मंडला में घूमने की जगह – मंडला में प्राकृतिक, धार्मिक और आदिवासी अनुभूति
मंडला मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित एक शांत और सुन्दर शहर है। मंडला जिला पवित्र नर्मदा नदी से घिरा हुआ है। नर्मदा नदी मंडला को तीन दिशाओं से घिरेती है। यह शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगल और मां नर्मदा के तट के लिए प्रसिद्ध है।
मंडला शहर का कान्हा नेशनल पार्क पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है। इस पार्क में घूमने के लिए देश विदेश से पर्यटक आते हैं। मंडला में घूमने के लिए और भी ढेर सारे पर्यटन स्थल है और आज इस लेख में हम आपको मंडला शहर के पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे।
इस लेख में मंडला के पास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Mandla Tourist Places), मंडला कैसे पहुंचे, मंडला में घूमने का सबसे अच्छा समय, मंडला घूमने का टूर प्लान के बारे में जानकारी देंगे। अगर आप मंडला में जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा।
मंडला जिले का इतिहास (Mandla District History)
मंडला जिले का इतिहास बहुत ही समृद्ध रहा है। यह क्षेत्र गोंडवाना साम्राज्य का प्रमुख हिस्सा रहा है। मंडला में 14वीं शताब्दी से 18वीं शताब्दी तक गोंड राजाओं का शासन रहा है। मंडला गोंडवाना राज्यों की प्रमुख राजधानी थी। यहां पर हिरदे शाह जैसे शासको ने राज्य किया है और यहां पर किले, तालाब और मंदिर बनवाए हैं।
मंडला को विशेष रूप से गढ़ मंडला के नाम से जाना जाता था और बाद में यह राज्य 52 गढ़ों के रूप में प्रसिद्ध था। मंडला की धरती 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी अवंतिबाई लोधी के लिए भी प्रसिद्ध है।
रानी अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया और अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनकी समाधि मंडला के पास ही में स्थित है। ब्रिटिश शासनकाल में मंडला में कई तरह के परिवर्तन हुए।
यहां पर प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में विकसित किया गया और वन, खनिज, नर्मदा जल ग्रहण क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से विकसित किया गया। मंडला में जनजातीय परंपरा और संस्कृति देखने के लिए मिलती है। यहां गोंड, बैगा, कोरकू की जनजाति की जीवन शैली, नृत्य, कला, पेंटिंग विश्व भर में प्रसिद्ध है।
मंडला जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थान की जानकारी (Mandla Tourist Places in Hindi)
चलिए जानते हैं मंडल के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थलों के बारे में –
1. कान्हा नेशनल पार्क, मंडला (Kanha National Park, Mandla)
कान्हा नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध पार्कों में से एक है। कान्हा नेशनल पार्क में देश विदेश से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। मध्य प्रदेश के मंडला और बालाघाट जिलों में फैला कान्हा नेशनल पार्क भारत के सबसे सुंदर और समृद्ध वन क्षेत्रों में से एक है।
यह नेशनल पार्क बारहसिंगा के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। इस नेशनल पार्क की स्थापना 1955 में की गई थी और 1973 में टाइगर प्रोजेक्ट में इसे शामिल किया गया था। यहां ढेर सारे जंगली जीव देखने के लिए मिलते हैं।
यहां टाइगर, तेंदुआ, जंगली कुत्ता, भालू, गौर, हिरण, नीलगाय, लोमड़ी जैसे जानवर देखे जा सकते हैं। यहां पर 3000 से भी ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है। कान्हा की प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण हर प्रकृति-प्रेमी को मंत्रमुग्ध कर देता है। यह पार्क सफारी, प्राकृतिक फोटोग्राफी और वन्यजीवों को नज़दीक से देखने के लिए एक बेस्ट प्लेस माना जाता है।
कान्हा नेशनल पार्क की मुख्य विशेषताएं
- भारत का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध टाइगर रिज़र्व
