भेड़ाघाट – धुआंधार जलप्रपात और मार्बल रॉक्स की सैर | Beautiful Bhedaghat Jabalpur, Travel Guide Latest 2026

भेड़ाघाट – धुआंधार जलप्रपात और मार्बल रॉक्स की अद्भुत नगरी

भेड़ाघाट जबलपुर शहर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। भेड़ाघाट भारत के सबसे सुंदर स्थान में से एक है। यह स्थल मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर आपको एक ही जगह पर ढेर सारे स्थल देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर धुंआधार जलप्रपात, मार्बल रॉक और 64 योगिनी मंदिर देखने के लिए मिलता है।

यहां पर विशाल संगमरमर की चट्टानें देखने के लिए मिलती है, जहां से नर्मदा नदी पर सुंदर झरना गिरता है और बहुत ही आकर्षक लगता है। तो चलिए जानते हैं भेड़ाघाट (Bhedaghat) के बारे में

भेड़ाघाट क्यों प्रसिद्ध है

भेड़ाघाट (Bhedaghat) को अक्सर “भारत का मिनी नियाग्रा फॉल्स” भी कहा जाता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और साहसिक गतिविधियाँ हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। भेड़ाघाट (Bhedaghat) अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और अद्भुत भू-आकृतिक संरचनाओं की वजह से प्रसिद्ध है। भेड़ाघाट की प्रसिद्धि के मुख्य कारण

  1. धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Waterfall) – धुआंधार जलप्रपात भेड़ाघाट (Bhedaghat) के मुख्य आकर्षणों में से एक है। यहां पर नर्मदा नदी लगभग 30 मीटर की ऊंचाई से गिरती है और सुंदर झरना बनती है। यह झरना धुएं के जैसे दिखाई देता है। इस कारण इसको धुआंधार जलप्रपात के नाम से जाना जाता है।

  2. संगमरमर की चट्टानें (Marble Rocks) – संगमरमर की चट्टानें भेड़ाघाट (Bhedaghat) में आकर आपको संगमरमर की वादी देखने के लिए मिलती है। यहां पर संगमरमर की चट्टानें है, जिनके बीच से नर्मदा नदी बहती है। यहां पर 100 फीट ऊंची सफेद संगमरमर की चट्टानें हैं। यह चट्टानें दिन के समय में अलग-अलग रंगों में दिखाई देती हैं और चांद की रोशनी में बहुत ही आकर्षक लगती है। यहां पर आकर आप इन चट्टानों को देख सकते हैं। यह बहुत ही सुंदर लगते हैं।

  3. नाव की सवारी (Boating)भेड़ाघाट (Bhedaghat) में आकर आप नाव की सवारी का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है, जो आपका एक अविश्वसनीय अनुभव प्रदान करती है।

  4. चौसठ योगिनी मंदिर – 64 योगिनी मंदिर भेड़ाघाट (Bhedaghat) के सबसे प्रसिद्ध स्थान में से एक है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। 10वीं शताब्दी का यह प्राचीन मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। यहाँ से पूरे भेड़ाघाट का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

  5. रोपवे (Cable Car)भेड़ाघाट (Bhedaghat) में रोपवे की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आप धुआंधार जलप्रपात और संगमरमर की वादी को ऊपर से देख सके। ऊपर से यह चट्टानें देखने में बहुत ही सुंदर लगते हैं। धुआंधार जलप्रपात को ऊपर से देखने के लिए रोपवे का अनुभव अनोखा होता है।

  6. फिल्मों की शूटिंग – यहाँ कई हिंदी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है, जिससे इसकी प्रसिद्धि और बढ़ गई है। यहां पर बॉलीवुड की एक फेमस फिल्म अशोका की शूटिंग हुई है, जिसका एक गाना यहां पर फिल्माया गया है। उस गाने के बहुत सारे सीन यहीं पर शूट हुए हैं।

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भेड़ाघाट का इतिहास (History of Bhedaghat)

भेड़ाघाट (Bhedaghat) का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। यह क्षेत्र नर्मदा नदी के किनारे बसा होने के कारण सदियों से धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है।

