अलीराजपुर जिले में घूमने की जगह – आदिवासी संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था का अनोखा संगम
अलीराजपुर मध्य प्रदेश के दक्षिण पश्चिम भाग में स्थित एक प्रमुख जिला है। अलीराजपुर एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यह जिला अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, घने जंगलों, पहाड़ों, नदियों और पारंपरिक जीवन शैली के लिए जाना जाता है।
अलीराजपुर में घूमने के लिए ढेर सारे पर्यटन स्थल हैं। अलीराजपुर उन लोगों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है, जो भीड़ भाड़ से दूर शांति में और प्रकृति के बीच अपना समय बिताना चाहते हैं।
इस लेख में हम आपको अलीराजपुर जिले में घूमने की प्रमुख जगहों (Alirajpur Tourist Places in Hindi), इतिहास, अलीराजपुर कैसे पहुंचे, अलीराजपर में घूमने का सही समय, अलीराजपुर टूर प्लान, अलीराजपुर का ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के साथ-साथ यात्रा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी विस्तार से बताएँगे।
अलीराजपुर जिले का इतिहास (Alirajpur district History)
अलीराजपुर जिला मध्य प्रदेश के दक्षिणी पश्चिमी भाग में स्थित है। यह जिला मुख्य रूप से भील आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। अलीराजपुर जिला गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा से सटा हुआ है। इस जिले का इतिहास प्राचीन काल से आधुनिक समय तक फैला हुआ है। इसमें आदिवासी परंपराओं, राजपूत शासन तथा ब्रिटिश काल की महत्वपूर्ण घटनाएँ शामिल हैं।
प्राचीन काल में अलीराजपुर मालवा और अवन्ति जनपदों के प्रभाव क्षेत्र में रहा। नर्मदा नदी के आसपास क्षेत्र में आदिमानव सभ्यता के प्रमाण मिलते हैं। यहां पर लंबे समय तक भील जनजाति का निवास रहा है, जिन्होंने अपनी स्वतंत्रता सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान बनाए रखी है।
मध्यकाल में इस क्षेत्र में विभिन्न राजवंशों का प्रभाव देखने मिलता है। 15वीं शताब्दी के आस-पास यहां पर राठौर राजपूत राजाओं का शासन था। अलीराजपुर रियासत की स्थापना अली खान या अलीराज नाम के शासक द्वारा की गई थी, जिससे इस जिले का नाम अलीराजपुर पड़ा। इस काल में प्रशासनिक केंद्र और किलों का निर्माण किया गया था।
18वीं शताब्दी में इस क्षेत्र में मराठाओ का प्रभाव बढ़ा। अलीराजपुर रियासत मराठा शक्तियों के अधीन रही। इस दौरान आदिवासी समाज और राजकीय सत्ता के बीच संतुलन बना रहा। ब्रिटिश काल के दौरान अलीराजपुर एक रियासती राज्य था, जो सेंट्रल इंडिया एजेंसी के अंतर्गत आया था। अंग्रेजों ने यहां अप्रत्यक्ष शासन लागू किया। इस समय सड़कें, प्रशासनिक ढांचा और सीमित आधुनिक शिक्षा का विकास हुआ।
अलीराजपुर जिले के आदिवासियों ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई है। टंट्या भील, भीमा नायक और अन्य आदिवासी नेताओं ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। यह क्षेत्र आदिवासी चेतना और स्वाधीनता आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा।
स्वतंत्रता के बाद अलीराजपुर मध्य प्रदेश राज्य का हिस्सा बना। पहले यह क्षेत्र झाबुआ जिले के अंतर्गत आता था, लेकिन वर्ष 2008 में इसे अलग जिला घोषित किया गया। आज अलीराजपुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यहां की संस्कृत, भाषा और परंपराएं इसकी पहचान है।
अलीराजपुर जिले में घूमने की प्रमुख जगहें (Alirajpur Tourist Places in Hindi)
कट्ठीवाड़ा (Kattiwada)
कट्ठीवाड़ा अलीराजपुर जिले के पास घूमने के लिए एक प्राकृतिक स्थलों में से एक है। कट्ठीवाड़ा एक सुंदर कस्बा है। यह कस्बा पहाड़ियों और जंगलों से घिरा है। यह स्थान अपनी हरियाली, पहाड़ों और ठंडी जलवायु के लिए जाना जाता है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है।
