भिंड जिले में घूमने के 10+ टॉप पर्यटन स्थल : Amazing Bhind Tourist Places in Hindi

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भिंड जिले में घूमने की जगह – Bhind District Travel Guide in Hindi

भिंड जिला मध्य प्रदेश के उत्तर भाग में स्थित है। यह जिला अपने ऐतिहासिक विरासत धार्मिक स्थल और चंबल अंचल के लिए प्रसिद्ध रहा है। यह जिला ग्वालियर चंबल संभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा हुआ प्रमुख जिला है।

इस लेख में हम आपको भिंड जिले में घूमने की प्रमुख जगह (Bhind Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे। ताकि अगर आप भिंड के आस-पास घूमने की जगह का प्लान बना रहे हो, तो आपके लिए यह लेख उपयोगी हो सके।

इस लेख में हम भिंड में घूमने की जगह (Bhind Tourist Places in Hindi), भिंड कैसे पहुंचे, भिंड में घूमने का सही समय, भिंड यात्रा सुझाव के बारे में जानकारी देंगे।

भिंड जिले का इतिहास (Bhind District History in Hindi)

भिंड जिला मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है। इस जिले का इतिहास अत्यंत प्राचीन, वीरतापूर्ण और संघर्षों से भरा हुआ है। यह क्षेत्र चंबल नदी घाटी होने के कारण प्राचीन समय से ही रणनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है।

प्राचीन काल में भिंड क्षेत्र मौर्य, शुंग और गुप्त साम्राज्यों के प्रभाव में रहा। गुप्त काल के दौरान यहाँ सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों का विकास हुआ। भिंड और इसके आसपास के क्षेत्रों में मिले पुरातात्विक अवशेष इस बात के प्रमाण हैं कि यह क्षेत्र प्राचीन समय में लोगों के रहने का प्रमुख केंद्र रहा होगा।

मध्यकाल में भिंड पर विभिन्न राजपूत वंशों का शासन रहा। भिंड क्षेत्र में तोमर, कछवाहा और बाद में जाट शासकों ने अधिकार किया। मध्यकाल में यहाँ कई किले, मंदिर और तालाबों का निर्माण हुआ, जिनके अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं। आप भिंड के आसपास कई स्थलों पर इन प्राचीन किलों और अवशेषों को देख सकते हैं।

मुगल काल में भिंड क्षेत्र आगरा सूबे के अंतर्गत आता था। इस समय प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हुई और कृषि व व्यापार को बढ़ावा मिला। मराठा काल में भिंड ग्वालियर रियासत के अंतर्गत आ गया और सिंधिया शासकों का प्रभाव स्थापित हुआ। मराठा काल में यहाँ प्रशासनिक, सैन्य और सामाजिक ढांचे का विस्तार हुआ।

ब्रिटिश काल में भिंड ग्वालियर रियासत का हिस्सा रहा, जो ब्रिटिश सरकार के अधीन एक रियासत थी। 19वीं और 20वीं शताब्दी में भिंड और चंबल क्षेत्र डाकुओं के लिए प्रसिद्ध था। यहां पर बागी आंदोलन और सामाजिक संघर्षों के कारण यह क्षेत्र विशेष चर्चा में रहता था।

स्वतंत्रता के बाद, 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के साथ भिंड जिला अस्तित्व में आया। इस जिले के अस्तित्व में आने के बाद, जिले में प्रशासनिक विकास के साथ-साथ शिक्षा कृषि और बुनियादी ढांचे में सुधार आया। आज यह जिला एक कृषि प्रधान जिला है और यहां पर आप आकर पर्यटन का आनंद उठा सकते हैं।

भिंड जिले में घूमने की प्रमुख जगहें (Bhind Tourist Places in Hindi)

1. चंबल नदी और घाट

चंबल नदी भिंड जिले की जीवन रेखा है। चंबल नदी के किनारे बीहड़ एरिया देखा जा सकता है, जो प्राकृतिक जगह को एक्सप्लोर करने के लिए एक बढ़िया जगह है। यहां पर चंबल नदी की सुंदरता को भी देखा जा सकता है। चंबल नदी भारत की सबसे साफ नदियों में से एक है।

चंबल नदी घड़ियाल और मगरमच्छ के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। चंबल नदी के किनारे घाट बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। चंबल नदी के किनारे मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप जा सकते हैं।

