शिवपुरी में घूमने की 10+ बेस्ट टॉप जगह : Amazing Shivpuri Tourist Places in Hindi

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शिवपुरी जिले में घूमने की जगह – Shivpuri District Travel Guide in Hindi

शिवपुरी जिला मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग में स्थित एक प्रमुख जिला है। यह जिला अपनी हरियाली, घने जंगलों, वन्य जीव अभ्यारण, धार्मिक स्थलों और किलों के लिए प्रसिद्ध है। शिवपुरी जिला कभी सिंधिया राजवंश की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। यहां पर ऐतिहासिक महल और भावना की भरमार है।

इस लेख में हम शिवपुरी में घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Shivpuri Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देगें, अगर आप शिवपुरी आने का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा।

अगर आप प्रकृति, इतिहास और शांति से भरे पर्यटन स्थलों की तलाश में हैं, तो शिवपुरी जिले में घूमने की जगह (Shivpuri Tourist Places in Hindi) आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। इस लेख में शिवपुरी में घूमने की जगह (Shivpuri Tourist Places in Hindi), शिवपुरी कैसे पहुंचे, शिवपुरी में आने का सही समय, शिवपुरी टूर प्लान, शिवपुरी यात्रा के बारे में संपूर्ण जानकारी मिलेगी।

शिवपुरी जिले का इतिहास (Shivpuri District History in Hindi)

शिवपुरी जिले मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है। शिवपुरी का इतिहास प्राचीन काल से आधुनिक काल तक फैला हुआ है। यह क्षेत्र चंबल नदी की सहायक नदियां, घने जंगलों और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण प्राचीन काल में मानव के रहने का प्रमुख स्थल रहा है।

प्राचीन काल में शिवपुरी क्षेत्र पर मौर्य, शुंग और गुप्त वंशों का प्रभाव रहा। गुप्त काल में यहां पर ढेर सारेऐतिहासिक निर्माण हुए हैं। गुप्त काल शिवपुरी क्षेत्र का संस्कृत और धार्मिक विकास का स्वर्ण काल माना जाता है। इस काल में अनेक मंदिरों और स्थापत्य कलाओं का निर्माण हुआ, जिनके अवशेष आज भी आसपास के क्षेत्रों में मिलते हैं।

मध्यकाल में शिवपुरी पर राजपूत वंशों का शासन रहा। विशेष रूप से कछवाहा और तोमर राजपूतों का यहाँ प्रभाव रहा। इस क्षेत्र ने मुगल साम्राज्य के समय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुगल काल में शिवपुरी में प्रशासनिक और सामरिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ। इसी काल में यहाँ शिकारगाहों और बाग-बगीचों का विकास हुआ।

मराठा काल में शिवपुरी सिंधिया शासकों के अधीन आया। शिवपुरी क्षेत्र ग्वालियर राज्य के अंतर्गत आया। यह क्षेत्र प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ हुआ। मराठा शासकों ने यहाँ कई भवनों, छतरियों और धार्मिक स्थलों का निर्माण कराया, जो आज भी देखने के लिए मिलती है

मराठा काल के बाद, शिवपुरी ब्रिटिश शासन के अधीन आया। ब्रिटिश काल में शिवपुरी ग्वालियर रियासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। अंग्रेजों के साथ संधियों के बाद सिंधिया शासकों ने शिवपुरी को अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित किया। माधव नेशनल पार्क क्षेत्र को भी इसी समय शाही शिकारगाह के रूप में प्रसिद्धि मिली।

स्वतंत्रता के बाद, 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के साथ शिवपुरी जिला अस्तित्व में आया। आज शिवपुरी जिला अपने ऐतिहासिक स्मारकों, प्राकृतिक सौंदर्य, माधव राष्ट्रीय उद्यान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।

शिवपुरी जिले में घूमने की प्रमुख जगहें (Shivpuri Tourist Places in Hindi)