प्राचीन काल

प्राचीन काल से ही भेड़ाघाट का महत्व रहा है। पुराणों और लोककथाओं के अनुसार के अनुसार नर्मदा नदी को देवी स्वरूप माना गया है और नर्मदा नदी को पूजा जाता है। नर्मदा माता जी को शिव भगवान जी की पुत्री माना जाता है।

भेड़ाघाट के किनारे नर्मदा नदी में ढेर सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जहां पर पूजा की जाती है। ऐसा भी माना जाता है, कि यहां पर ऋषि मुनि तपस्या किया करते थे। यह साधना स्थल माना जाता था।

मध्यकालीन इतिहास

भेड़ाघाट (Bhedaghat) के आस-पास के क्षेत्र में कलचुरी वंश का शासन रहा था। यहां पर कलचुरी राजाओं ने नर्मदा तट पर कई मंदिरों का निर्माण किया है। 64 योगिनी मंदिर 10वीं और 11वीं शताब्दी में इसी काल में बना हुआ है।

यह मंदिर अपने स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है। भारत में यह एक मात्र मंदिर है, जो भेड़ाघाट पर बना हुआ है। आप वर्तमान समय में इस मंदिर में घूमने जा सकते हैं और इस मंदिर की सुंदरता को देख सकते हैं। इस मंदिर से भेड़ाघाट का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

भेड़ाघाट का धार्मिक महत्व

भेड़ाघाट (Bhedaghat) नर्मदा नदी के पवित्र तट पर स्थित है, जहां श्रद्धालु स्नान, पूजा और नर्मदा परिक्रमा करते हैं। चौसठ योगिनी मंदिर तांत्रिक परंपरा से जुड़ा एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। कार्तिक पूर्णिमा, मकर संक्रांति और नर्मदा जयंती जैसे पर्वों पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं।

भेड़ाघाट का प्राकृतिक महत्व

  • धुआंधार जलप्रपात: नर्मदा नदी यहां संकरी घाटी से गिरते हुए विशाल जलप्रपात का रूप ले लेती है, जहां से उठती जलधुंध इस नाम का कारण है।
  • संगमरमर की चट्टानें: नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर फैली सफेद संगमरमर की ऊँची चट्टानें भेड़ाघाट को विश्वभर में प्रसिद्ध बनाती हैं।
  • चाँदनी रात में नाव विहार के दौरान ये चट्टानें अत्यंत मनोहारी दिखाई देती हैं।

भेड़ाघाट का सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व

यह स्थान मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। देश-विदेश से पर्यटक यहां की प्राकृतिक कला, नाव यात्रा और मंदिरों को देखने आते हैं। भेड़ाघाट से प्राप्त संगमरमर का उपयोग मूर्तिकला और शिल्प कार्य में किया जाता है, जो स्थानीय कारीगरों की आजीविका का स्रोत है।

जबलपुर का भेड़ाघाट किस चट्टान के लिए प्रसिद्ध है

भेड़ाघाट (Bhedaghat) की सबसे खास पहचान इसकी संगमरमर की ऊँची-ऊँची चट्टानें हैं। यहां पर आपको संगमरमर की एक खूबसूरत घाटी देखने के लिए मिलती है और इस घाटी से नर्मदा नदी बहती है। नर्मदा नदी यहां पर 100 फीट ऊंची संगमरमर के पहाड़ियों के बीच से बहती है।

यह चट्टान दिन के समय सूरज की रोशनी में सफेद, गुलाबी और हल्की नीली रंग में चमकता है, जबकि चांदनी रात में इनका दृश्य ही अलग रहता है। आप इन चट्टानों को करीब से देख सकते हैं। भेड़ाघाट के बाजार में इन चट्टानों से बना हुआ सामान भी मिलता है। यह चट्टान बहुत ही दुर्लभ रहती हैं। भारत में संगमरमर की घाटी मध्य प्रदेश के जबलपुर में ही देखने के लिए मिलती है।

  • यहाँ की मार्बल रॉक्स को देखने के लिए नाव की सवारी सबसे लोकप्रिय गतिविधि है।
  • चट्टानों का आकार समय के साथ प्राकृतिक रूप से अलग-अलग आकृतियों में बदलता रहता है।
  • यहाँ से निकला संगमरमर न केवल भारत में बल्कि विदेशों तक भी निर्यात किया जाता है।
  • फिल्मों की शूटिंग के लिए भी यह स्थान बहुत प्रसिद्ध है।

