कुण्डलपुर दमोह: जैन धर्म का पवित्र तीर्थ और ऐतिहासिक धरोहर
कुंडलपुर जैन मंदिर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध जैन स्थलों में से एक है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित है। यह मंदिर जैन धर्म के लोगों के लिए प्राचीन और पवित्र तीर्थ स्थल है। ये जगह बहुत ही सुंदर है। यहां पर एक बड़ी सी पहाड़ी है, जहां पर ढेर सारे मंदिर हैं।
आप कुंडलपुर पर घूमने के लिए आ सकते हैं और इन मंदिरों में घूम सकते हैं। इस लेख में हम कुंडलपुर जैन मंदिर (Kundalpur Jain Temple) के बारे में जानकारी देंगे

कुंडलपुर जैन मंदिर की यात्रा (Kundalpur Jain Temple Trip)
कुंडलपुर मध्य प्रदेश (Kundalpur Madhya Pradesh) के प्रसिद्ध जैन धार्मिक स्थान में से एक है। कुंडलपुर मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पटेरा तहसील में स्थित है। कुंडलपुर दमोह जिले से करीब ३५ किलोमीटर दूर है। कुंडलपुर जैन मंदिर (Kundalpur Jain Temple) बहुत बड़ी एरिया में फैला हुआ है। यहां पर एक बहुत बड़ी पहाड़ी है, जिसमें यह मंदिर बने हुए हैं। यहां पर करीब 35 से 40 मंदिर बने हुए हैं।
इस पूरी पहाड़ी पर जैन मंदिर बने हुए हैं। इन मंदिरों में जाने के लिए आपको पैदल यात्रा करनी पड़ती है। पैदल यात्रा करके आप सभी मंदिरों में घूम सकते हैं। अगर आप इन मंदिरों में जाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके यहां पर सुबह के समय आना चाहिए, क्योंकि सुबह के समय यहां पर सभी मंदिर खुले रहते हैं और आप सभी मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। 10 या 11:00 के बाद यहां पर मंदिर बंद हो जाते हैं, तो आपके यहां पर दर्शन करने के लिए नहीं मिलेंगे।
कुंडलपुर जैन मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध मंदिर बड़े बाबा जी का मंदिर है, जो बहुत ही भव्य और विशाल है। बड़े बाबा जी मंदिर पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है, जिससे आप मंदिर में आसानी से सड़क के द्वारा जा सकते हैं। मंदिर के पास पार्किंग के लिए बहुत बड़ी जगह है। मंदिर में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध है। आप मंदिर में जाकर दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुन्दर तरीके से बना हुआ है। पूरा मंदिर पत्थरों से बना हुआ है और मंदिर में सुंदर नक्काशी की गई है।
यह पूरा मंदिर मार्बल से बना हुआ है। मार्बल में सुंदर नक्काशी की गई है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में भगवान आदिनाथ जी की 15 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा काले पत्थर की बनी हुई है। यह प्रतिमा प्राचीन है। यह प्रतिमा बहुत ही सुंदर है। मंदिर का परिसर बहुत ही अच्छा और खूबसूरत है। मंदिर चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण से घिरा है। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे और पहाड़ी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।
कुंडलपुर की यात्रा के लिए आपको सबसे पहले दमोह आना पड़ता है। दमोह से कुंडलपुर करीब 35 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। आप यहां पर बाइक और कार से आ सकते हैं। कुंडलपुर पटेरा तहसील से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। कुंडलपुर जैन मंदिर के एंट्री गेट में आपको अपना आइडेंटिटी कार्ड दिखाना पड़ता है और मोबाइल नंबर देना पड़ता है।

