चित्रकूट भारत के पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। चित्रकूट का जानकी कुंड एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है। यह स्थल चित्रकूट मुख्य शहर के पास में बना हुआ है। प्राचीन समय में इस कुंड में माता सीता ने स्नान किया था। यहां पर मंदाकिनी नदी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही शानदार रहता है।
जानकी कुंड पर चारों तरफ हरियाली, पेड़ पौधे और मंदाकिनी नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस लेख में हम चित्रकूट के जानकी कुंड (Janaki Kund Chitrakoot) के बारे में जानकारी देंगे

जानकी कुंड और माता सीता के चरण चिन्ह
चित्रकूट भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है, जो भगवान श्रीराम के वनवास काल से गहराई से जुड़ा हुआ है। जानकी कुंड और माता सीता के चरण चिन्ह चित्रकूट के एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। यह स्थल माता सीता की स्नान स्थल के रूप में प्रसिद्ध थी। माता सीता को राजा जनक जानकी नाम से पुकारते थे, इसलिए इस जगह को जानकी कुंड (Janaki Kund) के नाम से जाना जाता है।
धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण जानकी कुंड श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं और इस स्थल को देख सकते हैं। यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां पर मंदाकिनी बहती है और मंदाकिनी नदी के किनारे घाट बना हुआ है, जहां पर आप स्नान कर सकते हैं।
यहां पर स्त्री और पुरुष के लिए अलग-अलग घाट बना हुआ है, जहां पर आराम से स्नान कर सकते है। यहां पर नदी के आस-पास बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं, जिससे आप मंदाकिनी नदी के सुंदर दृश्य को एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर नदी के आर पार जाने के लिए पुल बना हुआ है।
नदी के दूसरे तरफ आपको घना जंगल देखने के लिए मिलता है। यहां पर माता सीता के चरण भी देखने के लिए मिलते हैं। माता सीता के चरण जी ने एक बड़ी सी चट्टान पर देखे जा सकते हैं। यहां पर मंदिर बना दिया गया है। आप इन चट्टानों को देख सकते हैं। आस-पास यहां पर बहुत सारी दुकानें लगती हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर हनुमान मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं।
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चित्रकूट के जानकी कुंड की यात्रा (Trip to Janki Kund in Chitrakoot)
चित्रकूट का जानकी कुंड (Janaki Kund) एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। चित्रकूट के जानकी कुंड (Janaki Kund) की यात्रा के लिए आप आ सकते हैं। यहां पर आप ऑटो के द्वारा आराम से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप अपने वाहन के द्वारा भी पहुंच सकते हैं। यह स्थल मुख्य चित्रकूट से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर है।
यहां पर मुख्य मार्ग पर चित्रकूट के जानकी घाट में जाने के लिए सकरा मार्ग बना हुआ है। आप इस मार्ग से होते हुए जानकी कुंड तक पहुंच जाते हैं। आप यहां पर पहुंच कर नीचे की तरफ जा सकते हैं। नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर पहुंच कर सबसे पहले आपको मां सीता के चरण चिन्ह देखने के लिए मिलते हैं।
यहां पर मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप चरण चिन्ह के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर ढेर सारे आश्रम बने हुए हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर आपको फलहारी आश्रम देखने के लिए मिलता है, जहां पर जो संत लोग रहते हैं। वह फल खाकर राम भगवान जी की उपासना करते हैं।

यहां पर रघुवीर जानकी मंदिर भी बना हुआ है, जिसे आप देख सकते हैं। यहां पर मंदाकिनी नदी का बहता पानी और पक्षियों की आवाज सुनना बहुत अच्छा लगता है। अगर आप चाहे, तो यहां पर मंदाकिनी नदी में स्नान का भी आनंद उठा सकते हैं। यहां पर ढेर सारे बंदर भी हैं। अगर आपने खाने-पीने का सामान रखे हैं, तो संभाल कर रखे, नहीं तो बंदर आपसे छीन सकते हैं। यहां पर आप कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं। उसके बाद चित्रकूट के अन्य जगहों की यात्रा में जा सकते है।
जानकी कुंड का पौराणिक महत्व
रामायण के अनुसार, जब भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण चित्रकूट में वनवास के दौरान निवास कर रहे थे, तब माता सीता इसी कुंड में स्नान करती थीं।
मान्यताओं के अनुसार:
- माता सीता के स्नान से यह कुंड अत्यंत पवित्र हो गया
- यह स्थान सीता जी की नित्यचर्या से जुड़ा हुआ है
- यहाँ का जल आज भी पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है
इसी कारण श्रद्धालु इसे सीता स्नान कुंड भी कहते हैं।
जानकी कुंड का प्राकृतिक सौंदर्य
- चारों ओर हरियाली और पहाड़
- मंदाकिनी नदी का शांत प्रवाह
- स्वच्छ जल और प्राकृतिक घाट
- पक्षियों की मधुर ध्वनि
यह स्थान धार्मिक के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन के लिए भी उपयुक्त है।
जानकी कुंड में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Janaki Kund)
जानकी कुंड (Janaki Kund) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड में आकर घूम सकते हैं। ठंड के समय मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है, जिससे आप यहां की सैर कर सकते हैं। आप यहां बरसात के समय भी आ सकते हैं। मगर बरसात के समय यहां पर बहुत ज्यादा पानी रहता है और यहां पर बाढ़ आती है, तो आपके दर्शन करने नहीं मिलेंगे।
जानकी कुंड कैसे पहुंचें (How to Reach Janaki Kund)
सड़क मार्ग : जानकी कुंड (Janaki Kund) में सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह मुख्य चित्रकूट शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यह मुख्य रोड के पास में स्थित है। आप यहां पर ऑटो या अपने निजी वाहन से जा सकते हैं।
रेल मार्ग : चित्रकूट का निकटतम रेलवे स्टेशन चित्रकूट धाम कर्वी स्टेशन है। आप कर्वी स्टेशन में आ सकते हैं। उसके बाद चित्रकूट में सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए बस और ऑटो की सुविधा मिल जाती है।
वायु मार्ग : चित्रकूट का निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज है। आप प्रयागराज में वायु मार्ग से आ सकते हैं। उसके बाद चित्रकूट में सड़क मार्ग के द्वारा या रेल मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं। चित्रकूट पहुँचने के बाद ऑटो, ई-रिक्शा या टैक्सी से जानकी कुंड आसानी से पहुँचा जा सकता है।
जानकी कुंड चित्रकूट का गूगल मैप लोकेशन
जानकी कुंड के पास दर्शनीय स्थल
जानकी कुंड (Janaki Kund) के दर्शन के साथ आप इन स्थलों को भी देख सकते हैं:
- स्फटिक शिला
- रामघाट
- कामदगिरि पर्वत परिक्रमा
- हनुमान धारा
- लक्ष्मण पहाड़ी
- राम-भरत मिलाप स्थल
यात्रा के लिए उपयोगी सुझाव
- नदी में स्नान करते समय सावधानी रखें
- स्वच्छता और धार्मिक मर्यादा बनाए रखें
- सुबह जल्दी जाएँ तो भीड़ कम मिलेगी
- प्लास्टिक और कचरा नदी में न डालें
निष्कर्ष
जानकी कुंड (Janaki Kund), चित्रकूट एक ऐसा पवित्र स्थल है जहाँ माता सीता की स्मृतियाँ आज भी जीवंत हैं। यह स्थान श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। यदि आप चित्रकूट यात्रा पर जा रहे हैं, तो जानकी कुंड के दर्शन और स्नान अवश्य करें और माता जानकी की कृपा प्राप्त करें।
