चौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी: आस्था, साहस और भक्ति का अद्भुत संगम
चौरागढ़ महादेव मंदिर पचमढ़ी के प्रमुख धार्मिक स्थान में से एक है। यह मंदिर पचमढ़ी के शिव धामों में से एक है। यह मंदिर 1300 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है, जो पचमढ़ी की ऊंची चोटी मानी जाती है। मंदिर में आने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है।
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) में आने का रास्ता बहुत ही सुंदर है। यहां पर आकर आप शांति का अनुभव कर सकते हैं। साथ में भगवान शिव के दर्शन करके एक अलग आनंद प्राप्त होता है। इस लेख में हम आपको चौरागढ़ महादेव मंदिर के बारे में जानकारी देंगे

चौरागढ़ महादेव मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir), जिसे चौडेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर पचमढ़ी की सबसे ऊंची चोटी में से एक में बना हुआ है। यह मंदिर 1300 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर से चारों तरफ का प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर चारों तरफ की सुंदर घाटियों देखी जा सकती है, जो दूर-दूर तक फैली हुई है।
यह दृश्य देखने में ऐसा लगता है, कि जैसे धरती ने हरियाली की चादर ओढ़ ली है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। ये जगह एडवेंचर करने वाले लोगों को भी बहुत पसंद आएगी, क्योंकि यहां पर काफी लंबा ट्रैक रहता है, जिससे मैं ट्रैकिंग करनी पड़ती है और ट्रैकिंग का रास्ता भी बहुत ही एडवेंचर रहता है।
रास्ते में आपको पहाड़, जंगल, और लोहे की सीढ़ियां भी देखने के लिए मिलती है, जिसमें आपको चलकर मंदिर तक आना रहता है। यहां पर आपको ऐसे ऐसे दृश्य देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही शानदार रहते हैं। यहां पर प्राकृतिक गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं, जो चट्टानों में बनी हुई है।
मंदिर के आस-पास का दृश्य बहुत ही सुंदर है। यहां पर मुख्य मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है। मंदिर की मुख्य गर्भगृह में शंकर भगवान जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा विराजमान है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। यह प्रतिमा देखने में ऐसी लगती है, कि जैसे सजीव हो जाएगी।
मुख्य मंदिर के पास में ही त्रिशूल का एक बड़ा सा भंडार देखने के लिए मिलता है। लोग यहां पर आकर मनोकामना मांगते हैं और जिसकी में मनोकामना पूरी हो जाती है। वह यहां पर त्रिशूल चढ़ाने के लिए आता है। यहां पर आपके छोटे से लेकर भारी भरकम, वजनी त्रिशूल तक देखने के लिए मिल जाता है। यह त्रिशूल एक जगह इकट्ठा करके रखे गए हैं। चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) के प्रति लोगों में बहुत ही मान्यता है। यह जगह पचमढ़ी के सबसे सुंदर स्थलों में से एक है।

चौरागढ़ महादेव मंदिर की यात्रा (Chauragarh Mahadev Temple Trip)
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) की यात्रा करने के लिए आपको सबसे पहले पचमढ़ी आना पड़ता है। पचमढ़ी आने के लिए आप पिपरिया रेलवे स्टेशन में आ सकते हैं। पिपरिया के बाद, आप बस के द्वारा आराम से पचमढ़ी पहुंच सकते हैं। पचमढ़ी में आप अपने निजी वाहन से भी आ सकते हैं।
पचमढ़ी पहुंचने के बाद, आपको चौरागढ़ मंदिर में आने के लिए जिप्सी की बुकिंग करनी पड़ती है। जिप्सी आप सेपरेट या शेयरिंग में बुक कर सकते हैं। पचमढ़ी से चौडेश्वर महादेव मंदिर (Chaudeshwar Mahadev Temple) करीब 15 किलोमीटर दूर घने जंगलों के अंदर स्थित है। चौरागढ़ महादेव मंदिर में आने का मार्ग बहुत ही सुंदर है।
इस मार्ग में आपको दोनों तरफ घने जंगल, सुंदर घाटियों का दृश्य देखते हुए आप यहां पर पहुंच जाते हैं। यहां रास्ते में आपको ढेर सारे पर्यटन स्थल देखने के लिए मिलते हैं, जिनकी सैर करते हुए आप यहां पर आ सकते हैं और घूम सकते हैं। चौडेश्वर मंदिर पहुंचने के बाद आपको सबसे पहले बड़ा महादेव मंदिर के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
