Neemuch District Travel Guide in Hindi
नीमच जिला मध्य प्रदेश के उत्तर पश्चिमी भाग में स्थित है। यह जिला इतिहास, धर्म प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम है। यह जिला राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है। नीमच देश की सबसे बड़ी अफीम मंडी के रूप में जाना जाता है।
इस लेख हम नीमच जिले में घूमने के प्रमुख जगहों (Neemuch Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे। ताकि अगर आप नीमच में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा। नीमच जिला उन यात्रियों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य है, जो भीड़ भाड़ से दूर शांति से मंदिर, प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहर देखना चाहते है।
इस लेख में हम आपको नीमच जिले में घूमने की जगह (Neemuch Tourist Places in Hindi) , नीमच कैसे पहुंचे, नीमच में घूमने का सही समय, नीमच यात्रा सुझाव के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे।
नीमच जिले का इतिहास (Neemuch District History in Hindi)
नीमच जिला मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित है। इस जिले का इतिहास प्राचीन काल से आधुनिक काल तक फैला हुआ है। इसका इतिहास बहुत ही रोचक रहा है। यह क्षेत्र मालवा पठार का हिस्सा रहा है। इस जिले का राजस्थान की सीमा से सटे होने के कारण ऐतिहासिक रूप से व्यापार, सैन्य और प्रशासनिक दृष्टि से महत्व बना रहा है।
प्राचीन काल में इस क्षेत्र पर बौद्ध और हिंदू धर्म का प्रभाव देखने के लिए मिलता है। इस क्षेत्र के आसपास ढेर सारे ऐतिहासिक प्रमाण प्राप्त होते हैं, जिससे यह पता चलता है की यह क्षेत्र प्राचीन काल में बौद्ध और हिंदू धर्म के लोग रहते थे। प्राचीन काल में नीमच क्षेत्र मौर्य, शुंग और गुप्त साम्राज्यों के प्रभाव में रहा। मालवा क्षेत्र प्राचीन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक भूमि माना जाता है।
मध्यकाल में नीमच पर परमार, चौहान और सोलंकी जैसे राजपूत वंशों का शासन रहा। परमार राजाओं के द्वारा इस क्षेत्र के आसपास ढेर सारी निर्माण करवाए गए, बाद में यह क्षेत्र मुगल साम्राज्य के अधीन आ गया और मुगल काल में यहां पर प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई और कृषि को बढ़ावा दिया गया।
मुगल काल के बाद यहां पर मराठा राजाओं का शासन हुआ। मराठा काल में इस क्षेत्र में होलकर और सिंधिया शासन का प्रभाव रहा। मराठा शासन के दौरान यह क्षेत्र सैन्य गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना।
मराठा के बाद, ब्रिटिश काल में नीमच का विशेष महत्व रहा। 1818 में यहाँ ब्रिटिश सेना की छावनी (कैंटोनमेंट) की स्थापना की गई, जो आज भी नीमच की पहचान है। नीमच कैंट भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला केंद्र रहा। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में नीमच के सैनिकों ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया।
स्वतंत्रता के बाद, 1948 में नीमच को मध्य भारत राज्य में शामिल किया गया और 1956 में यह मध्य प्रदेश का जिला बना। बाद में 2003 में मंदसौर जिले से अलग होकर नीमच को पूर्ण जिला का दर्जा मिला। आज नीमच जिला अपनी ऐतिहासिक सैन्य विरासत, जैन तीर्थों, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है।
नीमच जिले के आस-पास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Neemuch Tourist Places in Hindi)
श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच (Shri Kileshwar Mahadev Temple)
श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थान में से एक है। यह मंदिर नीमच शहर के बीचो-बीच में बना हुआ है। यह जगह CRPF कैंपस में है। इस मंदिर में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह ऐतिहासिक महत्व भी रखती है, क्योंकि 1857 की क्रांति की शुरुआत यहीं से हुई थी। सबसे पहले इसी जगह पर बैठक लगाई गई थी और क्रांति की शुरुआत हुई थी।
यहां पर शिव भगवान जी का सुंदर मंदिर बना हुआ है। मंदिर के आस-पास का वातावरण बहुत ही सुंदर है। यहां पर गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं। साथ ही साथ यहां पर ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जो इस जगह को और भी ज्यादा आकर्षक बनाते हैं।
किलेश्वर महादेव मंदिर की खासियत
- चारों तरफ का प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण
- शिवरात्रि और सोमवार के समय श्रद्धालुओं की भीड़
- त्योहारों के समय मंदिर की खास सजावट
- सावन सोमवार के समय भगवान शिव की शाही सवारी का आयोजन
हनुमान मंदिर नीमच
हनुमान मंदिर नीमच शहर के मध्य CRPF कैंपस में बना है। यह एक फेमस मंदिर है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर तरीके से बनाया हुआ है। मंदिर परिसर में ढेर सारी देवी देवताओं की प्रतिमाएं देखी जा सकती है। मंदिर में हनुमान जी की विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर है।
