हरदा जिले में घूमने की जगह : Harda Tourist Places in Hindi

Table of Contents

हरदा जिले में घूमने की जगह – Harda Tourism Guide in Hindi

हरदा जिला मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के पास स्थित एक सुंदर जिला है। हरदा जिला पर्यटन मानचित्र में ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन यह जिला प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थल और ऐतिहासिक धरोहरों से भरा पड़ा है। यहां पर ढेर सारे स्थल है, जहां पर पर्यटक जाकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

इस लेख में हम हरदा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Harda Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे, ताकि आप हरदा के अनछुई जगह में घूमने का प्लान बना रहे हो, तो आप इन सभी जगह में घूम और अपनी हरदा यात्रा को सफल बनाएं।

इस लेख में हम आपको हरदा जिले में घूमने की प्रमुख जगहों (Harda Tourist Places in Hindi), उनका महत्व, हरदा का इतिहास, हरदा में घूमने का सही समय, हरदा यात्रा सुझाव, हरदा टूर प्लान के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे।

हरदा जिले का इतिहास (Harda District History in Hindi)

हरदा मध्य प्रदेश के नर्मदा पुरम संगम संभाग में स्थित एक प्रमुख जिला है। यह जिला नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर बसा हुआ है। इसे नर्मदा अंचल का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। नर्मदा अंचल में बसे होने नर्मदा अंचल में स्थित होने के कारण यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है। नर्मदा नदी के कारण इसका इतिहास बहुत ही प्राचीन रहा है।

हरदा क्षेत्र का उल्लेख भारतीय इतिहास में मिलता है। नर्मदा घाटी सभ्यता के प्रमाण यहाँ आसपास के क्षेत्रों में पाए गए हैं। माना जाता है कि यह क्षेत्र मौर्य और शुंग काल में भी आबाद था। नर्मदा नदी के कारण यहाँ कृषि और व्यापार दोनों का विकास हुआ है।

मध्यकाल में हरदा क्षेत्र में कई राजवंशों का शासन रहा। यहां पर परमार शासको का शासन रहा। इस समय इस क्षेत्र में कला और स्थापत्य का विकास हुआ। बाद में यहां पर गोंड राजाओं का शासन हुआ। गोंड राजाओं ने यहां लंबे समय तक शासन किया और यह क्षेत्र मालवा सल्तनत के अधीन आया। इस काल में किले, मंदिरों और सरायों का निर्माण हुआ, जिनके अवशेष आज भी देखने को मिलते हैं।

मालवा सल्तनत के बाद 18वीं शताब्दी में हरदा में मराठाओं के अधीन आया। होलकर वंश का यहां प्रभाव रहा। मराठा शासन के दौरान मराठा शासन के दौरान कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया और व्यापारिक मार्ग विकसित हुए। नर्मदा तट के कारण हरदा व्यापार का प्रमुख केंद्र बना।

मराठा काल के बाद यहां पर ब्रिटिश शासन का अधिकार हुआ। ब्रिटिश शासन के दौरान यहां पर भी बहुत सारे परिवर्तन आए। यहां हरदा सम्मेलन का आयोजन हुआ। 1918 में हरदा में आयोजित हरदा कांग्रेस सम्मेलन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। इस सम्मेलन में स्वराज, शिक्षा, राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया गया था। यह सम्मेलन मध्य भारत में स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी था। स्वतंत्रता संग्राम में हरदा क्षेत्र के लोगों ने बढ़-कर कर भाग लिया। यहां पर कई स्वतंत्रता सेनानियों ने आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।

स्वतंत्रता के बाद, हरदा मध्य प्रदेश राज्य का हिस्सा बना। पहले यह होशंगाबाद जिले का भाग था, बाद में 1998 में इसे अलग करके एक नया जिला बनाया गया। आज हरदा ज़िला मुख्यतः कृषि पर आधारित है। यहां पर सोयाबीन, गेहूं, कपास की खेती की जाती है। इसके अलावा यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

हरदा जिले के आसपास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Harda Tourist Places in Hindi)

1. नर्मदा नदी और नर्मदा घाट

नर्मदा नदी हरदा जिले की पहचान है। नर्मदा नदी हरदा क्षेत्र में बहती है और इस जिले को एक पवित्र स्थल बनती है। नर्मदा नदी के किनारे ढेर सारे प्राकृतिक और धार्मिक स्थल देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। नर्मदा की नदी के किनारे ढेर सारी घाट बने हुए हैं, जहां पर आप जा सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। नर्मदा नदी में आप स्नान का आनंद उठा सकते हैं। नर्मदा घाट स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।

नर्मदा नदी और नर्मदा घाट की खासियत

  • सुबह और शाम की नर्मदा आरती बेहद मनमोहक होती है
  • शांति और आध्यात्मिक अनुभव
  • फोटोग्राफी और ध्यान के लिए उत्तम स्थान

गुप्तेश्वर मंदिर हरदा

गुप्तेश्वर महादेव मंदिर हरदा जिले का एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर हरदा जिले के चरुवा के पास हरिपुरा माला गांव में बना हुआ है। इस मंदिर में आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। मंदिर के पास में ही एक नदी बहती है, जिसका दृश्य भी शानदार रहता है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