मुख्य आकर्षण

  • शांत नदी घाट
  • सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य
  • धार्मिक अनुष्ठान

वनखंडेश्वर मंदिर भिंड (Vankhandeshwar Temple Bhind)

वनखंडेश्वर मंदिर भिंड मुख्य शहर में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। यह मंदिर गौरी तालाब के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि मंदिर का निर्माण पृथ्वीराज चौहान के समय में किया गया था।

इस मंदिर में अखंड ज्योत जलाई गई है, जो प्राचीन समय से अभी तक चल रही है। यह मंदिर भगवान शंकर जी को समर्पित है। मंदिर में भगवान शंकर जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के बारे में मान्यता है, कि आप जो भी मनोकामना मांगेंगे, वो यहां पर पूरी होती है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार की समय बहुत बड़े मेले का भी आयोजन किया जाता है।

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गौरी तालाब भिंड (Gauri Talab Bhind)

गौरी तालाब भिंड शहर में घूमने के लिए प्रमुख स्थानों में से एक है। यह तालाब प्राचीन है। इस तालाब के किनारे ढेर सारे मंदिर बने है। तालाब के किनारे पार्क भी बना हुआ है। इस तालाब में आप बोटिंग का आनंद उठा सकते हैं। यह तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। आप यहां पर शाम के समय जाकर सूर्यास्त के सुंदर दृश्य का आनंद उठा सकते हैं।

भिंड का किला (Bhind Fort)

भिंड का किला, जिसे अब जिला पुरातत्व संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है। यह किला भिंड शहर के मध्य में बना हुआ है। इस किले में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां आकर आपको किले का पुराना स्ट्रक्चर देखने के लिए मिलता है। इस किले को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है। इस संग्रहालय में आपको ढेर सारी मूर्तियों और भिंड शहर के बारे में जानकारी मिलती है। आप यहां पर आकर भिंड जिले के इतिहास के बारे में जान सकते हैं।

नक्षत्र वाटिका भिंड (Nakshatra Vatika Bhind)

नक्षत्र वाटिका भिंड मुख्य शहर में स्थित एक खूबसूरत गार्डन है। यह पार्क मुख्य भिंड शहर में बनी हुई है। यहां पर आप आसानी से सड़क के द्वारा अपने वाहन या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। पार्क में चारों तरफ पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर हरियाली है। यह पार्क बच्चों के लिए और बड़ों के लिए एक परफेक्ट जगह है। बच्चे और बड़े आकर यहां पर ढेर सारी गतिविधियां कर सकते हैं।

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श्री हाथीवान महाराज धाम (Shri Hathiwan Maharaj Temple)

श्री हाथीवान महाराज धाम भिंड जिले के पास घूमने के लिए आध्यात्मिक और पवित्र स्थलों में से एक है। यहां पर हाथीवान महाराज और प्रेतराज महाराज की समाधि स्थल है। यह जगह भिंड जिले के पास लहर तहसील के बराहा गांव में है।

आप यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर में जाकर आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर पवित्र गुफा और समाधि स्थल देखने के लिए मिलता है। लोग यहां पर दूर-दूर से घूमने के लिए आते हैं।

श्री कांक्सी सरकार मंदिर (Shri Kankshi Sarkar Mandir)

श्री कांक्सी सरकार मंदिर भिंड जिले के पास घूमने के लिए एक प्रसिद्ध धार्मिक महत्व का स्थान है। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर को मजिस्ट्रेट हनुमान जी, न्याय के देवता या एडवोकेट हनुमान जी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।

इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जिस व्यक्ति पर झूठे अपराध के मामले का आरोप लगाया जाता है। वह इस मंदिर में आता है और श्री हनुमान जी उन झूठे मामलों से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं।

यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में हनुमान जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। आस-पास के क्षेत्र से इस मंदिर से बहुत सारे लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर भिंड जिले के मुरवाली गांव में बना हुआ है। आप इस मंदिर में आसानी से सड़क के द्वारा आ सकते हैं और घूम सकते हैं।

गोहद का किला भिंड (Gohad Fort Bhind)

गोहद का किला भिंड शहर के पास में घूमने के लिए एक ऐतिहासिक स्थान है। यह किला गोहद क्षेत्र में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं। यह किला प्राचीन है। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। किले के अंदर घूमने के लिए ढेर सारे स्थल है।