आप अपनी गाड़ी बड़ा महादेव मंदिर में पार्क कर सकते हैं। उसके बाद आप बड़ा महादेव के दर्शन करने के बाद अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं। यहां पर आगे जाने पर आपको गुप्त महादेव के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जहां पर आपको प्राकृतिक और सकरी गुफा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर है। इसमें भगवान शिव जी विराजमान है। आप यहां के दर्शन कर सकते हैं।
गुप्त महादेव के दर्शन करने के बाद, आपको एक नदी देखने के लिए मिलती है। नदी को आप पार करने के बाद आपको पैदल रास्ता तय करने के लिए पड़ता है। यहां पर करीब 3 किलोमीटर की यात्रा आपको पैदल करनी पड़ती है। यह तीन किलोमीटर की यात्रा बहुत ही एडवेंचरस रहती है। यहां पर उबर खाबर रास्तों से होते हुए आप मंदिर के पास पहुंचते हैं।
यहां पर रास्ता बहुत ही सुंदर है। रास्ते में अलग-अलग प्रकार के जीव जंतु देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर बंदर आपको आसानी से देखने के लिए मिलते हैं। बंदर आपका खाना भी छीन सकते हैं, इसलिए अपना खाना संभाल कर रखना पड़ता है। रास्ते में आपको पचमढ़ी की सुंदर घाटियों का दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही अद्भुत लगता है।
रास्ते में आपको खाने-पीने की भी बहुत सारे ऑप्शन मिलते हैं। अगर आपको भूख लगती है, तो आप यहां पर कुछ खा सकते हैं। यहां पर मैगी, समोसा जैसी वस्तुएं मिलती हैं, जो आप खा सकते हैं। इस रास्ते से आप पार करके मंदिर में पहुंचेंगे, तो आपको मंदिर में एक बड़ा सा आंगन देखने के लिए मिलता है और मुख्य मंदिर देखने के लिए मिलता है।

चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) के आंगन में त्रिशूल का भंडार लगा हुआ है, जो आप देख सकते हैं। इसके अलावा मंदिर मुख्य मंदिर में आपको भगवान शंकर के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। भगवान शंकर की प्रतिमा बहुत ही सुंदर है। मुख्य मंदिर में और भी ढेर सारी देवी देवता विराजमान है, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं।
मुख्य मंदिर बहुत ही सुंदर है। यहां पर व्यूप्वाइंट बना हुआ है, जहां से आप घाटियों का अविश्वसनीय दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर बैठने की व्यवस्था भी है, जहां पर आप बैठकर कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं। मंदिर में पानी और बाथरूम की व्यवस्था भी है।
चौडेश्वर महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) में आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपने फैमिली और दोस्तों के साथ ट्रैकिंग कर सकते हैं और मंदिर में घूम सकते हैं। यहां पर ट्रैकिंग करके बहुत मजा आता है। अगर आप फिजिकली फिट है, तो आप यहां पर जरूर घूमने जाएं और इस जगह को महसूस करें।
चौरागढ़ महादेव मंदिर का धार्मिक महत्व
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) भगवान शिव को समर्पित है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि इस मंदिर में आकर आप जो भी सच्चे मन से मांगते हैं। वह जरूर पूरा होता है।
धार्मिक मान्यताएं
- भक्त यहाँ त्रिशूल और ध्वज चढ़ाते हैं
- मनोकामना पूर्ण होने पर भारी त्रिशूल चढ़ाने की परंपरा
- सावन और महाशिवरात्रि में विशेष पूजा
- कठिन चढ़ाई को तपस्या माना जाता है
चौरागढ़ महादेव मंदिर की यात्रा का अनुभव
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) की यात्रा एक आध्यात्मिक और साहसिक अनुभव है। चौरागढ़ महादेव मंदिर की यात्रा करने से आत्मिक शांति मिलती है। यहां पर आकर प्रकृति का अनोखा नजारा देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही सुकून देता है। अगर आप शारीरिक तरह से फिट है, तो आप यहां पर जरूर यात्रा करें और मंदिर को देखें।
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) में चढ़ाई का रास्ता कठिन है, लेकिन बहुत सुंदर है। रास्ते की दोनों तरफ आपको हरियाली और प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर भक्त हर हर महादेव के जयकारे के साथ चढ़ाई करते हैं, जिससे थकान का अनुभव बिल्कुल भी नहीं होता है।
