चित्रकूट भारत के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थान में से एक है। चित्रकूट मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित एक धार्मिक स्थान है। चित्रकूट भगवान श्री राम से संबंधित रहा है। चित्रकूट में ढेर सारे स्थान है, जो भगवान श्री राम से संबंधित माने जाते हैं।
चित्रकूट का श्री राम भरत मिलाप (Ram Bharat Milap Mandir) इन्हीं स्थानों में से एक है। यह स्थल श्री राम जी और भारत जी के मिलन स्थल के रूप में जाना जाता है। यह वह ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है जहाँ भ्रातृ प्रेम, त्याग और धर्म की अद्भुत मिसाल देखने को मिलती है। आज के इस लेख में हम चित्रकूट के श्री राम भरत मिलाप के बारे में जानेंगे

चित्रकूट के श्री राम भरत मिलाप मंदिर की यात्रा (Trip to Shri Ram Bharat Milap Mandir in Chitrakoot)
चित्रकूट भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थानों में से एक है। चित्रकूट वह भूमि है, जहाँ भगवान श्री राम अपने वनवास काल के दौरान आए थे और यहाँ पर उन्होंने अपना अधिकांश समय व्यतीत किया था। चित्रकूट का प्रत्येक कण श्री राम से जुड़ा हुआ है।
श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट (Shree Ram Bharat Milap Mandir Chitrakoot) कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में पड़ता है। इस मंदिर में आप पैदल आसानी से पहुंच सकते हैं। कामदगिरि पर्वत की पहाड़ की परिक्रमा करते हुए इस मंदिर के दर्शन करते हुए आगे जा सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है और इस मंदिर में आपको भगवान श्री राम जी, लक्ष्मण जी, भरत की और शत्रुघ्न जी के चरण जी ने देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर चट्टानों पर उनके चरण चिन्ह बने हुए हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर माता सीता और कौशल्या जी के चरण जी ने भी देखने के लिए मिलते हैं।
कामतगिरी परिक्रमा पथ बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है। इस परिक्रमा पथ में ढेर सारी मंदिरों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। कामतनाथ मंदिर से आगे आने पर आपको श्री राम भारत मिलाप मंदिर देखने के लिए मिलता है। श्री राम भारत मिलाप मंदिर (Shree Ram Bharat Milap Mandir) के बाहर राम भगवान जी, सीता जी, लक्ष्मण जी और भारत जी की प्रतिमाएं देखी जा सकती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है।
यह प्रतिमाएं जीवंत लगते हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार से आप मंदिर के अंदर जा सकते हैं। मंदिर के अंदर प्रवेश करने पर, एक बहुत बड़ा आंगन देखने के लिए मिलता है। यहां पर आंगन के बीच में मंदिर बने हुए हैं, जिनके अंदर चट्टानें देखी जा सकती है, जिनमें भगवान श्री राम जी, सीता जी और लक्ष्मण जी के चरण चिन्ह, जिन्हें साफ देखा जा सकता है।
इन चरण चिन्ह में निशान लगा दिए गए हैं, ताकि आप इन्हें देख सकते हैं। इन चरणों चरण को को संरक्षित करने के लिए, इन मंदिरों के चारों तरफ से रॉड लगा दिया गया है, ताकि यह चरण चिन्ह को कोई नुकसान ना पहुंचे। यहां पर आप दो या तीन छोटे-छोटे मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं, जिनमें अलग-अलग चरण चिन्ह देखे जा सकते हैं।