यहां पर प्राचीन मंदिर किले, किले के अवशेष, मीनार और तालाब देखने के लिए मिल जाते हैं। इस किले का निर्माण 1505 में जाट शासक राणा सिंघम देव द्वितीय ने कराया था। इस किले के पास में वैशाली नदी बहती है। यहां पर बरसात और ठंड के समय आप घूमने के लिए आ सकते हैं।

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गोहद बांध भिंड (Gohad Dam Bhind)

गोहद बांध भिंड जिले के गोहद में घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय यह जलाशय पानी से भर जाता है। जलाशय के आसपास का एरिया भी बहुत खूबसूरत लगता है। यह जलाशय जब ओवरफ्लो होता है, तो किसी झरने के सामान लगता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड (Shri Ratangarh Mata Temple)

श्री रतनगढ़ माता मंदिर भिंड के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भिंड के पास घने जंगलों के अंदर बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क द्वारा पहुंच सकते हैं। यह मंदिर भिंड से 70 किलोमीटर दूर सिंध नदी के किनारे पर स्थित है। यह मंदिर ऊंचाई पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। इस मंदिर से चारों तरफ का सुंदर नजारा देखने के लिए मिलता है।

यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में मां के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप आस-पास के सुंदर नजारों का भी आनंद ले सकते हैं। मंदिर में नवरात्रि के समय बड़े मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग घूमने के लिए आते हैं। मंदिर से आप सिंध नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं।

संकुआ कुंड स्योंधा भिंड (Sankua Kund Sayondha Bhind)

संकुआ कुंड भिंड के पास एक दर्शनीय स्थल है। यह सिंध नदी पर बना हुआ एक सुंदर स्थान है। यहां पर एक सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बरसात के समय देखा जा सकता है। यहां पर झरने के पास में ही चट्टानें है, जहां पर मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है।

आप यहां पर बरसात और ठंड के समय आकर इस जगह की खूबसूरती का आनंद उठा सकते हैं। यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है। आप यहां पर नहाने का आनंद उठा सकते हैं। संकुआ कुंड भिंड शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्योंधा में स्थित है। आप यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं।

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भिंड जिले का प्रसिद्ध भोजन

भिंड जिले के भोजन में मालवा और बुंदेलखंड की झलक देखने को मिलती है।

ज़रूर चखें

  • बाजरे की रोटी
  • दाल-बाटी
  • कचौरी
  • घर की बनी छाछ

भिंड में घूमने का सही समय (Best time to visit Bhind)

भिंड में घूमने का सही समय अक्टूबर से मार्च का होता है। इस समय मौसम ठंडा रहता है। आप भिंड के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। आप भिंड में बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय आप भिंड के आसपास के नदी क्षेत्र, जंगलों और झरनों की सैर कर सकते हैं।

भिंड कैसे पहुँचे (How to reach Bhind)

सड़क मार्ग : ठंड में सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। भिंड अन्य शहरों जैसे ग्वालियर, मुरैना और इटावा से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप यहां बस एवं अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।

रेल मार्ग : भिंड रेलवे स्टेशन उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है। भिंड में सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन आती है। आप अन्य शहरों से भिंड आराम से रेल मार्ग के द्वारा आ सकते हैं।

हवाई मार्ग : भिंड का निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर में है। अगर आप भिंड में वायु मार्ग से आना चाहते हैं, तो आप ग्वालियर रह सकते हैं और उसके बाद भिंड सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

भिंड जिला का गूगल मैप लोकेशन

भिंड जिले में ठहरने की सुविधा

  • बजट होटल
  • धर्मशालाएँ
  • स्थानीय गेस्ट हाउस

भिंड पर्यटन क्यों खास है?

  • ऐतिहासिक धरोहर
  • धार्मिक स्थल
  • चंबल नदी का सौंदर्य
  • शांत और सादा जीवन

निष्कर्ष

भिंड जिला मध्य प्रदेश का एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ इतिहास, आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यदि आप कम भीड़-भाड़ वाली लेकिन सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जगह की तलाश में हैं, तो भिंड जिले में घूमने की जगह आपकी यात्रा सूची में जरूर होनी चाहिए।

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