मंदिर के ऊपर पहुंचने पर शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। साथ ही साथ यहां भगवान शिव की बहुत ही अद्भुत प्रतिमा है, जो सजीव लगती है। यहां पर त्रिशूल और ध्वजा देखा जा सकता है। यहां पर त्रिशूल भारी मात्रा में है और बहुत सुंदर त्रिशूलों को यहां पर लोग आकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं। मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।
सावन और महाशिवरात्रि का महत्व
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) में सावन सोमवार और महाशिवरात्रि पर बहुत महत्व रहता है। इस समय हजारों कावड़िया और श्रद्धालु यहां पर आते हैं और भगवान शिव जी का जलाभिषेक किया जाता है। यह पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो जाता है। यहां पर चारों तरफ का दृश्य देखने लायक रहता है। आप यहां पर इस समय जाकर अलग अनुभव कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि के समय भी यहां पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला बहुत बड़े एरिया में लगता है और यहां पर हर जगह पर भंडारा मिलता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा अनुभव होता है। यहां पर रात भर जागरण किया जाता है। पूजा अर्चना किया जाता है और भजन कीर्तन किया जाता है। इन दिनों चौरागढ़ महादेव मंदिर श्रद्धा का विशाल केंद्र बन जाता है।
चौरागढ़ महादेव मंदिर के पास घूमने की जगहें
- पांडव गुफा
- बड़ा महादेव मंदिर
- राजेंद्र गिरी पचमढ़ी
- जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी
- बी फॉल
- धूपगढ़
चौरागढ़ महादेव मंदिर कैसे पहुंचें (How to reach Chauragarh Mahadev Temple)
सड़क मार्ग : पचमढ़ी में आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। पचमढ़ी प्रमुख शहर से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। पचमढ़ी में पहुंचकर इस मंदिर तक जाने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है और मंदिर में पहुंचकर आपको ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यहां पर करीब तीन किलोमीटर की ट्रैकिंग करनी पड़ती है।
रेल मार्ग : पचमढ़ी का निकटतम रेलवे स्टेशन पिपरिया जंक्शन (लगभग 55 किमी) है। पिपरिया जंक्शन अन्य सिटी से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। पिपरिया जंक्शन में आप रेल मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद पचमढ़ी में सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। पचमढ़ी में जाने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है।
हवाई मार्ग : पचमढ़ी का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल एयरपोर्ट है। आप भोपाल में वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद पचमढ़ी में सड़क के द्वारा या रेल मार्ग के द्वारा आ सकते हैं।
चौडेश्वर महादेव मंदिर का गूगल मैप लोकेशन
चौरागढ़ महादेव मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Chauragarh Mahadev Temple)
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) में घूमने का सबसे अच्छा समय सावन का रहता है। यहां पर आप सावन के महीने में आ सकते हैं और मंदिर घूम सकते हैं। इस समय यहां पर मेला लगता है और यहां पर बहुत सारे श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं।
आप यहां पर ठंड के समय भी आ सकते हैं। ठंड के समय भी यहां घूमने का बढ़िया समय है। महाशिवरात्रि भी यहां पर आने का बढ़िया समय है। बाकी आप अपनी इच्छा अनुसार घूमने के लिए आ सकते हैं। गर्मियों में चढ़ाई कठिन हो सकती है।
यात्रियों के लिए सुझाव
- आरामदायक जूते पहनें
- पानी और प्राथमिक चिकित्सा साथ रखें
- बुजुर्ग और बच्चों के लिए सावधानी
- बारिश के मौसम में फिसलन से बचें
- मंदिर की पवित्रता बनाए रखें
निष्कर्ष
चौरागढ़ महादेव मंदिर (Chauragarh Mahadev Mandir) पचमढ़ी आस्था, साहस और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखा स्थान है। यहाँ की कठिन चढ़ाई श्रद्धालुओं की भक्ति की परीक्षा लेती है और शिखर पर पहुँचकर मिलने वाली शांति जीवन भर याद रहती है।
यदि आप पचमढ़ी की यात्रा कर रहे हैं, तो चौरागढ़ महादेव मंदिर के दर्शन अवश्य करें। यह स्थान न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा देता है बल्कि प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है।