उसके बाद आप इस मंदिर में घूमने के लिए जा सकते हैं। आप मंदिर के एंट्री गेट से प्रवेश करेंगे, तो आपको सीधे हाथ की तरफ एक रास्ता दिखाई देता है, जो पहाड़ी की ओर जाता है। आपको उसे रास्ते को फॉलो करते हुए जाना पड़ता है और आप इस बड़े बाबा के मंदिर तक पहुंच जाते हैं।
रास्ते में आपको और भी जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। यह सभी छोटे मंदिर सफेद रंग के हैं और बहुत ही आकर्षक लगते हैं। रास्ते में आपको दो मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं और आगे जा सकते हैं। यहां आसपास पहाड़ी का और पेड़ पौधों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।
इस रास्ते से होते हुए आप पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी में पहुंच जाते हैं और वहां पर भव्य मंदिर बना है। यहां पर बड़े बाबा का भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षण रहता है। आप मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। साथ ही साथ आसपास के दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।
अगर आप कुंडलपुर (Kundalpur) के अन्य मंदिरों के दर्शन करना चाहते हैं, तो आपको सुबह के समय आना चाहिए। सुबह के समय यह सभी मंदिर खुले रहते हैं और आप इन सभी मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर पैदल मार्ग बना हुआ है, जिससे आप पैदल चलकर इन सभी मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं।
यह मंदिर पुरी पहाड़ी पर बने हुए हैं। यहां पर करीब 35 से 40 मंदिर बने हुए हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर कई मंदिर बहुत ज्यादा प्राचीन है। वह भी आप देख सकते हैं। कुंडलपुर (Kundalpur) में तलहटी में झील भी बनी हुई है, जो आप देख सकते हैं और जो बहुत सुंदर है। यहां पर और भी अन्य स्थल है, जो देखने लायक है। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं।
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कुण्डलपुर का ऐतिहासिक महत्व
कुण्डलपुर (Kundalpur) का इतिहास प्राचीन जैन ग्रंथों और शिलालेखों में वर्णित है। कुंडलपुर जैन मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर 2000 साल पुराना है। मंदिर के पास में ही प्राचीन मंदिर के अवशेष देखे जा सकते हैं। मंदिर बड़े बाबा मंदिर में विराजमान प्रतिमा प्राचीन है।
प्रमुख ऐतिहासिक तथ्य
- यह स्थल जैन धर्म के प्राचीन तीर्थ स्थलों में गिना जाता है।
- यहाँ के मंदिरों का निर्माण कई सदियों पहले हुआ।
- मध्यकालीन जैन शिल्प और स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण।

कुण्डलपुर का स्थापत्य और शिल्पकला
कुण्डलपुर (Kundalpur) के मंदिर अपने शिल्प और स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध हैं।
स्थापत्य शैली
- संगमरमर से बना बड़े बाबा का मंदिर
- बारीक नक्काशी स्तंभ और गुम्बद
- विशाल प्रांगण और शांत वातावरण
- जैन धर्म की पारंपरिक मूर्तिकला और शिल्प
कुण्डलपुर में पूजा और धार्मिक अनुष्ठान
कुण्डलपुर में दैनिक पूजा और विशेष अनुष्ठान होते हैं।
दैनिक पूजा
- सुबह और शाम की आरती
- जलाभिषेक
- भजन-कीर्तन
- मंत्र जाप
विशेष पर्व और अवसर
- महावीर जयंती
- आदिनाथ भगवान की जयंती
- पार्श्वनाथ उत्सव
- विशेष अवसरों पर जैन समाज द्वारा भव्य आयोजन
कुण्डलपुर कैसे पहुंचें (How to Reach Kundalpur)
सड़क मार्ग : कुंडलपुर (Kundalpur) सड़क द्वारा अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है। आप यहां पर दमोह से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर निजी वाहन से भी आ सकते हैं।
रेल मार्ग : कुंडलपुर का दमोह रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे कनेक्शन है। आप अन्य शहरों से दमोह रेलवे स्टेशन आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा कुंडलपुर पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग : कुंडलपुर का जबलपुर एयरपोर्ट सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है। आप हवाई मार्ग के द्वारा जबलपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क के द्वारा कुंडलपुर घूमने के लिए आ सकते हैं।
कुंडलपुर मध्य प्रदेश का गूगल मैप लोकेशन
कुण्डलपुर घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Kundalpur)
कुंडलपुर (Kundalpur) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड और बरसात का रहता है। इस समय मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है। इस समय आकर आप पूरे कुंडलपुर के मंदिरों में घूम सकते हैं। ठंड और बरसात का मौसम बहुत ही अच्छा और सुहावना रहता है, जिससे घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। बरसात के समय यहां पर पहाड़ी में चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है।
कुण्डलपुर के आसपास दर्शनीय स्थल
- जटाशंकर मंदिर दमोह
- सिंगौरगढ़ का किला
- श्री जागेश्वर महादेव मंदिर
- हटा का किला दमोह
- नोहटा शिव मंदिर
- भैंसाघाट दमोह
- वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य, दमोह
पर्यटकों के लिए सुझाव
- मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें
- साफ-सफाई का ध्यान रखें
- फोटोग्राफी में स्थानीय नियमों का पालन करें
- यात्रा के लिए आरामदायक जूते और कपड़े पहनें
- धार्मिक नियम और रीति-रिवाजों का सम्मान करें
निष्कर्ष
कुण्डलपुर (Kundalpur), दमोह जैन धर्म और ऐतिहासिक विरासत का एक अद्भुत स्थल है। यह तीर्थ न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है।
यदि आप धार्मिक यात्रा, ऐतिहासिक अध्ययन या प्राकृतिक पर्यटन के लिए दमोह जिले की यात्रा कर रहे हैं, तो कुण्डलपुर को अपनी यात्रा सूची में अवश्य शामिल करें। यहां की दिव्यता, भव्य स्थापत्य कला और शांत वातावरण आपके अनुभव को अविस्मरणीय बना देगा।
