छतरपुर में घूमने की टॉप 10 जगह : Beautiful Chhatarpur Tourist Places in Hindi

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छतरपुर पर्यटन गाइड: इतिहास, घूमने की जगहें, यात्रा जानकारी और Travel Tips

छतरपुर मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण जिले में से एक है। छतरपुर इतिहास, प्राकृतिक स्थान, मंदिर और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। छतरपुर बुंदेलखंड का एक प्रमुख हिस्सा है। यहां पर ढेर सारे प्रसिद्ध स्थल है। आज हम छतरपुर में घूमने की ढेर सारी जगह के बारे में जानेंगे, जहां पर आप जाकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

इस लेख में हम छतरपुर के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों (Chhatarpur Tourist Places in Hindi), यात्रा सूचना, घूमने का सही समय, कैसे पहुंचे, कहां ठहरें, और Tour Itinerary के बारे में विस्तार से जानेंगे।

छतरपुर का इतिहास एवं महत्व (History and Significance in Chhatarpur)

छतरपुर मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से एक है। यह प्राचीन काल से ही बुंदेलखंड का एक प्रमुख हिस्सा है। छतरपुर का नाम बुंदेलखंड के प्रसिद्ध राजा छत्रसाल बुंदेला के पोते छतरसाल सिंह के नाम पर पड़ा है। छतरपुर का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। यहां पर लंबे समय से बुंदेला राजपूत शासको का शासन रहा है, जिन्होंने यहां पर ढेर सारे किले, मंदिर और प्राचीन स्थापत्य को विकसित किया है।

17वीं सदी में बुंदेलखंड के महान योद्धा महाराजा छत्रसाल ने मुगल शासन के खिलाफ विद्रोह कर स्वतंत्र राज्य की स्थापना की। उनके पोते छतरसाल सिंह के सम्मान में इस क्षेत्र का नाम छतरपुर पड़ा। 1854 में ब्रिटिश शासन काल के दौरान यह क्षेत्र छतरपुर रियासत के रूप में विकसित हुआ। बुंदेला राजाओं और अंग्रेजों ने साथ मिलकर यहां पर प्रशासनिक राज्य बनाया।

1857 के क्रांति में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह में छतरपुर के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यहां के लोकल क्रांतिकारी, किसानों ने स्वाधीनता के लिए आवाज उठाई थी। 1956 में मध्य प्रदेश राज्य के गठन के बाद छतरपुर राज्य का एक हिस्सा बना और इस जिले के रूप में पहचान मिली।

छतरपुर में घूमने की प्रमुख जगहें (Chhatarpur Tourist Places in Hindi)

नीचे छतरपुर और उसके आस-पास के सभी महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का विवरण दिया गया है।

1. खजुराहो मंदिर समूह (UNESCO World Heritage Site)

छतरपुर का सबसे प्रसिद्ध स्थान खजुराहो मंदिर समूह है। खजुराहो अपने सुंदर मंदिर और मंदिरों पर बनी मूर्तियों के लिए जाना जाता है। खजुराहो के मंदिर की मूर्तियां प्राचीन काल के जीवन, संस्कृति, प्रेम और अध्यात्म को दर्शाती हैं। खजुराहो छतरपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर है। यहां पर सड़क मार्ग, रेल मार्ग और वायु मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

खजुराहो में हिंदू और जैन मंदिर बने हुए हैं। यह भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। खजुराहो के नक्काशीदार मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में संरक्षित है। यहां पर हर साल हजारों देश-विदेश से पर्यटक घूमने लिए आते हैं। खजुराहो में मंदिर की संख्या वर्तमान में करीब 25 है।

खजुराहो के मुख्य मंदिर

🕒 टाइमिंग: 6 AM – 6 PM
🎟️ टिकट: भारतीय – ₹40 | विदेशी – ₹600
📍 Best Time: अक्टूबर से फरवरी

2. राणेह फॉल्स (Raneh Falls)