गुप्तेश्वर महादेव मंदिर बहुत प्राचीन है। यह मंदिर करीब 400 साल पुराना है। इस मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही सुंदर है। इस मंदिर के प्रति लोगों में बहुत ज्यादा श्रद्धा है। इस मंदिर में हर साल मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला आसपास के क्षेत्र में प्रसिद्ध है और इस मेले में दूर-दूर से लोग आते हैं।

जानें : नर्मदापुरम में घूमने की बेहतरीन जगहें

प्राचीन किला और जागेश्वर महादेव मंदिर सांगवा

प्राचीन किला और जागेश्वर महादेव मंदिर हरदा जिले के पास घूमने के प्रसिद्ध स्थान में से एक है। यह पर एक प्राचीन किला देखने के लिए मिलता है, जिसके अंदर शिव जी का मंदिर बना हुआ है। यह किला बहुत अच्छी तरह बना हुआ है और बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है।

यह किला चौकोर आकार का है और किला ऊंची ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है। किले का प्रवेश द्वार से अंदर जाने पर भगवान शिव का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह प्राचीन किला हरदा जिले के पास सांगवा गाँव में बना हुआ है। इस किले को सांगवा किले के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ पर आप आसानी से सड़क मार्ग से पहुँच सकते हैं और इस जगह में घूम सकते हैं। यहाँ पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत ज्यादा भीड़ लगती है।

जोगा का किला हरदा (Joga Fort Harda)

जोगा का किला हरदा शहर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर स्थान है। यह किला नर्मदा नदी के बीच में बना हुआ है। नर्मदा नदी के बीच में टापू है, जिसमें यह किला बना हुआ है। इस किले में जाने के लिए आपको नाव का प्रयोग करना पड़ेगा। यह किला फिलहाल खंडहर अवस्था में है, मगर किले के आसपास का दृश्य देखने लायक है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बता सकते हैं।

यह किला के अंदर आपको प्राचीन बुर्ज, दिवार, महल और प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलते हैं, जो समय के साथ खंडहर में तब्दील हो गए हैं। यह किला हरदा शहर में हंडिया से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित है। इस किले में आकर आप अपने दिन का बहुत बढ़िया समय बिता सकते हैं।

जानें : खंडवा में घूमने की जगह

तेली की सराय हरदा (Teli Ki Sarai Harda)

तेली की सराय हरदा शहर के पास एक ऐतिहासिक स्थान है। यहां पर आपको प्राचीन स्मारक देखने के लिए मिलती है। इस स्मारक के बारे में कहा जाता है, कि इस स्मारक का निर्माण 16 वीं से 17वीं शताब्दी में कराया गया था। इस स्मारक का इस्तेमाल सराय के रूप में किया जाता था। इस जगह को तेली की सराय के नाम से जाना जाता था।

कई पुरातत्वविदो के अनुसार यह एक सैनिक छावनी भी रही होगी। यह जगह हरदा में हीरापुर गांव में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। वर्तमान में आप यहां आकर यहां के खंडहर अवशेष देख सकते हैं। यहां पर एक ऊंची मीनार बनी हुई है। इस मीनार से आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जगह पहाड़ी की चोटी पर बनी हुई है। यहां पर आप बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए आ सकते हैं।

कन्हा बाबा की समाधि स्थल

कन्हा बाबा की समाधि स्थल हरदा के पास घूमने के लिए प्रमुख स्थानों में से एक है। यह समाधि स्थल हरदा के पास सोदलपुर गांव में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं। यह जगह होशंगाबाद हरदा इलाके में मशहूर है। कन्हा बाबा एक मशहूर संत थे और उनके पास दैवीय शक्ति थी।

आज भी लोग उनके बाद उनके पास आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। यहां पर एक सुंदर समाधि स्थल बना हुआ है, जहां पर आप बाबा के दर्शन कर सकते हैं और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। यह स्थान 200 साल से भी अधिक प्राचीन है। इस जगह के प्रति लोगों में बहुत श्रद्धा है। यहां पर हर साल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग इस मेले में शामिल होने के लिए आते हैं।

गोरखाल झरना (Gorakhal Waterfall)

गोराखाल जलप्रपात हरदा शहर के पास एक प्रसिद्ध झरना है। यह झरना घने जंगलों के अंदर बना हुआ है। यह जलप्रपात इको टूरिज्म साइट है। आप हरदा से यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जलप्रपात बरसात और ठंड के घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया है।

झरने तक पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। झरने में जाने के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की तरफ से एंट्री टिकट भी लगता है। झरने में पहुंचकर सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जिसका पानी कई स्तर से होते हुए नीचे गिरता है। यहां पर आस-पास हरियाली भी देखी जा सकती है, जो बहुत ही आकर्षक है। आप चाहे तो झरने के नीचे की तरफ ट्रैकिंग करके भी जा सकते हैं और इसका आनंद उठा सकते हैं।

