कालियादेह पैलेस और बावन कुंड उज्जैन – इतिहास, वास्तुकला व घूमने की जानकारी : Amazing Kaliadeh Palace Ujjain

कालियादेह पैलेस उज्जैन – शिप्रा नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक और स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण

कालियादेह पैलेस, मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह एक ऐतिहासिक महल है। कालियादेह महल अपने भव्य स्थापत्य कला, शांत वातावरण, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह शिप्रा नदी के तट पर स्थित है और लोगों के बीच में बहुत प्रसिद्ध है।

वैसे इस जगह को उज्जैन का एक भूतिया स्थल भी माना जाता है। इतिहास प्रेमियों, वास्तुकला में रुचि रखने वालों और पर्यटकों के लिए यह स्थान अत्यंत आकर्षक है।आज इस लेख में हम उज्जैन के प्रसिद्ध कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) के बारे में जानेंगे

कालियादेह महल और बावन कुंड की यात्रा (Kaliyadeh Palace and Bawan Kund Trip)

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) और बावन कुंड उज्जैन (Bawan Kund Ujjain) के पास घूमने के लिए एक मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) मुख्य शहर से करीब 8 से 9 किलोमीटर दूर है। महल तक आने के लिए सड़क बनी हुई है। इस महल में आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बाइक और कार से आसानी से आ सकते हैं। महल में पहुंचकर आपको महल का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

इस स्थल में जाकर आप बावन कुंड (Bawan Kund) और कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) घूम सकते हैं। यह दोनों आमने-सामने ही बने हुए हैं। यह महल उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर बना हुआ है। यहां पर शिप्रा नदी पर एक स्टॉप डैम बना हुआ है।

यहां शिप्रा नदी के बीच में एक छोटा सा टापू बना हुआ है, जिसके बीच में यह महल बना हुआ है। इस टापू के दोनों तरफ से शिप्रा नदी बहती है। कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) के पीछे की तरफ डैम देखा जा सकता है। शिप्रा नदी के बीच में बने टापू में जाने के लिए पुल बना हुआ है। यह पुल प्राचीन समय का है और बहुत ही सुंदर लगता है।

शिप्रा नदी के सामने की तरफ बावन कुंड (Bawan Kund) बना हुआ है। बावन कुंड (Bawan Kund) एक ऐतिहासिक स्मारक है। यहां पर छोटे-छोटे कुंड बने हुए हैं, जिनका धार्मिक महत्व है। यहां पर भगवान भैरव का मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर हर साल कार्तिक माह में मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग इस मेले भाग लेने के लिए आते हैं और इन कुंड में स्नान करते हैं और भैरव बाबा जी की पूजा करते हैं। यहां पर ढेर सारे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

यहां पर कुंडों के बीच में सुंदर छतरी भी बनी हुई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। यहां पर एक छोटा सा महल भी बनी हुई है। यहां पर बरसात के समय जब पानी इन कुंडों के ऊपर से बहता है। तब यह बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। यहां पर ढेर सारी दुकान है, जहां पर भैरव बाबा को चढ़ाने के लिए प्रसाद लिया जा सकता है।

इन कुंडों में छोटी-छोटी मछलियां देखने के लिए मिलती है। बरसात के समय यह कुंड पूरी तरह पानी से भर जाते हैं। गर्मी के समय इनमें पानी नहीं रहता है, लेकिन इस जगह पर गंदगी बहुत ज्यादा रहती है। लोग यहां पर आते हैं और जो भी कचरा रहता है। वह यहां पर फेंक जाते हैं। यह जगह धार्मिक है, मगर लोगों ने यहां पर सफाई बिल्कुल भी नहीं करके रखी है।

शिप्रा नदी पर बने पुल को पार करने के बाद, आप कालियादेह महल पहुंच जाते हैं। कालियादेह महल बहुत ही सुंदर है। कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) को केडी पैलेस (KD Palace) के नाम से भी जाना जाता है। यह महल बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यह महल दो मंज़िला है और बहुत सुंदर लगता है।

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) के वास्तु कला बहुत ही आकर्षक है। महल राजपूताना और मुगल शैली में बना हुआ है। महल के अंदर सूर्य भगवान जी का मंदिर बना हुआ है। यहां पर सूर्य भगवान जी की बहुत ही सुंदर और प्राचीन प्रतिमा विराजमान है। इस जगह के बारे में ढेर सारी बातें कही जाती है।

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) के अंदर आपको दो कुंड भी देखने के लिए मिलते हैं – एक सूर्यकुंड और एक ब्रह्म कुंड के नाम से जाना जाता है। महल के पीछे की तरफ आपको शिप्रा नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर चारों तरफ हरियाली और पेड़ पौधे देखे जा सकते हैं। यह जगह बरसात के समय बहुत ही सुंदर लगती है। बरसात के समय जब शिप्रा नदी यहां पर बहती है, तो बहुत ही आकर्षक लगती है। शिप्रा नदी का पानी झरने के रूप में बहता है।

कालियादेह पैलेस का परिचय

  • नाम: कालियादेह पैलेस (Kalideh Palace)
  • स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश
  • नदी: शिप्रा नदी
  • निर्माण काल: 15वीं शताब्दी
  • शैली: फारसी और भारतीय स्थापत्य का मिश्रण
  • वर्तमान स्थिति: ऐतिहासिक पर्यटन स्थल

कालियादेह पैलेस को कई बार कालियादेह महल भी कहा जाता है। यह महल उज्जैन शहर से कुछ दूरी पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता तथा ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है।

