बुरहानपुर में घूमने के 15+ प्रमुख पर्यटन स्थल : Amazing Burhanpur Tourist Places in Hindi

बुरहानपुर जिला में घूमने की जगह – एक ऐतिहासिक और प्राकृतिक यात्रा गाइड

बुरहानपुर जिला मध्य प्रदेश के दक्षिणी पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है। यह जिला अपनी समृद्धि विरासत, प्राचीन इतिहास, प्राचीन किलों और मस्जिदों के लिए प्रसिद्ध है। यह किला ताप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है। इस जिले में प्राकृतिक और संस्कृति सुंदर का अनोखा मिश्रण देखने के लिए मिलता है। बुरहानपुर में घूमने के लिए ढेर सारी जगह है, जहां पर जाकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

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इस लेख में हम बुरहानपुर में घूमने की प्रमुख जगह (Burhanpur Tourist Places in Hindi), बुरहानपुर कैसे पहुंचे, बुरहानपुर में घूमने का सही समय, बुरहानपुर टूर प्लान, और बुरहानपुर यात्रा सुझाव के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे।

बुरहानपुर जिला का इतिहास (Burhanpur district History)

बुरहानपुर का इतिहास बहुत ही रोचक रहा है। बुरहानपुर जिला मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित है। यह नगर ताप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है। यह जिला अपने समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक स्थापत्य विरासत के लिए प्रसिद्ध है। ताप्ती नदी के किनारे बसा बुरहानपुर प्राचीन काल से ही व्यापार, प्रशासन और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

प्राचीन काल में, बुरहानपुर में मौर्य और गुप्त काल का प्रभाव देखने के लिए मिलता है। प्राचीन व्यापार मार्गों पर स्थित होने के कारण यहाँ व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता रहा। मध्यकाल में बुरहानपुरका विशेष योगदान रहा है। बुरहानपुर 15वीं शताब्दी में फारूकी वंश के अधीन रहा है। 1400 ईस्वी के आसपास फारूकी सुल्तानों ने बुरहानपुर को अपनी राजधानी बनाया। इस काल में नगर एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ।

बाद में बुरहानपुर मुगल साम्राज्य के अधीन आया। मुगलों के शासनकाल में यह शहर दक्षिण भारत और उत्तर भारत को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बना। सम्राट अकबर, जहाँगीर और शाहजहाँ का इस नगर से विशेष संबंध रहा। जहाँगीर की पत्नी मुमताज़ महल का निधन बुरहानपुर में हुआ था, जिनकी स्मृति में शाहजहाँ ने ताजमहल का निर्माण कराया।

इसी समय मुगल काल में ही बुरहानपुर में कई ऐतिहासिक इमारत का निर्माण हुआ था। यहां पर असीरगढ़ का किला, जामा मस्जिद, बीवी का मकबरा जैसी प्रसिद्ध औरअद्भुत इमारतें इस समय बनाई गई थी। मुगल साम्राज्य के पतन के बाद बुरहानपुर में मराठाओं का अधीन शासन हुआ।

मराठा शासन के समय बुरहानपुर शहर का आर्थिक महत्व बना रहा। 19वीं सदीं में बुरहानपुर में अंग्रेज शासन के अधीन आया। ब्रिटिश शासनकाल में यहां आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्थाएं लागू हुई। सड़के और अन्य बुनियादी ढांचे विकसित किए गए। इस समय बुरहानपुर में ब्रिटिश शासन का राज्य था। मगर बुरहानपुर में स्वतंत्रता संग्राम में भी लोग अपनी भागीदारी दिखा रहे थे। यहां के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर भाग लिया था।

इस दौरान यह क्षेत्र मराठा प्रशासन और व्यापार का केंद्र बना। मराठा शासन में भी शहर का आर्थिक महत्व बना रहा। 19वीं सदीं में बुरहानपुर अंग्रेजों के अधीन आया। ब्रिटिश शासन काल में यहां आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्थाएं लागू हुई। सड़के और अन्य बुनियादी ढांचे विकसित किए गए। स्वतंत्रता के पश्चात बुरहानपुर मध्य प्रदेश राज्य में विलय हो गया और 2003 में इसे अलग करके एक नया जिला बनाया गया।

