रहली का सूर्य मंदिर मध्य प्रदेश का प्राचीन, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के सागर जिले के पास रहली कस्बे में बना हुआ है। रहली कस्बा सागर एक प्राचीन नगर है। रहली अपने प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है।
रहली सूर्य मंदिर (Rehli Sun Temple) मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है। रहली नगर में ढेर सारी स्थल है, जहां पर जाकर आप घूम सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं। रहली का यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है। इस मंदिर को बहुत ही सुंदर तरीके से बनाया गया है। इस लेख में हम रहली के सूर्य मंदिर (Rehli Sun Temple) के बारे में जानकारी देंगे

सागर के पास रहली का सूर्य मंदिर की यात्रा (Trip to Rehli Sun Temple near Sagar)
मध्य प्रदेश के सागर जिले के पास स्थित रहली कस्बा अपने ऐतिहासिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। सागर जिले में ढेर सारे ऐतिहासिक स्थल है, जहां पर आप घूम सकते हैं। रहली नगर में ढेर सारे ऐतिहासिक स्थल है, जहां पर आप घूम सकते हैं। रहली कस्बा सागर जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर है।
रहली कस्बा का एक प्रसिद्ध स्थल सूर्य मंदिर है, जो सुनार नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह मंदिर न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि इतिहास, पुरातत्व और वास्तुकला में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। इस मंदिर में आप घूमने के लिए आ सकते हैं और इस मंदिर की संरचना को देख सकते हैं, जो बहुत ही उत्कृष्ट है।
मध्य प्रदेश में ग्वालियर में बना सूर्य मंदिर और सागर जिले में बना हुआ सूर्य मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर और प्राचीन है। मंदिर ज्यादा बड़ा नहीं है, छोटा सा है। मंदिर में आपको सिर्फ गर्भगृह देखने के लिए मिलता है। मंदिर की अन्य संरचना नष्ट हो गई है।
रहली का सूर्य मंदिर (Rehli Sun Temple) सुनार नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। इस मंदिर में आप अपने खुद के वाहन से आ सकते हैं। इस मंदिर में आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी आ सकते हैं। इस मंदिर में आने के लिए अच्छा सड़क मार्ग बना हुआ है।
मंदिर के पास में पार्किंग की सुविधा मिल जाती है। मंदिर में नदी को पार करने के लिए पुल बना हुआ है। इस पुल को अटल सेतु के नाम से जाना जाता है। आप पुल के द्वारा नदी के एक पार से दूसरे पार जा सकते हैं। नदी के दोनों तरफ सुंदर घाट बने हुए हैं, जहां पर आप स्नान कर सकते हैं। घाट में बैठकर नदी के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं। नदी में स्नान करते हैं। उसके बाद मंदिर में घूमने के लिए जाते हैं।
सुनार नदी के किनारे ही शंकर भगवान जी का मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर श्री महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां पर मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं और मंदिर के बाहर नाग देवता की बहुत ही आकर्षण मूर्ति बनाई गई है, जो बहुत ही सुंदर लगती है।

श्री महादेव मंदिर के बाजू में ही सूर्य मंदिर बना हुआ है, जो बहुत सुंदर और प्राचीन है। मंदिर चारों तरफ से बाउंड्री एरिया से घिरा हुआ है। यहां पर मुख्य मंदिर सूर्य भगवान जी का है। यहां पर गर्भगृह देखने के लिए मिलता है। मंदिर की बाकी संरचना नष्ट हो गई है, जिनके आप अभी यहां पर अवशेष देख सकते हैं।
मंदिर का जो प्रवेश द्वार है। वह बहुत सुंदर है। प्रवेश द्वार में सुंदर नक्काशी की गई है, जो देखने लायक है। मंदिर का जो प्रवेश द्वार है। उसमें आपको देवी देवताओं की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार के नीचे की तरफ हाथी की प्रतिमाएं बनी हुई है, जो बहुत सुंदर लगती है। मंदिर के दीवारों में भी प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है।
मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार में गेट लगा रहता है और ताला लगा रहता है। मंदिर के प्रवेश द्वार के अंदर आपको सूर्य भगवान जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस प्रतिमा को बहुत ही खूबसूरत तरीके से बनाया गया है। इस प्रतिमा में बारीक नक्काशी की गई है, जो बहुत सुंदर है। यहां पर विष्णु भगवान की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है।
आप यहां पर सूर्य भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। शिव जी के दर्शन कर सकते हैं। घाट के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। शाम के समय यहां पर ब्रिज में लाइट जलती है, जिससे यह ब्रिज और भी आकर्षक लगता है। यहां पर शाम के समय अच्छा समय बिताया जा सकता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय व्यतीत कर सकते हैं।
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रेहली के सूर्य मंदिर का इतिहास (History of the Rehli Sun Temple)
