धार में घूमने की 10 बेहतरीन जगहें | Beautiful Dhar Tourist Places in Hindi

धार जिले में घूमने की जगहें – इतिहास, संस्कृति और पर्यटन से भरपूर एक अद्भुत सफर

धार जिला मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में स्थित एक प्रमुख जिला है। धार जिला इंदौर से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित है। धार जिले में प्राचीन गुफाएं, झील, मंदिर पहाड़ी और सुन्दर घाटी है, जो देखने लायक है।

धार जिले के पास में मांडू नगरी है। मांडू नगरी अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थान के लिए प्रसिद्ध है। मांडू नगरी को जॉय सिटी के नाम से भी जाना जाता है।

इस लेख में हम धार जिले में घूमने की प्रमुख जगहें (Dhar Tourist Places in Hindi), उनकी विशेषताएं, best time, कैसे पहुंचे, nearby attractions के बारे में जानकारी देगें, ताकि अगर आप धार जिले में यात्रा कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो।

धार जिले का इतिहास (Dhar District History)

मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित धार जिला मालवा क्षेत्र की प्राचीन राजधानी रहा है। धार जिले के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण उल्लेख आता है, परमार वंश के राजा, राजा भोज का, जो 10वीं–11वीं शताब्दी के महान राजा थे। उन्होंने विज्ञान, कला और साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने धार और धार के आस-पास शहरों में ढेर सारे निर्माण करवाए हैं,जो बहुत ही महत्वपूर्ण है।

13 वीं शताब्दी में खंडवा, मांडू और धार पर दिल्ली सल्तनत का नियंत्रण हुआ करता था। बाद में, यहां मालवा सल्तनत की स्थापना हुई और मांडू इसका मुख्य केंद्र बना। मुगलों के समय धार और मांडू में प्रशासनिक नियंत्रण रहा, जिससे यहां की संस्कृति में फारसी प्रभाव दिखाई देता है।

18वीं शताब्दी में धार में मराठा और गायकवाड ने इस क्षेत्र पर कब्जा किया था। इसके बाद, ब्रिटिश काल में यह एक राज्य के रूप में स्थापित हुआ। यहां पर प्रशासनिक ढांचा और कानूनी व्यवस्था स्थापित की गई। देश के आजाद होने के बाद यह एक जिला बना है।

धार जिले में घूमने की प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थल (Dhar Tourist Places in Hindi)

1. धार किला (Dhar Fort)

धार का किला धार मुख्य शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यह किला पहाड़ी पर स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए सड़क बनी हुई है। इस किले तक आप अपनी बाइक और कार से आराम से जा सकते हैं। किले के भव्य प्रवेश द्वार से होते हुए आप किले के अंदर जाते हैं। किले में प्रवेश के लिए शुल्क लगता है।

यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। किले के अंदर देखने के लिए ढेर सारे स्थान है। यहां पर प्राचीन महल, संग्रहालय, बावड़ी, और वॉच टावर बने हैं। किले के अंदर शीश महल, खरबूजा महल, सप्त कोठारी, शाही हमाम बना है, जो आप देख सकते है। किले में व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप धार जिले के सुंदर दृश्य को देख सकते हैं।

किले के अंदर एक संग्रहालय बना है, जहां पर आपको प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर मूर्तियों का शानदार कलेक्शन देखने के लिए मिलता है।

धार किले की खासियतें (Highlights)

  • परमार कालीन स्थापत्य शैली
  • प्राचीन दीवारें, द्वार और स्मारक
  • ऊँचाई से शहर का विहंगम दृश्य
  • ऐतिहासिक मस्जिद व बावड़ी के अवशेष
  • राजा भोज और सुल्तानियों की विरासत का प्रतीक

धार किला एंट्री टाइमिंग (Timings) – धार किला सुबह 9:00 से शाम के 5:00 बजे तक खुला रहता है।

एंट्री फीस (Entry Fee) – धार किले में एंट्री के लिए शुल्क लगता है।

Dhar Fort
धार किले के अंदर खरबूजा महल

2. भोजशाला और कमाल-मौला मस्जिद

भोजशाला धार शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह धार जिले में अनाज मंडी के पास में स्थित है। यहां पर आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं।

भोजशाला एक प्राचीन स्मारक है। यह राजा भोज के द्वारा 11 शताब्दीं में बनाई गई थी। इस स्थल को राजा भोज के द्वारा संस्कृत शिक्षा केंद्र के रूप में निर्मित किया गया था।

यहां पर मां सरस्वती माता का मंदिर बना हुआ है, जहां पर सरस्वती माता की पूजा की जाती है। यहां पर मंगलवार के दिन सरस्वती माता की पूजा की जाती है। इस दिन आप यहां पर निशुल्क प्रवेश कर सकते है। यहां हर मंगलवार और वसंत पंचमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

