गुलगंज किला छतरपुर: बुंदेलखंड की ऐतिहासिक शौर्य गाथा
गुलगंज का किला छतरपुर के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। यह किला छतरपुर के गुलगंज के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों में से प्रमुख है। यह पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले में आप आसानी से घूमने के लिए जा सकते हैं। इस किले से शहर का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।
गुलगंज का किला (Gulganj Fort) के अंदर आपको प्राचीन किला, महल और बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं। आज के लेख में हम आपको गुलगंज सिटी और गुलगंज किले (Gulganj Fort) के बारे में जानकारी देंगे
गुलगंज किले की यात्रा (Gulganj Fort Trip)
गुलगंज का किला छतरपुर (Gulganj Fort) जिले के प्रसिद्ध किले से एक है। यह किला छतरपुर जिले से करीब 35 किलोमीटर दूर गुलगंज में बना हुआ है। गुलगंज छतरपुर का एक प्रमुख क़स्बा है। गुलगंज छतरपुर और सागर मार्ग पर स्थित एक छोटा सा शहर है। गुलगंज शहर मुख्य हाईवे सड़क पर है, इसलिए आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। आप यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं या खुद के वहां से आ सकते हैं।
गुलगंज का किला (Gulganj Fort) पहाड़ी पर बना हुआ है। मुख्य हाईवे सड़क से ही यह किला देखने के लिए मिल जाता है। यह किला बहुत भव्य दिखता है। इस किले में आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यह किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले में जाने के लिए बस्ती से होकर रास्ता जाता है।
गुलगंज किले (Gulganj Fort) में पतली सी सड़क जाती है। इस किले में पहुंचने के लिए आप अपनी बाइक और कार से पहुंच सकते हैं। फिर कुछ दूरी तक पैदल चलकर इस किले में जाना पड़ता है, क्याेंकि किले में जाने के लिए सड़क मार्ग नहीं है। इसलिए आप पैदल जा सकते हैं और किले में घूम सकते हैं।
फिलहाल इस किले के अंदर आपको प्राचीन किले के भाग देखने के लिए मिलते हैं। किले के अधिकतर भाग खंडहर में तब्दील हो गया है, मगर किले की प्राचीन दीवार, महल और कक्ष आज भी देखने लायक है। इस किले में आप घूम सकते हैं।
गुलगंज किले (Gulganj Fort) के अंदर जाने का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। किले का प्रवेश द्वार लकड़ी से बना हुआ है। किले के अंदर एक बड़ा सा आंगन बना हुआ है। आंगन के चारों तरफ कमरे बने हुए हैं। महल की छत में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। छत में जाकर आप आसपास की सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।
किले की दीवारें और खिड़कियां देखने लायक है, इनमें झरोखे भी लगे हुए हैं। यह किला बुंदेली स्टाइल में बना हुआ है और बहुत ही सुंदर लगता है। किले में बुर्ज बने हुए हैं, जहां पर सिपाही खड़े होकर निगरानी किया करते थे। यहां पर बने हुए बुर्ज अच्छी अवस्था में है और आप इन बुर्ज के ऊपर जाकर घूम सकते हैं। आप इन बुर्ज में जाकर इनकी संरचना देख सकते हैं। इन बुर्ज में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।
गुलगंज का किला छतरपुर में घूमने लायक प्रमुख स्थलों में से एक है। अगर आप इस जगह यात्रा कर रहे हैं, तो आप इस किले की यात्रा कर सकते हैं और इस किले में घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर शाम के समय आपको सूर्यास्त का बहुत ही मनमोहक दृश्य देखने के लिए मिलता है। साथ ही साथ बरसात के समय यह जगह घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया होती है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
जानें : छतरपुर में घूमने की प्रमुख जगह
गुलगंज किले का इतिहास (Gulganj Fort History)
गुलगंज किले (Gulganj Fort) का निर्माण राजा सामंत सिंह के द्वारा किया गया था और उन्होंने अपनी प्रेयसी गुलबाई को यह किला उपहार के स्वरुप दिया था। इसलिए इस नगर को गुलगंज के नाम से जाना जाता है और इस किले को गुलगंज किला कहा जाता है।
