बालाघाट में घूमने की 10 बेस्ट जगहें : Beautiful Balaghat Tourist Places | Kanha National Park Travel Guide

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बालाघाट में घूमने की जगहें – प्रकृति, पहाड़ और धार्मिक पर्यटन से भरपूर एक अद्भुत सफर

मध्य प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्र में बालाघाट जिला स्थित है। बालाघाट जिला घने जंगल, पहाड़ी क्षेत्र, नदियों से भरपूर है। यहां पर कान्हा राष्ट्रीय उद्यान है, जो बाघ, तेंदुआ, हिरण, गौर और दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों का घर है। यह जगह आदिवासी लोगों की संस्कृति को संजोय हुए हैं।

इस लेख में हम मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बारे में जानेंगे और बालाघाट जिले में घूमने की जगह (Balaghat Tourist Places), बालाघाट कैसे पहुंचे, बालाघाट घूमने का सबसे अच्छा समय, बालाघाट में देखने लायक क्या-क्या है। इन सभी के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

यदि आप प्राकृतिक सौंदर्य, जंगल सफारी, झरने, और शांत धार्मिक स्थल पसंद करते हैं तो बालाघाट की यात्रा (Balaghat Tourist Places) आपके लिए unforgettable रहेगी।

बालाघाट जिला का इतिहास (History of Balaghat district)

बालाघाट मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है। बालाघाट जिला प्राकृतिक संसाधनों, खनिज संपदा, घने वनों और सांस्कृतिक विरासत के कारण विशेष महत्व रखता है। यह जिला मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ की सीमाओं के पास स्थित है। बालाघाट नाम का अर्थ – “बालाघाट” का मतलब है ऊँची पहाड़ी घाटी। बालाघाट नाम इसकी भौगोलिक संरचना से जुड़ा है — यहां पहाड़, घाटियां, नदी–नाले और घने जंगल बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।

बालाघाट गोंडवाना साम्राज्य का हिस्सा था। मध्यकाल में यहां पर गोंड राजाओं का शासन था। यहां पर गोंड शासक के समय के किले, मंदिर और बावली आज भी देखे जा सकते हैं। अंग्रेजी शासनकाल के समय 1853 में यह नागपुर साम्राज्य से ब्रिटिश शासन के अधीन आया। 1867 में बालाघाट में कार्यालय स्थापित किया गया, जिसके बाद यहां पर प्रशासनिक विकास शुरू हुआ। यहां पर तांबे की खान, रेलवे मार्ग, वन प्रबंधन की व्यवस्थाएं की गई।

मलाजखंड तांबा खदान परियोजना भारत की सबसे बड़ी तांबा खदान है, जो ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू हुई थी। बालाघाट खनिज संपदा से भरपूर है। यहां पर वन संपदा भी भरमार है। बालाघाट में जनजातीय संस्कृति आपको देखने के लिए मिलती है। यहां पर गोंड, बैगा और अन्य आदिवासी समाज की जीवन शैली, लोक नृत्य, परंपराएं देखी जा सकती है।

बालाघाट में घूमने के प्रमुख दर्शनीय और पर्यटन स्थलों की जानकारी (Balaghat Tourist Places in Hindi)

 1. कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (Kanha National Park) – बाघ प्रेमियों का स्वर्ग

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश का प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश के मंडला व बालाघाट जिलों में फैला एक विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व है। इस राष्ट्रीय उद्यान में आप सड़क मार्ग के द्वारा आसानी सेपहुंच सकते हैं। यह घने साल व बाँस के जंगलों, घास के मैदानों, नदियों और दुर्लभ जीवों का घर है।

यहाँ बंगाल टाइगर, बारहसिंघा, तेंदुआ, भालू, गौर और अनेक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1955 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में स्थापित किया गया था और 1973 में से टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है।

यहां पर आप जंगल सफारी, प्राकृतिक अवलोकन, ट्रेकिंग, वन्य जीव फोटोग्राफ कर सकते हैं। यह प्राकृतिक प्रेमियों और एडवेंचरस पसंद करने वाले लोगों के लिए एक बढ़िया जगह है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के प्रमुख हाइलाइट्स (Highlights)

  • विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व
  • बारहसिंघा संरक्षण का प्रमुख केंद्र
  • घने साल-जंगल और घासभूमि
  • प्रकृति फोटोग्राफी का स्वर्ग
  • जंगल सफारी व जिप्सी सवारी
  • मंडला–बालाघाट सीमाओं पर विस्तृत प्राकृतिक क्षेत्र

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान सफारी टाइमिंग (Safari Timings)

सुबह सफारी: 06:00 AM – 11:00 AM
शाम सफारी: 03:00 PM – 06:00 PM (टाइमिंग मौसम अनुसार थोड़ा बदल सकती है।)

एंट्री फीस / टिकट शुल्क (Entry Fees)

Gypsy Safari Charges (Per Safari Approx.)
भारतीय नागरिक: ₹2,500 – ₹5,000 (जोन, सीजन व वाहन अनुसार बदलती है)
विदेशी सैलानी: ₹4,000 – ₹8,000
गेट पर अलग-अलग बुकिंग व परमिट चार्ज भी लगते हैं। ऑनलाइन बुकिंग MP Tourism व Forest Department पोर्टल से होती है।

सफारी जोन (Safari Zones)

  • किसली
  • मुक्की
  • कान्हा
  • सिंहवाहिनी

Best Time to Visit

अक्टूबर से जून यहां पर घूमने का सबसे अच्छा समय है। बरसात में पार्क बंद रहता है।

Nearby Attractions

  • कान्हा म्यूजियम
  • घोरेला कैम्प
  • बैलगढ़ जंगल क्षेत्र

2. लांजी का किला बालाघाट (Lanji Fort, Balaghat)

लांजी का किला बालाघाट से दूर लांजी तहसील के बीचो-बीच स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह किला बालाघाट से करीब 50 किलोमीटर दूर है। लांजी का किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। लांजी किले के अंदर ढेर सारे स्थल देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर प्राचीन मंदिर, तालाब, ऊंची ऊंची दीवार, वॉच टावर देखने के लिए मिलते हैं।

किले का अधिकांश भाग नष्ट हो गया है। किले का ज्यादातर भाग में खंडहर देखने के लिए मिलते हैं। किले के चारों तरफ बाउंड्री वाल बना हुआ है, बीच में खाली मैदान है, जहां पर ढेर सारे स्थल हैं और सभी स्थलों का अलग-अलग महत्व है, जिन्हें आप देख सकते हैं।

देखने योग्य स्थान:

  1. किले की दीवारें
  2. प्राचीन जामखांडी देवी मंदिर
  3. आसपास फैले जंगल और पहाड़ी दृश्य
  4. किले के बाहर माँ लंजकाई मंदिर है

3. कोटेश्वर मंदिर बालाघाट (Koteshwar Temple Balaghat)

कोटेश्वर मंदिर बालाघाट के लांजी में स्थित एक और प्रसिद्ध स्थल है। यह मंदिर बाबा भोलेनाथ को समर्पित है। यह बालाघाट में शिव भक्तों के लिए एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्राचीन है और पूरा मंदिर पत्थर का बना हुआ है। यह मंदिर मुख्य लाजी शहर के बाहरी एरिया में चारों तरफ जंगल और पहाड़ों से घिरा हुआ है। मंदिर में आकर आप भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सकते हैं।

कोटेश्वर मंदिर 11वीं शताब्दी में बना हुआ है। मंदिर की दीवारों में सुंदर नक्काशी की गई है, जो देखने लायक है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग विराजमान है। मंदिर में दूर-दूर से भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है।

4. हटा की बावड़ी (Hatta Baodi)

हटा की बावड़ी या प्राचीन बावड़ी बालाघाट के पास देखने लायक मुख्य जगह में से एक है। यह बालाघाट में हटा गांव में बना है। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग से घूमने के लिए आ सकते हैं।

इस बावड़ी का निर्माण विशाल चट्टानों को काटकर और तराशकार किया गया था। इसमें अलंकृत स्तंभ बने हुए हैं, जो बहुत आकर्षक लगते हैं। यहां पर अलंकृत स्तंभों पर आधारित बरामदे और कक्ष है। बावड़ी के प्रवेश द्वार पर दो चतुर्भुजी शिव तथा 16वीं शताब्दी की श्रीफल लिए हुए अम्बिका की प्रतिमाएं हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