राणेह फॉल्स खजुराहो से करीब 20 किलोमीटर दूर एक सुंदर झरना है। यह केन घड़ियाल अभ्यारण के अंदर बना है। यह झरना प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां पर लावा की चट्टानी देखने के लिए मिलती है, जो लाल, हरे और नीले रंग की है। इन चट्टानों से जब पानी बहता है और झरना की तरह गिरता है। तब बहुत ही आकर्षक लगता है। बरसात और सर्दियों में इसका दृश्य बहुत ही अद्भुत रहता है।

यहां पर लावा चट्टानों की सुंदर घाटी है, जिसके ऊपर से केन नदी बहती है और यह झरना बनती है। यहां पर व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप झरने के सुंदर दृश्य को देख सकते हैं। यहां पर कैंटीन बनी हुई है, जहां पर आपको चाय कॉफी मिल जाती है।

मुख्य आकर्षण:

  • लाल पत्थर की घाटी
  • मानसून झरनों का प्रवाह
  • फोटोशूट स्पॉट
Ken Gharial Sanctuary (Chhatarpur Tourist Places in Hindi)
केन नदी और चट्टानों का सुंदर दृश्य

3. केन घड़ियाल अभयारण्य (Ken Gharial Sanctuary)

केन घड़ियाल अभयारण्य केन नदी पर बना छतरपुर के पास एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यहां दुर्लभ घड़ियाल, कछुए, मगरमच्छ और अनेक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। वन्यजीव प्रेमी और प्रकृति पर्यटकों के लिए यह बेहतरीन जगह है। यह अभ्यारण खजुराहो से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पर प्रवेश के लिए टिकट लगता है।

यहां पर बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। घड़ियालों और मगरमच्छ देखने के लिए आपको जंगल के बीच से जाना पड़ता है और अभ्यारण के सबसे अंत में केन नदी का वह पॉइंट देखने के लिए मिलता है, जहां से आप घड़ियाल और मगरमच्छ देख सकते हैं।

विशेष आकर्षण:

  • बोटिंग
  • बर्ड वॉचिंग
  • नेचर ट्रेल

Chhatarpur Tourist Places in Hindi

4. जटाशंकर मंदिर छतरपुर (Jatashankar Temple)

जटाशंकर मंदिर छतरपुर जिले का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो भगवान शिव को समर्पित है। जटाशंकर मंदिर छतरपुर जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर बिजावर पास है। यहां पर आसानी से रोड के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। यह स्थल शिव भक्तों के लिए एक पवित्र स्थान है। यहां पर दूर-दूर से शिव भक्त भगवान शिव की दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर प्राकृतिक गुफा है, जिसके अंदर शिवलिंग विराजमान है। यह शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है।

यहां पर चारों तरफ जंगल और पहाड़ियों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर आध्यात्मिक ऊर्जा से इंसान भर जाता है। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां भक्तों की बड़ी भीड़ उमड़ती है। माना जाता है कि यहां पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जटाशंकर मंदिर अपने दिव्य माहौल, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के कारण छतरपुर का एक आकर्षक और पवित्र पर्यटन स्थल है।

विशेष आकर्षण

  • प्राकृतिक गुफा
  • प्राचीन मंदिर
  • चारों तरफ जंगल का सुंदर दृश्य

5. श्री बागेश्वर धाम (Shri Bageshwar Dham)

श्री बागेश्वर धाम मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक धाम है, जो आस्था और भक्ति का केंद्र माना जाता है। यह खजुराहो से 25 किलोमीटर दूर गाड़ा गांव में स्थित है। बागेश्वर धाम एक हिंदू धार्मिक स्थान है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर दूर-दूर से लोग बागेश्वर महाराज के दर्शन करने के लिए आते हैं।

यहां पर श्री हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है। इसके बारे में कहा जाता है, कि उनके दर्शन करने से सभी प्रकार की भूत-प्रेत की बाधा दूर हो जाती है। धाम अपनी दिव्य हनुमंत शक्ति, चमत्कारिक कथाओं और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है। हजारों श्रद्धालु यहां दरबार में अपनी समस्याएं लेकर आते हैं और समाधान की आशा करते हैं। यहाँ पीठाधीश्वर विश्व प्रसिद्ध पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी है।

