पशुपतिनाथ जल मंदिर, नरसिंहगढ़ : Beautiful Pashupatinath Jal Mandir Narsinghgarh, Travel Guide 2026

मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नगर नरसिंहगढ़ अपने सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन किले और प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। नरसिंहगढ़ में ढेर सारी प्राचीन मंदिर हैं, जो बहुत ही सुंदर है। नरसिंहगढ़ के मंदिरों में एक प्रसिद्ध मंदिर – पशुपतिनाथ जल मंदिर है, जो नरसिंहगढ़ में एक बड़ी सी झील के बीच में बना हुआ है।

पशुपतिनाथ जल मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है। इस मंदिर में आप घूमने के लिए आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं। मंदिर से चारों तरफ झील का दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। इस लेख में हम आपको नरसिंहगढ़ के पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir) के बारे में जानकारी देंगे

Pashupatinath Jal Mandir Narsinghgarh
Pashupatinath Jal Mandir Narsinghgarh

नरसिंहगढ़ का पशुपतिनाथ जल मंदिर की यात्रा (Trip to the Pashupatinath Jal Mandir in Narsinghgarh)

नरसिंहगढ़ मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का एक प्रमुख नगर है। नरसिंहगढ़ पर आप आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। नरसिंहगढ़ चारों तरफ से पहाड़ों और जंगलों से घिरा हुआ है। नरसिंहगढ़ के आस-पास घूमने के लिए ढेर सारे स्थान हैं, जो प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। नरसिंहगढ़ में ढेर सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर है।

नरसिंहगढ़ मुख्य शहर में पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir)  बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। यह मंदिर भगवान शिव के पशुपतिनाथ स्वरूप को समर्पित है और इसकी सबसे बड़ी विशेषता है – जल के बीच बना मंदिर, जिसके कारण इसे “जल मंदिर” कहा जाता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी अनोखी बनावट और शांत वातावरण के कारण भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है।

पशुपतिनाथ जल मंदिर बड़ी सी झील में बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए पुल का रास्ता बना हुआ है। पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir) में आने के लिए आपको नरसिंहगढ़ आना पड़ेगा। नरसिंहगढ़ आने के लिए, यहां सड़क मार्ग उपलब्ध है। नरसिंहपुर भोपाल शहर के बहुत करीब है। भोपाल से आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। भोपाल से यहां पर आने लिए बस की सुविधा और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध रहती है।

पशुपतिनाथ जल मंदिर नरसिंहगढ़ मुख्य शहर में बना हुआ है। यह मंदिर बारादरी मार्ग पर बना हुआ है। यहां पर एक बहुत बड़ी झील देखने के लिए मिलती है। झील के पास में ही इरिगेशन ऑफिस बना हुआ है, जिसके बाजू से ही मंदिर जाने के लिए रास्ता बना हुआ है। मंदिर के पास में पार्किंग की व्यवस्था है, जहां पर आप अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। उसके बाद इस मंदिर में जा सकते हैं।

पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir), पारसनाथ झील के बीच में बना हुआ है। इस झील का नाम पारसनाथ इसलिए पड़ा, क्योंकि नरसिंहगढ़ रियासत के एक शासक का नाम पारसनाथ था। इसलिए इस झील को उनके नाम से जाना जाता है। झील के बीच में शंकर भगवान जी का मंदिर बना हुआ है, जो बहुत ही भव्य लगता है।

यह झील बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है। झील का पानी उतना साफ नहीं है। झील में आपको मछलियां देखने के लिए मिल जाती है। झील के किनारे घाट बना हुआ है, जहां पर ढेर सारी मछलियों को आराम से देखा जा सकता है। यहां पर आप घाट में बैठ सकते हैं और इन मछलियों को देख सकते हैं।

झील के मध्य बने मंदिर में आप जा सकते हैं। यहां पर आपको भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर पीले रंग से पेंट किया गया है और बहुत ही आकर्षक लगता है। मंदिर के ऊपर एक बड़ा सा शिखर देखा जा सकता है, जो बहुत ही आकर्षक है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन होते हैं।