यहां हैहय वंश, गोंड कालीन और मराठा शिल्प कला के दर्शन होते हैं। बावड़ी का निर्माण सैनिकों के विश्राम और छिपाने के लिए किया गया था। आज यह पर्यटन का मुख्य स्थल है और दूर-दूर से लोग इसे देखने के लिए आते हैं।

5. गंगुलपारा बांध और झरना बालाघाट (Gangulpara Dam and Waterfall, Balaghat)

गंगुलपारा बांध और झरना बालाघाट के पास स्थित एक प्राकृतिक स्थान में से एक है। यह बालाघाट से करीब 5 किलोमीटर दूर बैहर रोड में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर एक बहुत बड़ा जलाशय देखने के लिए मिलता है, जो चारों तरफ से जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है।

गंगुलपारा जलाशय के पास जंगलों के भीतर एक खूबसूरत झरना बना हुआ है। इस झरने तक पहुंचाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। ट्रैकिंग का रास्ता भी खूबसूरत है।

यहां पर झरना चट्टानों के ऊपर से गिरता है और बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और नहाने का भी आनंद उठाते हैं। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह जगह बालाघाट के प्रमुख पिकनिक स्पॉटों में से एक है।

6. धुटी बांध बालाघाट (Dhuti Dam, Balaghat)

धुटी बांध बालाघाट के पास लामता में स्थित एक पर्यटन स्थल है। धुटी बांध लामता से 6 किलोमीटर दूर है। यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यह बांध बहुत सुंदर है और अंग्रेजों के समय में बनाया गया है।

बांध में जाकर शाम के समय सूर्यास्त का दृश्य देखा जा सकता है, जो बहुत ही आकर्षक रहता है। यहां पर आप आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

यह बहुत पुराना बांध है। इस बांध का पानी जब ओवरफ्लो होता है, तो ऐसा लगता है। जैसे झरना बह रहा है। यह बहुत सुंदर लगता है। आप बांध की संरचना देख सकते हैं, जो बहुत ही खूबसूरत है।

7. बजरंग घाट बालाघाट (Bajrang Ghat, Balaghat)

बजरंग घाट बालाघाट के पास घूमने के लिए एक मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। यह एक बहुत ही खूबसूरत घाट है। यह घाट वैनगंगा नदी के किनारे बना है।

यह घाट तैराकी के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर तैराकी करने वाले लोग आते हैं और तैराकी का आनंद लेते हैं, क्योंकि यह घाट ज्यादा गहरा नहीं है, इसलिए तैराकी के लिए उत्तम है। इसलिए लोग यहां पर आकर तैराकी करते हैं।

बजरंग घाट पास में ही हनुमान जी का सिद्ध मंदिर बना है। यह मंदिर परिसर बहुत अच्छा और शांत है। यहां पर आकर आप हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर तैराकी और योगा का प्रशिक्षण होता है। यह बालाघाट के पास घूमने के लिए अच्छी जगह में से एक है। फैमिली और दोस्तों के साथ आप यहां पर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

8. मोती तालाब और मोती पार्क (Moti Talab and Moti Park, Balaghat)

मोती तालाब और पार्क बालाघाट मुख्य शहर में घूमने के लिए एक मुख्य आकर्षण स्थलों में से एक है। बालाघाट शहर के बीचो-बीच एक बहुत बड़ा जलाशय बना है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। यह जलाशय बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। इस जलाशय को मोती तालाब कहा जाता है।

मोती तालाब पास में एक गार्डन बना है, जिसे मोती पार्क के नाम से जाना जाता है। यहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर शाम के समय बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। यह लोगों के जॉगिंग और टहलने के लिए एक पसंदीदा स्पॉट है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

9. नहलेसरा बांध बालाघाट (Nahlesara Dam, Balaghat)

नहलेसरा बांध बालाघाट जिले के पास घूमने की एक प्रमुख जगह है। यहां पर एक सुंदर और विशाल जलाशय है, जो बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यह जलाशय पहाड़ और जंगलों से घिरा हुआ है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर चारों तरफ हरे भरे पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं।

आप यहां पर बरसात के समय और ठंड के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। इस समय यह जगह बहुत ही आकर्षक लगती है। जलाशय के पास और भी बहुत सारे स्थल है, जो देखने लायक है। अगर आपके पास समय रहता है, तो आप इन स्थलों में भी जाकर घूम सकते हैं।

