डमरू घाटी नरसिंहपुर : मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध शिव धाम
डमरू घाटी मध्य प्रदेश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थान में से एक है। डमरू घाटी भगवान शिव को समर्पित एक सुंदर स्थान है। यहां परआपको शिव भगवान की बहुत विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।
डमरू घाटी मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के गाडरवारा जिले में स्थित है। आप यहां पर आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से पर भरपूर है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। इस लेख में हम आपको गाडरवारा में स्थित डमरू घाटी (Damru Ghati) के बारे में जानकारी देंगे

नरसिंहपुर के गाडरवारा में स्थित डमरू घाटी की यात्रा (Trip to Damru Ghati Gadarwara )
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित डमरू घाटी (Damru Ghati) प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यह स्थल अपने हरियाली से भरे परिदृश्य और धार्मिक स्थल के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर आपको शिव भगवान जी की विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इसके अलावा यहां पर ढेर सारे स्थल है, जो देखने के लिए मिलते हैं।
डमरू घाटी को शिव धाम के नाम से भी जाना जाता है। डमरू घाटी नरसिंहपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह जगह नरसिंहपुर के पास गाडरवारा में स्थित है। गाडरवारा पिपरिया नरसिंहपुर हाईवे सड़क पर स्थित एक छोटा सा कस्बा है। यह मंदिर गाडरवारा शहर के बाहरी क्षेत्र में शक्कर नदी के पास में बना हुआ है। यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह स्थल मुख्य हाईवे सड़क से थोड़ी दूरी पर स्थित है।
डमरू घाटी (Damru Ghati) मुख्य हाइवे से करीब एक किलोमीटर दूर है। यहां पर आप अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी आ सकते हैं। अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आते हैं, तो गाड़ी आपको मुख्य हाइवे में उतर देगी और वहां से मंदिर तक पैदल आ सकते हैं। मंदिर के बाहर पार्किंग की जगह है, जिसके चार्ज लगते हैं।
पार्किंग में गाड़ी खड़ी करके आप मंदिर में जा सकते हैं। यहां पर चप्पल स्टैंड बना हुआ है, जहां पर चप्पल उतार सकते हैं। उसके बाद मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। मंदिर के बाहर ढेर सारी प्रसाद की दुकानें हैं। यह मंदिर ऊंचाई पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत सुंदर है।
प्रवेश द्वार के सामने एक छोटा सा आंगन बना हुआ है, जहां पर एक कुंड बना हुआ है और कुंड के बीच में श्री कृष्ण जी की मूर्ति बनी हुई है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर ढेर सारी बदक भी देखने के लिए मिलती है। कुंड में पानी भरा हुआ है। मंदिर में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।
मंदिर के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ खंबे बने हुए हैं, जिन में कमल के फूल बने हुए हैं और नाग लपटे हुए हैं। मंदिर में जाकर भगवान शिव का विशाल शिवलिंग के आकार का मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है। शिवलिंग काले रंग का बना हुआ है। इसमें शिव भगवान जी की प्रतिमा उकेरी गई है। यह शिवलिंग 19 फीट का है। यह मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है।

इस मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप सीढ़ियों से मंदिर के अंदर जाकर भगवान शिव के शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं। गर्भगृह में भगवान शिव का काले रंग के चिकने पत्थर का शिवलिंग विराजमान है, जो बहुत ही सुंदर दिखता है। गर्भगृह के ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर बहुत सुंदर है।
मंदिर के गर्भगृह के दर्शन करने के बाद, आप बाहर आ सकते हैं। बाहर शिव भगवान जी की एक विशाल मूर्ति विराजमान है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। यह मूर्ति नील रंग से बनी हुई है और आकर्षक लगती है। मूर्ति के सामने ही नंदी महाराज विराजमान है। यहां पर आपको ढेर सारी प्राचीन प्रतिमाएं भी देखने के लिए मिलती है।
यहां पर आप पूरा मंदिर घूम सकते हैं और अच्छा अनुभव कर सकते हैं। मंदिर से आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर पेड़ पौधे लगे हुए हैं और गार्डन बना हुआ है, जिससे यह जगह और भी आकर्षक हो जाती है। यहां पर हनुमान जी की एक विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर काली माता जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है।
डमरू घाटी का मेला (Damru Ghati Fair)
डमरू घाटी का मेला (Damru Ghati ka Mela)नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मेला है। यह मेला बहुत प्रसिद्ध है। यह मेला महाशिवरात्रि के समय लगता है। यहां पर बड़ा मैदान है, जिस पर यह मेला लगता है। इस मेले में तरह-तरह की दुकान लगती है और झूले लगते हैं। मेले में घूमने के लिए ढेर सारे लोग आते हैं। यह मेला कई दिनों तक लगता है।
महाशिवरात्रि का समय शिव भगवान जी के लिए दर्शन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय यहां पर बहुत सारी श्रद्धालु घूमने के लिए आते हैं। इस मेले में भी बहुत धूमधाम रहती है। महाशिवरात्रि के समय यहां पर भंडारा और प्रसाद वितरण किया जाता है। यहां पर भगवान शिव का पूजन भी होता रहता है।