प्रवेश द्वार से अंदर जाने पर आंगन में हनुमान जी की विशाल प्रति मां देखी जा सकती है। यहां पर नटराज की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही अद्भुत लगती है। मंदिर में बहुत सारे देवी देवताओं की प्रतिमाओं विराजमान है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और मंदिर को देख सकते हैं।
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शिव मंदिर सांभर कुंड नीमच (Shiva Temple, Sambhar Kund, Neemuch)
शिव मंदिर सांभर कुंड नीमच शहर के पास घूमने के लिए एक धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरा स्थान है। यह मंदिर नीमच चित्तौड़गढ़ हाईवे मार्ग से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है। यहां पर चारों तरफ पहाड़ियों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।
इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी है। यह मंदिर मूल रूप से विष्णु जी को समर्पित है। मंदिर का मुख पूर्व की तरफ है और मंदिर पंचरथी शैली में बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में जलधारी शिवलिंग प्रतिष्ठित है। मंदिर का मुख मंडप दो स्तंभों पर आधारित है। मंदिर के पृष्ठ भाग में महिषासुर मर्दिनी, विष्णु, ब्रह्मा, डांस करते हुए गणेश जी की कलाकृतियां बनी हुई है। यह मंदिर 13वीं सदीं का है। मंदिर के पास एक कुंड बना है।
मंदिर के बाएं और एक हनुमान मंदिर बना हुआ है, जिसमें हनुमान जी की प्रतिमा विराजमान है। यहां पर एक कुंड बना हुआ है, जो चौकोर प्रस्तर से निर्मित किया गया है। कुंड में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। कुंड में वर्षा एवं अन्य स्रोतों का जल एकत्रित होता है। इस कुंड के बारे में मान्यता है, कि इस कुंड के जल से स्नान करने से लकवा एवं अन्य शारीरिक रोग दूर होते हैं।
श्री राधा कृष्ण मंदिर नीमच
श्री राधा कृष्ण मंदिर नीमच के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान में से एक है। यह मंदिर नीमच के पास नयागांव के करीब है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से आसानी से जा सकते हैं। यह मंदिर मंदिर सीमेंट फैक्ट्री के काफी करीब बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। मंदिर की दीवारों में सुंदर नक्काशी की गई है, जो देखने लायक है।
इस मंदिर में जाकर आप राधा कृष्ण जी के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के मुख्य गर्भ गृह में श्री राधा कृष्ण जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा विराजमान है। आप मंदिर में जाते हैं, तो समय का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि मंदिर दोपहर के समय बंद रहता है। मंदिर में म्यूजिकल फाउंटेन है, जो शाम के समय चालू होता है। मंदिर के चारों तरफ एक सुंदर गार्डन बना हुआ है।
श्री भंवर माता मंदिर और झरना
श्री भंवर माता मंदिर नीमच जिले के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यह मंदिर नीमच जिले से 25 किलोमीटर दूर छोटी सदरी तहसील के पास में स्थित है। आप यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है। मंदिर के चारों तरफ घना जंगल है। मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है।
यह मंदिर मां दुर्गा को समर्पित है। यहां पर मां दुर्गा का एक अद्भुत रूप भंवर माता जी का दर्शन करने के लिए मिलता है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय यह जगह बहुत ही आकर्षक हो जाती है। मंदिर के पास में ही भंवर माता झरना है, जिसको भी आप देख सकते हैं। यह झरना बहुत सुंदर है। झरने का पानी एक कुंड में गिरता है। बरसात के समय आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
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सुखानंद महादेव जी मंदिर (Sukhanand Mahadev Ji Temple)
सुखानंद महादेव मंदिर नीमच शहर के पास घूमने का एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर नीमच शहर से 30 किलोमीटर दूर सुखानंद एरिया में बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। इस जगह पर आकर आपको परम सुख मिलेगा, क्योंकि इस जगह का मतलब ही है सुख और आनंद, इसलिए इस जगह को सुखानंद के नाम से जाना जाता है।
यहां पर चारों तरफ प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर अच्छा अनुभव कर सकते हैं। बरसात के समय यहां पर झरना देखने मिलता है। यह झरना एक जलकुंड में गिरता है। यहां पर लोग नहाने का आनंद उठाते हैं। यहां पर शिव मंदिर बना हुआ है, जहां पर शिवलिंग विराजमान है।
इस स्थल के बारे में माना जाता है, कि यहां पर प्राचीन समय में ढेर सारे ऋषि तपस्या किया करते थे, इसलिए इस जगह को सुखानंद के नाम से जाना जाता है। यहां पर प्राचीन गुफाएं भी है। यह स्थल नीमच जिले के पास एक दिन के सैर के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। यहां पर हनुमान जी की एक विशाल प्रतिमा है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।
नौ तोरण मंदिर खोर नीमच (Nau Toran Temple Khor)
