परमार कालीन मंदिर – बज्रमठ मंदिर ग्यारसपुर : Beautiful Bajramath Jain Temple

बज्रमठ जैन मंदिर ग्यारसपुर (विदिशा) : Bajramath Travel Guide in Hindi

बज्रमठ मंदिर जिसे बाजरा मठ के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के प्राचीन नगर ग्यारसपुर में स्थित है। यह मंदिर ग्यारसपुर के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। बज्रमठ मंदिर अपने स्थापत्य कला और प्राचीन इतिहास के लिए प्रसिद्ध है।

बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) में आकर आप इस मंदिर की खूबसूरत शिल्प कला देख सकते हैं, जो बहुत ही भव्य है। अगर आप इतिहास प्रेमी है, तो आपको इस मंदिर में और ग्यारसपुर के अन्य मंदिरों में भी जाकर घूमना चाहिए। इस लेख में हम विदिशा जिले के बज्रमठ मंदिर के बारे में जानकारी देंगे

Bajramath Jain Temple
Bajramath Jain Temple

बज्र मठ नाम का अर्थ और महत्व

“बज्र” का अर्थ होता है अत्यंत कठोर या अडिग, जबकि “मठ” का अर्थ है धार्मिक साधना स्थल। इस प्रकार बज्र मठ का अर्थ हुआ – एक ऐसा धार्मिक केंद्र जो अडिग आस्था और मजबूत सिद्धांतों का प्रतीक हो। कुछ विद्वानों का मानना है कि इस मंदिर का नाम इसकी मजबूत पत्थर संरचना और दीर्घकालिक स्थायित्व के कारण पड़ा। वहीं जैन परंपरा में इसे तप, त्याग और अहिंसा के प्रतीक स्थल के रूप में देखा जाता है।

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विदिशा जिले के बज्रमठ मंदिर की यात्रा (Trip to Bajramath temple in Vidisha district)

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के प्राचीन नगर ग्यारसपुर में ढेर सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जिनमें से बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) भी प्रमुख स्थान रखता है। यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) एक जैन मंदिर है। इस मंदिर के गर्भगृह में जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

बज्र मठ न केवल जैन श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है, बल्कि इतिहास, पुरातत्व और कला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह स्थान विशेष आकर्षण रखता है। यह मंदिर परमार कालीन स्थापत्य का एक दुर्लभ नमूना माना जाता है।

बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) विदिशा जिले के ग्यारसपुर में बना हुआ है। यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। ग्यारसपुर में आप सड़क मार्ग से आ सकते हैं। ग्यारसपुर भोपाल सागर हाईवे मार्ग पर स्थित एक छोटा सा कस्बा है। ग्यारसपुर में आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।

अगर आप यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आते हैं, तो आप इस मंदिर में आसानी से आ सकते हैं, क्योंकि यह मंदिर हाईवे सड़क के पास में ही बना हुआ है। यह कुछ पैदल कदमों की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर पैदल घूमने के लिए जा सकते हैं और मंदिर में घूम सकते हैं।

बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) आपको मुख्य हाईवे सड़क से ही दिखने लगता है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर में आप पैदल जाकर मंदिर के प्रवेश द्वार से मंदिर के कंपाउंड में प्रवेश कर सकते हैं और मंदिर को देख सकते हैं। यह मंदिर चारों तरफ से दीवारों से घिरा हुआ है। यह मंदिर एक ऊंचे मंडप पर बना हुआ है।

बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) में ऊपर चढ़ने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर में ऊपर चढ़कर चबूतरे में तीन गर्भगृह देखने के लिए मिलते हैं। इन तीनों गर्भगृह में जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां विराजमान है। मंदिर का, जो गर्भगृह का प्रवेश द्वार है। वह बहुत ही सुंदर है। इसमें बारिक नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

इसमें आपको देवी देवताओं की, फूल पत्तों की और बेल बूटियां की नक्काशी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही अच्छी तरीके से उकेरी कर बनाई गई है। मंदिर के ऊपरी सिरे में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों को बनाया गया है। मंदिर के बाहरी दीवार में पीछे की तरफ और आजू-बाजू आपको हिंदू देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको विष्णु भगवान जी के विभिन्न स्वरूप के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर नरसिंह अवतार देखा जा सकता है, जो बहुत ही सुन्दर है।

बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) के ऊपर की तरफ आपको एक शिखर देखने के लिए मिलता है, जिसमें भी बारीक नक्काशी की गई है और यह बहुत ही सुंदर लगता है। मंदिर के ऊपरी सिरे पर कलश बना हुआ है। मंदिर के कंपाउंड के चारों तरफ सुंदर गार्डन बना हुआ है। गार्डन में भी आपको ढेर सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो यहां बिखरी हुई पड़ी है। आप इन मूर्तियों को देख सकते हैं।

आप पूरे मंदिर को घूम सकते हैं। गार्डन घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। अगर आप ऐतिहासिक जगह देखने को शौकीन है, तो आपको यह जगह बहुत ही पसंद आएगी।