6. भीमकुंड (Bhimkund Chhatarpur)

भीमकुंड छतरपुर के एक अनोखा और रहस्यमय स्थान में से एक है। भीमकुंड एक प्राकृतिक जल कुंड है। भीमकुंडका पानी ब्लू कलर का है और एकदम स्वच्छ है। भीमकुंड के अंदर तैरती हुई मछलियां साफ देखी जा सकती है। पानी के नीचे चट्टानें साफ देखी जा सकती है।

यह कुंड छतरपुर के पास बड़ा मल्हार के करीब 28 किलोमीटर दूर है। यह बजना गांव में बना हुआ है। यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। भीमकुंड के पास मंदिर भी बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह कुंड अपनी मिस्टीरियस पानी के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर दूर-दूर से लोग आते हैं और इस कुंड में स्नान करते हैं। इस कुंड के बारे में ढेर सारी बातें भी कही जाती है।

7. महाराजा छत्रसाल संग्रहालय छतरपुर (Maharaja Chhatrasal Museum Chhatarpur)

महाराजा छत्रसाल पुरातत्व संग्रहालय छतरपुर के मऊ सहानिया में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह संग्रहालय धुबेला झील के पास में बना है। यह संग्रहालय सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। संग्रहालय के बाहर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। संग्रहालय में प्रवेश के लिए टिकट लगता है।

प्राचीन समय में, यह महल महाराजा छत्रसाल का निवास स्थान हुआ करता था। अब इस संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है। यहां पर ढेर सारी प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर 8 गैलरी है, जहां पर अलग-अलग प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिलती हैं।

यहां पर आप राजा के वस्त्र देख सकते हैं। पुरानी नक्काशीदार मूर्तियां देख सकते हैं। शिव लिंग देख सकते हैं और पुराने हथियार भी देख सकते हैं। यहां पर मस्तानी महल भी बना हुआ है, वह भी आप देख सकते हैं। इस संग्रहालय का उद्घाटन 1955 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा किया गया था।

8. महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर (Maharaja chhatrasal ki samadhi chhatarpur)

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर में मऊ सहानिया में स्थित एक मुख्य दर्शनीय स्थान है। यह धुबेला झील के करीब स्थित है। यहां पर आप आसानी से अपने वाहन से आ सकते हैं। यहां पर महाराज छत्रसाल की भव्य समाधि देखने के लिए मिलती है। यह समाधि थोड़ी ऊंचाई पर पहाड़ी पर बनी हुई है।

यह समाधि बुंदेला स्टाइल पर बनी हुई है और बहुत ही आकर्षक लगती है। इस इमारत पर एक बड़ा सा गुंबद देखने मिलता है। बड़े गुंबद के चारों तरफ छोटे-छोटे 10 गुंबद बने हुए हैं। यह इमारत बहुत खूबसूरत लगती है।

9. हनुमान टोरिया छतरपुर (Hanuman Toriya Chhatarpur)

हनुमान टोरिया मंदिर छतरपुर की प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर छतरपुर मुख्य शहर में एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।

मंदिर में पहुंचकर हनुमान जी की सुंदर प्रतिमा के दर्शन होते हैं। यहां पर और भी मंदिर बने हुए हैं। यहां पर श्री राम मंदिर, साई बाबा जी का मंदिर, शिव भगवान जी का मंदिर बना है। छतरपुर कि इस पहाड़ी से चारों तरफ का आकर्षक दृश्य देखा जा सकता है। आप जब भी छतरपुर जाते हैं, तो इस मंदिर में जाकर दर्शन कर सकते हैं।

10. शनि मंदिर छतरपुर (Shani Temple Chhatarpur)

शनि मंदिर छतरपुर के पास मऊ सहानिया में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन स्थल है। यह मंदिर जगतसागर तालाब के बीचो बीच में स्थित है। यह मंदिर अति प्राचीन है। इस मंदिर में शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर नवग्रह की भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर का परिसर बहुत अच्छा और साफ-सुथरा है।