बुरहानपुर के आस-पास घूमने की प्रमुख पर्यटन स्थल (Burhanpur Tourist Places in Hindi)

बुरहानपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल (Major historical sites of Burhanpur)

आसिरगढ़ किला (Asirgarh Fort)

असीरगढ़ का किला बुरहानपुर के पास एक ऐतिहासिक स्थल है। यह किला बुरहानपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर उत्तर में सतपुड़ा के पहाड़ियों पर स्थित है। इस किले को प्राचीन समय में ढक्कन की चाबी कहा जाता था, क्योंकि इस किले को जीतने के साथ ही दक्षिण भारत के मार्गों पर नियंत्रण संभव हो जाता था। इस किले में आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है।

असीरगढ़ का किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले तक आप अपनी बाइक और कार से आराम से पहुंच सकते हैं। किले के ऊपर तक जाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यहां पर थोड़ा सा रास्ता पैदल चलना पड़ता है। किले के अंदर ढेर सारी प्राचीन इमारतें बनी हुई है, जो अब खंडहर में तब्दील हो गए हैं।

किले के अंदर प्राचीन मंदिर, मस्जिद, तालाब, ब्रिटिश कॉलोनी, फांसी घर, बावड़ी प्राचीन शंकर जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। किले से चारों तरफ का प्राचीन और सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

किले के अंदर एक प्राचीन महादेव मंदिर बना हुआ है, जिसके बारे में ढेर सारी मान्यताएं हैं। इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। कहा जाता है कि आज भी अश्वत्थामा यहां पर आकर सुबह भगवान शंकर जी की पूजा करते हैं। असीरगढ़ का किला बुरहानपुर के पास बरसात के समय और ठंड के समय घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। आप यहां पर आकर पिकनिक बना सकते हैं।

मुख्य आकर्षण:

  • प्राचीन किले की दीवारें और गोले
  • भीतर स्थित शिव मंदिर, मस्जिद और पुरानी हवेलियाँ
  • किले से आसपास के गांव और घाटियों का मनोरम दृश्य

शाही क़िला (Shahi Qila)

शाही क़िला बुरहानपुर शहर के पास स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक किला है जो फ़रुक़ी और मुगल काल में बनाया गया था। यह किला बुरहानपुर में ताप्ती नदीके किनारे बना है। इस महल में घूमने के लिए आप आसानी से सड़क मार्ग से पब्लिक ट्रांसपोर्ट या अपने वाहन से आ सकते हैं। इस किले के अंदर ढेर सारे स्थल हैं, जो देखने लायक है।

आप यहां पर आकर दीवाने आम, दीवाने खास, शाही हमाम देख सकते हैं। शाही हमाम इस किले में देखने लायक सबसे खास जगह है। शाही इमाम शाहजहां की पत्नी मुमताज के लिए बनाया गया था। शाही हमाम बहुत ही सुंदर है और इसकी स्थापत्य कला देखने लायक है।

इसके छत पर सुंदर चित्रकारी की गई है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। आप यहां पर महल के छत से ताप्ती नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। ताप्ती नदी के किनारे सुंदर घाट भी बना हुआ है। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। शाही महल में प्रवेश के लिए प्रवेश शुल्क लिया जाता है। यह किला अब अधिकतर भग्नावशेषों में है, परंतु जो भाग अभी भी उपस्थित है वह इतिहास-प्रेमियों के लिए बेहद आकर्षक है।

मुख्य आकर्षण: 

  • किले की दीवारें और पुरातन मूर्तिकला
  • महल का खास हिस्सा हम्माम (Royal Bath) – मुगल कालीन निर्मित बाथहाउस जिसमें नक्काशीदार चित्र और कलाकृतियाँ अभी भी संरक्षित हैं।
  • कुछ हिस्सों में दीवारों पर जटिल चित्र