रेहली का सूर्य मंदिर (Rehli Sun Temple) एक राज्य संरक्षित स्मारक है। इस मंदिर की मूर्ति कला की दृष्टि से यह मंदिर लगभग दसवीं शताब्दी का रहा होगा। कालांतर में यह मंदिर नष्ट हो जाने के कारण, इस मंदिर का 18वीं शताब्दी में पुनः निर्माण करवाया गया। यह मंदिर सुनार नदी के तट पर स्थित है। मंदिर के गर्भगृह में भव्य एवं विशाल सूर्य प्रतिमा प्रतिष्ठित है। यह मंदिर पूर्व मुखी है। प्रवेश द्वार एवं बाह्य भित्ति में वैष्णव, शिव, नवग्रह एवं अन्य हिंदू देवी देवताओं के प्रतिमाओं से सुसज्जित किया गया है।
मंदिर की स्थापत्य शैली
सूर्य मंदिर रहली (Rehli Sun Temple) अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली के लिए जाना जाता है। यह मंदिर नागर शैली में निर्मित प्रतीत होता है, जो मध्य भारत में प्रचलित थी।
स्थापत्य की प्रमुख विशेषताएं
- ऊँचे चबूतरे पर स्थित मंदिर
- गर्भगृह, अंतराल और मंडप की स्पष्ट संरचना
- पत्थरों से निर्मित मजबूत दीवारें
- सरल लेकिन प्रभावशाली शिल्प
पर्यटन की दृष्टि से सूर्य मंदिर रहली
रहली का सूर्य मंदिर (Rehli Sun Temple) मध्य प्रदेश का एक धार्मिक पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर स्थान है और अगर आपको इतिहास से जुड़ी जगह देखने में इंटरेस्ट है, तो आपको इस मंदिर में जरूर आना चाहिए और इस मंदिर के संरचना को देखना चाहिए। मंदिर के आसपास का माहौल बहुत सुंदर है। मंदिर के पास में ही सुनार नदी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यहां आने वाले पर्यटक:
- प्राचीन मंदिर वास्तुकला देखते हैं
- स्थानीय इतिहास से परिचित होते हैं
- शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं
यह स्थान विशेष रूप से फोटोग्राफी और सांस्कृतिक अध्ययन में रुचि रखने वालों के लिए आकर्षक है।
सूर्य मंदिर रहली कैसे पहुंचें (How to Reach the Sun Temple Rahli)
सड़क मार्ग : रहली सागर जिले के पास स्थित एक कस्बा है। रहली में आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। इस मंदिर में आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से और बस के द्वारा आराम से आ सकते हैं। यहां पर आप अपने निजी परिवहन के द्वारा भी आ सकते हैं।
रेल मार्ग : रेहली का निकटतम रेलवे स्टेशन सागर रेलवे स्टेशन है, जो भोपाल, जबलपुर और अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। आप सागर में रेल मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद रहली में सड़क मार्ग के द्वारा आराम से पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग : रहली का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल है, जो रहली से लगभग 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप भोपाल में वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद रहली सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।
रहली सूर्य मंदिर का गूगल मैप लोकेशन
सूर्य मंदिर रहली घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Sun Temple Rahli)
रहली सूर्य मंदिर (Rehli Sun Temple) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर पर्यटन के लिए आ रहे हैं, तो आप यहां पर ठंड के समय आ सकते हैं और रहली के सूर्य मंदिर की सैर कर सकते हैं। रहली में और भी बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं। इस समय मौसम सुहावना रहता है और सूर्य उपासना का आध्यात्मिक अनुभव और भी गहरा हो जाता है।
रहली के आसपास दर्शनीय स्थल
सूर्य मंदिर (Rehli Sun Temple) के साथ-साथ रहली और सागर जिले में कई अन्य दर्शनीय स्थल भी हैं:
- गढ़ाकोटा
- एरण के ऐतिहासिक स्थल
- सागर झील
- नौरादेही अभयारण्य
- रहली का किला सागर
- आपचंद की गुफा सागर
- टिकीटोरिया देवी मंदिर
- गढ़पहरा हनुमान मंदिर सागर
इन स्थलों को मिलाकर यह क्षेत्र एक समृद्ध पर्यटन सर्किट बनाता है।
संरक्षण और जागरूकता
सूर्य मंदिर रहली (Rehli Sun Temple) जैसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। हमें:
- मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए
- प्राचीन संरचना को क्षति नहीं पहुंचानी चाहिए
- इसके ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए
ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
निष्कर्ष
सूर्य मंदिर रहली (Rehli Sun Temple) न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह मध्य भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य परंपराओं का सजीव प्रमाण भी है। सूर्य देव को समर्पित यह मंदिर आस्था, ऊर्जा और जीवन का प्रतीक है।
यदि आप सागर जिले की यात्रा पर हैं या मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक मंदिरों को देखने की योजना बना रहे हैं, तो सूर्य मंदिर रहली (Rehli Sun Temple) को अपनी यात्रा सूची में अवश्य शामिल करें। यह स्थान आपको इतिहास, भक्ति और शांति का अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।
