बीजामंडल जिसे सूर्य मंदिर या विजय मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। बीजामंडल मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक स्थानों में से एक है। यह मंदिर प्राचीन समय में एक हिन्दू मंदिर था। यह मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित था। बीजामंडल मंदिर विदिशा मुख्य शहर में बना हुआ है। इस स्थल में मंदिर, म्यूजियम और एक बावली देखने के लिए मिलती है।
अगर आप इतिहास प्रेमी है, तो आप इस जगह घूमने के लिए आ सकते हैं और इस मंदिर को देख सकते हैं। इस लेख में हम आपको विदिशा जिले के बीजामंडल (Bijamandal) के बारे में जानकारी देंगे

बीजामंडल या विजय मंदिर का नामकरण
शब्द “बीजामंडल” की उत्पत्ति संभवत इस स्थापत्य संरचना के वास्तविक नाम विजय मंदिर के पश्चात हुई थी। इसका वास्तविक नाम विजय मंदिर हुआ करता था। यहां से प्राप्त साक्ष्यों से पता चलता है, कि विजय मंदिर का निर्माण परमार शासकों के द्वारा किया गया था और 16वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब द्वारा इस खंडित कर मस्जिद निर्माण कराया गया और इसका आलमगीर मस्जिद नाम रखा गया।
यहां पर स्थित स्तंभ पर उत्कीर्ण अभिलेख से पता चलता है, कि यह मंदिर चर्चिका देवी को समर्पित था और इस मंदिर में विराजमान देवी का अन्य नाम विजया था, जिस कारण इस मंदिर को विजय मंदिर कहा जाता था।
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विदिशा जिले के बीजा मंडल मंदिर की यात्रा (Trip to Bija Mandal Temple in Vidisha district)
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नगर विदिशा में स्थित बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) एक अत्यंत प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर है। यह मंदिर अपने विशाल पत्थर की अद्भुत स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत दिखता है। यह मंदिर वर्तमान समय में मस्जिद में कन्वर्ट कर दिया गया है।
यह मंदिर प्राचीन समय में शिव मंदिर के रूप में प्रसिद्ध था। मंदिर के आस-पास ढेर सारे मंदिर के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें हिंदू देवी देवताओं की प्रतिमाएं देखी जा सकती है। यह स्थल केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह इतिहास, पुरातत्व और स्थापत्य कला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
यहां पर बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) के अलावा प्राचीन बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर है और बावड़ी की दीवारों में सुंदर मूर्ति कला को देखा जा सकता है। यहां पर संग्रहालय भी बनाया गया है, जहां पर आपको प्राचीन मूर्तियों का भव्य संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर मूर्तियों के बारे में जानकारी भी दी गई है।
बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) विदिशा शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर विदिशा मुख्य शहर में विदिशा अशोकनगर हाईवे सड़क के पास में बना हुआ है। यहां पर आप बाइक से आराम से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर घनी बस्ती के बीच में बना है, इसलिए कार से जाने में प्रॉब्लम हो सकती है। मंदिर के बाहर पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है। आप अपनी बाइक को बाहर खड़ा कर सकते हैं।
उसके बाद बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) में जा सकते हैं। मंदिर में किसी प्रकार की एंट्री फीस नहीं लगती है। मंदिर के अंदर जाने पर आपको सबसे पहले म्यूजियम देखने के लिए मिलता है और गार्डन देखने के लिए मिलता है। गार्डन में तरह-तरह के पेड़ पौधे लगे हुए हैं और मंदिर की ओर जाने का रास्ता बना है। इस रास्ते से होते हुए आप मंदिर में पहुंचते हैं।

