मध्य प्रदेश में स्थित खजुराहो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल है। खजुराहो में भव्य मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। खजुराहो के मंदिर अपनी भव्य शिल्प कला के लिए प्रसिद्ध है। खजुराहो के मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में जाने जाते हैं।
खजुराहो में ढेर सारे मंदिर है, इन्हीं मंदिरों में से एक 64 योगिनी मंदिर है, जो अपनी खास तरह की बनावट के लिए जाना जाता है। इस लेख में हम खजुराहो के 64 योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) के बारे में जानकारी देंगे

खजुराहो के चौसठ योगिनी मंदिर की यात्रा (Trip to Chausath Yogini Temple Khajuraho)
खजुराहो मध्य प्रदेश का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। खजुराहो अपने प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। खजुराहो में ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं। इन मंदिरों में सुंदर मूर्ति कला देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही अद्भुत लगती है। खजुराहो के इन मंदिरों में 64 योगिनी मंदिर भी अपनी विशेष महत्व रखता है।
खजुराहो का 64 योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) मुख्य शहर में बना हुआ है। यह मंदिर अपनी विशेष बनावट के लिए प्रसिद्ध है। भारत में बहुत कम मात्रा में 64 योगिनी मंदिर पाए गए हैं, जिनमें से खजुराहो का 64 योगिनी मंदिर भी एक है। इस 64 योगिनी मंदिर की बनावट चकोर आकार में है, बल्कि भारत के अन्य 64 योगिनी मंदिरों की बनावट गोलाकार है, जो इस मंदिर को खास बनाती है।
चौसठ योगिनी मंदिर में और भी ढेर सारी विशेषताएं हैं। खजुराहो के 64 योगिनी मंदिर में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। ये जगह खजुराहो मुख्य शहर में स्थित है। 64 योगिनी मंदिर में आप अपने खुद के वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। आप यहां पर पैदल भी घूमने के लिए आ सकते हैं।
चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) खजुराहो में शिव सागर झील के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में बना हुआ है। मंदिर में आने के लिए अच्छा सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां पर एक बड़ा सा चबूतरा देखने के लिए मिलता है।
इस मंदिर का जो चबूतरा है, वह मिट्टी और पत्थरों से बना हुआ है। इस चबूतरे में चकोर आकार में एक लाइन से मंदिर बने हुए हैं। इस चबूतरा में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर लगते हैं। यह मंदिर छोटे आकार के हैं।
इन मंदिरों में प्राचीन समय में देवी देवताओं विराजमान होंगे, वर्तमान में यह मंदिर खंडहर अवस्था में इसी तरह से यहां पर है। यहां पर आपको कुछ प्राचीन प्रतिमाएं भी देखने के लिए मिलती हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। इन मंदिरों में से बहुत सारे मंदिर टूट गए हैं और कुछ मंदिर सही सलामत हैं, जिन्हें हम देख सकते हैं।
64 योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) खजुराहो के अन्य मंदिरों से पहले बना हुआ है। इस मंदिर के बारे में माना जाता है, कि यह मंदिर नौवीं शताब्दी में बनाया गया है। यह पूरा मंदिर ग्रेनाइट चट्टानों से बना हुआ है। इस मंदिर में ज्यादा सजावटी काम नहीं किया गया है। यहां पर साधारण पत्थरों को रखकर मंदिर का निर्माण किया गया है, जो इस मंदिर की खास विशेषता है और इस मंदिर को खजुराहो के अन्य मंदिर से अलग बनाती है।

खजुराहो के 64 योगिनी मंदिर में घूमने के बाद, आप मंदिर के आस-पास के एरिया में पड़े हुए शिला खंड और कलाकृतियां देख सकते हैं। यहां पर मंदिर के आस-पास ढेर सारे शिलाखंड और आकृतियां देखने के लिए मिलती है। मंदिर के पास में ही शिवसागर झील का भी सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप यह देखने के बाद, खजुराहो के अन्य पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।
चौसठ योगिनी मंदिर का इतिहास (History of the Chausath Yogini Temple)
चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) का इतिहास बहुत ही रोचक है। 64 योगिनी मंदिर का निर्माण चंदेल वंश के खजुराहो में राज्य करने से पहले ही कर दिया गया था। इस मंदिर का निर्माण खजुराहो वंश के अस्तित्व में आने से 300 साल पहले ही हो गया था। इस मंदिर का निर्माण छठवीं शताब्दी में किया गया था।
चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Mandir) तंत्र मंत्र के लिए प्रसिद्ध था। इस मंदिर में तांत्रिक क्रियाएं की जाती थी। यह मंदिर किसके द्वारा बनाया गया है, यह तो साफ नहीं है। मगर यह मंदिर खजुराहो के सबसे प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। 64 योगिनी मंदिर पूरी तरह का लावा पत्थरों से बना हुआ है। यह मंदिर 5.4 मीटर ऊंचा चबूतरे पर बना है। ऊपर की ओर मंदिर खुला है और इसकी आकृति चकोर है।
योगिनी परंपरा और धार्मिक महत्व
योगिनियाँ देवी शक्ति की सहयोगिनी मानी जाती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार:
- योगिनियाँ माता दुर्गा की शक्तियाँ हैं
- ये देवी के युद्ध और राक्षस संहार में सहायक रहीं
- प्रत्येक योगिनी का अलग स्वरूप, शक्ति और मंत्र होता है
64 योगिनियाँ तांत्रिक परंपरा में विशेष स्थान रखती हैं और इनकी पूजा से सिद्धि, शक्ति और आत्मिक उन्नति प्राप्त होने की मान्यता है।
64 योगिनी मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit the Chausath Yogini Temple)
चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात और ठंड का रहता है। पर्यटक यहां ठंड के समय घूमने के लिए आते है। पर्यटक यहां पर आकर खजुराहो के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। खजुराहो में ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं। आप उन सभी मंदिरों में घूम सकते हैं। ठंड का मौसम घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया और ठंडा रहता है।
दर्शन का समय और प्रवेश जानकारी
दर्शन समय
- सुबह: 6:00 बजे से
- शाम: 6:00 बजे तक
प्रवेश शुल्क
- सामान्यतः निःशुल्क
- विदेशी पर्यटकों के लिए अलग नियम हो सकते हैं
यहाँ शांत वातावरण में दर्शन और भ्रमण किया जा सकता है।
चौसठ योगिनी मंदिर कैसे पहुँचें (How to Reach the Chausath Yogini Temple)
सड़क मार्ग : खजुराहो मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है। खजुराहो में आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर में आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से या अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर मुख्य खजुराहो शहर के पास में बना हुआ है। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं।
रेल मार्ग : खजुराहो का निकटतम रेलवे स्टेशन खजुराहो रेलवे स्टेशन है, जो मुख्य शहर से 2 से 3 किलोमीटर दूर है। खजुराहो रेलवे स्टेशन से आप यहां पर ऑटो से पहुंच सकते हैं और चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Mandir) में घूमने के लिए जा सकते हैं।
वायु मार्ग : खजुराहो का निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो एयरपोर्ट है, जो खजुराहो मुख्य शहर से 2 से 3 किलोमीटर दूर है। आप खजुराहो में अन्य शहरों से वायु मार्ग के द्वारा आ सकते हैं और मंदिर में टैक्सी के द्वारा या ऑटो के द्वारा आराम से पहुंच सकते है। खजुराहो शहर से टैक्सी या ऑटो द्वारा चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Mandir) तक पहुँचना आसान है।
चौसठ योगिनी मंदिर का गूगल मैप लोकेशन
चौसठ योगिनी मंदिर के पास घूमने की जगहें
- पश्चिमी मंदिर समूह, खजुराहो
- कंदारिया महादेव मंदिर
- मतंगेश्वर महादेव मंदिर
- लक्ष्मण मंदिर
- रानेह जलप्रपात
- केन घड़ियाल अभ्यारण
- लक्ष्मण मंदिर
- पार्श्वनाथ जैन मंदिर
- खजुराहो संग्रहालय
यात्रा के लिए उपयोगी सुझाव
- गर्मियों में सुबह या शाम का समय चुनें
- मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें
- फोटोग्राफी से पहले नियम जान लें
- मंदिर के इतिहास को समझने के लिए गाइड ले सकते हैं
निष्कर्ष
चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Mandir) खजुराहो न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की प्राचीन तांत्रिक और शक्ति उपासना परंपरा का जीवंत उदाहरण है। इसका रहस्यमय वातावरण, अनूठी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व इसे खजुराहो के अन्य मंदिरों से अलग बनाता है। यदि आप खजुराहो यात्रा पर हैं, तो इस प्राचीन और आध्यात्मिक स्थल के दर्शन अवश्य करें।
