मालादेवी मंदिर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में एक है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नगर ग्यारसपुर में बना हुआ है। ग्यारसपुर विदिशा जिले का एक छोटा सा कस्बा है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं और इस मंदिर को देख सकते हैं।
मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जहां से आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। अगर आप इतिहास प्रेमी है, तो आपको इस जगह जरूर घूमने के लिए आना चाहिए। इस लेख में हम विदिशा जिले के माला देवी मंदिर (Maladevi Temple) के बारे में जानकारी देगें

विदिशा के मालादेवी मंदिर की यात्रा (Trip to Maladevi Temple in Vidisha)
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित ऐतिहासिक नगर ग्यारसपुर अपनी प्राचीन धरोहरों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं धरोहरों में से एक है मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple), जो अपने भव्य स्थापत्य, ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक आस्था के कारण विशेष पहचान रखता है।
मालादेवी मंदिर परमार कालीन वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मंदिर ग्यारसपुर में ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए खूबसूरत रास्ता बना हुआ है। इस मंदिर मैं आप आकर इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। साथ ही साथ आसपास के सुन्दर नजारे का भी आनंद ले सकते हैं। यहां पर आकर आप दूर-दूर तक फैली घाटियों का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगता है।
माला देवी मंदिर मध्य प्रदेश की विदिशा जिले में बना हुआ है। यह विदिशा सागर राजमार्ग पर ग्यारसपुर तहसील में स्थित है। ग्यारसपुर तहसील में आप सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं। यह मंदिर ग्यारसपुर तहसील में पहाड़ी के अंतिम छोर पर बना हुआ है।
ग्यारसपुर तहसील में आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी आ सकते हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आते हैं, तो आपको पहाड़ी के ऊपर मंदिर में पैदल जाना पड़ता है। आप चाहे, तो यहां पर ऑटो बुक करके आराम से जा सकते हैं।
माला देवी मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर में जाने के लिए पक्का रास्ता बना हुआ है। मंदिर में जाने का मार्ग बहुत ही सुंदर है। इस मंदिर में जाने के मार्ग पर आपको और भी बहुत सारे ऐतिहासिक स्थल देखने के लिए मिलते हैं, जिनकी सैर करते हुए आप इस मंदिर में पहुंच सकते हैं। मंदिर के रास्ते में ढेर सारे सीताफल के पेड़ देखने के लिए मिलते हैं, जो यहां पर भारी मात्रा में लगे हुए हैं।

यहां पर आप सीताफल के समय जाते हैं, तो आप यहां पर सीताफल खरीद कर खा भी सकते हैं। मंदिर में पहुंचने पर, यहां पर पार्किंग के लिए स्पेस दिया गया है, जहां पर आप अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं और इसके बाद मंदिर में जा सकते हैं। यहां पर सीढ़ियों से नीचे उतरना पड़ता है और सीढ़ियों से नीचे उतरने के बाद, आपको भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है।
मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) चट्टानों से सटा हुआ बना हुआ है और बहुत ही सुंदर लगता है। वैसे मंदिर काफी पुराना है और मंदिर की हालत काफी खराब हो गई है। यह पूरा मंदिर ही पत्थरों से बना हुआ है और बहुत सुंदर लगता है। मंदिर का जो मुख्य गर्भगृह है, उसमें ताला लगा हुआ है। मंदिर को आप बाहर से देख सकते हैं।
मंदिर के बाहर और दीवारों में सुंदर नक्काशी की गई है। इसमें बारीक नक्काशी की गई है और अलग-अलग नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर चट्टानों को काटकर बनाया गया है। मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने चार स्तंभ बने हुए हैं, जिनमें खूबसूरत नक्काशी है।
मंदिर के अंदर मुख्य गर्भगृह में जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएं विराजमान है। मंदिर की दीवारों में देवी देवताओं, बेल बूटी और और अन्य नक्काशी देखने के लिए मिलती है। मंदिर की नक्काशी देखने के बाद, आप मंदिर के पास से आसपास के नजरों का आनंद ले सकते हैं।
मंदिर से दूर-दूर तक का दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर मैदान, खेत, पहाड़ियों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप फोटो क्लिक कर सकते हैं। यहां पर शाम के समय अगर आप आएंगे, तो आपको सूर्यास्त का बहुत ही जबरदस्त दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
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माला देवी मंदिर का इतिहास (Mala Devi Temple History)
मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) प्राचीन है। माला देवी मंदिर का निर्माण 9वी से 11वीं शताब्दी के मध्य में परमार वंश के शासनकाल में हुआ था। यह मंदिर पूरी तरह पत्थर से बना हुआ है। पूरे मंदिर में सुंदर नक्काशी की गई है। इस मंदिर में जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएं विराजमान है।
मंदिर के अंदर प्रदक्षिणा पथ, मुख्य मंडप, सभा मंडप और गर्भ ग्रह देखने के लिए मिलता है। मंदिर का शिखर के ऊपर आमलक एवं कलश बना हुआ है। यह भव्य विशाल मंदिर पर्वत की पूर्वी ढलान पर निर्मित है। पहाड़ी का कुछ भाग इसके भीतर आ गया है।
जैन यक्ष, यक्षिणी तथा तीर्थकर प्रतिमाओं से युक्त इस मंदिर के द्वार एवं चौखटे पर गंगा, यमुना एवं अन्य हिंदू देवी देवताओं का अंकन है। मंदिर के गर्भ गृह में जैन तीर्थकारों की चार विशाल पद्मासन प्रतिमा स्थापित है। गर्भग्रह के ऊपर भव्य उत्तुंग शिखर है। ललाट बिंब पर गरुड़ासीन वैष्णव देवी स्थित है।