1. माधव नेशनल पार्क (Madhav National Park)

माधव नेशनल पार्क शिवपुरी जिले के प्रमुख पर्यटन आकर्षण स्थलों में से एक है। माधव नेशनल पार्क शिवपुरी शहर के पास में शिवपुरी करेरा मार्ग पर बना हुआ है। यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से आया जा सकता है। यह पार्क मुख्य हाईवे सड़क के पास स्थित है, इसलिए यहां पर बाइक, कार या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आया जा सकता है। पार्क में सफारी की सुविधा उपलब्ध है।

माधव राष्ट्रीय उद्यान बहुत बड़ी एरिया में फैला हुआ है और बहुत सुंदर है। यहां पर विभिन्न प्रकार के वन्य जीव और ढेर सारी पेड़ पौधों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पार्क के अंदर एक बड़ी झील भी बनी हुई है, जो इस पार्क की सुंदरता को बढ़ाती है।

इस पार्क में आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। इस पार्क के अंदर घूमने के लिए ढेर सारी जगह है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। पार्क के अंदर ढेर सारे व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जिससे आप बाहर के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।

इस पार्क की स्थापना 1958 में की गई थी। इस पार्क की स्थापना माधव राव सिंधिया द्वारा की गई थी। यहां पर पहाड़ी की चोटी पर शिकारगाह बनी हुई है, जो प्राचीन समय में राजा महाराजा के रहने के लिए उपयोग की जाती थी। इस पार्क का नाम माधवराव सिंधिया जी के नाम पर रखा गया है।

माधव नेशनल पार्क के अंदर घूमने की जगह (Places to visit inside Madhav National Park)

जॉर्ज कैसल (George Castle)

जॉर्ज कैसल माधव राष्ट्रीय उद्यान के भीतर उद्यान की सबसे ऊंची चोटी पर बना हुआ है। यह समुद्र तल से 484 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह महल ग्वालियर राज परिवार के महाराजा माधोराव सिंधिया ने ब्रिटिश राज्य के किंग जॉर्ज पंचम के बाघ शिकार हेतु एक रात्रि विश्राम के लिए 1911 में बनवाया था।

विडंबना यह हुई थी, कि किंग जॉर्ज पंचम को बाघ का शिकार मार्ग में ही कर लिया और वह माधव राष्ट्र उद्यान क्षेत्र में ठहरे ही नहीं। ब्रिटिश स्थापत्य पर आधारित इस भवन की वास्तुकार सरदार वाकडे थे, इसलिए इस वाकडे की कोठी भी कहा जाता है। इस महल से पूरे पार्क का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

माधव झील एवं छतरी (Madhav Lake and Chhatri)

माधव झील और छतरी माधव नेशनल पार्क के अंदर स्थित एक सुंदर स्थान है। यहां पर एक बहुत बड़ा जलाशय है, जो चारों तरफ से जंगलों से घिरा हुआ है। इस जलाशय के किनारे छतरियां बनी हुई है, जो बहुत सुंदर और प्राचीन है। बरसात के समय यह जलाशय पानी से भर जाता है। तब यह और भी आकर्षक लगता है। स जलाशय को चांदपारा झील या माधव झील के नाम से जाना जाता है।

सांख्य सागर झील (Sankhya Sagar Lake)

सांख्य सागर झील माधव नेशनल पार्क के अंदर स्थित एक और सुंदर स्थान है। यह झील बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है और बहुत ही आकर्षक लगती है। इस झील में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर जाकर बोट राइड का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर आपको मगरमच्छ भी देखने के लिए मिलते हैं।

श्री बांकड़े हनुमान मंदिर शिवपुरी (Shri Bankade Hanuman Mandir)

श्री बांकड़े हनुमान मंदिर शिवपुरी का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है। यह मंदिर माधव राष्ट्रीय उद्यान के भीतर बना एक प्राचीन स्थल है। यह मंदिर शिवपुरी से 10 किलोमीटर दूर झांसी शिवपुरी हाईवे मार्ग पर स्थित है। यह मंदिर इस इलाके में बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से आ सकते हैं।