काला ताजमहल बुरहानपुर (Black Taj Mahal)

काला ताजमहल या शाहनवाज खान की मकबरा बुरहानपुर में घूमने का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थान है। यह स्मारक काला ताजमहल के नाम से मशहूर है। यह स्मारक देखने में हूबहू ताजमहल के समान में लगती है। मगर यह काले पत्थरों से बनी हुई है, इसलिए इसे काला ताजमहल के नाम से जाना जाता है। यह देखने में बहुत ही आकर्षक लगती है।

काला ताजमहल बुरहानपुर शहर में उतावली नदी के किनारे बनी हुई है। उतावली नदी ताप्ती नदी की सहायक नदी है। आप यहां पर आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। शाहनवाज खान अब्दुल रहीम खाने खाना के बड़े बेटे थे। इन्होने सम्राट जहांगीर की ढक्कन में विजय प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस स्मारक के अंदर शाहनवाज खान की कब्र बनी हुई है।

स्मारक के बाहर बड़ा बगीचा बना हुआ है, जहां पर ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं। इस स्मारक के पास में ही उतावली नदी बहती है, जिसका दृश्य देखने लायक है। यहां पर पास में ही एक महल के खंडहर देखने के लिए मिलते हैं।

इस महल को पानदान के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इसका आकार पान रखने के बर्तन के समान है। यह महल खंडहर अवस्था में यहां पर मौजूद है। आप जब भी बुरहानपुर आते हैं, तो आपको इस जगह पर जरूर घूमने के लिए आना चाहिए।

मुख्य आकर्षण: 

  • काले पत्थर से निर्मित है
  • चारों ओर एक बगीचे में स्थित है
  • वास्तुकला में गुजरात, दक्कन और दिल्ली सल्तनत की शैली का समन्वय दिखता है

अकबरी सराय बुरहानपुर (Akbari Sarai Burhanpur)

अकबरी सराय बुरहानपुर मुख्य शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थान है। यहां पर एक प्राचीन सराय देखने के लिए मिलती है। सराय का उपयोग प्राचीन समय में मेहमानों को ठहरने के लिए किया जाता था। यह सराय बहुत ही अच्छी तरह बनी हुई है और समय के साथ सारी खंडहर में तब्दील होती जा रही है।

यह सराय मुगल बादशाह जहांगीर के शासनकाल में बनाई गई थी। सराय का मुख्य दरवाजा लगभग 30 फीट ऊंचा है और यह काले पत्थरों से बना हुआ है। सराय में 110 कमरे हैं। अगर आप बुरहानपुर आते हैं, तो आपको इस जगह पर आना चाहिए और इस सराय को देखना चाहिए।

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खूनी भंडारा या कुंडी भंडारा बुरहानपुर (Khooni Bhandara or Kundi Bhandara Burhanpur)

खूनी भंडारा या कुंडी भंडारा के नाम से मशहूर यह जगह बुरहानपुर के एक मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। यह एक एडवेंचरस प्लेस के रूप में भी पर्यटकों के लिए जाना जा सकता है, क्योंकि यहां पर भूमि के निचे एक अलग ही संरचना देखने के लिए मिलती है, जो भूमि के 80 फीट नीचे बनी हुई है। इसके लिए लिफ्ट लगी हुई है, जिससे आप नीचे जा सकते हैं और इस संरचना को देख सकते हैं।

जमीन के निचे जाकर आप पानी सप्लाई नेटवर्क का पुराना सिस्टम देख सकते हैं, जहां पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है। इसका एक्सपीरियंस एक शानदार अनुभव रहता है। आपके यहां पर जाकर आनंद आएगा। यह जगह बुरहानपुर मुख्य शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। आप यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से या अपने वाहन से घूमने के लिए आ सकते हैं।

खूनी भंडारा की खास बातें :

