राजगढ़ जिले में घूमने की 10+ बेस्ट जगह : Amazing Rajgarh Tourist Places in Hindi

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राजगढ़ जिले में घूमने की जगह – Rajgarh District Travel Guide in Hindi

राजगढ़ मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख जिला है। यह जिला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। राजगढ़ अपनी प्राचीन रियासत, भव्य किलों, धार्मिक स्थलों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ रियासत को मिनी कश्मीर की उपाधि दी गई है।

इस लेख में हम राजगढ़ जिले में घूमने की प्रमुख जगहों (Rajgarh Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे। यदि आप राजगढ़ जिले में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा।

राजगढ़ जिला उन यात्रियों के लिए आदर्श स्थान है, जो इतिहास, आध्यात्मिक और प्राकृतिक का अनुभव लेना चाहते हैं। यहां के किले, मंदिर और प्राकृतिक स्थल मालवा की गौरवशाली कहानी कहते हैं। इस लेख में हम आपको राजगढ़ में घूमने की जगह (Rajgarh Tourist Places in Hindi), राजगढ़ कैसे पहुंचे, राजगढ़ यात्रा के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

राजगढ़ जिले का इतिहास (Rajgarh district History in Hindi)

राजगढ़ जिला मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह क्षेत्र मालवा पठार का हिस्सा रहा है और यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही राजनीतिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।

प्राचीन काल में राजगढ़ क्षेत्र अवंति और मालवा जनपद का हिस्सा था। प्राचीन काल में इस क्षेत्र में मौर्य, शुंग और गुप्त काल का प्रभाव रहा है। गुप्त काल में, यहां पर प्रशासनिक और सांस्कृतिक विकास हुआ है। गुप्त काल को इस क्षेत्र का स्वर्ण काल माना जाता है, क्योंकि गुप्त काल में यहां पर धर्म, कला और स्थापत्य का विकास हुआ है।

मध्यकाल में राजगढ़ पर परमार, चौहान और तोमर जैसे राजपूत वंशों का शासन रहा। बाद में यह क्षेत्र मुगल साम्राज्य के अंतर्गत आया। मुगल काल में यहाँ किले, मस्जिदें और प्रशासनिक भवनों का निर्माण हुआ। राजगढ़ का किला इसी काल में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।

मराठा काल में राजगढ़ होल्कर और सिंधिया शासकों के प्रभाव में रहा। मराठा शासन के दौरान कृषि, व्यापार और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। मराठा शासन के बाद, यह क्षेत्र अंग्रेजों के अधीन आया।

ब्रिटिश काल में राजगढ़ एक रियासत के रूप में विकसित हुआ। ब्रिटिश काल में यह जिला प्रशासनिक दृष्टि से विकसित हुआ। राजगढ़ रियासत की स्थापना 1640 ई. में राणा उदयसिंह द्वारा की गई थी, जो बाद में ब्रिटिश सरकार के अधीन एक रियासत बनी। इस काल में शिक्षा, न्याय और राजस्व व्यवस्था में सुधार हुए।

इस क्षेत्र के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष योगदान निभाया है। स्थानीय नेता और क्रांतिकारियों ने जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद, 1948 में राजगढ़ रियासत का भारत में विलय हुआ और 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के साथ राजगढ़ जिला अस्तित्व में आया। राजगढ़ जिला स्वतंत्र रूप से बनने के बाद, इसमें कई परिवर्तन हुए हैं। यहां पर प्रशासनिक, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का विकास हुआ।

राजगढ़ जिले के आसपास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Rajgarh Tourist Places in Hindi)

नरसिंहगढ़ (Narsinghgarh)

नरसिंहगढ़ राजगढ़ जिले के पास एक कस्बा है। नरसिंहगढ़ अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। नरसिंहगढ़ को मिनी कश्मीर के नाम से जाना जाता है। नरसिंहगढ़ कस्बा पहाड़ों और जंगलों से घिरा हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं और नरसिंहगढ़ में घूम सकते हैं।

नरसिंहगढ़ में घूमने के लिए ढेर सारी जगह है, जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं ,नरसिंहगढ़ में नरसिंहगढ़ का किला बहुत प्रसिद्ध है। यह किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है और बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह किला 17वीं शताब्दी में बना हुआ है और बहुत सुंदर है। आप इस किले में जाकर घूम सकते हैं।

नरसिंहगढ़ में घूमने की प्रमुख जगह

  • नरसिंहगढ़ का किला
  • जल मंदिर
  • छोटा महादेव मंदिर
  • नादिया पानी झरना
  • नरसिंहगढ़ वन्य जीव अभ्यारण
  • मारुति नंदन मंदिर
  • चिड़ी खो

राजगढ़ का किला (Rajgarh Fort)