स्थापत्य कला और संरचना
मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर नागर शैली में निर्मित माना जाता है, जिसमें ऊँचा शिखर, सुंदर मंडप और अलंकृत दीवारें शामिल हैं।
मंदिर की प्रमुख स्थापत्य विशेषताएं
- पत्थरों से निर्मित मजबूत संरचना
- दीवारों और स्तंभों पर बारीक नक्काशी
- देवी-देवताओं और पौराणिक आकृतियों के शिल्प
- गर्भगृह और मंडप की स्पष्ट योजना
मंदिर की नक्काशी में उस युग की धार्मिक मान्यताओं और कलात्मक दृष्टि का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
मालादेवी मंदिर कैसे पहुंचें (How to Reach Maladevi Temple)
सड़क मार्ग : मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) मध्य प्रदेश के ग्यारसपुर कस्बे में बना हुआ है। ग्यारसपुर कस्बा अन्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां पर आप भोपाल, विदिशा, सागर जिले से आराम से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए बस की सुविधा भी उपलब्ध होती है। आप यहां पर निजी वाहन या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग : ग्यारसपुर का निकटतम रेलवे स्टेशन विदिशा जंक्शन है, जो मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। स्टेशन से टैक्सी या स्थानीय साधनों द्वारा ग्यारसपुर पहुंचा जा सकता है।
हवाई मार्ग : ग्यारसपुर का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल है, जो ग्यारसपुर से लगभग 55–60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप भोपाल हवाई मार्ग द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद इस मंदिर में घूमने के लिए सड़क मार्ग के द्वारा आ सकते हैं।
मालादेवी मंदिर ग्यारसपुर की गूगल मैप लोकेशन
मालादेवी मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Maladevi Temple)
मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च महीने के बीच में आ सकते हैं। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और आप मंदिर परिसर व आसपास के स्थलों को आराम से देख सकते हैं। आप यहां पर बरसात और गर्मी के समय भी आ सकते हैं। मगर बरसात और गर्मी के समय घूमने में थोड़ा दिक्कत हो सकती है।
मालादेवी मंदिर के आसपास घूमने की जगहें
ग्यारसपुर में मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) के अलावा कई अन्य दर्शनीय स्थल भी हैं:
- बज्र मठ जैन मंदिर
- हिंडोला तोरण
- आठखंबा मंदिर
- मां बिजासन मंदिर ग्यारसपुर
- बीजामंडल मंदिर
- उदयगिरि गुफाएं
संरक्षण और जागरूकता
मालादेवी मंदिर (Maladevi Temple) जैसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। हमें:
- मंदिर की संरचना को नुकसान न पहुंचाने
- स्वच्छता बनाए रखने
- ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूक रहने
जैसे कदम उठाने चाहिए, ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
निष्कर्ष
मालादेवी मंदिर ग्यारसपुर (विदिशा) मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों में एक अनमोल रत्न है। यह मंदिर न केवल देवी भक्ति का केंद्र है, बल्कि परमार कालीन कला और स्थापत्य की जीवंत मिसाल भी है।
यदि आप विदिशा और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं, तो मालादेवी मंदिर को अपनी सूची में अवश्य शामिल करें। यहां की शांति, इतिहास और आस्था का अनुभव आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बना देगा।