  • इन नहर का निर्माण 1615 में अब्दुल रहीम खान ए खाना ने करवाया था, जो उस समय बुरहानपुर के शासक थे।
  • यह उस समय पानी सप्लाई करने और संग्रहण करने की प्रणाली थी, जो आज की मॉडर्न टेक्नोलॉजी से बेहतर है।

 बारादरी बुरहानपुर

बारादरी बुरहानपुर शहर की मुख्य ऐतिहासिक स्थानों से एक है। यह जगह बुरहानपुर में ताप्ती नदी के किनारे स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आते हैं आ सकते हैं और प्राचीन स्मारकों को देख सकते हैं। यहां गार्डन बना है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। यहां पर ताप्ती नदी का भी सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जगह शांतिपूर्वक समय बिताने के लिए अच्छी है।

आहूखाना बुरहानपुर (Ahukhana Burhanpur)

आहूखाना बुरहानपुर का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। ये जगह बहुत ही खास है, क्योंकि इस जगह पर शाहजहां की पत्नी मुमताज जी को दफनाया गया था। शाहजहां की पत्नी मुमताज 14 वें बच्चों को जन्म देते हुए 1631 में उनकी मृत्यु हो गई थी। तब उनके पार्थिव शरीर को यहीं पर 6 महीने तक दफनाया गया था। उसके बाद आगरा ले जाया गया था।

आहूखाना को हिरण पार्क के नाम से भी जाना जाता था। यह तापी नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर पुराने समय पर खूबसूरत बगीचा था, जिसमें फववारे और पेड़ पौधे लगे हुए थे। समय के साथ यह जगह धीरे-धीरे नष्ट होती जा रही है। अगरआप बुरहानपुर आते हैं, तो यहां पर भी आ सकते हैं। यहां पर आप आते हैं, तो अपने साथ पानी वगैरह जरूर लेकर आए, क्योंकि यहां पर किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है।

बेगम शाह शुजा मकबरा

बेगम शाह शुजा मकबरा बुरहानपुर में घूमने के लिए एक प्रमुख स्मारकों में से एक है। यह स्मारक मुख्य बुरहानपुर शहर के पास में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से जा सकते हैं। यह मकबरा 16वीं शताब्दी के आसपास बनाया गया था। यह मकबरा शाहजहां की बहू बिलकिस बानू के लिए बनाया गया था। इस मकबरे के बाहर सुंदर बगीचा बना हुआ है और अंदर कब्र बनी हुई है। यहां पर दीवारों में और छत में सुंदर पेंटिंग देखी जा सकती है।

नादिर शाह का मकबरा

नादिर शाह का मकबरा बुरहानपुर में घूमने का एक ऐतिहासिक स्थान है। यह मकबरा मुख्य शहर के बाहरी एरिया में बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से जा सकते हैं। यहां पर आप दिन के समय जाकर घूम सकते हैं। यह मकबरा बहुत सुंदर है। मकबरे के भीतर कब्र बनी हुई है। यहां पर दो मकबरे बने हुए हैं। दोनों का डिजाइन और स्थापत्य कला समान है। मकबरा चारों तरफ से दीवार से घिरा हुआ है।

महल गुलारा

महल गुलारा बुरहानपुर के पास घूमने के लिए एक सुंदर और अद्भुत संरचनाओं में से एक है। यह महल बुरहानपुर के पास करारा गाँव में उतावली नदी के बीच में बना हुआ है। इस महल को बहुत ही यूनीक स्टाइल में बनाया गया है। नदी के दोनों किनारो में महल बनाए गए हैं और नदी को बांधा गया है, जिस से यहां बहुत ही सुंदर संरचना देखने के लिए मिलती है और यहां पर खूबसूरत जलप्रपात बनता है।

यह महल मुगल वास्तुकला के सबसे सुंदर इमारत में से एक है। इस महल का निर्माण राजकुमार खुर्रम के बाद शाहजहां के द्वारा गुलारा नाम की एक महिला के लिए करवाया गया था। इस स्मारक के ऊपर से चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर नदी, आस-पास के गांव और खेतों का दृश्य देखने के लिए मिलता है।