यहां पर पंचमुखी शिवलिंग के दर्शन किए जा सकते हैं, जो बहुत ही आकर्षक लगते हैं। मंदिर के पास में भी दो मंदिर बने हुए हैं, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है और एक और मंदिर बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह के बाहर नंदी भगवान जी की प्रतिमा विराजमान है।

Pashupatinath Jal Mandir Narsinghgarh
Water fountain in Parasnath Lake of Narsinghgarh

पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir) के दर्शन करने के बाद, आप मंदिर के पास थोड़ा देर बैठ सकते हैं, आस-पास की सुंदरता को देख सकते हैं। यहां पर झील में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिसका आप आनंद ले सकते हैं। मगर आप अगर नौकायन का आनंद लेते हैं, तो आप यहां पर सेफ्टी का जरूर ध्यान रखें।

मंदिर में शाम के समय, जब लाइट जलती है। तब यह मंदिर और भी आकर्षक लगता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। इस मंदिर में महाशिवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है।

मंदिर की संरचना और विशेषता

पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir) की संरचना इसे अन्य शिव मंदिरों से अलग बनाती है:

  • मंदिर चारों ओर से जल से घिरा हुआ है
  • बीच में शिवलिंग और छोटा सा मंदिर गर्भगृह
  • जल के ऊपर बना संकरा मार्ग (या पुल) दर्शन के लिए उपयोग होता है
  • प्राकृतिक और शांत वातावरण मंदिर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है

यह संरचना भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।

पूजा विधि और अभिषेक

मंदिर में सामान्य और विशेष दोनों प्रकार की पूजा होती है।

पूजा सामग्री

  • जल, दूध, बेलपत्र
  • धतूरा, भस्म
  • पुष्प और दीपक

विशेष अनुष्ठान

  • रुद्राभिषेक
  • महामृत्युंजय मंत्र जाप
  • सावन सोमवार विशेष पूजा

सावन माह, महाशिवरात्रि और सोमवार को यहां विशेष भीड़ रहती है।

पशुपतिनाथ जल मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (The best time to visit Pashupatinath Water Temple)

पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड के समय आ सकते हैं और इस मंदिर में घूम सकते हैं। नरसिंहपुर में घूमने के लिए ढेर सारे स्थल हैं।

आप ठंड के समय यहां पर आकर नरसिंहपुर के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। आप यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय भी आ सकते हैं। सावन सोमवार और महाशिवरात्रि का समय इस मंदिर में दर्शन करने के लिए शुभ होता है।

पशुपतिनाथ जल मंदिर कैसे पहुंचें (How to Reach Pashupatinath Water Temple)

सड़क मार्ग : नरसिंहगढ़ सड़क मार्ग से राजगढ़, ब्यावरा, भोपाल और इंदौर से जुड़ा हुआ है। नरसिंहगढ़ में आप सड़क के मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। नरसिंहगढ़ आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर अपने निजी वाहन से भी पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग : नरसिंहगढ़ का निकटतम रेलवे स्टेशन ब्यावरा जंक्शन है। आप ब्यावरा जंक्शन में अन्य शहरों से रेल मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद नरसिंहगढ़ में सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं।

वायु मार्ग : नरसिंहपुर का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल में बना हुआ है। आप भोपाल में वायु मार्ग के द्वारा अन्य शहरों से आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा नरसिंहपुर पहुंच सकते हैं। नरसिंहगढ़ शहर से ऑटो या टैक्सी द्वारा मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

पशुपतिनाथ जल मंदिर नरसिंहगढ़ का गूगल मैप लोकेशन

आसपास के दर्शनीय स्थल

इन स्थलों के साथ पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir) दर्शन आपकी यात्रा को पूर्ण बनाता है।

यात्रा टिप्स

  • सावन और शिवरात्रि पर अधिक भीड़ रहती है
  • फिसलन से बचने के लिए सावधानी रखें
  • मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखें
  • सुबह का समय दर्शन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है

निष्कर्ष

पशुपतिनाथ जल मंदिर (Pashupatinath Jal Mandir), नरसिंहगढ़ आस्था, शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। जल के मध्य स्थित शिवलिंग इसे विशेष आध्यात्मिक पहचान देता है। यदि आप नरसिंहगढ़ या राजगढ़ जिले की धार्मिक यात्रा पर हैं, तो इस पवित्र शिवधाम के दर्शन अवश्य करें और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें।

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