यह किला 18 वीं शताब्दी में बनवाया गया था। यह किला ईटों, गारा और चूना की जुडाई करके बनाया गया है। इस किले को बुंदेली वास्तुकला में बनाया गया है। यह किला बहुत ही सुंदर लगता है। किले के अंदर आपको ढेर सारे महल और कक्ष देखने के लिए मिलते हैं।
गुलगंज का किला कहां पर स्थित है (Where is Gulganj Fort located)
गुलगंज का किला छतरपुर का एक प्रसिद्ध किला है। यह किला छतरपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर गुलगंज में बना हुआ है। इस किले में आप सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह किला पहाड़ी के ऊपर में बना हुआ है और यह किला हाईवे मार्ग से ही दिखाई देता है। आप इस किले में सड़क मार्ग से जा सकते हैं। किले तक पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग बनी हुई है।
गुलगंज किले की वास्तुकला
गुलगंज किला बुंदेला और मध्यकालीन स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण है।
मुख्य विशेषताएं
- भव्य प्रवेश द्वार और किले की दीवारें
- घेराबंदी और किले के पहरेदारों के लिए बने टावर
- बड़ा सा आंगन और आंगन के आसपास बने कमरे
- ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ किला, सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
गुलगंज किला कैसे पहुंचें (How to reach Gulganj Fort)
सड़क मार्ग : छतरपुर शहर से गुलगंज किला सड़क मार्ग से आसानी से जुड़ा हुआ है। छतरपुर से यह किला करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर है। आप सड़क मार्ग से यहां पर आ सकते हैं। आप टैक्स या निजी वाहन से यहां पर पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग : गुलगंज किले (Gulganj Fort) का निकटतम रेलवे स्टेशन छतरपुर रेलवे स्टेशन है। आप अन्य शहरों से रेल मार्ग से छतरपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा इस किले तक पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग : गुलगंज किले (Gulganj Fort) का निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो एयरपोर्ट है, जो लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है। आप अन्य शहरों से हवाई मार्ग के द्वारा खजुराहो आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा इस किले में पहुंच सकते हैं।
गुलगंज किले का गूगल मैप लोकेशन
गुलगंज किला में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Gulganj Fort)
गुलगंज किले (Gulganj Fort) में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। इस समय मौसम ठंडा रहता है। इस समय इस किले में आप आकर घूम सकते हैं और अच्छा अनुभव कर सकते हैं। मानसून के समय भी यहां पर यात्रा की जा सकती है। मानसून के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है।
किले के आसपास दर्शनीय स्थल
- खजुराहो के मंदिर
- छतरपुर किला
- छत्रसाल संग्रहालय छतरपुर
- रानी कमलापति समाधि
- महाराजा छत्रसाल समाधि
- मस्तानी महल
- भेड़ाघाट और नर्मदा नदी क्षेत्र
- बीहड़ वन्यजीव अभयारण्य
इन स्थलों के साथ गुलगंज किले की यात्रा और भी रोमांचक और यादगार बनती है।
पर्यटकों के लिए सुझाव
- किले परिसर में शांति बनाए रखें
- फोटो और वीडियो नियमों का पालन करें
- बच्चों और परिवार के साथ सुरक्षित यात्रा करें
- प्राकृतिक वातावरण और ऐतिहासिक धरोहर का सम्मान करें
- गाइड और कर्मचारियों की निर्देशों का पालन करें
निष्कर्ष
गुलगंज किला (Gulganj Fort), छतरपुर बुंदेलखंड की ऐतिहासिक शौर्य गाथा, शाही संस्कृति और स्थापत्य कला का प्रतीक है। यह किला इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए ज्ञान और अनुभव का केंद्र है।
यदि आप छतरपुर या मध्य प्रदेश की यात्रा कर रहे हैं, तो गुलगंज किला को अपनी यात्रा सूची में अवश्य शामिल करें। यहाँ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक झलक आपके अनुभव को अविस्मरणीय बना देगी।
