चित्रकूट का पवित्र धाम स्फटिक शिला – Beautiful Sphatik Shila Chitrakoot

स्फटिक शिला चित्रकूट का एक पवित्र और सुंदर स्थान है।स्फटिक शिला चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित एक धार्मिक स्थान है। यह स्थान बहुत ही पवित्र है। यहां पर आपको प्राचीन शीला देखने के लिए मिलती है, जिसके बारे में ढेर सारी मान्यताएं हैं।

यह शिलाखंड मंदाकिनी नदी के किनारे बना हुआ है। इस लेख में हम चित्रकूट के स्फटिक शिला (Sphatik Shila Chitrakoot) के बारे में जानकारी देंगे

Sphatik Shila Chitrakoot
Sphatik Shila Chitrakoot

चित्रकूट के स्फटिक शिला की यात्रा (Trip to Sphatik Shila Chitrakoot)

चित्रकूट मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित एक अत्यंत पवित्र स्थान है। चित्रकूट में भगवान श्री राम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय बताया था। चित्रकूट में बहुत सारे स्थल है, जो भगवान श्री राम से संबंधित है। इन्हें पावन स्थान में से एक है इस स्फटिक शिला (Sphatik Shila) जिसका बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। यह स्थान केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है।

स्फटिक शिला (Sphatik Shila) मुख्य चित्रकूट शहर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित है। यह राम दर्शन संग्रहालय की बहुत करीब है। राम दर्शन संग्रहालय मुख्य सड़क में ही देखने के लिए मिल जाता है। राम दर्शन संग्रहालय के ही पास से स्फटिक शिला की ओर रास्ता जाता है।

स्फटिक शिला मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित एक सुंदर स्थान है। यहां पर चारों तरफ शांत वातावरण है। यहां पर आप ऑटो से आराम से जा सकते हैं। यहां पर अपनी बाइक और कार से भी आराम से जा सकते हैं। यहां पार्किंग के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर गाड़ी खड़ी करके, आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं।

यहां पर ढेर सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर गाय भी घूमती रहती है। यहां पर बंदर को खिलाने के चने मिलते हैं, मछलियों का दाना मिलता है और गाय को खिलाने के लिए चारा भी मिलता है। आप यहां पर जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप जाएंगे, तो आपको मंदाकिनी नदी के बीच में एक विशाल शिला देखने के लिए मिलती है, जिसके बारे में कहा जाता है कि भगवान श्री राम यहां पर बैठा करते थे और अपना समय बिताया करते थे।

यहां पर एक पंडित जी रहते हैं, जो इस स्थल के बारे में जानकारी देते हैं। यह शिला देखने में बहुत ही सुंदर और चिकने पत्थर की है और बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर पंडित जी आपको श्री राम जी की कथा सुनाते हैं। यहां पर आप श्री राम जी की कथा सुन सुनते हैं और आसपास के दृश्यों का देख सकते हैं। यहां पर भगवान श्री राम जी का मंदिर भी बना हुआ है और यज्ञशाला भी बनी हुई है।

यहां पर आप चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम रहता है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर आसपास ढेर सारे बंदर घूमते रहते हैं। मंदाकिनी नदी में ढेर सारी मछलियां देखे जा सकती है। यहां पर घाट बना हुआ है, जहां पर आप स्नान कर सकते हैं। यहां पर यज्ञशाला बनी हुई है, जहां पर हर महीने फरवरी में यज्ञ होता है। इस जगह में आकर सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है।

जानें : चित्रकूट में घूमने की प्रमुख जगह

स्फटिक शिला के बारे में धार्मिक मान्यता

स्फटिक शिला (Sphatik Shila) के बारे में धार्मिक मान्यता है, कि यहां पर एक बार श्री राम जी माता सीता जी के साथ विश्राम कर रहे थे और प्राकृतिक नजारों का आनंद उठा रहे हैं। मान्यता है कि एक दिन माता सीता और श्री राम जी इसी चट्टान के ऊपर बैठकर मंदाकिनी नदी के विहंगम दृश्य को देख रहे थे। तब इंद्र के पुत्र जयंत ने कौवे का रूप धारण करके माता सीता के पैरों पर चोंच मार दी, जिसके कारण माता सीता के पैरों से खून बहने लगा।