यहां पर आप लक्ष्मण जी शत्रुघ्न जी के चरण चिन्ह और मिलन स्थल, सीता जी और कौशल्या जी के चरण चिन्ह और मिलन स्थल और रामजी और भारत जी का मिलाप स्थल और चरण चिन्ह देख सकते हैं। आप इन चट्टानों के दर्शन करके आप मंदिर में कुछ टाइम बैठ सकते हैं। यहां पर बहुत शांति रहती है।
उत्सवों के समय यहां पर भीड़ रहती होगी, मगर बाकी समय यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है, तो आप यहां पर बैठ सकते हैं। यहां पर आपको ढेर सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं।
जानें : चित्रकूट में घूमने की प्रमुख जगह
श्री राम भरत मिलाप मंदिर के बारे में प्राचीन मान्यता
इस जगह के बारे में मान्यता है, जब भरत जी को राम जी का पता चला था, कि राम जी अयोध्या छोड़कर वनवास के लिए गए हैं। तब राम जी को अयोध्या वापस ले जाने के लिए भरत जी, यहां पर राम जी से मिलने के लिए आए थे और वह इसी जगह पर राम जी से मिले थे।
राम जी और भरत जी का प्रेम देखकर यहां की चट्टानें पिघल गई थी और चट्टानों पर यह निशान बन गए थे। उन्हें निशाने को आज आप यहां पर आकर देख सकते हैं। आप यहां पर आस-पास आश्रम बने हुए हैं, जहां पर सन्यासी लोग रहते हैं।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
राम–भरत मिलाप स्थल (Ram Bharat Milap Mandir) केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- यह स्थान भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों को दर्शाता है
- रामायण कालीन घटनाओं की जीवंत अनुभूति कराता है
- हर वर्ष यहाँ रामकथा और धार्मिक आयोजन होते हैं
चित्रकूट में आयोजित राम–भरत मिलाप उत्सव हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

राम–भरत मिलाप स्थल की विशेषताएं
- शांत और आध्यात्मिक वातावरण
- चारों ओर प्राकृतिक सौंदर्य
- रामायण काल की स्मृतियों से जुड़ा स्थान
- ध्यान और भक्ति के लिए उपयुक्त क्षेत्र
यह स्थान साधना और आत्मचिंतन के लिए भी आदर्श माना जाता है।
श्री राम भरत मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Shri Ram Bharat Mandir)
राम–भरत मिलाप (Ram Bharat Milap Mandir) स्थल वर्ष भर खुला रहता है। अक्टूबर से मार्च का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय ठंड का मौसम रहता है। इस समय मौसम बहुत ही अच्छा और सुहावना रहता है, जिससे आप यहां पर आराम से घूम सकते हैं। सुबह और संध्या का समय दर्शन के लिए श्रेष्ठ है। राम नवमी, दीपावली और अमावस्या के अवसर पर यहाँ विशेष भीड़ रहती है।
श्री राम भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट कैसे पहुँचें (How to reach Shri Ram Bharat Milap Temple, Chitrakoot)
सड़क मार्ग : श्री भरत मिलाप मंदिर (Ram Bharat Milap Mandir) में सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर मुख्य चित्रकूट से करीब 2 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप ऑटो से ही अपने निजी वाहन से जा सकते हैं। यहां पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।
रेल मार्ग : चित्रकूट का निकटतम रेलवे स्टेशन चित्रकूट कर्वी रेलवे स्टेशन है। आप यहां पर अन्य शहरों से रेल मार्ग के द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद चित्रकूट सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।
वायु मार्ग : चित्रकूट का निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज में है। आप प्रयागराज में अन्य शहरों से वायु मार्ग के द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद चित्रकूट में सड़क मार्ग और वायु मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं। चित्रकूट पहुँचने के बाद स्थानीय वाहन द्वारा राम–भरत मिलाप स्थल तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।
श्री राम भरत मिलाप मंदिर का गूगल मैप लोकेशन
राम–भरत मिलाप के पास घूमने की जगहें
राम–भरत मिलाप (Ram Bharat Milap Mandir) के दर्शन के साथ आप चित्रकूट के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कर सकते हैं:
- कामदगिरि पर्वत परिक्रमा
- रामघाट
- हनुमान धारा
- सीता रसोई
- लक्ष्मण पहाड़ी
- गुप्त गोदावरी
यात्रा से जुड़े उपयोगी सुझाव
- स्थल की पवित्रता बनाए रखें
- भीड़ के समय धैर्य रखें
- पानी और हल्का भोजन साथ रखें
- धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें
निष्कर्ष
श्री राम भरत मिलाप (Ram Bharat Milap Mandir) चित्रकूट भारतीय संस्कृति में भाईचारे, त्याग और प्रेम की सबसे महान मिसाल है। यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा भी प्रदान करता है। यदि आप चित्रकूट यात्रा पर हैं, तो राम–भरत मिलाप स्थल के दर्शन अवश्य करें।