गार्डन में आपको ढेर सारी प्राचीन प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है, जो यहां पर संभाल कर रखी गई है। यह मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर के ऊपर पहुंचाने के बाद आपको एक बड़ा सा आंगन देखने के लिए मिलता है। उसके बाद मंडप देखने के लिए मिलता है।
मंडप में आप अंदर नहीं जा सकते हैं। मंडप के बाहर जाली लगी है। मंडप को बाहर से आप देख सकते हैं। मंडप में आपको पिलर देखने के लिए मिलते हैं, जो पत्थर से बने हुए हैं और जिन में सुंदर नाककाशी की गई है। साथ ही साथ यहां पर मूर्तियां और प्राचीन अवशेष को भी रखा गया है, जिन्हें आप देख सकते हैं।
मंदिर को देखने के बाद, आप बगीचे में बनी हुई बावली को देख सकते हैं। यह बावली हमेशा पानी से भरी रहती है और इस बावली की दीवारों में आपको सुंदर मूर्ति कला देखने के लिए मिलती है। इसमें देवी देवताओं की नक्काशी, बेल बूटी देखी जा सकती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।
यह बावली प्राचीन है और इस बावली में सीढ़ियां बनी हुई है। सीढ़ियां से आप नीचे जा सकते हैं और बावली की दीवारों को देख सकते हैं। इस प्राचीन कुएं को देखने के बाद, आप बीजा मंडल के संग्रहालय में घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर ढेर सारी मूर्तियों का कलेक्शन देखने के लिए मिलता है और बीजा मंडल के बारे में जानकारी भी मिलती है।

संग्रहालय में परमार कालीन प्रतिमा देखी जा सकती है। यहां पर हिंदू देवी देवताओं की बहुत ही अनोखी और सुंदर प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। साथ ही साथ आपके यहां पर ढेर सारे अवशेष और उनकी जानकारियां भी मिलती है।
यहां पर आपको अप्सरा, उमा महेश्वरी की प्रतिमा, गणेश जी की प्रतिमा, शिव भगवान जी की प्रतिमा, नंदी महाराज की प्रतिमा, विष्णु भगवान जी की प्रतिमा, गज लक्ष्मी की प्रतिमा, महिषासुर मर्दिनी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर है। आप यहां पर मूर्तियों को देख सकते हैं और बिजामंडल मंदिर के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
बीजा मंडल का इतिहास (History of Bija Mandal)
बीजामंडल (Bijamandal) जिसे प्राचीन समय में विजय मंदिर के नाम से भी जाना जाता था। इस मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में परमार शासको के द्वारा किया गया था। 1682 ईस्वी में मुगल शासक औरंगजेब द्वारा इस स्थल को खंडित कर, उसे पर एक मस्जिद का निर्माण कराया गया। जिसमें इसी मंदिर के स्तंभों और अन्य भाग का प्रयोग किया गया। इस मस्जिद को आलमगीर मस्जिद गया कहा गया तथा विदिशा शहर को आलगीरपुर के नाम से जाने जाना लगा।
इस मंदिर के स्तंभ युक्त मंडप के एक स्तंभ पर उत्कीर्ण अभिलेख के अनुसार, यह मंदिर चर्चिका देवी का था। इस अभिलेख में परमार शासक नर बर्मन का भी उल्लेख आता है। ऐसा माना जाता है कि चर्चिका देवी का एक अन्य नाम विजया भी था। जिस कारण इस मंदिर को विजय मंदिर नाम पड़ा। इस मंदिर की दीवार से सन 1186 ईसवी का उदयवर्मन का अभिलेख मिला है।
1971 से 1972 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मंडल के अंतर्गत हुए उत्खनन में मंदिर के दक्षिणी भाग में एक अन्य अभिलेख प्राप्त हुआ है, जो सूर्य उपासना से प्रारंभ होता है। यह अभिलेख देवनागरी लिपि के संस्कृत भाषा में है। यद्यपि इस में किसी तिथि का ज्ञान नहीं होता है। परंतु भाषा और शब्दों के बनावट से यह 11वीं शताब्दी का माना जाता है। जब परमार शासक इस क्षेत्र पर राज किया करते थे तथा विजय मंदिर का निर्माण किया गया था।
यहीं से प्राप्त एक अन्य अभिलेख से भगवान “भेल्लस्वामिन” का उल्लेख किया गया है, जिसका तात्पर्य “सूर्य भगवान” जिसके कारण ही वर्तमान विदिशा भेलसा के नाम से जाना जाता है तथा इस मंदिर को सूर्य भगवान से जोड़ा जाता है, तथा यह कहा जाता है कि तत्कालीन शासक सूर्य के अनन्य भक्त थे। जिनके सम्मान से यह मंदिर निर्मित किया गया। यह भी हो सकता है कि वीजा मंडल वास्तविक रूप से सूर्य मंदिर रहा। होगा

