछा से टीकमगढ़ स्थानांतरित किया था और यहां पर उन्होंने सैन्य स्थिति को सुधारने और युद्ध सामग्री को इकट्ठा करने के लिए किले का निर्माण किया था। किले में ढेर सारी प्राचीन वस्तुएं और तोप देखी जा सकती है। यह दुर्ग बुंदेला स्थापत्य का सुंदर नमूना है। यह टीकमगढ़ में घूमने के लिए बढ़िया जगह है। अगर आप टीकमगढ़ आए, तो यहां पर आकर इस किले को देख सकते हैं।
8. मांची झरना टीकमगढ़ (Manchi Waterfall Tikamgarh)
मांची जलप्रपात टीकमगढ़ के पास घूमने के लिए एक प्रसिद्ध और सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात जतारा के पास मांची गांव में बना है। इस जलप्रपात में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह जलप्रपातबहुत सुंदर है। मांची जलप्रपात के आसपास बड़ी-बड़ी चट्टानों और पहाड़ी देखी जा सकती है।
आप झरने के नीचे नहाने का भी आनंद ले सकते हैं। यह झरना मुख्य रूप से बरसात के समय ही देखने के लिए मिलता है। बरसात और ठंड के समय जलप्रपात का नजारा देखने लायक रहता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ टीकमगढ़ के पास समय बिताने के लिए बहुत ही बढ़िया है।
9. ओरछा टीकमगढ़ (Orchha Tikamgarh)
ओरछा टीकमगढ़ के पास स्थित एक नगर है। ओरछा नगर टीकमगढ़ से 70 किलोमीटर दूर है। यहां पर घूमने के लिए आप आ सकते हैं। यह झांसी के बहुत करीब है। यहां पर आप रेल मार्ग से और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं और ओरछा के सभी पर्यटन स्थलों में घूम सकते हैं। ओरछा में घूमने वाले प्रमुख स्थल – ओरछा का किला, राम मंदिर, ओरछा अभयारण्य, शाही छतरियां, रामराजा मंदिर, हरदोल वाटिका, बेतवा नदी का सुंदर दृश्य।
10. अहारजी जैन तीर्थ (Aharji Jain Shrine)
अहारजी जैन तीर्थ स्थल टीकमगढ़ के पास घूमने के लिए एक प्रमुख स्थल है। यह एक सिद्ध क्षेत्र है। यहां पर प्राचीन जैन प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर भगवान शांतिनाथ का मंदिर प्रमुख है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है और शांतिनाथ भगवान जी की मूर्ति बहुत ही आकर्षक है। यहां पर पहाड़ी के ऊपर मंदिर बना हुआ है, जो बहुत ही सुंदर है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह टीकमगढ़ के पास अहार गांव में बना है।
11. बान सुजारा बांध टीकमगढ़ (Ban Sujara Dam Tikamgarh)
बान सुजारा बांध टीकमगढ़ के पास घूमने के लिए एक बढ़िया जगह है। यह बांध धसान नदी पर बना हुआ है। यह बांध बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर आप पिकनिक मनाने पर आ सकते हैं। यह बांध बरसात के समय बहुत सुंदर लगता है। बरसात के समय बांध का पानी ओवरफ्लो होकर बहता है, जिसका दृश्य बहुत ही आकर्षक होता है। बांध में 10 गेट है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह बांध टीकमगढ़ के पास में हाईवे रोड से दूर बान सुजारा गांव के पास बना है।
टीकमगढ़ घूमने का सही समय (Best Time to Visit Tikamgarh)
टीकमगढ़ घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है। इस दौरान मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। इस दौरान आप टीकमगढ़ के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। टीकमगढ़ के आसपास ढेर सारे स्थल है, जो देखने लायक है। बरसात के समय यहां के डैम और अन्य प्राकृतिक स्थलों की सैर कर सकते हैं। महाशिवरात्रि और अन्य त्योहारों के समय यहाँ विशेष रौनक देखने को मिलती है।
टीकमगढ़ कैसे पहुँचें (How to Reach Tikamgarh)
सड़क मार्ग : टीकमगढ़ में सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। टीकमगढ़ में हाईवे मार्ग गुजरता है, जिसके द्वारा यह अन्य शहरों से अच्छी तरह कनेक्ट है। टीकमगढ़ जिला झांसी, छतरपुर, ललितपुर, सागर, ग्वालियर से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। आप यहां पर बस के द्वारा या अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के द्वारा आ सकते हैं।
रेल मार्ग : टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन मुख्य शहर में बना हुआ है। टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन प्रमुख रेल मार्ग पर स्थित है। यहां पर सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन आती है। आप यहां पर रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : टीकमगढ़ का नजदीकी हवाई अड्डा ग्वालियर में बना हुआ है। आप ग्वालियर में वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद टीकमगढ़ सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।
टीकमगढ़ जिले का गूगल मैप लोकेशन
टीकमगढ़ में ठहरने की व्यवस्था
टीकमगढ़ शहर और कुंडेश्वर क्षेत्र में होटल, धर्मशालाएँ और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। बजट और सामान्य श्रेणी के विकल्प आसानी से मिल जाते हैं।
स्थानीय भोजन और स्वाद
टीकमगढ़ का भोजन पूरी तरह बुंदेलखंडी स्वाद से भरपूर है।
प्रमुख व्यंजन
- दाल-बाटी
- बेसन की सब्जी
- कचौरी
- जलेबी और पेड़ा
क्यों जाएँ टीकमगढ़ जिला?
- प्राचीन किले और ऐतिहासिक धरोहर
- कुंडेश्वर धाम जैसा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल
- तालाबों और झीलों की सुंदरता
- बुंदेलखंडी संस्कृति का अनुभव
- शांत और कम भीड़ वाला पर्यटन स्थल
निष्कर्ष
टीकमगढ़ जिला मध्य प्रदेश का एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ इतिहास, धर्म और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। कुंडेश्वर धाम, टीकमगढ़ किला, तालाब और बुंदेलखंडी परंपराएँ इसे विशेष बनाती हैं। यदि आप इतिहास और आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं, तो टीकमगढ़ जिला आपकी यात्रा सूची में अवश्य शामिल होना चाहिए।