भेड़ाघाट में Boating (नाव की सवारी)

आप भेड़ाघाट (Bhedaghat) घूमने के लिए आते हैं, तो भेड़ाघाट (Bhedaghat) में नाव की सवारी एक बहुत ही अच्छी गतिविधि है और यहां पर जो भी बाहर की सिटी से भेड़ाघाट घूमने के लिए आराम आता है। उसको नाव की सवारी जरूर करनी चाहिए। नाव की सवारी से आप यहां की मार्बल रॉक्स के बीच में बहती हुई नर्मदा नदी में सवारी करने का अनुभव ले सकते है, जो बेहद रोमांचक रहता है।

यहां पर ऊंची सफ़ेद चट्टानों के बीच से जब नाव गुजराती है, तो उसका दृश्य किसी फिल्मी दृश्य जैसा एहसास दिलाता है। आप यहां पर जाकर आराम से नाव की सवारी कर सकते हैं। नाव की सवारी की टिकट आपको भेड़ाघाट में बने हुए टिकट काउंटर से मिल जाती है, जहां से आपको लाइव जैकेट और नाव, मिल जाती है।

यहां पर आप अगर प्राइवेट नाव की बुकिंग करना चाहते हैं, तो आप कर सकते हैं। बाकी अगर आप सबके साथ नाव की सैर करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं। नाव की सवारी करीब 1 से 2 घंटे की रहती है, जिसमें आपको बहुत ही मजा आएगा।

सबसे अच्छा समय – अक्टूबर से मार्च (सर्दियों में चाँदनी रात की नाव सवारी बेहद मशहूर है)।

नाव की सवारी का समय – सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक।

फीस/चार्जेस – नाव का किराया नाव के प्रकार और समय पर निर्भर करता है। आमतौर पर ₹50 से ₹100 प्रति व्यक्ति से शुरू होकर ₹500 तक जाता है (अगर आप निजी नाव लेना चाहें तो ज्यादा किराया देना पड़ता है)।

विशेष आकर्षण – चाँदनी रात की नाव यात्रा, जहाँ संगमरमर की चट्टानें अलग-अलग रंगों में चमकती हैं।

भेडाघाट बोटिंग पॉइंट की गूगल मैप लोकेशन

Boating के दौरान अनुभव

  • नाविक चट्टानों के मजेदार किस्से और उनके नाम बताते हैं।
  • चट्टानों पर अलग-अलग आकार दिखाई देते हैं – जैसे हाथी, बंदर, तलवार इत्यादि।
  • पानी की हल्की लहरें और ठंडी हवाएँ पूरे माहौल को रोमांटिक और यादगार बना देती हैं।
  • मानसून (जुलाई–सितंबर) में सुरक्षा कारणों से बोटिंग बंद रहती है।
  • फोटोग्राफी के लिए कैमरा जरूर साथ रखें।

भेड़ाघाट में घूमने लायक जगह

धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Waterfall)
मार्बल रॉक्स (Marble Rocks)
चौसठ योगिनी मंदिर
रोपवे (Cable Car Ride)
नर्मदा आरती और घाट
संगमरमर बाजार (Marble Handicraft Market)
लम्हेटा घाट (Lamheta Ghat)
कंचन घाट

भेड़ाघाट में करने योग्य गतिविधियाँ

  1. नाव की सवारी (Boating) – मार्बल रॉक्स के बीच नाव की सवारी बेहद रोमांचक होती है।

  2. रोपवे की सैर – धुआंधार झरने को ऊपर से देखने का अनुभव।

  3. फोटोग्राफी – यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और चट्टानों के बीच ली गई तस्वीरें बेहद खास होती हैं।

  4. धार्मिक दर्शन – चौसठ योगिनी मंदिर और नर्मदा घाट पूजा के लिए प्रसिद्ध हैं।

  5. स्थानीय बाजार – यहाँ आपको संगमरमर से बनी सुंदर मूर्तियाँ और हस्तशिल्प मिलेंगे।

भेड़ाघाट में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Bhedaghat)