इस मंदिर के बारे में ढेर सारी मान्यताएं हैं। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि लोग यहां पर आकर जो भी मनोकामना मांगते हैं। वह पूरी होती है। इस मंदिर के गर्भगृह हनुमान जी की बहुत सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने मिलते हैं। इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी के दर्शन करने के लिए बहुत सारे श्रद्धालु आते हैं। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

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भदैया कुंड शिवपुरी (Bhadaiya Kund Shivpuri)

भदैया कुंड शिवपुरी शहर के पास घूमने का एक धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ स्थान है। यह जगह शिवपुरी मुख्य सिटी से करीब तीन-चार किलोमीटर दूर है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यहां बरसात के समय सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो करीब 30 फीट की ऊंचाई से गिरता है।

झरने का पानी कुंड में गिरता है। यहां पर मानव निर्मित कुंड बना हुआ है, जिसे भदैया कुंड के नाम से जाना जाता है। भदैया कुंड के चारों तरफ सुंदर बगीचा बना हुआ है। भदैया कुंड में ढेर सारी मछलियां हैं, जो इस जगह को और भी ज्यादा सुंदर बनती हैं।

यहां पर भगवान शिव का मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर बच्चों के लिए और बड़ों के लिए ढेर सारी एक्टिविटी उपलब्ध है। यहां पर आकर अच्छा समय बिताया जा सकता है। यहां पर एक रेस्टोरेंट भी बना है, जहां पर खाने की वस्तुएं उपलब्ध होती है। ये जगह पिकनिक, फोटोग्राफी और शांतिपूर्ण दिन बिताने के लिए बहुत ही बढ़िया है। भदैया कुंड के आगे ही एक बड़ी झील देखने के लिए मिलती है, जिसमें ढेर सारे मगरमच्छ देखे जा सकते हैं।

सिंधिया छतरी शिवपुरी (Scindia Chhatri Shivpuri)

सिंधिया छतरी शिवपुरी के मुख्य ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। यह छतरी मुख्य शहर में बनी हुई है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग से जा सकते हैं। यह छतरी बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है और यहां पर सुंदर बगीचा देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से या अपने वाहन से घूमने लिए आ सकते हैं।

सिंधिया छतरी में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यह पूरी छतरी सफेद मार्बल से बनी हुई है। यह छतरी माधव राव सिंधिया और उनकी रानी की याद में बनी समाधियां हैं।

इस छतरी में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मेल देखने के लिए मिलता है। यहां पर चारों तरफ बड़े घने पेड़, झाड़ियां और हरे भरे बगीचे हैं, जिनके बीच में यह छतरी बनी है। बगीचों को बहुत ही सुंदर स्टाइल में बनाया गया है।

इस छतरी परिसर में ढेर सारे खूबसूरत फूल लगे हुए हैं। यहां पर शिखर जैसी सुन्दर मीनारे है, जो खुबसुरत लगती है। छतरी के अंदर सिंधिया राजपरिवार की पेंटिंग लगी हुई है, जिन्हें आप देख सकते हैं। बगीचे के बीच में पानी के फव्वारे लगे हुए हैं, जो शाम के समय चालू होते हैं और बहुत ही सुंदर लगते हैं। अगर आपको ऐतिहासिक जगह देखने का शौक है, तो आप यहां पर आकर इस छतरी को देख सकते हैं।

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सुरवाया की गढ़ी शिवपुरी (Surwaya Garhi Shivpuri)

सुरवाया की गढ़ी शिवपुरी के पास एक ऐतिहासिक स्थान है। यह जगह शिवपुरी से 20 किलोमीटर दूर सुरवाया गांव में बनी हुई है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। अगर आपको इतिहास में रुचि है, तो आपके यहां पर जरूर घूमने के लिए आना चाहिए, क्योंकि इस जगह पर ढेर सारी प्राचीन मंदिर और मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं।