यहां पर मस्जिद भी बनी हुई है, जहां पर हर शुक्रवार को जुम्मे की नमाज अदा की जाती है। यहां पर नक्काशीदार दीवारे, खंबे और मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। ये जगह बहुत अच्छी तरह से संरक्षित करके रखी गई है। अगर आप धार जिले में आते हैं, तो आपके यहां पर जरूर आकर घूमना चाहिए।

देखने योग्य:

  • प्राचीन स्तंभ
  • धार्मिक शिलालेख
  • कमाल मौला मस्जिद का स्थापत्य

3. बाघ गुफाएं (Bagh Caves)– कला व इतिहास प्रेमियों का स्वर्ग

बाघ गुफाएं धार जिले के पास घूमने के लिए एक मुख्य ऐतिहासिक और इतिहास प्रेमियों के लिए खास स्थान है। यह गुफा धार जिले से 95 किलोमीटर दूर बाघ कस्बे के पास बाघनी नदी के किनारे बनी है। आप यहां पर सड़क मार्ग पर आसानी से पहुंच सकते हैं।

बाघ गुफाएं प्राचीन है। यह गुफाएं चौथी से छठवीं शताब्दी के बीच बनी हुई है। यहां पर विशाल चट्टान को काटकर छोटे-छोटे गुफानुमा कमरे बनाये गए है। यहां पर कुल 9 गुफाएं बनाई गई हैं। इन गुफाओं में पेंटिंग में बनी हुई है, जो मुरल पेंटिंग के नाम से फेमस है।

यहां पर प्राचीन समय में बौद्ध साधु योगा और साधना किया करते थे। यहां पर चारों तरफ का वातावरण प्राकृतिक और सुंदर है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर चारों तरफ पहाड़ी और पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक सुंदर बगीचा भी बना हुआ है, जहां पर पेड़ पौधे लगे हुए हैं। आप यहां पर शांति से बैठ सकते हैं। यहां पर एंट्री के लिए शुल्क लिया जाता है।

4. माण्डू (मांडव प्राचीन नगरी) – प्रेम और स्थापत्य की भूमि

मांडू के नाम से प्रसिद्ध यह जगह धार जिले का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण स्थल है। मांडू शहर को जॉय सिटी के नाम से भी जाना जाता है। मांडू शहर रानी रूपमती और सुल्तान बाज बहादुर की प्रेम कहानी के लिए मशहूर है।  यहां पर प्राचीन इमारतें और प्रकृतिक नज़ारे देखने के लिए मिलती है। इस जगह को मिनी हिल स्टेशन के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। यहां पर घूमने के लिए ढेर सारे स्थल हैं, जो आप देख सकते हैं।

यहां पर झरने, गुफाएं, मंदिर, कब्र, संग्रहालय बने है, जो बहुत सुन्दर है। यहां पर आप रूपमती मंडप, बाज बहादुर का महल, जाली महल, नीलकंठ महादेव मंदिर, दरिया खान का मकबरा, 56 महल, मांडवगढ़ सुपार्श्वनाथ मंदिर, गधा शाह का महल, हिंडोला महल, जहाज महल, गढ़ी दरवाजा, भंगी दरवाजा, महादेव मंदिर, ये सब जगह घूम सकते है।

इन सभी जगह में घूमने में आपको एक दिन या इससे अधिक का समय लग सकता है। यहां पर ठहरने की व्यवस्था भी है। यहां पर एमपी टूरिज्म की तरफ से कॉटेज बने हैं। यहां पर प्राइवेट रिसॉर्ट और होटल भी बने हुए हैं, जहां पर आप ठहर सकते हैं। यहां के मार्केट में आप शॉपिंग का भी आनंद ले सकते हैं।

यहां के प्रमुख आकर्षण:

Hoshang Shah Tomb Mandu
होशंगशाह मकबरा मांडू

5. प्राचीन छतरी (Ancient Chhatri)

प्राचीन छतरी धार मुख्य शहर में मुंज सागर तालाब के किनारे बनी है। यहां पर कई सारी छतरियां बनी हुई है, जिनमें उदाजी राव पंवार और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई पवार की छतरियां शामिल है। यह बास्तवार मार्ग पर छत्रीपुरा मोहल्ले में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।

यह छतरी बहुत ही अच्छे तरीके से बनी हुई है। यह छतरी एक चबूतरे पर बनी हुई है। छतरी में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। इनमें मंडप तथा गर्भगृह के चारों ओर प्रदक्षिणा पथ बना है। द्वारा स्तंभ अलंकृत है। गर्भगृह में जलधारी तथा मंडप में नदी विराजमान है। छतरी के ऊपर आपको एक बड़ा सा गुंबद देखने के लिए मिलता है।

6. गढ़ कालिका मंदिर धार (Garh Kalika Temple, Dhar)

गढ़ कालिका मंदिर धार जिले का एक प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर धार शहर के केंद्र से लगभग तीन किलोमीटर दूर है। यह मंदिर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस पहाड़ी को गड़कुंदर के नाम से जाना जाता है। पहाड़ी के ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी है।

