रालामंडल अभयारण्य में ट्रैकिंग और वाइल्डलाइफ : Beautiful Ralamandal Wildlife Sanctuary Travel Guide 2026

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रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य – इंदौर का हरा-भरा प्राकृतिक खजाना

मध्य प्रदेश का एक सुंदर शहर इंदौर और इंदौर में स्थित रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) प्रकृति का एक अद्भुत और मनमोहक नजारा लोगों के सामने प्रस्तुत करता है।

यह जगह प्राकृतिक प्रेमी और एडवेंचरस लवर के लिए, किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां पर हरे भरे जंगल, सुंदर घाटी, चढ़ाई, ट्रैकिंग ट्रेंल और दुर्लभ वन्य जीव इस जगह को और भी ज्यादा खूबसूरत और आश्चर्यजनक बनाते हैं। तो चलिए आज चलते हैं – इंदौर के रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) की यात्रा में

रालामंडल अभयारण्य इंदौर की यात्रा

रालामंडल अभयारण्य इंदौर शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित एक मुख्य आकर्षणों में से एक है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह जगह राज्य की सबसे पुरानी और सबसे छोटा वन्यजीव अभयारण्य है। यह प्राकृतिक प्रेमियों, फोटोग्राफी में रुचि रखने वालों और रोमांच पसंद करने वालों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। हरी भरी वादी, घना जंगल और प्राकृतिक ट्रैकिंग ट्रेल लोगों को आकर्षित करती है और लोग यहां पर चले आते हैं।

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) में देखने के लिए बहुत सारे स्थल है। यहां पर जाकर आप ट्रैकिंग कर सकते हैं। उसके साथ ही यहां पर पहाड़ी की सबसे ऊपरी चोटी पर एक शिकारगाह बनी हुई है, जो ऐतिहासिक है और जिसे होल्कर वंश के राजाओं के द्वारा बनवाया गया है। यह शिकारगाह बहुत ही सुंदर तरीके से बनी हुई है। अब इस शिकारगाह को संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है और यहां पर ढेर सारे प्राचीन वस्तुएं और होलकर वंश के बारे में जानकारी मिलती है।

रालामंडल सेंचुरी आने के लिए, सबसे पहले इंदौर आना पड़ता है। इंदौर में आप आसानी से सड़क मार्ग, वायु मार्ग और रेल मार्ग से पहुंच सकते हैं। इंदौर के अन्य शहरों से अच्छे कनेक्टिविटी है। इंदौर पहुंचकर इंदौर खंडवा मार्ग में आगे बढ़ने पर महाराणा प्रताप ब्रिज देखने के लिए मिलता है।

महाराणा प्रताप ब्रिज से बायां हाथ की तरफ मुड़ना है और थोड़ा दूर आगे चलना है। मुंबई आगरा हाईवे पर आगे जाने पर, यहां पर रामामंडल अभ्यारण जाने के लिए मार्ग बना हुआ है। यह मार्ग तिल्लोरे मार्ग है और आगे जाने पर रालामंडल अभ्यारण देखने के लिए मिलता है।

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) में एक भव्य प्रवेश द्वारा बना हुआ है और रामामंडल का बोर्ड लगा हुआ है। पास में चेकप्वाइंट बना हुआ है, जहां पर रालामंडल के कर्मचारी रहते हैं जो रालामंडल अभ्यारण में प्रवेश के लिए टिकट काटते हैं। यहां से टिकट लेकर आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको पार्किंग एरिया दिखता है। आप वहां पर गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। उसके बाद आपको आगे की यात्रा पैदल शुरू करनी पड़ती है।

रास्ते में आगे जाने पर कैंटीन दिखाई देती है। कैंटीन में अलग-अलग तरह का खाना और कोल्ड ड्रिंक मिल जाती है। यहां पर लाउड म्यूजिक भी बजता है, जिसका आप आनंद लेते हुए अपना मील एंजॉय कर सकते हैं। उसके बाद आप आगे बढ़ सकते हैं। आप यहां पर पानी जरूर ले, क्योंकि रास्ते में पानी की व्यवस्था नहीं है और पूरा रास्ता ट्रैकिंग वाला है।