इस गढ़ी को बहुत अच्छी तरह से मेंटेन की गई है। यहां पर एक प्राचीन गढ़ी या किला देखने के लिए मिलती है, जो मध्य काल के समय एक दुर्ग था। इस दुर्ग की संरचना गढ़ी नुमा होने से इसे गढ़ी के नाम से जाना जाता है। इस गढ़ी में प्रवेश के लिए टेढ़ी तिरछे रास्ते से होते हुए तीन प्रवेश द्वार हैं, जिनके मेहराब मुगलकालीन है। यह गढ़ी दीवार तथा खाई से घिरी हुई है। इस गढ़ी के अंदर तीन मंदिर तथा एक मठ है।

यह मठ आकार में एक बड़ी एवं महत्वपूर्ण संरचना है, क्योंकि मध्यकालीन हिंदू मठों के उदाहरण तत्कालीन समय में बहुत ही दुर्लभ है। इस भवन का निर्माण पत्थर की ठोस चिनाई से किया गया है। इसमें एक खुला आंगन है, जो स्तंभ युक्त गलियारों और हॉल से घिरा हुआ है। यह मठ मूल रूप से दो मंजिला इमारत थी, हालांकि इसकी उपरी मंजिल अब केवल कुछ जगहों पर ही शेष बची है।

इस गढ़ी में कुल तीन मंदिर हैं, जो की दसवीं शताब्दी के कच्छपघात शैली के उत्कृष्ट कलाकृति है। इन मंदिरों के प्रवेश द्वार पर पुष्प अलंकरण है। किसी देवता की प्रतिमा ज्यादातर गणेश की प्रतिमा प्रवेश द्वार के ऊपरी सिरदल के मध्य में बनी है। तीनों मंदिरों के शिखर वर्तमान में टूट चुके हैं।

मंदिर क्रमांक 3 के सामने एक आयताकार बावड़ी है, जिसमें सीढ़ियां बनी है। यहां पर ढेर सारी आप मूर्तियां देख सकते हैं, जो खुले आकाश के नीचे रखी हुई है और आप इन सभी मूर्तियों को देखकर इस जगह की प्राचीनता का अनुभव कर सकते हैं।

शहीद तात्या टोपे स्मारक (Martyr Tatya Tope Memorial)

शहीद तात्या टोपे स्मारक शिवपुरी की एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से है। यह स्मारक शिवपुरी मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट और अन्य साधन से आ सकते हैं। तात्या टोपे जी ने भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह एक वीर योद्धा थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और देश को आजाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह इस लड़ाई में शहीद भी हुए थे। उनकी याद में यहां पर स्मारक बनाया गया है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर एक सुंदर मूर्ति स्थापित की गई है। साथ ही साथ गार्डन बना हुआ है।

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भूरा खान झरना शिवपुरी (Bhura Khan Waterfall Shivpuri)

भूरा खान जलप्रपात शिवपुरी के पास घूमने का एक सुंदर झरना है। यह झरना घने जंगलों के अंदर बना हुआ है। इस जलप्रपात में आप आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह जलप्रपात शिवपुरी ग्वालियर हाईवे मार्ग से थोड़ा दूर अंदर जंगल में बना हुआ है। यहां पर पहुंचने का रास्ता भी खूबसूरत है।

जंगल के रास्ते होते हुए,आप इस झरने में पहुंच सकते हैं। यह झरना बरसात के समय बहुत ही सुंदर लगता है। बरसात के समय झरने में पानी की बहुत अधिक मात्रा रहती है। यहां पर ऊंची चट्टानों से पानी नीचे गिरता है, जो बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं।