मंदिर के पास जगत सागर तालाब का विशाल दृश्य देखा जा सकता है। जगत सागर तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। बरसात के समय जब तालाब पानी से पूरी तरह भर जाता है। तब पानी मंदिर तक भी पहुंच जाता है। यहां पर शनिचरी अमावस्या को बहुत सारे कार्यक्रम किए जाते हैं। शनिवार को यहां पर बहुत सारे लोग शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

छतरपुर में घूमने का सबसे अच्छा समय (The best time to visit Chhatarpur)

छतरपुर में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप अक्टूबर से मार्च महीने के बीच में यहां पर घूमने लिए आ सकते हैं, क्योंकि इस समय मौसम सुहावना रहता है और घूमने में दिक्कत नहीं होती है। बाकी आप अपनी इच्छा अनुसार कभी भी यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं।

गर्मियों में यहां पर बहुत ज्यादा गर्मी रहती है, जिससे घूमने में दिक्कत होती है। बरसात यहां पर घूमने के लिए बढ़िया है। बरसात में आप यहां पर अभ्यारण और झरने घूम सकते हैं।

छतरपुर कैसे पहुंचे (How to Reach Chhatarpur)

छतरपुर वायु मार्ग से कैसे पहुंचे (How to reach Chhatarpur by air)

छतरपुर का सबसे निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो में बना है। खजुराहो छतरपुर से 45 किलोमीटर दूर है। अगर आप छतरपुर वायु मार्ग से आना चाहते हैं, तो आप खजुराहो आ सकते हैं और उसके बाद छतरपुर आ सकते हैं।

छतरपुर में रेल मार्ग से कैसे पहुंचे (How to reach Chhatarpur by train)

छतरपुर में रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। छतरपुर में चंद्रापुरा और खजुराहो में रेलवे स्टेशन बने हुए हैं। आप यहां पर रेल मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह रेल प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से कनेक्ट है, जिसे आप यहां पर डायरेक्ट प्रमुख शहरों से आ सकते हैं।

छतरपुर में रोड मार्ग से कैसे पहुंचे (How to reach Chhatarpur by road)

छतरपुर NH-75 और NH-39 से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। आप यहां पर बस से या प्राइवेट टैक्सी से यहां पर पहुंच सकते हैं।

छतरपुर का गूगल मैप लोकेशन

छतरपुर में कहां ठहरें?

आप बजट से लेकर लक्ज़री तक कई श्रेणियों में होटल पा सकते हैं:

  • Khajuraho Resorts
  • Heritage Hotels
  • Budget Lodging & Dharamshala

खासकर खजुराहो क्षेत्र में बेहतरीन होटल उपलब्ध हैं।

छतरपुर का भोजन और स्थानीय व्यंजन

  • बुंदेलखंडी दाल–बाटी–चूरमा
  • कचौड़ी–जिलबी
  • बुंदेली लड्डू
  • मंगोरे
  • देशी चाय और स्नैक्स

छतरपुर का देसी स्वाद बेहद लोकप्रिय है।

Tour Tips (Travel Tips)

  • सूती कपड़े और मजबूत जूते रखें।
  • कैमरा और पॉवर बैंक साथ रखें।
  • धार्मिक स्थलों पर मर्यादित व्यवहार करें।
  • गर्मियों में पानी की व्यवस्था रखें।

निष्कर्ष

छतरपुर एक ऐसा पर्यटन गंतव्य है जहां इतिहास, प्रकृति, भक्ति, कला और संस्कृति सभी का संतुलित मेल है। खजुराहो की अंतरराष्ट्रीय पहचान और आसपास के प्राकृतिक आकर्षण इसे एक यादगार यात्रा अनुभव बनाते हैं।

अगर आप भारत की विरासत, मंदिर वास्तुकला, जंगल सफारी और शांत वातावरण को महसूस करना चाहते हैं — तो छतरपुर जरूर आएं।

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