- विश्वप्रसिद्ध “बारासिंघा संरक्षण क्षेत्र”
- घने साल के जंगल और विशाल घास के मैदान
- 300+ पक्षियों और 100+ जानवरों की प्रजातियाँ
- प्राकृतिक फोटोग्राफी, सफारी और बर्ड-वॉचिंग का स्वर्ग
कान्हा में सफारी की टाइमिंग
1. सुबह की सफारी (Morning Safari)
विंटर: 6:30 AM – 11:00 AM
समर: 6:00 AM – 11:00 AM
2. शाम की सफारी (Evening Safari)
विंटर: 3:00 PM – 6:00 PM
समर: 3:30 PM – 6:30 PM
नोट: टाइमिंग मौसम और वन विभाग के अनुसार थोड़ा बदल सकती है।
एंट्री फीस / सफारी फीस (प्रतिव्यक्ति नहीं—जीप सफारी के अनुसार)
जीप सफारी (Core Zone – Kanha, Kisli, Mukki, Sarhi)
Indian: ₹6,500 – ₹7,500 प्रति जीप (6 लोग + गाइड)
Foreigner: ₹10,000 – ₹12,000 प्रति जीप
गाइड शुल्क: ₹500 – ₹600
फीस अलग-अलग गेट पर थोड़ी अलग हो सकती है।
कान्हा नेशनल पार्क कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च: बेस्ट समय
- सर्दियों में मौसम सुहावना और टाइगर विज़िबिलिटी बेहतर
- गर्मियों (अप्रैल–जून) में जानवर पानी के स्रोतों के पास आसानी से दिखते हैं (पार्क “जुलाई से सितंबर (मानसून)” में बंद रहता है।)
2. रपटा घाट और मंडला में नर्मदा के अन्य घाट (Maa Narmada Ghat and Rapta Ghat)
मंडला की पहचान उसके खूबसूरत नर्मदा घाटों से है। मां नर्मदा जी मंडला शहर को घेर कर बहती है और माँ नर्मदा किनारे बहुत सारे खूबसूरत घाट है, जिनका अलग-अलग महत्व है। सबसे प्रसिद्ध घाट मंडला में रपटा घाट है।
रपटा घाट मुख्य शहर में बना हुआ है। रपटा घाट हाईवे सड़क के पास में बना हुआ है, जिससे यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह घाट पूरा पक्का बना हुआ है। घाट में आप स्नान कर सकते हैं। घाट के आसपास ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं, जहां पर जाकर आप दर्शन कर सकते हैं।
घाट में महिलाओं और पुरुषों के नहाने के लिए अच्छी व्यवस्थाएं हैं। यहां पर कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम बने हुए हैं। साथ ही साथ यहां पर नर्मदा नदी का बहुत ही आकर्षक दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर जाकर शांति से बैठकर नर्मदा दृश्य को आनंद ले सकते हैं। शाम के समय यहां पर नर्मदा आरती की जाती है।
इस आरती में आप शामिल हो सकते हैं। यहां पर ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं। यहां पर श्री राम मंदिर, साई बाबा मंदिर, गणेश जी का मंदिर, शंकर भगवान जी का मंदिर बना है। यहां पर शंकर भगवान जी का बहुत ही अट्रैक्टिव मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। मंडला में और भी कई प्रसिद्ध घाट बने हुए हैं, जैसे कलेक्ट घाट, नाना घाट, नाव घाट, किला घाट, संगम घाट।
खासियतें
- शांत और पवित्र वातावरण
- सुबह-शाम की नर्मदा आरती
- फोटोशूट और रील्स के लिए शानदार लोकेशन
- नौका विहार (Boat Ride) का अनुभव
3. सहस्त्रधारा मंडला (Sahastradhara Mandla)
सहस्त्रधारा मंडला शहर के पास घूमने के लिए एक प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर स्थान है। नर्मदा नदी असंख्य के धाराओं में विभाजित होकर बहती है और बहुत ही आकर्षक लगती है। नर्मदा नदी यहां पर छोटी-छोटी धाराओं में चट्टानों के ऊपर से होकर बहती है। यहां की चट्टानें भी कुछ अलग प्रकार की हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। जब नर्मदा नदी इनके ऊपर से बहती है।
सहस्त्रधारा मुख्य मंडला शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आसानी से आ सकते हैं। सहस्त्र धारा में देखने के लिए दो जगह प्रमुख है।
सहस्त्रबाहु मंदिर (Sahastrabahu Temple)
सहस्त्रबाहु मंदिर मां नर्मदा नदी के बीच में बना हुआ एक सुंदर मंदिर है। इस मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है। भारी बरसात के समय यह मंदिर पानी से डूब जाता है। यह मंदिर सहस्त्रबाहु भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर में सहस्त्रबाहु जी की प्राचीन प्रतिमाएं विराजमान है। उसके साथ ही यहां पर भगवान शिव जी का शिवलिंग विराजमान है।
सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall)
यह जलप्रपात सहस्त्रबाहु मंदिर से थोड़ी दूरी पर स्थित है। यहां पर आप पैदल जा सकते हैं। यहां पर जाने का मार्ग चट्टानों से भरा हुआ है। यहां पर नर्मदा नदी अनेक छोटी छोटी धाराओं में बहती है और बहुत ही सुंदर लगती है। आप यहां पर जाकर स्नान कर सकते हैं और यहां के वातावरण को एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर ज्यादा भीड़भांड नहीं रहती है, जिससे यह जगह बहुत ही आकर्षक लगती है।
4. नर्मदा संगम स्थल (Narmada Sangam Sthal Mandla)
नर्मदा संगम स्थल मंडला जिले की सबसे प्रसिद्ध स्थान में से एक है। यहां पर नर्मदा नदी और बंजर नदी का संगम है। यहां पर खूबसूरत घाट है, जहां पर ढेर सारी आध्यात्मिक गतिविधियों की जाती है। यहां पर पूजा पाठ, स्नान, योग, साधना किया जाता है। यहां पर नर्मदा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप आकर नौकायान का भी आनंद ले सकते हैं। यहां पर ढेर सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं।
संगम घाट के पास बने मंदिर
- बूढ़ी माई मंदिर – बूढ़ी माई मंदिर मंडला शहर के सबसे सुंदर और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर नर्मदा संगम के पास में बना हुआ है। बूढ़ी माई मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के गर्भगृह में बूढ़ी माँ की प्राचीन प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के सामने ही व्यूप्वाइंट बना हुआ है, जहां से नर्मदा नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर बैठने की व्यवस्था भी है।
- साई बाबा मंदिर – संगम स्थल के पास में ही साइन बाबा मंदिर बना हुआ है, जहां पर साई बाबा जी के दर्शन किया जा सकते हैं।
- मां नर्मदा मंदिर – यहां पर मां नर्मदा मंदिर भी बना हुआ है, जहां मां नर्मदा जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा है।
- शनि भगवान जी का मंदिर – यहां पर शनि देवता जी का मंदिर भी बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक है।
5. मंडला का किला (Mandla Fort)
मंडला का किला मंडला शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थान है। यह किला नर्मदा नदी के किनारे खंडहर अवस्था में स्थित है। इस किले से नर्मदा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। किले के आसपास ढेर सारे प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्मारक है, जो देखने लायक है। जिसे आप देख सकते हैं।
किले के अंदर एक महल बना हुआ है, जिसे नरेंद्र शाह बुर्ज के नाम से जाना जाता है। यह प्राचीन इमारत है। इस महल के ऊपर आप चढ़ सकते हैं और आसपास के व्यू देख सकते हैं। वैसे इस महल की सीढ़ियां बहुत ज्यादा जर्जर है, तो ऊपर ना जाए, तो ही बेहतर रहेगा। इस किले के आसपास मंदिर बने हैं, जिन्हें आप घूम सकते हैं।
राजराजेश्वरी मंदिर
नरेंद्र शाह बुर्ज के पास में राजराजेश्वरी प्राचीन मंदिर बना हुआ है। माना जाता है कि यह मंदिर गोंड राजा निजाम शाह के द्वारा बनवाया गया है और इस मंदिर में राजराजेश्वरी माता की प्राचीन प्रतिभा विराजमान है। माँ राजराजेश्वरी गोंड राजाओं की कुलदेवी थी। आप यहां पर आकर मंदिर के दर्शन कर सकते हैं और आशीर्वाद ले सकते हैं।
किला घाट
किले के पास नर्मदा नदी किनारे किला घाट बना हुआ है, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर स्नान के लिए सुंदर घाट बना हुआ है और घाट के किनारे प्राचीन मंदिर बना हुआ है, जहां पर शंकर भगवान जी विराजमान है। बाढ़ के समय यह मंदिर की पानी से भर जाता है, बाकी समय आप इस मंदिर में घूम सकते हैं।
सूरजकुंड (Surajkund Mandla)