आगे जाने पर दो मार्ग दिखाई देते हैं – एक जंगल का रास्ता है और एक पक्का रास्ता। आप दोनों में से किसी भी रास्ते का चयन कर सकते हैं। अगर आपको ज्यादा एडवेंचरस सफर चाहिए, तो आप जंगल का रास्ता चुने। इसमें रास्ता बहुत उबर खबर है और रास्ते के दोनों तरफ घटिया, चट्टानें, नुकीले पत्थर और झाड़ी देखने के लिए मिलते हैं, जिस में से आपको चलकर पहाड़ी के सबसे ऊपर तक पहुंचाना पड़ता है, तो आप अपने अनुसार रास्ते का चयन कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।

रालामंडल सेंचुरी में सुंदर रास्ते से होते हुए, जिसके दोनों तरफ जंगल का सुंदर नजारा और घाटियों को देखते हुए पहाड़ी के सबसे ऊपर तक पहुंचते है। वैसे पहाड़ी के ऊपर तक पहुंचते पहुंचते आप की हालत बहुत ज्यादा डाउन हो जाती है, मगर मजा भी बहुत आता है। रास्ते में आपको ढेर सारी बैठने की जगह मिलती है, जहां पर आप आराम करते हुए पहाड़ी तक पहुंच जाते हैं।

पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी में जाने में करीब करीब 2 से 3 घंटा आराम से लग जाता है। रास्ते में जगह जगह पर, छोटे-छोटे व्यू प्वाइंट बने है, जहां से आप आसपास की सुंदर दृश्य को एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर जगह-जगह पर शेड लगाए हुए हैं और सीमेंटेड बैठने की व्यवस्था की गई है।

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) में ट्रैकिंग के रास्ते में जंगली जानवर जैसे हिरण चीतल बंदर और ढेर सारे पक्षियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर मोर भी देखने के लिए मिलते हैं। मोर यहां पर आसपास घूमते हुए रहते हैं, जो आप यहां पर आराम से देख सकते हैं। यहां पर तितली पार्क भी बना हुआ है, जहां पर आपको तितलियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है।

पहाड़ी में सबसे ऊपर पहुंचने पर शिकारगाह देखने के लिए मिलती है। यह लाल रंग का खूबसूरत महल है, जिसे शिकारगाह के नाम से जाना जाता है। इस शिकारगाह को होलकर राजाओं के द्वारा बनवाया गया है। यह शिकार का बहुत ही खूबसूरत लगता है।

अब इस शिकारगाह को एक म्यूजियम में परिवर्तित कर दिया गया है। म्यूजियम में प्रवेश के लिए शुल्क लगता है। आप यहां पर शुल्क देकर प्रवेश कर सकते हैं और इंदौर के बारे में ढेर सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं। यहां पर होलकर राजवंश के सदस्यों और उनकी बहुत सारी वस्तुओं को संभाल कर रखा गया है।

इसके साथ-साथ यहां पर आपको इंदौर के आस-पास घूमने वाली मुख्य जगहों के बारे में जानकारी मिलती है, जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। पहाड़ी की सबसे ऊंचाई पर पहुंच कर आपको इंदौर शहर का भी शानदार दृश्य देखने के लिए मिलता है जो बहुत ही सुंदर रहता है

शिकारगाह में कुछ समय बिताने के बाद, आप महल के बाहर डियर पार्क जा सकते हैं, जहां पर आपको चीतल और कृष्ण मृग जैसे शाकाहारी जीव देखने मिलते है। यहां पर आप आसानी से इन जंतुओं को देख सकते हैं। यहां पर अलग से प्रवेश शुल्क लगता है।यहां पर तितली पार्क भी बना हुआ है, जहां पर आप जा सकते हैं।

कुछ समय यहां पर बिताने के बाद, आप नीचे की तरफ पैदल यात्रा स्टार्ट कर सकते हैं। यहां पर अगर आपके साथ बच्चे हैं और बूढ़े हैं, तो उनके लिए सफारी की सुविधा भी उपलब्ध है। आप यहां पर जीप के द्वारा पहुंच सकते हैं और इस जगह को एंजॉय कर सकते हैं। जीप का अलग से चार्ज लगता है।