नौ तोरण मंदिर नीमच जिले के पास घूमने के लिए एक ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। यह मंदिर नीमच जिले से 20 किलोमीटर दूर खोर में बना है। यहां पर आप अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है और बहुत ही खूबसूरत है। पूरा मंदिर पत्थरों से बना है।
इस मंदिर में मुख्य रूप से आपको तोरण द्वार देखने के लिए मिलते हैं। मंदिर के बीच में विष्णु भगवान जी की वराह मूर्ति विराजमान है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। इस मूर्ति में खूबसूरत नकाशी की गई है, जो आप देख सकते हैं। मंदिर में शिवलिंग के दर्शन भी करने के लिए मिलते हैं।
यह मंदिर 11वीं शताब्दी में बना हुआ है। मंदिर के दीवारों में सुंदर अलंकरण किया गया है, जो बहुत ही खूबसूरत है। अगर आपको ऐतिहासिक जगह देखने का शौक है, तो आपको इस जगह पर जरूर आना चाहिए और इस मंदिर को देखना चाहिए।
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सीताराम जाजू सागर नीमच (Sitaram Jeju Sagar)
सीताराम जाजू सागर नीमच शहर के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यह नीमच से जीरन जाने के मार्ग में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर एक बहुत बड़ा जलाशय देखने के लिए मिलता है, जो बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर आप सुबह एवं शाम के समय जाकर सूर्योदय एवं सूर्यास्त का बहुत ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं।
यह बांध नीमच शहर के पानी की आपूर्ति करता है। यह एक अच्छा पिकनिक स्थल है। यहां पर आप अपने फैमिली और दोस्तों के साथ आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर एक गार्डन भी बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। बरसात के समय डैम का नजारा बहुत ही सुंदर लगता है।
सीतामऊ किला (Sitamau Fort)
सीतामऊ का किला नीमच जिले में घूमने के लिए एक प्राचीन स्थान में से एक है। यह किला अच्छी अवस्था में है और आप इस किले में जाकर घूम सकते हैं। यह किला सीतामऊ नगर के बीच में बना हुआ है।
यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं और किले में घूम सकते हैं। किले की छत से आपको चारों तरफ को सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। सीतामऊ के आस-पास आपको और भी ढेर सारे मंदिर और धार्मिक स्थान देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर आप जा सकते हैं।
पिपलिया का किला नीमच (Piplia Fort Neemuch)
पिपलिया का किला नीमच शहर के पास स्थित प्राचीन स्थान है। यह किला पिपलिया में बना हुआ है। यहां पर सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह किला अच्छी अवस्था में है। आप इस किले में आकर घूम सकते हैं। किले में मुख्य आकर्षण यहां पर बनी बावड़ी है, जो बहुत ही सुंदर है।
बावड़ी में नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है और यह बहुत ही आकर्षक लगती है। इस किले के अंदर बने महल, मंदिर और आसपास की नजारा और भी सुंदर है। अगर आपको यहां जाने का मौका मिले, तो आप इस किले में जरूर जाकर घूम।
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नीमच जिले का प्रसिद्ध भोजन
नीमच में मालवा और राजस्थान की संस्कृति का प्रभाव देखने को मिलता है।
ज़रूर चखें
- दाल-बाटी-चूरमा
- सेव-परमल
- कचौरी और समोसा
- मावा जलेबी
नीमच घूमने का सही समय (Best Time to Visit Neemuch)
नीमच में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। इस समय मौसम ठंडा रहता है और आप आसानी से नीमच के सभी पर्यटन स्थलों में घूम सकते हैं। आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय नीमच के आसपास ढेर सारे झरने देखने के लिए मिलते हैं, जिसकी सैर आप कर सकते हैं।
नीमच कैसे पहुँचे (How to Reach Neemuch)
सड़क मार्ग : नीमच मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है। नीमच में आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध है।
रेल मार्ग : नीमच रेलवे स्टेशन प्रमुख रेल मार्ग पर स्थित है। यहां पर सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन आती है। आप नीमच में रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : नीमच का निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर और इंदौर है। आप अपनी सुविधा के अनुसार वायु मार्ग से इंदौर और उदयपुर आ सकते हैं और उसके बाद नीमच सड़क मार्ग के द्वारा या रेलमार्ग के द्वारा आ सकते हैं।
नीमच जिला का गूगल मैप लोकेशन
नीमच जिले में ठहरने की सुविधा
- बजट होटल
- धर्मशाला
- गेस्ट हाउस
नीमच पर्यटन क्यों खास है?
- धार्मिक आस्था
- ऐतिहासिक धरोहर
- प्राकृतिक सुंदरता
- शांत वातावरण
निष्कर्ष
नीमच जिला उन लोगों के लिए आदर्श स्थान है जो कम प्रसिद्ध लेकिन खूबसूरत पर्यटन स्थलों को देखना चाहते हैं। यहाँ का इतिहास, मंदिर, किले और प्राकृतिक दृश्य हर उम्र के यात्रियों को आकर्षित करते हैं। अगर आप मध्य प्रदेश की अनदेखी सुंदरता को जानना चाहते हैं, तो नीमच जिला जरूर अपनी यात्रा सूची में शामिल करें।