भेड़ाघाट (Bhedaghat) में घूमने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का रहता है। आप यहां पर आकर सर्दियों में भेड़ाघाट के सभी स्थलों की सैर कर सकते हैं। भेड़ाघाट बहुत बड़ी एरिया में फैला हुआ है और यहां पर घूमने के लिए ढेर सारे स्थान है। इसलिए आपको यहां पर घूमने में 1 दिन का समय आराम से लग जाएगा, आप यहां पर आकर सभी स्थानों की सैर कर सकते हैं।

आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं, मगर बरसात के समय भेड़ाघाट के धुआंधार जलप्रपात में जल का प्रवाह बहुत तेज रहता है, जिससे आपको प्रॉपर जलप्रपात देखने के लिए नहीं मिलता है। इसलिए ठंड यहां पर आने का बेस्ट समय है। झरना अपनी पूरी खूबसूरती में रहता है लेकिन नाव की सवारी बंद रहती है। गर्मियों (अप्रैल-जून) में यहाँ घूमना थोड़ा कठिन हो सकता है।

भेड़ाघाट तक कैसे पहुँचे?

  • हवाई मार्ग – निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर (डुमना एयरपोर्ट) है, जो लगभग 35 किमी दूर है। आप अन्य शहरों से हवाई मार्ग से जबलपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क के द्वारा भेड़ाघाट जा सकते हैं।
  • रेल मार्ग – जबलपुर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी बड़ा स्टेशन है, जहाँ से टैक्सी या बस द्वारा भेड़ाघाट पहुँचा जा सकता है।
  • सड़क मार्ग – राष्ट्रीय राजमार्ग और लोकल बस सेवाएँ भेड़ाघाट को जबलपुर से जोड़ती हैं। आप अपने सिटी से सड़क मार्ग के द्वारा आ सकते हैं। यहां पर बस या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आप आसानी से पहुंच सकते हैं।

भेड़ाघाट के आसपास घूमने योग्य स्थल

  1. ग्वारीघाट
  2. तिलवारा घाट
  3. मदन महल किला (Jabalpur)
  4. रानी दुर्गावती संग्रहालय
  5. हाथी घाट
  6. लम्हेटा घाट (Fossil Park) – यहाँ करोड़ों साल पुराने जीवाश्म पाए जाते हैं।

यात्रा टिप्स

  • शाम के समय नाव की सवारी जरूर करें।
  • मानसून में नाव राइड बंद रहती है, इसलिए पहले जानकारी ले लें।
  • मंदिर दर्शन के लिए आरामदायक कपड़े और पानी की बोतल साथ रखें।
  • स्थानीय बाजार से संगमरमर की कलाकृतियाँ लेना न भूलें।
  • फोटोग्राफी के लिए कैमरा चार्ज रखें, क्योंकि यहाँ हर कोना खूबसूरत है।

FAQs – भेड़ाघाट से जुड़े सामान्य प्रश्न

Q1. भेड़ाघाट किसके लिए प्रसिद्ध है?
भेड़ाघाट धुआंधार जलप्रपात, मार्बल रॉक्स और चौसठ योगिनी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

Q2. भेड़ाघाट घूमने का सबसे अच्छा समय कब है?
अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा है।

Q3. क्या भेड़ाघाट में बोटिंग होती है?
हाँ, मार्बल रॉक्स के बीच नाव की सवारी बेहद लोकप्रिय है, लेकिन मानसून में बंद रहती है।

Q4. भेड़ाघाट जबलपुर से कितनी दूर है?
भेड़ाघाट, जबलपुर से लगभग 25 किमी दूर है।

Q5. भेड़ाघाट कैसे पहुँचे?
जबलपुर रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा सबसे नजदीकी विकल्प हैं। वहाँ से टैक्सी या बस द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

निष्कर्ष

भेड़ाघाट (Bhedaghat) वास्तव में भारत का एक अनमोल रत्न है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और रोमांचक गतिविधियाँ हर पर्यटक को मोहित कर लेती हैं। यदि आप मध्यप्रदेश की यात्रा पर हों, तो भेड़ाघाट को अपनी सूची में जरूर शामिल करें।

 

 

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