जुगल किशोर मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण के रूप जुगल किशोर जी को समर्पित है। यह मंदिर पन्ना के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर तरीके से बना हुआ है।
जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) बुंदेली वास्तुकला में बना हुआ है। मंदिर में आकर आप भगवान श्री कृष्ण के दर्शन कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको पन्ना के प्रसिद्ध जुगल किशोर मंदिर के बारे में जानकारी देंगे

पन्ना जिले के जुगल किशोर मंदिर की यात्रा (Visit to Jugal Kishore Mandir in Panna District)
जुगल किशोर मंदिर पन्ना (Jugal Kishor Mandir Panna) जिले के सबसे सुंदर और प्राचीन मंदिरों में से एक है। पन्ना शहर में ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं। पन्ना शहर को झील, मंदिर और हीरो के लिए जाना जाता है। पन्ना में आप इस मंदिर में घूमने के लिए आप आ सकते हैं और भगवान श्री कृष्ण के दर्शन कर सकते हैं।
यहां पर भगवान श्री कृष्ण की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। इस मंदिर में भगवान श्री कृष्णा की मूर्ति ने मुरली धारण किया है। उस मुरली में हीरा लगा हुआ है। यह हीरा बहुत कीमती और पुराना है। यह पूरा ही मंदिर बहुत सुंदर है।
इस मंदिर की यात्रा करने के लिए आपको पहले पन्ना शहर आना पड़ेगा। पन्ना शहर मैं आप आसानी से आ सकते हैं। आप पन्ना पर सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। पन्ना शहर चारों तरफ से पहाड़ियों और जंगल से घिरा हुआ है। पन्ना शहर में आने के लिए सड़क मार्ग सबसे बेहतर तरीका है।
अगर आप यहां पर रेल मार्ग और वायु मार्ग से आना चाहते हैं, तो पन्ना का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन खजुराहो में बना हुआ है। आप पहले खजुराहो आ सकते हैं और उसके बाद पन्ना शहर पहुंच सकते हैं। यह मंदिर पन्ना मुख्य शहर में बना हुआ है। यह मंदिर बाजार एरिया में बना हुआ है। मंदिर में आसानी से पहुंचा जा सकता है। मंदिर में आप अपने खुद के वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।
जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) के बाहर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, मगर यह भीड़ भाड़ वाला एरिया है, इसलिए शाम के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। शाम के समय आप यहां पर आ जाते हैं। मगर यहां पर गाड़ी पार्किंग की बहुत दिक्कत होती है, क्योंकि यहां पर गाड़ी पार्किंग के लिए जगह नहीं है।
जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) में शाम के समय बहुत सारे लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर शाम को बहुत ज्यादा भीड़ रहती है, इसलिए आपके पास अगर समय रहे, तो आप यहां दिन के समय आ सकते हैं। दिन के समय यहां पर कम भीड़ हो सकती है। आप यहां पर गाड़ी करके खड़ी करके मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं।

जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) का एंट्री गेट बहुत सुंदर है। मंदिर के अंदर प्रवेश करने पर आपको मुख्य मंदिर का भव्य प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बुंदेली वास्तुकला में बना हुआ है। मंदिर के ऊपरी सिरा पर एक आर्च बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। मंदिर के अंदर जाने पर एक बड़ा मंडप देखने के लिए मिलता है।
यह मंडप बहुत ही सुंदर है। इस मंडप को बहुत ही आकर्षक तरीके से सजाया गया है। मंडप में आपको बहुत सुन्दर पेंटिंग देखने के लिए मिलती है और यहां पर एक बड़ा सा झूमर भी लगा हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। मंदिर के मंडप से आगे जाने पर गर्भगृह देखने के लिए मिलता है। गर्भगृह में श्री राधा कृष्ण जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा विराजमान है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।
इस प्रतिमा में भगवान श्री कृष्ण जी श्याम रंग के हैं और बहुत ही सुंदर लगते हैं। उन्होंने अपने हाथों में बंसी पकड़ी है। इस बंसी में हीरे जुड़े हुए हैं और यह हीरे बहुत ही अनमोल और प्राचीन है। राधा जी की मूर्ति सफेद कलर की है और बहुत ही सुंदर लगती है। गर्भगृह बहुत ही सुंदर और आकर्षक है।
जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) के गर्भगृह में आप श्री राधा कृष्ण के दर्शन करके कुछ समय बैठ सकते हैं और अच्छा अनुभव कर सकते हैं। शाम के समय अगर आप यहां पर जाते हैं, तो आप यहां पर आरती में शामिल होते हैं। यहां पर आरती बहुत ही भव्य तरीके से होती है। भगवान राधा कृष्ण के दर्शन करके आप मंदिर के बाहर आ सकते हैं और मंदिर की परिक्रमा कर सकते हैं।
जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) के पीछे की तरफ आपको कुआं देखने के लिए मिलता है, जहां पर मछली और कछुआ को रखा गया है। आप इन्हें देख सकते हैं। खास अफसर के समय मंदिर को बहुत ही अच्छी तरह से सजाया जाता है और यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर अन्य धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।
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श्री जुगल किशोर जी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
श्री जुगल किशोर जी मंदिर (Jugal Kishor Mandir) का इतिहास कई सदियों पुराना है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यह वृंदावन के सात ठाकुरों में से एक है। जब वृंदावन में इस्लामी आक्रमणकारियों ने हमला किया था। तब वृंदावन की श्री कृष्ण जी की इस प्रतिमा को ओरछा के रास्ते यहां पर लाया गया था और स्थापित किया गया था। इस तरह यहां पर आकर आपको वृंदावन जैसा महसूस होगा। ये जगह बहुत ही सुंदर लगती है।
ऐतिहासिक तथ्य
- यह मंदिर 18वीं-19वीं शताब्दी में निर्मित माना जाता है।
- मंदिर का निर्माण स्थानीय शासकों और राजाओं के संरक्षण में हुआ।
- पन्ना के ऐतिहासिक और धार्मिक केंद्र के रूप में यह मंदिर प्रसिद्ध हुआ।
- समय के साथ मंदिर का विस्तार और विकास हुआ।