सुराजकुंड मंदिर मंडला जिले के पास एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर अपनी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यह मंदिर नर्मदा किनारे बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से आसानी से जा सकते हैं। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि हनुमान जी की प्रतिमा, यहां पर अपना रूप बदलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यह आप आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
रामनगर (Ramnagar Mandla)
रामनगर मंडला एक सुंदर और ऐतिहासिक नगर है। यह मंडला शहर से 25 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से जा सकते हैं। यहां पर जाने का रास्ता भी बहुत खूबसूरत है। यहां पर ढेर प्राचीन महल, मंदिर और नर्मदा नदी का सुंदर किनारा देखने के लिए मिलता है।
मोती महल रामनगर (Moti Mahal Ramnagar Mandla)
मोती महल ना रामनगर में नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ एक सुंदर महल है। यह महल प्राचीन है। मोती महल दो मंजिला है। महल के अंदर बीच में एक कुंड बना हुआ है, जहां बरसात में पानी भर जाता है। यह महल अच्छी अवस्था में है।
इस महल में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर आपको नीचे तहखाना भी देखने के लिए मिलता है, जहां पर प्राचीन व्यवस्थाएं देखी जा सकती है, जहां से पानी निकलता था। महल के आसपास ढेर सारे बंदर और तोता देखने के लिए मिलते हैं। इस महल का निर्माण और राजा हृदय शाह के द्वारा 1500 ईस्वी में किया गया था।
भगवान शिव का मंदिर (Lord Shiva Temple)
मोती महल के पास भगवान शिव का मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आप आकर नर्मदा नदी के सुंदर दृश्य को देख सकते हैं। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। यहां पर गांव वाले भजन कीर्तन करते रहते हैं।
राय भगत की कोठी (Rai Bhagat’s Kothi Ramnagar)
राय भगत की कोठी रामनगर में स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक महल है। यह महल मोती महल से 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस महल में जाने के लिए सड़क मार्ग है। यह महल बहुत सुंदर है। यह महल हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास स्थल के रूप में बनाया गया था।
इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में किया गया है। यह महल दो मंजिला है। इस महल के बीच में एक कुंड बना हुआ है, जिसमें पानी भरा है और कमल के फूल लगे हुए हैं।
महल का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर है। प्रवेश द्वार में संगमरमर का काम देखा जा सकता है। यहां पर आदिवासियों के द्वारा बनाई गई पेंटिंग भी देखी जा सकती है। महल के ऊपर की तरफ जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। ऊपर से आस-पास का दृश्य बहुत ही शानदार दिखता है।
रानी का महल या बेगम पैलेस (Rani Mahal or Begum Palace Ramnagar )
रानी महल या बेगम पैलेस रामनगर मुख्य शहर से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक सुंदर महल है। इस महल तक जाने के लिए रास्ता बना हुआ है। बेगम पैलेस बहुत ही सुंदर है। यह महल चिमनी रानी के लिए बनाया गया था। यहां पर एक बबली भी बनी हुई है, जो बरसात में पानी से पूरी तरह भर जाती है। महल के आसपास का दृश्य बहुत सुंदर है।
काला पहाड़ (Kala Pahad Ramnagar)
काला पहाड़ रामनगर के पास स्थित एक प्राकृतिक स्थान है। यह स्थल मुख्य रूप से यहां पर स्थित प्राकृतिक चट्टानों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर दुर्लभ किस्म की चट्टानें देखने के लिए मिलती हैं, जिनकी आकृति अष्ट फलक है।
पूरा पहाड़ी इन चट्टानों से भरा है। इसलिए यह जगह काला पहाड़ के नाम से जनी जाती है। यह जगह रामनगर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। यहां पर मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर आप दर्शन कर सकते हैं।
गर्म पानी का कुंड मंडला (Garam pani ka kund mandla)