गढ़ कालिका मंदिर प्राचीन है और लगभग 600 साल से भी ज्यादा पुराना है। पवार समाज के लोग गढ़ कालिका माता को कुलदेवी के रूप में पूजते हैं। यह मंदिर काली देवी को समर्पित है और यहां पर कालिका माता की बहुत सुंदर मूर्ति विराजमान है। यह मंदिर राजपूत शैली में बनाया हुआ है। यहां पर सुंदर मूर्तियां और खभों की नक्काशी देखी जा सकती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

गढ़ कालिका मंदिर के खास बातें

  • मंदिर परिसर में कई छोटा मंदिर बने हुए हैं।
  • मंदिर की तलहटी में तालाब बना हुआ है, जिसमें कमल के फूल लगे हुए हैं।
  • नवरात्रि में यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है।
  • माना जाता है, कि यहां पर जो भी मनोकामना मांगी जाती है। वह जरूर पूरी होती है।

7. अमका झमका मंदिर धार (Amka Jhamka Temple Dhar)

अमका झमका मंदिर धार जिले के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्रकृति की गोद में हरियाली में, अमझेरा में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर को लेकर ढेर सारी मान्यताएं हैं। इस मंदिर के चारों तरफ का वातावरण बहुत सुंदर और आकर्षक है। यहां पर आकर आप शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

श्री अमका झमका माता की पावन नगरी में आपको श्री राजराजेश्वरी मंदिर, मां झमका माता जी के गुफा और श्री दत्तात्रेय भगवान की तपोभूमि देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर इन सभी जगह में घूम सकते हैं। यहां पर एक विशाल जलाशय भी है, जो बहुत आकर्षक लगता है।

यह एक प्राचीन मंदिर है और इस मंदिर का इतिहास बहुत ही रोचक है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर रुकमणी माता का हरण किया गया था। यहां पर श्री कृष्ण जी ने रुक्मणी जी का हरण किया था। यहां बरसात के समय सुंदर झरना भी देखने के लिए मिलता है। यह धार जिले के पास पिकनिक के लिए और परिवार एवं दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है।

8. श्री शिव मंदिर कोटेश्वर धार (Shri Shiv Mandir Koteshwar Dhar)

श्री शिव मंदिर कोटेश्वर धार जिले के पास घूमने का एक प्रमुख धार्मिक और प्राचीन स्थल है। यह मंदिर धार जिले के नागझिरी में स्थित है। इस मंदिर में सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर प्राचीन है और अच्छी तरह से संरक्षित करके रखा गया है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

कोटेश्वर मंदिर चौदहवीं सदी ईसवी का है। यह मंदिर भूमिगत है। 16वीं 17वीं शताब्दी में इस मंदिर को पुनः निर्मित किया गया था। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर के पास में ही जल कुंड बने हुए हैं, जहां महिलाओं और पुरुष पुरुष के लिए अलग-अलग कुंड बने हुए हैं, जहां पर लोग स्नान कर सकते हैं। यहां पर बरसात के समय झरना देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। आप यहां पर जाकर शांति का अनुभव कर सकते हैं।

धार में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Dhar)

धार में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च के महीने के बीच में आ सकते हैं। अक्टूबर से मार्च का महीना ठंड का रहता है। यह मौसम सुहावना रहता है, जिससे घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं रहती है।

बाकी आप अपनी अच्छे अनुसार गर्मियों के समय या बरसात के समय भी यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय आकर आप यहां पर आसपास के झरनों में घूम सकते हैं।

धार कैसे पहुंचे (How to reach Dhar)

By Air :- धार का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा इंदौर में है। आप हवाई मार्ग से इंदौर आ सकते हैं। उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा धार पहुंच सकते है।
By Train :- निकटतम रेलवे स्टेशन: मेघनगर, इंदौर और रतलाम में है। रेल मार्ग के द्वारा इंदौर या रतलाम आ सकते हैं। उसके बाद बस यह टैक्सी से धार जा सकते हैं।
By Road : धार जिला प्रमुख शहर से हाईवे मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इंदौर, उज्जैन, रतलाम से बस तथा कार द्वारा आराम से पहुंचा जा सकता है।

धार का गूगल मैप लोकेशन

ट्रैवल टिप्स

  • कम से कम 2–3 दिन का समय रखें।
  • मांडू घूमने के लिए सुबह-सुबह जाएं।
  • मानसून में झरने व घाटी देखने निकले।
  • फोटोग्राफी के लिए अतिरिक्त मेमोरी व पावर बैंक रखें।

निष्कर्ष

धार जिला इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है। धार जिले में घूमने की जगह (Dhar Tourist Places in Hindi), हमने इस लेख आपको ढेर सारे पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी है। अगर आप धार जिले में घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो यह उपयोगी जानकारी आपकी यात्रा में मददगार होगी।

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