जब श्री राम जी ने माता सीता के पैरों से खून बहते हुए देखा। तब उन्हें बहुत गुस्सा आया और उन्होंने एक तिनके का बाढ़ बनाकर जयंत को मारा। जयंत अपनी जान बचाने के लिए त्रिदेव के पास गया। मगर त्रिदेव के पास जाकर उसको किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिली।

तब जयंत ने माता सीता के चरण में गिरकर माफी मांगी। माता सीता ने जयंत को माफ किया और जयंत को प्राण बच गए। उसी समय से कहा जाता है, कि कौवा की एक आंख में कम दिखाई देता है।

Sphatik Shila Chitrakoot
Charan chinh of Mata Sita and Shri Ram ji

स्फटिक शिला की प्राकृतिक विशेषताएं

  • मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित
  • चारों ओर हरियाली और पहाड़
  • शांत और निर्मल वातावरण
  • सूर्य के प्रकाश में चमकती शिला

यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।

स्फटिक शिला में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Sphatik Shila)

स्फटिक शिला (Sphatik Shila) वर्ष भर खुला रहता है। यहां पर आप कभी भी घूमने के लिए आ सकते हैं, मगर यहां पर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का रहता है। अक्टूबर से और मार्च का समय ठंड का रहता है। इस समय मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है।

आप यहां पर आराम से दर्शन कर सकते हैं और आसपास के दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। आप विशेष उत्सव जैसे रामनवमी, दीपावली और अमावस्या के दिन भी यहां पर दर्शन करने के लिए आ सकते हैं।

स्फटिक शिला कैसे पहुंचें (How to Reach Sphatik Shila)

सड़क मार्ग : स्फटिक शिला चित्रकूट (Sphatik Shila Chitrakoot) से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर मंदाकिनी नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप ऑटो से या अपने निजी वाहन से आ सकते हैं।

रेल मार्ग : चित्रकूट का निकटतम रेलवे स्टेशन चित्रकूट कर्वी रेलवे स्टेशन है। आप यहां पर अन्य शहरों से कर्वी रेलवे स्टेशन में आ सकते हैं और उसके बाद बस या ऑटो के द्वारा चित्रकूट पहुंच सकते हैं।

वायु मार्ग : चित्रकूट का निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज में है। आप प्रयागराज में वायु मार्ग के द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद चित्रकूट में सड़क मार्ग के द्वारा या रेल मार्ग के द्वारा आ सकते हैं। चित्रकूट पहुँचने के बाद स्थानीय ऑटो या टैक्सी द्वारा स्फटिक शिला तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।

स्फटिक शिला चित्रकूट का गूगल मैप लोकेशन

स्फटिक शिला के पास घूमने की जगहें

स्फटिक शिला के दर्शन के साथ आप इन प्रमुख स्थलों को भी देख सकते हैं:

यात्रा से जुड़े उपयोगी सुझाव

  • नदी के किनारे सावधानी रखें
  • पवित्रता और शांति बनाए रखें
  • सुबह जल्दी जाएँ तो भीड़ कम रहती है
  • फोटोग्राफी करते समय मर्यादा रखें

निष्कर्ष

स्फटिक शिला (Sphatik Shila), चित्रकूट एक ऐसा पवित्र स्थल है जहाँ धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह स्थान रामायण काल की अमूल्य धरोहर है और आज भी श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम और माता सीता से जोड़ता है। चित्रकूट यात्रा के दौरान स्फटिक शिला के दर्शन अवश्य करें।

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