गर्म पानी का कुंड मंडला का एक चमत्कारिक स्थलों में से एक है। गर्म पानी कुंड बरगी बांध के भराव क्षेत्र के पास में स्थित एक जगह है। यहां पर गर्म पानी का कुंड है। यहां जमीन से गर्म पानी निकलता है। इस पानी में औषधीय गुण रहते हैं, जिससे बहुत सारी बीमारियां ठीक होती हैं।
इस पानी से त्वचा संबंधी रोग ठीक होते हैं। यह कुंड जबलपुर मंडला मार्ग पर मंडला से करीब 18 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर नहाने की व्यवस्था है और कपड़े बदलने की व्यवस्था है।
यहां पर मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर आप दर्शन कर सकते हैं। आस-पास नर्मदा नदी का दृश्य बहुत ही सुंदर लगता है। आप यहां पर आकर कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं और कुंड में स्नान कर सकते हैं।
अजगर दादर (Ajgar dadar Mandla)
अजगर दादर मंडला के पास घूमने के लिए सुंदर स्थान में से एक है। यहां पर आपको ढेर सारे अजगर सांप देखने के लिए मिलते हैं, जो आपके आसपास ही घूमते मिलेंगे। अजगर दादर पर हजारों की संख्या में अजगर देखने के लिए मिल जाते हैं। इसे अजगर की बस्ती कहां जाता है।
यहां पर अजगर चटटानों के निचे गुफा में रहते है। यहां पर अजगर ठंड के समय में धूप सेकने के लिए ऊपर आते हैं, तो आप ही उन्हें देख सकते हैं। अजगर दादर मंडला जिले के अंजनियां के अंतर्गत ककैया बीट गांव के वन परिक्षेत्र में स्थित है।
यहां करीब 2 एकड के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर बड़ी संख्या में अजगर रहते हैं, इसलिए इस जगह को अजगर दादर कहा जाता है। अजगर दादर मंडला से करीब 25 किलोमीटर दूर है।
मंडला कैसे पहुँचे? — How to Reach Mandla
रेलवे से : मंडला का निकटतम रेलवे स्टेशन जबलपुर में बना है। जबलपुर मंडला से 100 किलोमीटर दूर है। जबलपुर प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप जबलपुर आ सकते हैं, उसके बाद आप मंडला जा सकते हैं। मंडला में मंडला फोर्ट स्टेशन बना हुआ है।
सड़क मार्ग : सड़क मार्ग से मंडला प्रमुख शहरों से अच्छी तरह कनेक्ट है। मंडला, जबलपुर, बालाघाट, डिंडोरी, सिवनी से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां पर डायरेक्ट बस की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर आराम से बस के द्वारा आ सकते हैं। आप यहां पर अपने वाहन से भी आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : मंडला का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर में बना हुआ है। जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट बना है, जो मंडला से करीब 110 किलोमीटर दूर है। आप वायु मार्ग से जबलपुर आ सकते हैं, उसके बाद मंडला आ सकते हैं।
मंडला जिला का गूगल मैप लोकेशन
मंडला में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Mandla)
मंडला में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च महीने में आ सकते हैं। अक्टूबर से मार्च का महीना मंडला के पर्यटन स्थलों के सैर के लिए परफेक्ट है। बाकी आप अपनी इच्छा अनुसार यहां पर कभी भी आ सकते हैं। आप यहां बरसात में आ सकते हैं। बरसात में आप यहां पर झरनों की सैर कर सकते हैं।
मंडला का खान–पान (Famous Foods)
- गोंड जनजातीय भोजन
- मक्का रोटी
- चावल से बने स्थानीय व्यंजन
- फत्ता, मडुवा रोटी
- देसी जंगल मसाले
क्या खरीदें? – Shopping in Mandla
- गोंड पेंटिंग
- लकड़ी के हस्तशिल्प
- जनजातीय आभूषण
Conclusion – मंडला क्यों जाएँ?
मंडला एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहां प्रकृति, इतिहास, संस्कृति और आस्था—सभी का अनोखा संगम मिलता है। चाहे आप नर्मदा किनारे शांति चाहते हों, जंगल सफारी का रोमांच, या ऐतिहासिक किलों की खोज—मंडला हर यात्रा को यादगार बना देता है।
अगर आप मध्य प्रदेश में एक कम भीड़भाड़ वाला, शांत, प्राकृतिक और खूबसूरत स्थान ढूंढ रहे हैं, तो मंडला आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है।