यहां पर घूमने के लिए ढेर सारी जगह है, जहां पर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बरसात होती है। कट्ठीवाड़ा मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमा पर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। आप यहां पर अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से घूमने के लिए जा सकते हैं।
यहां पर घने जंगलों के अंदर एक सुंदर जलप्रपात बना हुआ है, जहां पर जाकर आप घूम सकते हैं। जलप्रपात में पहुंचने का रास्ता जंगलों से घिरा हुआ है और बहुत सुंदर है। यह जलप्रपात बरसात और ठंड में घूमने के लिए मिलता है। इसके अलावा यहां पर आसपास पहाड़ियों और सुंदर घाटियों हैं, जिसका दृश्य भी आप देख सकते हैं।
कट्ठीवाड़ा की खासियत
- घने जंगल और प्राकृतिक सुंदरता
- शांत वातावरण
- ट्रैकिंग और प्रकृति भ्रमण के लिए उपयुक्त
श्री पंचलिंगेश्वर महादेव मंदिर अलीराजपुर (Shri Panchalingeshwar Mahadev Temple Alirajpur)
श्री पंचलिंगेश्वर महादेव मंदिर अलीराजपुर जिले के पास घूमने के लिए एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थान है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर अलीराजपुर से करीब चार किलोमीटर दूर मलवाई ग्राम में बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से बाइक या कार से घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर मेंआकर प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है।
यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। यह मंदिर परमार शासको के द्वारा बनाया गया है। यह मंदिर 10वीं और 13वीं शताब्दी के बीच बना हुआ है। मंदिर की आंतरिक और बाहरी दीवार पर सुंदर नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक है। यह शिव मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। मंदिर का शिखर बहुत ही आकर्षक है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग विराजमान है।
यहां पर पंचलिंगी शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो अद्भुत है और बहुत ही दुर्लभ है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सुंदर नक्काशी की गई है। यहां पर गणेश जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत सारे लोग दर्शन करने के लिए आते हैं।
श्री शिव गंगा हनुमान मंदिर अलीराजपुर (Shri Shiv Ganga Hanuman Mandir Alirajpur)
शिवगंगा हनुमान मंदिर अलीराजपुर के पास घूमने के लिए धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर स्थान है। यह मंदिर अलीराजपुर के पास भोरण गांव में बना है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां पर आप अपने वाहन से घूमने के लिए आ सकते हैं। मंदिर चारों तरफ से प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।
मंदिर के मुख्य गर्भगृह में हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर शंकर भगवान जी का भी मंदिर बना हुआ है। यहां पर एक जलधार देखने के लिए मिलती है, जो शिव भगवान जी के ऊपर गिरती है। यह जलधार 24 घंटे और साल भर इसी तरह से शिव जी का अभिषेक करती रहती है। यहां पर आप अच्छा और शांतिपूर्वक समय बिता सकते हैं। यह अलीराजपुर के पास परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए और समय बिताने के लिए बहुत बढ़िया जगह है।
प्राचीन शिव मंदिर अलीराजपुर (Ancient Shiv Temple Alirajpur)
प्राचीन शिव मंदिर अलीराजपुर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक स्थान है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर अलीराजपुर के पास कुलवट में स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यहां पर आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है। पूरा ही मंदिर पत्थर से बना हुआ है।
यह मंदिर परमार कालीन है। मंदिर के आंतरिक और बाह्य दीवार पर सुंदर नक्काशी की गई है, जो देखने लायक है। पुरातात्विक दृष्टि से यह मंदिर 12वीं शताब्दी में बना था। मंदिर के गर्भगृह में शिव भगवान, चामुंडा देवी, गणेश, गौरी की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है।