श्री जुगल किशोर जी मंदिर की वास्तुकला और स्थापत्य
श्री जुगल किशोर जी मंदिर (Jugal Kishor Mandir) अपनी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है।
स्थापत्य विशेषताएं
- मंदिर का गर्भगृह (संघाराम) और मंडप आकर्षक है।
- प्रवेश द्वार और स्तंभों पर सुंदर नक्काशी।
- मंदिर की शिखर शैली और रंग-बिरंगे चित्र भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
- प्रांगण और आंगन में साफ-सुथरी व्यवस्था।
- मंदिर के पीछे की तरफ एक बड़ा कुआं है
श्री जुगल किशोर मंदिर पूजा और अनुष्ठान
श्री जुगल किशोर जी मंदिर (Jugal Kishor Mandir) में दैनिक पूजा और विशेष अनुष्ठान होते हैं।
दैनिक पूजा
- सुबह और शाम की आरती
- भक्तों द्वारा जलाभिषेक
- भजन-कीर्तन और मंत्र जाप
विशेष अवसर
- जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन
- राधा कृष्ण रास उत्सव
- दीपावली और होली
- विशेष पावन अवसर पर भक्तों की भीड़ होती है
जन्माष्टमी उत्सव
श्री जुगल किशोर जी मंदिर में जन्माष्टमी विशेष महत्त्व रखती है।
- भव्य सजावट और मंदिर प्रांगण की रोशनी
- भजन, कीर्तन और रास लीला
- विशेष प्रसाद वितरण और भक्तों का समागम
श्री जुगल किशोर जी मंदिर कैसे पहुंचें (How to reach Shri Jugal Kishore Mandir)
सड़क मार्ग : जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) मुख्य शहर में बना हुआ है। यह मंदिर सड़क मार्ग से आसानी से जा सकते हैं। यहां पर आप टैक्सी या निजी परिवहन से जा सकते हैं।
रेल मार्ग : पन्ना का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन खजुराहो है। आप खजुराहो आ सकते हैं और उसके बाद पन्ना सड़क मार्ग के द्वारा आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : पन्ना का निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो है। आप खजुराहो हवाई मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा पन्ना पहुंच सकते हैं।
श्री जुगल किशोर मंदिर का गूगल मैप लोकेशन
श्री जुगल किशोर जी मंदिर में भ्रमण का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Shri Jugal Kishore Mandir)
श्री जुगल किशोर मंदिर (Jugal Kishor Mandir) में यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का रहता है। इस समय मौसम ठंडा रहता है और यात्रा करने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। इस समय आप जुगल किशोर मंदिर की यात्रा आराम से कर सकते हैं। आप यहां पर खास उत्सव के समय भी आ सकते हैं। उत्सव के समय यहां पर ढेर सारे लोग दर्शन करने के लिए आते हैं।
मंदिर के आसपास दर्शनीय स्थल
- पन्ना किला
- पन्ना ज्वेलरी और हीरा खदानें
- मधुबन झील
- केन नदी और वन्यजीव अभयारण्य
इन स्थलों के साथ मंदिर की यात्रा और भी समृद्ध और यादगार बनती है।
पर्यटकों के लिए सुझाव
- मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें।
- साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- फोटोग्राफी नियमों का पालन करें।
- आरामदायक कपड़े और जूते पहनें।
- धार्मिक रीति-रिवाजों का सम्मान करें।
निष्कर्ष
श्री जुगल किशोर जी मंदिर, पन्ना धार्मिक भक्ति, सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य कला का अद्भुत केंद्र है। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पन्ना जिले और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है।
यदि आप धार्मिक यात्रा, इतिहास या सांस्कृतिक पर्यटन के लिए पन्ना की यात्रा कर रहे हैं, तो श्री जुगल किशोर जी मंदिर आपकी यात्रा सूची में अवश्य शामिल होना चाहिए। यहां की भक्ति, भव्य स्थापत्य और शांत वातावरण आपका अनुभव अविस्मरणीय बना देगा।