राजगढ़ का किला राजगढ़ जिले में स्थित एक ऐतिहासिक स्थान है। यह किला मुख्य शहर में बना हुआ है। यह किला नेवाज नदी के किनारे बना हुआ है। इस किले में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह किला प्राचीन है। किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर जाकर आप किले को देख सकते हैं। किले के अंदर प्राचीन महल, मंदिर और अन्य स्थल देखने मिलते है। किले से नेवज नदी का सुन्दर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

खोयरी महादेव मंदिर (Khyori Mahadev Temple)

खोयरी महादेव मंदिर राजगढ़ के पास घूमने के लिए एक प्रसिद्ध और प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ स्थान है। यह मंदिर शिव जी को समर्पित है। इस मंदिर के चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण देखने के लिए मिलता है। यहां पर पेड़ पौधे देखे जा सकते हैं। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है। मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग विराजमान है। यहां पर भगवान शिव की मूर्ति भी स्थापित की गई है।

यहां पर एक कुंड बना हुआ है, जो बहुतसुंदर लगता है। यहां पर अन्य देवी देवताओं की भी दर्शन किए जा सकते हैं। यहां गणेश जी, हनुमान जी, शंकर भगवान जी, कार्तिकेय जी के दर्शन किए जा सकते हैं। बारिश के मौसम में यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह राजगढ़ के पास पिकनिक के लिए बढ़िया जगह है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है।

जालपा देवी मंदिर राजगढ़ (Jalpa Devi Temple Rajgarh)

जालपा देवी मंदिर राजगढ़ के पास घूमने के लिए प्रमुख धार्मिक स्थान में से एक है। यह मंदिर राजगढ़ से 4 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 52 में बना हुआ है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर में जाकर चारों तरफ के सुंदर दृश्य का आनंद लिया जा सकता है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है।

यह मंदिर जालपा देवी को समर्पित है। जालपा देवी मां दुर्गा का ही रूप है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में जालपा माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही अद्भुत लगती है। मंदिर का माहौल शांतिपूर्ण है और यहां पर एक अलग ऊर्जा की अनुभूति होती है।

मंदिर परिसर में और भी कई मंदिर बने हुए हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। नवरात्रि के समय यहां पर बहुत भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। मंदिर की तलहटी में आपको छोटी जालपा माता का मंदिर देखने के लिए मिल जाता है।

मोहनपुरा बांध राजगढ़ (Mohanpura Dam Rajgarh)

मोहनपुरा बांध राजगढ़ जिले के पास में घूमने के लिए एक प्रमुख दर्शनीय स्थान है। यह बांध नेवाज नदी पर बना हुआ है। यह बांध बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। इस बांध में घूमने के लिए आप सड़क मार्ग से अपने वाहन से घूमने के लिए आ सकते हैं। इस बांध का सबसे सुंदर दृश्य बरसात के समय में देखने के लिए मिलता है।

आप यहां पर बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और इसका पानी ओवरफ्लो होता है, जिसका नजारा देखने लायक रहता है। इस बांध में 17 गेट बने हुए हैं। इस बांध का इनॉग्रेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया है। यह बांध राजगढ़ की प्रमुख परियोजना है।

अंजनी लाल मंदिर राजगढ़ (Anjani Lal Mandir Rajgarh)

अंजनी लाल मंदिर राजगढ़ के पास ब्यावरा में घूमने के लिए प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर अंजनी नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही सुंदर और भव्य तरीके से बना हुआ है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में भगवान शिव का शिवलिंग स्थापित है और यह बहुत ही सुंदर लगता है।

मंदिर के ऊपर की तरफ एक विशाल शिवलिंग की आकृति भी बनाया गया है, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। बरसात के समय यहां पर नदी का दृश्य बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर राम मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर राम जी, सीता जी और लक्ष्मण जी के दर्शन किए जा सकते हैं।

पशुपतिनाथ मंदिर राजगढ़

पशुपतिनाथ मंदिर राजगढ़ जिले के ब्यावरा में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह ब्यावरा शहर से 18 km दूर है। यह मंदिर ब्यावरा सुठालिया हाईवे मार्ग पर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। मंदिर पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढिया और सड़क मार्ग है।

मंदिर के ऊपर पहुंचकर आपको भगवान शिव के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर भगवान शिव की प्रतिमा बहुत ही सुंदर है। यहां शिवजी की प्रतिमा अष्टमुखी है, जो देखने में आकर्षक लगती है। बरसात में यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है, क्योंकि यहां चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