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य में क्या-क्या कर सकते हैं (What to do at Ralamandal Wildlife Sanctuary)

 

  • रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) में आप ढेर सारी एक्टिविटी कर सकते हैं।
  • यहां पर आप विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षी और जीव जंतुओं को देख सकते हैं।
  • यहां पर आप प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।
  • यहां पर आप शुद्ध वातावरण में ध्यान और योग कर सकते हैं।
  • पारिस्थितिक तंत्र का अध्ययन कर सकते हैं।
  • जैव विविधता की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
  • प्राकृतिक ट्रेल का आनंद ले सकते हैं।
  • पिकनिक स्थल मना सकते हैं।
  • शिकारगाह कि ऐतिहासिक जानकारी ले सकते हैं
  • बच्चों के लिए यहां गार्डन बने हुए हैं, जहां बच्चे एंजॉय कर सकते हैं।
  • फॉसिल की जानकारी फॉसिल म्यूजियम में है, जिसे आप भ्रमण कर सकते हैं।
  • डिअर सफारी पार्क में भ्रमण कर सकते हैं, जहां पर आपको चीतल और कृष्ण मृग के झुंड देखने मिलता है।

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य में क्या नहीं करना चाहिए (What not to do at Ralamandal Wildlife Sanctuary)

  • वन्य प्राणियों से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।
  • कचरा नहीं फैलाना चाहिए।
  • फूलों को तोड़ना नहीं चाहिए।
  • गहरी घास के क्षेत्र में बैठना नहीं चाहिए।
  • मुख्य मार्ग को छोड़ना नहीं चाहिए।
  • किसी भी पदार्थ के नशे नहीं करने चाहिए।
  • पर्यटकों को परेशान नहीं करना चाहिए।
  • बिना टिकट के प्रवेश नहीं करना चाहिए।
  • अवांछित वस्तुएं नहीं लेनी चाहिए।
  • पर्यटक जोन के अतिरिक्त अन्य कहीं जाना नहीं जाना चाहिए।
  • अनैतिक गतिविधियां नहीं करनी चाहिए।

रालामंडल अभयारण्य में पाए जाने वाले औषधि पौधे

अश्वगंधा
विधारा
कलिहारी
वज्रदंती
गिलोय
सतावर
मालकांगनी
चिरायता

रालामंडल अभयारण्य का इतिहास (History of Ralamandal Wildlife Sanctuary)

रालामंडल अभयारण्य को होलकर महाराज के समय में प्रसिद्ध आखेट स्थल तथा पहाड़ी पर वर्ष 1905 में निर्मित इमारत का उपयोग शिकार कैंप के रूप में किया जाता था। रालामंडल इंदौर शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर इंदौर तिल्लोरे मार्ग पर स्थित है। इस अभ्यारण की पहाड़ी की ऊंचाई समुद्र तल से 782 मीटर है।

रालामंडल पहाड़ी पर 1954 में आरक्षित वन घोषित किया गया तथा वर्ष 1989 में वन्य प्राणी अभ्यारण घोषित किया गया। माह अक्टूबर 1998 में अभ्यारण में शाकाहारी वन्य प्राणियों को बाहर से लाकर छोड़ा गया। इस अभ्यारण में 191 वनस्पति प्रजाति यहां की जैव विविधता को रेखांकित करती हैं।

लगभग 62 विभिन्न प्रकार के पक्षी भी वर्ष के विभिन्न अवधि में आगमन करते हैं। अभ्यारण में प्रवेश करते ही 300 मीटर दूरी पर विश्राम हेतु पगोड़ा है। पहाड़ी के चढ़ाव के प्रथम पठार पर विश्राम हेतु दो पगोड़ा हैं। पूरे अभ्यारण क्षेत्र को वन्य प्राणी तथा पर्यटक जोन में फेंसिंग से विभाजित किया गया है। अभ्यारण में प्रतिवर्ष लगभग 90 हजार पर्यटक आते हैं।