बज्रमठ जैन मंदिर का इतिहास (Bajramath Jain Temple History)

बज्रमठ मंदिर (Bajramath Mandir) का निर्माण लगभग 10वीं–11वीं शताब्दी के बीच परमार काल में हुआ माना जाता है। प्राचीन समय में इस मंदिर को हिंदू मंदिर के रूप में बनाया गया था। मूल रूप से यह एक हिंदू मंदिर था। यह मंदिर शिव, ब्रह्मा, विष्णु, गणेश जैसे देवी देवताओं को समर्पित था।

इस मंदिर की दीवारों में आज भी आपको हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो जटिल नक्काशी के द्वारा मंदिर की दीवारों में बनाई गई है। मंदिर के गेट और दरवाजे में इन नक्काशी को आप साफ देख सकते हैं। बाद में इस मंदिर को जैन मंदिर में बदल दिया गया और मंदिर के गर्भगृह में जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों को स्थापित किया गया।

स्थापत्य कला और संरचना

बज्र मठ जैन मंदिर (Bajramath Jain Mandir) अपनी अनूठी स्थापत्य शैली के लिए जाना जाता है। यह मंदिर प्राचीन भारतीय मंदिर वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मंदिर की प्रमुख स्थापत्य विशेषताएं

  • विशाल पत्थरों से निर्मित मजबूत संरचना
  • ऊँचा चबूतरा और सममित योजना
  • स्तंभों पर बारीक नक्काशी
  • जैन तीर्थंकरों और प्रतीक चिह्नों का शिल्प

बज्र मठ जैन मंदिर कैसे पहुंचें (How to Reach Bajra Math Jain Temple)

सड़क मार्ग : बज्र मठ जैन मंदिर (Bajramath Jain Mandir) ग्यारसपुर कस्बे में स्थित है। विदिशा, भोपाल और सांची से सड़क मार्ग द्वारा बस या टैक्सी से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग : ग्यारसपुर का निकटतम रेलवे स्टेशन विदिशा जंक्शन है, जो मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। आप विदिशा रेलवे स्टेशन में अन्य शहरों से आसानी से पहुंच सकते हैं और उसके बाद ग्यारसपुर सड़क मार्ग के द्वारा आ सकते हैं। स्टेशन से टैक्सी या स्थानीय साधनों द्वारा ग्यारसपुर पहुंचा जा सकता है।

हवाई मार्ग : ग्यारसपुर का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल है, जो ग्यारसपुर से लगभग 55–60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप अन्य शहरों से भोपाल वायु मार्ग के द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद ग्यारसपुर सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

बज्र मठ जैन मंदिर ग्यारसपुर का गूगल मैप लोकेशन

बज्र मठ जैन मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Bajra Math Jain Temple)

बज्र मठ जैन मंदिर (Bajramath Jain Mandir) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड के समय आ सकते हैं और आराम से घूम सकते हैं। इस दौरान मौसम अनुकूल रहता है और आप मंदिर व आसपास के ऐतिहासिक स्थलों को आराम से देख सकते हैं।

ग्यारसपुर में ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं, जिसे आप यहां पर ठंड के समय आकर सभी मंदिरों की सैर कर सकते हैं। आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय घूमने में यहां पर कोई दिक्कत नहीं है, मगर यहां पर चट्टानें हैं, जिनमें फिसलन हो जाती है। जिससे आपको यहां पर ध्यान से घूमना पड़ेगा।

बज्र मठ के आसपास दर्शनीय स्थल

ग्यारसपुर में बज्र मठ के अलावा कई अन्य ऐतिहासिक स्थल भी हैं:

  • मालादेवी मंदिर
  • हिंडोला तोरण
  • बीजा मंडल मंदिर
  • आठखंबा मंदिर
  • देखिनाथ बुद्धिस्ट स्तूप
  • मां बिजासन मंदिर
  • उदयगिरि गुफाएँ विदिशा

इन सभी स्थलों को मिलाकर ग्यारसपुर एक समृद्ध ऐतिहासिक यात्रा स्थल बन जाता है।

संरक्षण और जागरूकता की आवश्यकता

बज्र मठ जैन मंदिर जैसी प्राचीन धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। हमें:

  • मंदिर की संरचना को नुकसान न पहुंचाने
  • स्वच्छता बनाए रखने
  • ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूक रहने

जैसे कदम उठाने चाहिए ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।

निष्कर्ष

बज्र मठ जैन मंदिर ग्यारसपुर (विदिशा) जैन धर्म, भारतीय स्थापत्य और मध्यकालीन इतिहास की एक अमूल्य धरोहर है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह उस युग की सांस्कृतिक समृद्धि और धार्मिक सहिष्णुता का भी प्रतीक है।

यदि आप विदिशा और ग्यारसपुर के ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं, तो बज्र मठ जैन मंदिर को अपनी सूची में अवश्य शामिल करें। यहां का शांत वातावरण, प्राचीन स्थापत्य और आध्यात्मिक ऊर्जा आपकी यात्रा को विशेष बना देगी।

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