10. राजीव सागर बांध बालाघाट (Rajiv Sagar Dam, Balaghat)

राजीव सागर बांध बालाघाट के पास घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह बांध मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। राजीव सागर बांध को बाबनथडी बांध भी कहते हैं, क्योंकि यह बांध बाबनथडी नदी पर बना हुआ है।

यह एक बहुउद्देशीय परियोजना है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। इस बांध को देखने का सबसे अच्छा समय बरसात का रहता है। बरसात और ठंड के समय बांध का दृश्य बहुत ही आकर्षक लगता है।

इस बांध में अगर आप बरसात के समय घूमने के लिए आते हैं, तो आपको ज्यादा आनंद आएगा। क्योंकि बरसात के समय बांध में पानी भरा रहता है और चारों तरफ का माहौल हरियाली भरा रहता है। बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे पानी बाहर आता है और बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

बालाघाट घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Balaghat)

बालाघाट में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च महीने में आकर बालाघाट की जगह में घूम सकते हैं। इस समय मौसम बहुत ही सुहावना रहता है, जिससे घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है।

बाकी आप अपनी इच्छा अनुसार यहां पर बरसात के समय और ठंड के समय आ सकते हैं। बरसात के समय आप यहां पर झरनों में घूम सकते हैं। यहां पर ढेर सारी झरने हैं, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं।

बालाघाट कैसे पहुंचे (How to Reach Balaghat)

बालाघाट मध्य प्रदेश का प्रमुख शहर है। यह अन्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। चलिए जानते हैं –

बालाघाट में वायु मार्ग से कैसे पहुंचे (How to reach Balaghat by Air)

बालाघाट का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर में बना हुआ है। जबलपुर बालाघाट से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर है। आप बालाघाट से वायु मार्ग से जबलपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग से बालाघाट पहुंच सकते हैं।

बालाघाट में रेल मार्ग से कैसे पहुंचे (How to Reach Balaghat by Train)

बालाघाट में रेल मार्ग से आसानी से आ सकते है। बालाघाट में जबलपुर नागपुर रेलवे रूट से जुड़ा हुआ है, जिसे आसानी से यहां पर आ सकते हैं। आप यहां पर रेल मार्ग से आ सकते हैं। उसके बाद अन्य जगहों में सड़क मार्ग से जा सकते हैं।

बालाघाट में सड़क मार्ग से कैसे पहुंचे (How to Reach Balaghat by Road)

बालाघाट में सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। बालाघाट, जबलपुर, मंडला, गोंदिया और सीधी शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। बालाघाट में आने के लिए बस की सुविधा और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। आप अपनी इच्छा अनुसार इनका प्रयोग कर सकते हैं।

बालाघाट की गूगल मैप लोकेशन

Nearby Attractions

  • मंडला
  • गोंदिया
  • जबलपुर
  • कटनी
  • कान्हा tiger reserve (buffer)
  • रामपायली मंदिर क्षेत्र

Travel Tips

  • Jungle Safari advance में book करें
  • गर्मियों में टोपी, पानी और आरामदायक जूते रखें
  • wildlife areas में आवाज़ और कचरा न फैलाएं
  • पहाड़ और झरने के आसपास safety रखें

Conclusion

बालाघाट जिला प्रकृति और शांत पर्यटन का अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। कान्हा की जंगल सफारी, पहाड़ों की घाटियाँ, धार्मिक स्थल और प्राचीन किलों की यात्रा—सब मिलकर इसे एक perfect travel destination बनाते हैं।

मैं इस लेख में बालाघाट के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी है, ताकि आपका सफर बालाघाट में अच्छे से बीते और आप सभी जगह को एन्जॉय कर सके। अगर बालाघाट के पर्यटन स्थलों में कुछ और नया जोड़ना है, तो आप मुझे बता सकते हैं। मैं उन स्थलों को इस लेख में जोड़ दूगी। ताकि आपको और भी स्थलों की जानकारी मिल सके।

आप इस लेख को अपने सोशल मीडिया हैंडल में जरूर शेयर करें, ताकि अगर जिनको बालाघाट की यात्रा करनी हो उनके लिए यह लेख उपयोगी हो।

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