शिकारगाह तक पैदल चढ़ाई, शिकारगढ़ से इंदौर शहर का व्यंगम दृश्य, जीवाश्म प्रदर्शन केंद्र एवं प्राकृतिक वातावरण में चीतल, नीलगाय आदि वन्य प्राणियों को विचरण करते देखना अभ्यारण के आकर्षण की प्रमुखता है

रालामंडल अभयारण्य में पाए जाने वाले जीव-जंतु

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) कई प्रकार के जीव-जंतु और पक्षी पाए जाते हैं। इनमें से प्रमुख हैं:

  • जीव-जंतु – हिरण, नीलगाय, खरगोश, सियार, जंगली खरगोश, सांभर
  • पक्षी – मोर, तोता, उल्लू, बाज और अन्य स्थानीय व प्रवासी पक्षी
  • वनस्पति – यहाँ साल, सागौन, बांस और अन्य प्रजातियों के पेड़-पौधे बड़ी संख्या में हैं।

रालामंडल अभयारण्य घूमने का सबसे अच्छा समय

  • रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च है। ठंड का मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है। आप यहां पर इस समय आकर ट्रैकिंग कर सकते हैं और पार्क के सभी हिस्सों में घूम सकते हैं।
  • बरसात के बाद यहाँ की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता अद्भुत लगती है।
  • गर्मियों (अप्रैल से जून) में यहाँ आना थोड़ा कठिन हो सकता है क्योंकि तापमान अधिक रहता है।

रालामंडल अभयारण्य का समय और शुल्क

  • खुलने का समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
  • प्रवेश शुल्क: ₹20 प्रति व्यक्ति
  • वाहन शुल्क: ₹50 – ₹100 (वाहन के प्रकार पर निर्भर)
  • कैमरा शुल्क: ₹50 – ₹200 (प्रोफेशनल कैमरे के लिए अलग शुल्क)

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य कैसे पहुंचे? (How to reach Ralamandal Wildlife Sanctuary?)

  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट, इंदौर (25 किमी)
  • रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन इंदौर जंक्शन (20 किमी)
  • सड़क मार्ग: इंदौर से टैक्सी, ऑटो या निजी वाहन द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

रालामंडल अभयारण्य का गूगल मैप लोकेशन

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य के पास घूमने लायक जगह (Places to visit near Ralamandal Wildlife Sanctuary)

  1. गुलावट लोटस वैली (15 किमी) – कमल के फूलों से सजी झील।
  2. पातालपानी झरना (35 किमी) – इंदौर का प्रसिद्ध जलप्रपात।
  3. जानापाव कुटी (50 किमी) – भगवान परशुराम का जन्मस्थान।
  4. इंदौर शहर (20 किमी) – राजवाड़ा, खजराना गणेश मंदिर, सराफा बाजार।

यात्रा सुझाव (Travel Tips)

  • सुबह या शाम को यहाँ जाएँ ताकि गर्मी से बचा जा सके।
  • आरामदायक जूते पहनें क्योंकि ट्रेकिंग करनी पड़ सकती है।
  • पानी और हल्का भोजन साथ रखें।
  • कैमरा और दूरबीन ले जाएँ, ताकि वन्यजीव और पक्षियों का आनंद लिया जा सके।
  • बच्चों और बुजुर्गों के लिए सावधानी बरतें क्योंकि रास्ते पर चढ़ाई है।

निष्कर्ष

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) प्रकृति प्रेमियों, साहसिक गतिविधियों के शौकीनों और परिवारिक पिकनिक की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है। यहाँ का हरा-भरा वातावरण, ऐतिहासिक धरोहर, ट्रेकिंग ट्रेल्स और वन्यजीव इसे इंदौर का नेचुरल ट्रेजर बनाते हैं।

यदि आप इंदौर की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो रालामंडल अभयारण्य को अपनी सूची में अवश्य शामिल करें। यहाँ बिताए गए कुछ घंटे आपके लिए जीवनभर की यादें बन जाएँगी।

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