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राजा जयसिंह की छतरी बुरहानपुर (Raja jaisingh ki chhatri Burhanpur)

राजा जयसिंह की छतरी बुरहानपुर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक और सुंदर स्थान में से एक है। यह छतरी बुरहानपुर में ताप्ती और मोहना नदी के संगम स्थल के पास में स्थित है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं। यह छतरी मुगल और राजस्थानी वास्तुकला में बनी है और बहुत ही सुंदर लगती है।

यह छतरी 32 खंबो पर आधारित है। इस छतरी के आजू-बाजू चार बड़े और चार छोटे गुंबद निर्मित हैं, जो छतरी को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाते हैं। छतरी के आसपास का वातावरण प्राकृतिक है। यहां पर आप आकर ताप्ती नदी के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। राजा जयसिंह औरंगजेब के सेना के मंत्री थे। औरंगजेब ने ही राजा जयसिंह की छतरी का निर्माण करवाया था।

बुरहानपुर के प्रसिद्ध मंदिर और धार्मिक स्थान (Famous temples and religious places in Burhanpur)

रेणुका माता मंदिर बुरहानपुर (Renuka Mata Temple Burhanpur)

रेणुका माता मंदिर बुरहानपुर का एक प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर मुख्य शहर के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आकर आप रेणुका माता के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर 400 साल पुराना है। मंदिर के गर्भगृह में माता की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते है। यहां पर एक सुंदर गार्डन भी बना हुआ है। गार्डन में झूले और बच्चों के मनोरंजन के साधन लगे हुए हैं।

जम्बुपनी गुफा और मंदिर बुरहानपुर (Jambupani Cave and Temple Burhanpur)

जम्बुपनी गुफा और मंदिर बुरहानपुर के पास घूमने के लिए प्राकृतिक और धार्मिक महत्व का स्थान है। यहां पर हनुमान जी और जामवंत जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह दुनिया के सबसे अनोखे मंदिरों में से एक है। यह हनुमान जी के साथ जामवंत जी के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है।

यहां चारों तरफ जंगल का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यहां पर झरना भी बहता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां पर आराम से घूमने के लिए आ सकते हैं और इस जगह को एक्सप्लोरर कर सकते हैं। यह जगह बुरहानपुर से 37 किलोमीटर दूर जम्बुपनी गांव के पास में है। यहां पर आपको आस-पास पहाड़ों और जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही अद्भुत लगता है।

मोहना संगमेश्वर महादेव मंदिर बुरहानपुर

मोहना संगमेश्वर महादेव मंदिर बुरहानपुर के पास घूमने के लिए प्राकृतिक और धार्मिक स्थान में से एक है। यह मंदिर ताप्ती और मोहना नदी के संगम स्थल पर बना हुआ है। यह ताप्ती नदी के पास मोहना गाँव में बना हुआ है। यहां पर भगवान शिव का मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है।

मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग और हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत शांति है। नदी के अंदर प्राचीन स्मारक भी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर है। आप यहां पर आकर शांतिपूर्वक अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं।

जामा मस्जिद बुरहानपुर

जामा मस्जिद मुख्य बुरहानपुर शहर में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। यह स्थल मुख्य शहर में गांधी चौराहे के पास में बना हुआ है। आप यहां पर आसानी से सड़क मार्ग से जा सकते हैं। यह मस्जिद लगभग 480 साल पुरानी है और इसका स्ट्रक्चर बहुत ही अनोखा है।

इस मंदिर को बनाने में काले पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। इसका निर्माण फारूकी नेता आदिल शाह ने करवाया। उनकी मृत्यु के पश्चात इसका निर्माण सम्राट अकबर ने पूरा करवाया है। इसमें दो बड़े मीनार है और तीन गोल गुंबद बने हुए हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। इस मस्जिद में आप घूमने के लिए जा सकते हैं।

बुरहानपुर के प्राकृतिक स्थान (Natural places in Burhanpur)