डमरू घाटी का भौगोलिक और प्राकृतिक महत्व
डमरू घाटी (Damru Ghati) नरसिंहपुर जिले के प्राकृतिक परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डमरू घाटी का आकार डमरू के समान है, इसलिए इसे डमरू घाटी कहा जाता है। यहां पर आसपास ढेर सारी पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे यह जगह और भी ज्यादा आकर्षक लगती है। डमरू घाटी के पास में ही शक्कर नदी बहती है। बरसात के समय यह जगह बहुत सुंदर लगती है।
भौगोलिक विशेषताएं
- यह घाटी पहाड़ी क्षेत्रों और नदी के किनारे स्थित है।
- घाटी में कई छोटे-छोटे झरने और प्राकृतिक जलस्रोत हैं।
- यहाँ की मिट्टी, वनस्पति और जीव-जंतु विविधता से भरे हुए हैं।
प्राकृतिक महत्व
- घाटी में वर्ष भर हरियाली रहती है।
- पक्षी प्रेमियों के लिए यह स्वर्ग समान स्थल है।
- ट्रेकिंग और साहसिक पर्यटन के लिए यह आदर्श है।
डमरू घाटी (Damru Ghati) मध्य प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन स्थल के रूप में महत्वपूर्ण है।

डमरू घाटी में पर्यटन गतिविधियां
- शांति – डमरू घाटी में आप शांति का अनुभव कर सकते हैं। यहां का वातावरण आध्यात्मिक है। यहां पर आकर परम शांति का अनुभव होता है।
- हरियाली – डमरू घाटी के चारों तरफ हरे-भरे वृक्ष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर ढेर सारे वृक्ष लगे हुए हैं, जिससे यह बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर आपको ढेर सारे पक्षी भी देखने के लिए मिलते हैं।
- धार्मिक माहौल – डमरू घाटी (Damru Ghati) में आपको धार्मिक माहौल देखने के लिए मिलता है। यहां पर भगवान शिव जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। भगवान शिव जी के दर्शन करके बहुत अच्छा लगता है।
- पिकनिक स्थल – यहां पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर पिकनिक बना सकते हैं। डमरू घाटी एक पिकनिक स्थल है।
- फोटोग्राफी – यह फोटोग्राफी के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। यहां पर आप फोटोग्राफी कर सकते हैं। यहां पर गार्डन बना हुआ है। साथ ही साथ पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे यह जगह नेचुरल लगती है और यहां पर बहुत अच्छी फोटोग्राफ आती है।
डमरू घाटी कैसे पहुंचें (How to Reach Damru Valley)
सड़क मार्ग : नरसिंहपुर जिले के मुख्य शहर से डमरू घाटी सड़क मार्ग से आसानी से जुड़ा हुआ है। टैक्सी, बस और निजी वाहन से यात्रा संभव है।
रेल मार्ग : डमरू घाटी का निकटतम रेलवे स्टेशन नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन है। गाडरवारा में भी रेलवे स्टेशन बना हुआ है। आप गाडरवारा आ सकते हैं। उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा डमरू घाटी आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : डमरू घाटी (Damru Ghati) का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर एयरपोर्ट है, जो लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप वायु मार्ग से जबलपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा डमरु घाट जा सकते हैं।
डमरू घाटी का गूगल मैप लोकेशन
डमरू घाटी में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Damru Valley)
डमरू घाटी (Damru Ghati) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड और बरसात का रहता है। आप यहां पर ठंड और बरसात के समय जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप सावन सोमवार के समय भी आ सकते हैं। सावन सोमवार के समय यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं। यहां पर महाशिवरात्रि के समय भी बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं।
डमरू घाटी के आसपास दर्शनीय स्थल
- झोतेश्वर मंदिर
- नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर
- शनि मंदिर छोटा जबलपुर
- चौरागढ़ किला
- बरमान घाट
- हाथीनाला जलप्रपात
पर्यटकों के लिए सुझाव
- घाटी में प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीव का सम्मान करें
- ट्रेकिंग और साहसिक गतिविधियों के दौरान सावधानी रखें
- बच्चों और परिवार के साथ सुरक्षित यात्रा करें
- कूड़ा-कचरा न फैलाएं और प्राकृतिक सौंदर्य बनाए रखें
- गाइड और स्थानीय अधिकारियों की निर्देशों का पालन करें
निष्कर्ष
डमरू घाटी (Damru Ghati), नरसिंहपुर मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड की प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन स्थल के रूप में महत्वपूर्ण है। यहाँ की हरियाली, झरने, नदी और पहाड़ पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाते हैं।
यदि आप नरसिंहपुर या मध्य प्रदेश की यात्रा कर रहे हैं, तो डमरू घाटी को अपनी यात्रा सूची में अवश्य शामिल करें। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य और शांति आपके अनुभव को अविस्मरणीय बना देगी।