कालियादेह पैलेस का इतिहास

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) का निर्माण मांडू के सुल्तान महमूद खिलजी के शासनकाल में 15वीं शताब्दी में कराया गया था। उस समय मालवा क्षेत्र कला, संस्कृति और स्थापत्य के क्षेत्र में अत्यंत समृद्ध था। यह महल शासकों के विश्राम स्थल और जल-महल के रूप में प्रयोग किया जाता था।

बाद में मराठा काल में रानी अहिल्याबाई होल्कर ने इस महल का जीर्णोद्धार कराया। उन्होंने इसे पुनः सुंदर रूप दिया और यहाँ धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया। अहिल्याबाई होल्कर का योगदान उज्जैन और पूरे मालवा क्षेत्र के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

कालियादेह पैलेस का स्थापत्य और वास्तुकला

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) की सबसे बड़ी विशेषता इसकी भव्य स्थापत्य कला है। यह महल भारतीय और फारसी स्थापत्य शैलियों का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करता है।

स्थापत्य की प्रमुख विशेषताएँ:

  • विशाल गुंबद
  • सुंदर मेहराबें
  • नक्काशीदार स्तंभ
  • खुला आंगन
  • जल प्रवाह की अद्भुत व्यवस्था

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है, कि शिप्रा नदी का जल इसके चारों ओर बहता हुआ प्रतीत होता है, जिससे यह एक जल महल जैसा दृश्य प्रस्तुत करता है।

कालियादेह पैलेस का धार्मिक महत्व

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) केवल ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उज्जैन एक पवित्र नगरी है और शिप्रा नदी के कारण इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

  • सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान यहाँ विशेष महत्व
  • श्रद्धालु शिप्रा नदी में स्नान करते हैं
  • आध्यात्मिक शांति का अनुभव

कई संत और साधक यहाँ ध्यान और साधना के लिए आते हैं।

पर्यटकों के लिए आकर्षण

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) में पर्यटकों के लिए कई आकर्षण हैं:

  • ऐतिहासिक इमारत
  • नदी के किनारे सुंदर दृश्य
  • फोटोग्राफी के लिए उपयुक्त स्थान
  • शांत और प्राकृतिक वातावरण

यह स्थान खासकर उन लोगों के लिए आदर्श है जो इतिहास और प्रकृति दोनों से प्रेम करते हैं।

फोटोग्राफी और नेचर लवर्स के लिए

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) फोटोग्राफरों और नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग समान है।

  • सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य
  • शिप्रा नदी का बहता जल
  • ऐतिहासिक इमारत की पृष्ठभूमि

कालियादेह पैलेस कैसे पहुँचे (How to reach Kaliadeh Palace)

सड़क मार्ग : कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) उज्जैन के पास में स्थित एक सुंदर महल है। यह महल उज्जैन मुख्य शहर से 8 से 9 किलोमीटर दूर है। इस महल में सड़क मार्ग से आ सकते हैं। उज्जैन मुख्य शहर से यहां पर ऑटो, टैक्सी या निजी वाहन से आ सकते हैं।

रेलवे : उज्जैन रेलवे जंक्शन सै यह किला 8 से 10 किलोमीटर दूर है। आप उज्जैन में रेल मार्ग से आ सकते हैं और इस किले में सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं।

हवाई मार्ग : उज्जैन का निकटतम हवाई अड्डा इंदौर में बना हुआ है। इंदौर में वायु मार्ग से आ सकते हैं और इस किले में सड़क मार्ग से आ सकते हैं।

कालियादेह महल का गूगल मैप लोकेशन

कालियादेह पैलेस में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Kaliadeh Palace)

कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। इस समय ठंड का मौसम रहता है। आप इस समय जाकर महल में घूम सकते हैं। आप महल के सभी हिस्सों की सैर कर सकते हैं। महल के आसपास की हरियाली और डैम को देख सकते हैं।

बरसात के समय भी यह जगह बहुत ही खूबसूरत लगती है। मानसून में नदी का दृश्य बहुत ही सुंदर लगता है। आप इस महल में दिन के समय घूमने आ सकते हैं। दिन के समय यहां पर घूमने बेहतर रहता है। यहां पर आप बरसात के समय भी आ सकते हैं।

कालियादेह पैलेस के पास घूमने की जगहें

पर्यटकों के लिए उपयोगी सुझाव

  • ऐतिहासिक संरचना को नुकसान न पहुँचाएँ
  • गंदगी न फैलाएँ
  • बच्चों पर विशेष ध्यान रखें
  • मानसून में फिसलन से सावधान रहें

FAQ – कालियादेह पैलेस उज्जैन

Q1. कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) क्यों प्रसिद्ध है?
यह अपनी ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य कला और शिप्रा नदी के तट पर स्थित होने के कारण प्रसिद्ध है।

Q2. क्या यहाँ प्रवेश शुल्क है?
आमतौर पर प्रवेश निःशुल्क या बहुत नाममात्र होता है।

Q3. क्या यह स्थान परिवार के लिए उपयुक्त है?
हाँ, यह पूरी तरह पारिवारिक और सुरक्षित पर्यटन स्थल है।

Q4. कालियादेह महल (Kaliadeh Palace) किसने बनवाया था?
इसका निर्माण सुल्तान महमूद खिलजी ने कराया था।

निष्कर्ष

कालियादेह पैलेस उज्जैन इतिहास, धर्म और प्रकृति का अद्भुत संगम है। यह महल न केवल मालवा की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है। यदि आप उज्जैन की यात्रा पर हैं और इतिहास व शांति से जुड़ा अनुभव चाहते हैं, तो कालियादेह पैलेस की सैर अवश्य करें। यह स्थान आपको अतीत की भव्यता और प्रकृति की शांति – दोनों का अनोखा अनुभव प्रदान करेगा।

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