यह मंदिर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के द्वारा पुनर्स्थापित किया गया है। आप अगर ऐतिहासिक जगह देखने की शौकीन है, तो यहां पर आ सकते हैं और इस मंदिर को देख सकते हैं। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन के समय बहुत सारे भक्त गढ़ भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं।
बाबा ईश्वर महादेव मंदिर अलीराजपुर (Baba Ishwar Mahadev Temple, Alirajpur)
बाबा ईश्वर महादेव मंदिर अलीराजपुरके पास घूमने के लिए प्राकृतिक और धार्मिक स्थान में से एक है। ये मंदिर घने जंगल के अंदर बना हुआ है और चारों तरफ जंगल और हरियाली से घिरा है। इस मंदिर में आसानी से पहुंच सकते हैं। आप यहां पर बाइक और कार से आ सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।
यह मंदिर प्राचीन है। मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इसके साथ ही मंदिर के गर्भगृह में ढेर सारी प्राचीन प्रतिमाएं रखी गई है, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के बाहर, एक छोटी सी जलधार बहती है जिसके नीचे शिवलिंग विराजमान है।
इस जलधार से शिव भगवान जी का जलाभिषेक होता है। मंदिर के आस-पास का वातावरण बहुत अच्छा और प्राकृतिक है। मंदिर की दीवारों में देवी देवताओं की मूर्तियां बनी हुई है, जो प्राचीन है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत सारे भक्तगण दर्शन करने के लिए आते हैं।
पंहल बांध अलीराजपुर (Panhal Dam Alirajpur)
पंहल बांध अलीराजपुर के पास घूमने के लिए एक सुंदर जगह है। यह बांध हथिनी नदी पर बना हुआ है। यह डैम पन्हाल गांव में बना है। यहां पर आप आसानी से सड़क के द्वारा आ सकते हैं। इस डैम का सबसे अच्छा दृश्य बरसात के समय देखने के लिए मिलता है।
बरसात के समय यह डैम पानी से पूरी तरह भर जाता है और ओवरफ्लो कर बहता है। यह डैम देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है। देखने में यह एक झरने के सामान लगता है। यहां पर बरसात में बहुत सारे लोग आते हैं और डैम में नहाने का आनंद उठाते हैं। यह जगह फैमिली और दोस्तों के साथ आने के लिए बढ़िया है।
नागेश्वर महादेव मंदिर अलीराजपुर (Nageshwar Mahadev Temple, Alirajpur)
नागेश्वर महादेव मंदिर अलीराजपुर के पास घूमने लिए प्राकृतिक स्थान है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर अलीराजपुर के पास सेजगांव में हथनी नदी के किनारे बना है। मंदिर के आसपास का दृश्य प्राकृतिक है। यहां पर जाकर शांति पूर्वक समय बिताया जा सकता है। यह मंदिर छोटा सा है, मगर आसपास के दृश्य आपका मन मोह लेगा। आप यहां पर अपने फैमिली और दोस्तों के साथ आकर शांतिपूर्वक समय बिता सकते हैं।
लक्ष्मणी तीर्थ अलीराजपुर (Lakshmani Teerth Alirajpur)
लक्ष्मण तीर्थं अलीराजपुर के पास घूमने के लिए एक जैन तीर्थ स्थान है। यह मंदिर अलीराजपुर से करीब 8 किलोमीटर दूर खंडवा वडोदरा हाईवे पर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत बड़ा और सुंदर है। इस मंदिर में आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। मंदिर में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध है।
यहां पर श्री पदम प्रभु जी की हजारों वर्ष पुरानी, प्राचीन, दुर्लभ प्रतिमा भूगर्भ से निकली है। यह प्रतिमा 2000 वर्ष पुरानी मानी जाती है। यह प्रतिमा सफेद कलर की है और चमत्कारी है। इस प्रतिमा के दर्शन से मन को शांति मिलती है और मन में जो भी मनोकामना हो वह पूरी होती है। यहां पर चैत पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा में बहुत सारे लोग श्री पदम प्रभु के दर्शन करने के लिए आते हैं।
शहीद चंद्रशेखर बांध अलीराजपुर (Shaheed Chandrashekhar Dam Alirajpur)
शहीद चंद्रशेखर बांध अलीराजपुर का एक प्रमुख और सुन्दर पर्यटन स्थल है। यह बांध हथनी नदी पर बना है। इसे बांध को नानपुर फाटा बांध के नाम से भी जाना जाता है। यह बांध नानपुर गांव में बना हुआ है। इस बांध में आप घूमने लिए आ सकते हैं। यह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां पर बरसात के समय आकर आप बांध का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। बरसात के समय बांध ओवरफ्लो होकर बहता है। तब इसका दृश्य देखने लायक रहता है।