जानें : खरगोन में घूमने की बेहतरीन जगहें

मकड़ाई का किला हरदा (Makadai Fort Harda)

मकड़ाई का किला हरदा शहर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक स्थान है। यह किला हरदा शहर से 35 किलोमीटर दूर मकड़ाई गांव में बना हुआ है। यह किला घने जंगल के अंदर बना हुआ है। किले के पास में ही सियानी नदी बहती है, जिसका दृश्य देखने लायक रहता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

किला समय के साथ खंडहर में तब्दील हो गया है। मगर किले के आस-पास का और किले के अंदर प्राचीन अवशेष देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर और देखने लायक है। किले के पास में ही राम जानकी मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं। बरसात के समय यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है। बरसात मैं यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और सियानी नदी का दृश्य भी बहुत अद्भुत रहता है।

श्री शिव करुणा धाम हरदा

श्री शिव करुणा धाम हरदा के पास घूमने के लिए प्रमुख स्थानों में से एक है। यह जगह हंडिया में बना हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यह स्थान नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आकर आप नर्मदा नदी की सुंदर दृश्य नजर उठा सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी का मनोरम दृश्य पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।

यहां पर मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर तरीके से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों में बारीक नक्काशी की गई है, जो देखने लायक है। इस मंदिर में आप घूमने के लिए आते हैं, तो समय का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि यह मंदिर दोपहर के समय बंद रहता है। मंदिर के आस-पास का दृश्य बहुत ही सुखद है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

सिद्धनाथ मंदिर हरदा (Siddhanth Temple Harda)

श्री सिद्धेश्वर मंदिर हरदा के पास घूमने के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर हंडिया के पास नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण 11वीं और 12वीं शताब्दी में परमार राजाओं के द्वारा किया गया था। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से आसानी से जा सकते हैं।

यह मंदिर प्राचीन है। लोगों का मानना है, कि यह मंदिर पांडवों के द्वारा महाभारत काल में बनाया गया है। इस मंदिर की दीवारों पर सुंदर मूर्ति कला देखी जा सकती है, जो बहुत ही आकर्षक है।

आप यहां पर घूमने लिए आ सकते हैं और इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग और नंदी भगवान की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर में आकर अच्छा लगता है। यहां पर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय बहुत सारे भक्तगण दर्शन करने के लिए आते हैं।

नर्मदा मैया का मध्य बिंदु हरदा (The mid point of Narmada Maiya, Harda)

नर्मदा नदी का मध्य बिंदु हरदा शहर के पास में स्थित है। नर्मदा नदी का मध्य बिंदु, जिसे नाभि कुंड भी कहा जाता है। यह हंडिया तहसील में स्थित है। आप यहां पर आकर इस जगह में घूम सकते हैं। इस जगह पर घाट बना हुआ है, जहां पर आप स्नान कर सकते हैं और पूजा पाठ कर सकते हैं। इस जगह का बहुत ही अधिक महत्व है।

जानें : बैतूल में घूमने की बेस्ट जगहें

हरदा जिले में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Harda District)

हरदा जिले में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है। इस दौरान आकर आप हरदा के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।

आप यहां पर बरसात और ठंड के समय भी आ सकते हैं। बरसात और ठंड के समय आप यहां पर आकर जंगल क्षेत्र की सैर कर सकते हैं। हरदा जिले के आसपास ढेर सारे जलप्रपात हैं। आप उन जगहों में जाकर घूम सकते हैं।

हरदा कैसे पहुँचें (How to Reach Harda)

रेल मार्ग: हरदा रेलवे स्टेशन मुंबई–दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है, जिससे देश के बड़े शहरों से सीधा संपर्क है। आप यहां पर रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन आती है।

सड़क मार्ग: हरदा सड़क मार्ग से भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और खंडवा से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर सभी प्रमुख शहरों से आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है।

हवाई मार्ग: हरदा का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल और इंदौर में है। आप अपनी सुविधा के अनुसार भोपाल या इंदौर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा हरदा पहुंच सकते हैं।

हरदा जिला का गूगल मैप लोकेशन

हरदा घूमते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • धार्मिक स्थलों पर मर्यादा बनाए रखें
  • गर्मियों में हल्के कपड़े और पानी साथ रखें
  • स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करें

हरदा ज़िला क्यों घूमना चाहिए?

  • नर्मदा नदी की पवित्रता
  • शांत और प्रदूषण-मुक्त वातावरण
  • धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव
  • कम भीड़, अधिक शांति

निष्कर्ष

हरदा ज़िला उन यात्रियों के लिए एक आदर्श स्थान है जो धार्मिक शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं। यहाँ आपको बड़े पर्यटन स्थलों जैसी भीड़ नहीं मिलेगी, बल्कि एक सुकून भरा माहौल मिलेगा। नर्मदा नदी, प्राचीन मंदिर और सरल जीवनशैली हरदा को खास बनाती है।

अगर आप मध्य प्रदेश के किसी शांत और आध्यात्मिक स्थान की तलाश में हैं, तो हरदा ज़िला जरूर अपनी यात्रा सूची में शामिल करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top