बड़े महादेव मंदिर राजगढ़

बड़े महादेव मंदिर राजगढ़ के सुठालिया में बना हुआ है। यह मंदिर सुठालिया में पहाड़ी पर बना हुआ है। इस मंदिर में जाकर आप भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर भगवान शिव का पत्थर से बना हुआ शिवलिंग विराजमान है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आपको चारों तरफ प्राकृतिक नजारे देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बारिश के समय अच्छा लगता है, क्योंकि बारिश में यह हरियाली रहती है। यह जगह बच्चों और बड़ों के घूमने के लिए परफेक्ट है।

वैष्णो देवी मंदिर राजगढ़

वैष्णो देवी मंदिर राजगढ़ के सुठालिया में बना हुआ एक सुंदर मंदिर है। यह मंदिर मां वैष्णो देवी को समर्पित है। इस मंदिर में कृत्रिम रूप से गुफा बनी हुई है, जो वैष्णो देवी गुफा के समान है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर परिसर में आकर अच्छा लगता है। यहां पर मां वैष्णो देवी के दर्शन करके मन को शांति मिलती है। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत सारे लोग घूमने लिए आते हैं। इस मंदिर में आपको और भी ढेर सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं।

छापी बांध एवं पार्क राजगढ़ (Chhapi Dam & Park)

छापी बांध और पार्क राजगढ़ के पास जीरापुर में घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यहां पर एक बहुत बड़ा जलाशय देखने के लिए मिलता है, जो बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। जलाशय के पास में ही एक सुंदर पार्क बना हुआ है। पार्क में ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं और मनोरंजन के कई साधन उपलब्ध है। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर भी बना हुआ है। शाम के समय यहां पर सूर्यास्त का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है।

तिरुपति बालाजी मंदिर राजगढ़ (Tirupati Balaji Temple)

तिरुपति बालाजी मंदिर राजगढ़ के जीरापुर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बना हुआ है और बहुत ही सुंदर है। यह मंदिर मुख्य नगर में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बालाजी को समर्पित है। मंदिर में तिरुपति भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर भगवान शिव के भी दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर बहुत अच्छी तरह से मेंटेन किया गया है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण अनुभव कर सकते हैं।

खिलचीपुर का राजमहल, राजगढ़ (Khilchipur Palace)

खिलचीपुर का राजमहल या खिलचीपुर का किले के नाम से प्रसिद्ध, यह एक प्राचीन स्थल है। यह किला राजगढ़ जिले के खिलजीपुर में स्थित है। यह किला गढ़गंगा नदी के किनारे बना हुआ है। आप यहां पर आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह किला 7 वी शताब्दी में बना हुआ है। यहां पर किले के अंदर ढेर सारी स्थल देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर शाही महल और मंदिर देखी जा सकती है। यहां पर नदी का भी सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

राजगढ़ जिले का प्रसिद्ध भोजन

राजगढ़ जिले के भोजन में मालवा क्षेत्र की झलक देखने को मिलती है।

ज़रूर चखें

  • दाल-बाफला
  • कचौरी
  • सेव
  • घेवर

राजगढ़ में घूमने का सबसे अच्छा समय (The best time to visit Rajgarh)

राजगढ़ में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। इस समय मौसम ठंडा रहता है। इस समय आप आकर राजगढ़ के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय आप राजगढ़ के डैम और आसपास के जंगल के एरिया में घूम सकते हैं, जो बरसात में हरियाली से हरे भरे रहते हैं।

राजगढ़ कैसे पहुँचे (How to reach Rajgarh)

सड़क मार्ग : राजगढ़ में सड़क मार्ग से आप आसानी से आ सकते हैं। राजगढ़ भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन से अच्छी तरह सड़क मार्ग से कनेक्ट है। आप यहां पर बस एवं अन्य ट्रांसपोर्ट से पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग : राजगढ़ के बियावरा और सारंगपुर रेलवे स्टेशन प्रमुख हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार ब्यावरा या सारंगपुर रेलवे स्टेशन आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा राजगढ़ के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।

हवाई मार्ग : राजगढ़ का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल में है। आप भोपाल में वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद राजगढ़ में सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं।

राजगढ़ जिला का गूगल मैप लोकेशन

राजगढ़ जिले में ठहरने की सुविधा

  • बजट होटल
  • धर्मशालाएँ
  • गेस्ट हाउस

राजगढ़ पर्यटन क्यों खास है?

  • ऐतिहासिक किले
  • धार्मिक स्थल
  • शांत वातावरण
  • सांस्कृतिक विरासत

निष्कर्ष

राजगढ़ जिला मध्य प्रदेश का एक ऐसा छुपा हुआ पर्यटन रत्न है जहाँ इतिहास, धर्म और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यदि आप भीड़-भाड़ से दूर शांति और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव करना चाहते हैं, तो राजगढ़ जिले में घूमने की जगह आपकी यात्रा सूची में जरूर होनी चाहिए।

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