यहां पर चारों तरफ जंगल का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। साथ ही साथ यहां पर मंदिर भी बना हुआ है, जो इस जगह को और भी आकर्षक बनाता है। यहां पर व्यूप्वाइंट बने हुए हैं, जहां पर आप आसपास के दृश्य देख सकते हैं। यह शिवपुरी के पास बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए और शांतिपूर्वक समय बिताने के लिए बढ़िया जगह है।

टुंडा बरखा झरना शिवपुरी (Tunda Barkha Waterfall Shivpuri)

टुंडा बरखा जलप्रपात शिवपुरी के पास घूमने के लिए एक सुंदर और प्राकृतिक स्थान है। यह जलप्रपात घने जंगलों के अंदर बना है। यह जलप्रपात अमर खोहा गांव के पास में बना है। यहां पर आप सड़क से आसानी से जा सकते हैं। जलप्रपात तक पहुंचाने के लिए कुछ दूरी तक ट्रैकिंग भी करनी पड़ती है।

टुंडा बरखा जलप्रपात का रास्ता बहुत ही खूबसूरत है और घने जंगल से घिरा है। यह जलप्रपात बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यह झरना बहता है और बहुत ही सुंदर लगता है। जलप्रपात का पानी चट्टानों से गिरता है। आप यहां पर बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आकर आप नहाने का आनंद भी उठा सकते हैं।

अटल सागर बांध मंडीखेड़ा शिवपुरी (Atal Sagar Dam Madikheda)

अटल सागर बांध को मंडीखेड़ा बांध के नाम से भी जाना जाता है। यह बांध शिवपुरी के पास घूमने के लिए सुंदर स्थान में से एक है। यह बांध बरसात के समय घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

बांध के चारों तरफ घना जंगल और पहाड़ों का दृश्य देखने के लिए मिलता है। बांध के पास में एक छोटा सा गार्डन भी बना हुआ है। इस बांध में 10 गेट हैं। बरसात के समय जब डैम के गेट खोले जाते हैं, तब डैम का दृश्य देखने लायक रहता है। यह बांध शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया और भिंड जैसे सिटी को लाभ पहुंचता है।

मोहनी सागर बांध शिवपुरी (Mohani Sagar Dam Shivpuri)

मोहनी सागर बांध शिवपुरी के पास नरवर में घूमने के लिए सुंदर स्थान में से एक है। यह बांध बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत ही सुंदर है। यह बांध सिंध नदी पर बना हुआ है। बांध के चारों तरफ जंगल और पहाड़ों का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। बांध में आप घूमने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय बांध का दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

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नरवर का किला शिवपुरी (Narwar Fort)

नरवर का किला शिवपुरी के पास घूमने का एक ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। यह किला मध्य प्रदेश के सबसे बड़े किलो में से एक माना जाता है। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यह किला शिवपुरी से 50 किलोमीटर दूर नरवर में बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं।

नरवर का किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यह किला अपनी शानदार वास्तुकला और समृद्धि इतिहास के लिए जाना जाता है। माना जाता है, कि इस किले का संबंध महाभारत काल से भी रहा है। यह किला कई राजवंशों के अधीन रहा है। किले में कछवाहा राजपूत, मराठा और मुगल वंश का शासन रहा है।

समय के साथ किले में कई बदलाव किए गए हैं। किले में राजपूत और मुग़ल वास्तुकला देखने के लिए मिलती है। किले के अंदर सपाट छत, मेहराबें और बारीकी से तराशे गए खंभे देखे जा सकते हैं। इस किले के अंदर घूमने के लिए ढेर सारे स्थल है, जहां पर आप घूम सकते हैं और प्राचीन इतिहास में झांक कर देख सकते हैं।

किले के अंदर घूमने वाली प्रमुख जगहों में कोरियों की हवेली, जेल भवन, मनसा देवी मंदिर, कटोरा ताल, आल्हा ऊदल का अखाड़ा, गौमुख, छीप महल, चक्की महल, कचहरी महल, सिकंदर लोदी की मस्जिद, राम जानकी मंदिर, मीना बाजार है। किले के अंदर पानी की व्यवस्था के लिए बावड़ी और कुआँ भी बने हुए हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। इस किले से नरवर शहर के आसपास का दृश्य बहुत ही अद्भुत रहता है।