नर्मदा नदी और आसपास का क्षेत्र (Narmada River and Surrounding Area)
नर्मदा नदी अलीराजपुर के पास बहने वाली प्रमुख नदियों में से एक है। नर्मदा नदी और इसके आसपास का पर्वतीय क्षेत्र, इस जगह को पर्यटक और ट्रैकिंग करने वालों के लिए एक बढ़िया प्लेस बनता है। यहां पर आप बरसात के समय आएंगे, तो आपको ज्यादा अच्छा लगेगा, क्योंकि बरसात के समय यह जगह हरियाली से घिर जाती है।
यहां पर ढेर सारी व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप आस-पास के दृश्य देख सकते हैं। साथ ही साथ आप यहां पर बरसात के समय जाकर झरने भी देख सकते हैं। यहां पर वैसे उतनी ज्यादा सुविधा नहीं है। मगर आप एडवेंचर लवर हैं, तो आपको यह जगह जरूर पसंद आएगी।
अलीराजपुर का लोक जीवन और त्यौहार
अलीराजपुर जिले में मनाए जाने वाले त्यौहार इसकी सांस्कृतिक पहचान हैं।
प्रमुख त्यौहार
- भगोरिया हाट
- होली
- दिवाली
- नवरात्रि
भगोरिया हाट विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें दूर-दूर से लोग भाग लेने आते हैं।
अलीराजपुर घूमने का सही समय (Best Time to Visit Alirajpur)
अलीराजपुर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च माना जाता है। अक्टूबर से मार्च का समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड के समय जाकर अलीराजपुर के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। आप यहां मानसून के समय भी आ सकते हैं। मानसून में हरियाली अधिक होती है, लेकिन कुछ रास्ते कठिन हो सकते हैं। मानसून के समय यहां पर ढेर सारे झरने देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर मानसून के समय झरना और पर्वतीय क्षेत्र की यात्रा कर सकते हैं।
अलीराजपुर कैसे पहुँचें (How to Reach Alirajpur)
सड़क मार्ग : अलीराजपुर में सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से आ सकते हैं। यह प्रमुख शहरों से अच्छी तरह कनेक्ट है। अलीराजपुर जिला इंदौर, बड़वानी और धार से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। यहां पर आने के लिए बस और प्राइवेट परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।
रेल मार्ग : अलीराजपुर का निकटतम रेलवे स्टेशन रतलाम और इंदौर में बना है। आप अपनी सुविधा के अनुसार रतलाम या इंदौर में आ सकते हैं और इसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा अलीराजपुर आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : अलीराजपुर का निकटतम हवाई अड्डा इंदौर में बना हुआ है। इंदौर में देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट है। आप वायु मार्ग के द्वारा इंदौर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा अलीराजपुर पहुंच सकते हैं।
अलीराजपुर जिले का गूगल मैप लोकेशन
अलीराजपुर में ठहरने की व्यवस्था
अलीराजपुर और जोबट क्षेत्र में होटल, लॉज और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। बजट यात्रियों के लिए यह स्थान उपयुक्त है।
स्थानीय भोजन और स्वाद
अलीराजपुर का भोजन सरल और पारंपरिक होता है।
प्रमुख व्यंजन
- मक्का की रोटी
- दाल
- स्थानीय सब्जियाँ
- महुआ से बने व्यंजन
क्यों जाएँ अलीराजपुर जिला?
- समृद्ध आदिवासी संस्कृति
- प्राकृतिक शांति और हरियाली
- नर्मदा और हथनी जैसी पवित्र नदियाँ
- भीड़-भाड़ से दूर सुकून भरा वातावरण
- बजट फ्रेंडली पर्यटन स्थल
निष्कर्ष
अलीराजपुर जिला मध्य प्रदेश का एक अनोखा पर्यटन स्थल है, जहाँ प्रकृति, संस्कृति और परंपरा का सुंदर मेल देखने को मिलता है। यहाँ के जंगल, नदियाँ और आदिवासी जीवन शैली इसे विशेष बनाती हैं। यदि आप मध्य प्रदेश के कम प्रसिद्ध लेकिन खूबसूरत पर्यटन स्थलों की खोज में हैं, तो अलीराजपुर जिला आपकी यात्रा सूची में अवश्य होना चाहिए।