उंबरदेव गुफा बुरहानपुर

उंबरदेव गुफा बुरहानपुर के पास घूमने के लिए प्राकृतिक और धार्मिक स्थल है। यह जगह घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। यहां पर आकर ट्रैकिंग भी करनी पड़ती है। यहां पर ढेर सारी जगह देखने के लिए मिलती है। यहां पर अमरनाथ गुफा, पार्वती माता गुफा, उंबरदेव गुफा, हरिओम गिरी नागा बाबा की साधना स्थल देखने के लिए मिलती है।

यह गुफाएं प्राकृतिक चट्टानों में बनी हुई है और बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। बरसात के समय यह जगह और भी ज्यादा सुंदर लगती है। यह जगह बुरहानपुर के शाहपुर तहसील में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र बॉर्डर एरिया के पास में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग तक आ सकते हैं। उसके बाद जंगल के अंदर ट्रैकिंग करके जाना पड़ता है। यह जम्बुपनी के पास में स्थित है।

बादलखोरा जलप्रपात बुरहानपुर (Badalkhora Falls Burhanpur)

बादलखोरा जलप्रपात बुरहानपुर के पास घूमने के प्रसिद्ध और सुंदर झरनों में से एक है। यहां पर घने जंगल देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इस जगह के बारे में प्राचीन मान्यता भी है, कि जब हनुमान जी संजीवनी बूटी सहित पर्वत को ले जा रहे थे। तब उस पर्वत की कुछ मिट्टी इसी जगह पर गिरी थी। तब से यहां की वनस्पति और पेड़ों में चमत्कारी शक्तियां आ गई है।

यहां पर ढेर सारी वनस्पतियां और जड़ी बूटियां मिलती हैं,जो आदिवासी जनजातियों के लिए एक वरदान है। यहां पर आप आकर खूबसूरत जलप्रपात देख सकते हैं, जो घने जंगलों के अंदर बना हुआ है। यहां पर चारों तरफ का दृश्य बहुत ही सुंदर रहता है। बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए यह जगह बहुत ही परफेक्ट है। आप यहां पर बुरहानपुर से जसोंदी से होते हुए आ सकते हैं।

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बुरहानपुर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Burhanpur)

बुरहानपुर में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। आप यहां पर ठंड के समय जाकर बुरहानपुर के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। ठंड का मौसम सुहावना रहता है, जिससे घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। आप यहां मानसून के समय भी आ सकते हैं। मानसून के समय आप यहां पर जंगलों और जलप्रपात की सैर कर सकते हैं। उस समय यहां पर हरियाली देखी जा सकती है।

बुरहानपुर कैसे पहुंचे (How to Reach Burhanpur)

रेलमार्ग: बुरहानपुर सिटी में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। बुरहानपुर रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। आप यहां पर रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। उसके बाद अन्य जगहों में सड़क मार्ग से जा सकते हैं।

सड़क मार्ग: बुरहानपुर सड़क मार्ग से अन्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। बुरहानपुर में आप अन्य शहर जैसे इंदौर, भोपाल, उज्जैन से पहुंच सकते हैं। यहां पर बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध है।

निकटतम हवाई अड्डे: बुरहानपुर का निकटतम हवाई अड्डा इंदौर में बना हुआ है। आप इंदौर हवाई मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद बुरहानपुर सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

बुरहानपुर जिले का गूगल मैप लोकेशन

समाप्ति – बुरहानपुर का सार

बुरहानपुर जिला एक ऐसा स्थल है जहाँ इतिहास और संस्कृति अपने प्रत्येक पत्थर, गली और नदी के किनारे जीवंत दिखाई देती है। यह शहर पुरातन किलों, मस्जिदों, मंदिरों और घाटों की सुंदरता का मिश्रण है, जो हर यात्री को कुछ नया और यादगार अनुभव देता है।

यदि आप इतिहास, वास्तुकला, संस्कृति या प्राकृतिक स्थलों में रूचि रखते हैं, तो बुरहानपुर आपके अगले यात्रा-गंतव्य के रूप में जरूर होना चाहिए।

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