हरसी बांध शिवपुरी (Harsi Dam Shivpuri)

हरसी बांध शिवपुरी के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यह डैम पार्वती नदी पर बना हुआ है। यह बांध मध्य प्रदेश के सबसे पुराने बांधों में से एक है। इस बांध का निर्माण मिट्टी और पत्थर से किया गया है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। बांध के चारों तरफ जंगल का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। बांध का दृश्य बरसात के समय बहुत ही शानदार रहता है। बरसात के समय यह जगह घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया है।

पावा जलप्रपात शिवपुरी (Pawa Waterfall, Shivpuri)

पावा जलप्रपात शिवपुरी के पास घूमने का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात शिवपुरी से करीब 40 किलोमीटर दूर बसाई गांव के पास में बना हुआ है। इस जलप्रपात में आप सड़क से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह जलप्रपात अपने जल प्रवाह के लिए प्रसिद्ध है।

बरसात के समय जब झरने में पानी की मात्रा अधिक होती है और झरना अपने पूरे प्रभाह से बहता है। तब इसका दृश्य देखने लायक रहता है। आप इस समय यहां पर आकर झरने के सुन्दर दृश्य का आनंद उठा सकते हैं। झरने के पास मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर आप जाकर भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर राम मंदिर भी बना हुआ है।

शिवपुरी जिले का प्रसिद्ध भोजन

शिवपुरी जिले के भोजन में मालवा और बुंदेलखंड का मिश्रण देखने को मिलता है।

ज़रूर चखें

  • दाल-बाफला
  • कचौरी
  • लड्डू
  • सेव-नमकीन

शिवपुरी घूमने का सही समय (Best Time to Visit Shivpuri)

शिवपुरी में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का है। इस समय मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है। इस समय ठंड का मौसम रहता है। इस समय आकर आप शिवपुरी के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।

आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय शिवपुरी के झरने और आसपास के जंगलों की सैर कर सकते हैं। इस समय झरने में पानी की पर्याप्त मात्रा रहती है और झरने बहुत ही सुंदर लगते हैं।

शिवपुरी कैसे पहुँचे (How to Reach Shivpuri)

सड़क मार्ग : शिवपुरी में आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। शिवपुरी ग्वालियर, झांसी और भोपाल से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। शिवपुरी में आने के लिए बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर आकर अन्य स्थानों में घूमने के लिए जा सकते हैं।

रेल मार्ग : शिवपुरी रेलवे स्टेशन प्रमुख रेल मार्ग पर स्थित है। शिवपुरी रेलवे स्टेशन अन्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां पर अन्य प्रमुख शहरों से डायरेक्ट ट्रेन आती है। आप शिवपुरी में ट्रेन के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

हवाई मार्ग : शिवपुरी का निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर में है। आप ग्वालियर वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद शिवपुरी सड़क मार्ग से आ सकते हैं।

शिवपुरी जिला का गूगल मैप लोकेशन

शिवपुरी जिले में ठहरने की सुविधा

  • लक्ज़री होटल
  • बजट होटल
  • वन विश्राम गृह
  • गेस्ट हाउस

शिवपुरी पर्यटन क्यों खास है?

  • राष्ट्रीय उद्यान
  • ऐतिहासिक किले
  • झीलें और झरने
  • शांत और हरित वातावरण

निष्कर्ष

शिवपुरी जिला मध्य प्रदेश का एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ प्रकृति, इतिहास और वन्यजीव का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यदि आप प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच और शांति एक साथ चाहते हैं, तो शिवपुरी जिले में घूमने की जगह आपकी यात्रा सूची में जरूर शामिल होनी चाहिए।

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