स्थापत्य कला और संरचना
बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विशाल पत्थर संरचना है। मंदिर में उपयोग किए गए पत्थर अत्यंत बड़े और भारी हैं, जिन्हें देखकर आज भी लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं।
मंदिर की स्थापत्य विशेषताएं
- विशाल मंच
- बड़े-बड़े तराशे गए पत्थर
- स्तंभों और दीवारों पर सूक्ष्म नक्काशी
- गर्भगृह और मंडप के अवशेष
पर्यटन की दृष्टि से बीजा मंडल मंदिर
बिजामंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह मंदिर विदिशा शहर में स्थित है। इस मंदिर में आकर आपको ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो एक हिंदू मंदिर है। वर्तमान समय में यह मस्जिद में कन्वर्ट कर दिया गया था। मंदिर में आपको एक पुरानी बावली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको ढेर सारी प्राचीन मूर्तियों का कलेक्शन देखने के लिए मिलता है। यहां आने वाले पर्यटक:
- प्राचीन इतिहास को करीब से समझ सकते हैं
- अद्भुत स्थापत्य के अवशेष देख सकते हैं
- शांत और ऐतिहासिक वातावरण का अनुभव कर सकते हैं
बीजा मंडल मंदिर कैसे पहुंचें (How to Reach Bija Mandal Temple)
सड़क मार्ग : बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) विदिशा शहर से कुछ दूरी पर स्थित है। यहां पर आप सड़क द्वारा आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। भोपाल, सांची और आसपास के शहरों से बस या टैक्सी द्वारा यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।
रेल मार्ग : विदिशा मुख्य शहर में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। आप यहां पर अन्य शहरों से रेल मार्ग के द्वारा आसानी से आ सकते हैं और उसके बाद मंदिर में सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग : विदिशा का नजदीकी हवाई अड्डा भोपाल में है। आप भोपाल में वायु मार्ग के द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद इस मंदिर में सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं।
बीजा मंडल मंदिर का गूगल मैप लोकेशन
बीजा मंडल मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Bija Mandal Temple)
बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का है। आप यहां पर ठंड के समय आ सकते हैं और विदिशा के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। ठंड का मौसम बहुत अच्छा और सुहावना रहता है, जिससे यात्रा करने में कोई भी दुविधा नहीं आती है। आप यहां पर आकर मंदिर में घूम सकते हैं।
बीजा मंडल मंदिर के आसपास घूमने की जगहें
यदि आप बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) देखने आए हैं, तो विदिशा के अन्य दर्शनीय स्थल भी जरूर देखें:
- सांची स्तूप
- हेलियोडोरस स्तंभ
- उदयगिरि गुफाएं
- विदिशा संग्रहालय
- बज्रमठ मंदिर
- मालादेवी मंदिर
- चरण तीर्थ
- माधव उद्यान
- शनि मंदिर विदिशा
- लोहंगी पर्वत
संरक्षण और जागरूकता
बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) जैसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। हमें:
- पत्थरों को नुकसान न पहुंचाने
- कचरा न फैलाने
- ऐतिहासिक महत्व को समझने
जैसे कदम उठाने चाहिए ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
निष्कर्ष
बीजा मंडल मंदिर विदिशा (Bijamandal Mandir Vidisha)भारतीय इतिहास, धर्म और स्थापत्य कला का एक अद्भुत उदाहरण है। भले ही यह मंदिर अधूरा हो, लेकिन इसके अवशेष आज भी इसकी भव्यता और गौरव की कहानी कहते हैं।
यदि आप मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं, तो बीजा मंडल मंदिर (Bijamandal Mandir) को अपनी सूची में अवश्य शामिल करें।
