नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर – आस्था, इतिहास और धर्म का दिव्य संगम
नरसिंह मंदिर मध्य प्रदेश की नरसिंहपुर जिले का प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है। यह मंदिर भगवान नरसिंह को समर्पित है। भगवान नरसिंह भगवान विष्णु के चौथे अवतार हैं। माना जाता है कि इसी मंदिर और भगवान नरसिंह की उपासना के कारण इस क्षेत्र का नाम नरसिंहपुर पड़ा।
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) मुख्य शहर में बना हुआ है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते हैं। विशेष रूप से नरसिंह जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और नर्मदा जयंती के अवसर पर मंदिर परिसर भक्तों से भर जाता है। यहां पर घूमने के लिए आप आसानी से आ सकते हैं। इस लेख में हम नरसिंह मंदिर के बारे में जानेंगे
नरसिंहपुर नाम का संबंध नरसिंह मंदिर से
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) बहुत ही प्राचीन है और इस मंदिर का संबंध यहां के राजघराने से रहा है। ऐसा माना जाता है कि इस क्षेत्र का नाम पहले कुछ और था, लेकिन नरसिंह मंदिर की प्रसिद्धि के कारण बाद में इसका नाम नरसिंहपुर पड़ा। यह मंदिर यहाँ की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का आधार है।
स्थानीय जनमान्यता के अनुसार:
- मंदिर अत्यंत प्राचीन है
- नरसिंह भगवान की कृपा से यह क्षेत्र समृद्ध हुआ
- नगर का नाम भगवान के नाम पर रखा गया
नरसिंह मंदिर का इतिहास (History of Narsingh Temple)
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली माना जाता है। यद्यपि मंदिर के निर्माण की सटीक तिथि का उल्लेख स्पष्ट रूप से नहीं मिलता, लेकिन यह माना जाता है कि यह मंदिर कई शताब्दियों पुराना है। इस मंदिर का निर्माण, यहां पर इस क्षेत्र में शासन करने वाले शासको के द्वारा किया गया है। यह मंदिर प्राचीन है और बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है।
मंदिर के नीचे की तरफ एक टनल बनी है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन समय में इस टनल का प्रयोग, राजा महाराजाओं के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान में जाने के लिए किया जाता था। वर्तमान समय में इस टनल को बंद कर दिया गया है। मंदिर के पीछे एक विशाल झील भी बनी हुई है, जिसे नरसिंह तालाब के नाम से जाना जाता है।
नरसिंहपुर के नरसिंह मंदिर की यात्रा (Narsingh Mandir Narsinghpur Trip)
नरसिंहपुर के नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) की यात्रा करने के लिए सबसे पहले आपको नरसिंहपुर शहर में आना पड़ता है। नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) शहर को बीचो-बीच बना हुआ है। इस मंदिर में पहुंचने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। इस मंदिर में आप अपनी कार, बाइक और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से पहुंच सकते हैं।
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) प्राचीन है और बहुत सुंदर है। मंदिर में आकर आप मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। इस मंदिर में आने के लिए सड़क बना है। यहां पर घनी बस्ती है। बस्ती के बीच में सकरा रास्ते हैं, जिससे होते हुए आप मंदिर तक आ सकते हैं। यह मंदिर मुख्य हाईवे सड़क से करीब तीन किलोमीटर दूर बना हुआ है।
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) में पहुंचकर बाहर पार्किंग में आप अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। उसके बाद मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। मंदिर में शाम के समय आरती होती है। आप उस समय जाएंगे, तो आप आरती में शामिल हो सकते हैं। नरसिंह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह बना हुआ है। कुछ समय पहले मंदिर की हालत अच्छी नहीं थी, मगर अभी वर्तमान समय में मंदिर को बहुत ही अच्छी तरह बना दिया गया है और मंदिर के आस-पास भी घूमने के लिए स्थल बने हुए हैं।
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) में पहुंचकर आप मुख्य गर्भगृह में नरसिंह भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। भगवान नरसिंह की प्रतिमा बहुत ही अद्भुत है। भगवान नरसिंह की प्रतिमा के बारे में ढेर सारी मान्यता है। इस प्रतिमा के बारे में कहा जाता है, कि आप इस प्रतिमा को मंदिर के किसी भी हिस्से से देखेंगे, तो इस प्रतिमा का आपको फ्रंट भाग ही देखने के लिए मिलेगा। मंदिर इस प्रतिमा की स्थापना इस तरह से की गई है, कि आप मूर्ति का सामने का हिस्सा दिखेगा।
मंदिर में आप नरसिंह भगवान जी के दर्शन करने के बाद, गणपति जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर हनुमान जी की मूर्ति विराजमान है। उनकी भी आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के पास में गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर पेड़ पौधे लगे हुए हैं और यहां बच्चों के लिए झूले लगे हुए हैं। मंदिर के पीछे की तरफ एक बड़ा सा तालाब बना हुआ है, जिसे नरसिंह तालाब के नाम से जाना जाता है। यह तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है।

नरसिंह मंदिर की वास्तुकला
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) की वास्तुकला पारंपरिक हिंदू मंदिर शैली में निर्मित है। इसकी बनावट साधारण होने के बावजूद अत्यंत प्रभावशाली है।
वास्तुकला की विशेषताएँ:
- गर्भगृह में भगवान नरसिंह की भव्य प्रतिमा
- शिखर शैली का निर्माण
- मंदिर परिसर में खुला आंगन
- शांत और पवित्र वातावरण
मंदिर की संरचना भक्तों को ध्यान और साधना के लिए प्रेरित करती है।
नरसिंह जयंती का महत्व
नरसिंह जयंती मंदिर का सबसे बड़ा पर्व होता है। नरसिंह जयंती का त्योहार यहां पर बड़ी दूर धाम से बनाया जाता है। इस त्यौहार में यहां पर बहुत विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर-दूर से लोग भगवान नरसिंह के दर्शन करने के लिए आते हैं। नरसिंह जयंती पर मंदिर में विशेष सजावट की जाती है और वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
इस अवसर पर:
- विशेष पूजा-अर्चना
- हवन और यज्ञ
- भजन-कीर्तन
- विशाल भक्तों की भीड़
नरसिंह मंदिर कैसे पहुँचे (How to reach Narsingh Temple)
सड़क मार्ग : नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) नरसिंहपुर शहर के बीचो-बीच में बना हुआ है। यहां पर जिला मुख्यालय से मंदिर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां पर आप अपने खुद के वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यहां पर ऑटो आसानी से आ सकती है, क्योंकि यहां पर पहुंचने के लिए जो सड़क है, वह सकरी हैं।
रेलवे से : नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) का निकटतम रेलवे स्टेशन नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन है। आप रेल मार्ग से नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन आ सकते और उसके बाद सड़क मार्ग से यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं।
हवाई मार्ग : नरसिंहपुर का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर में है। वायु मार्ग से नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) आना चाहते हैं, तो आप जबलपुर में आ सकते हैं और उसके बाद सड़क के द्वारा या रेल मार्ग के द्वारा नरसिंहपुर पहुंच सकते हैं और इस मंदिर में जा सकते हैं।
नरसिंह मंदिर की गूगल मैप लोकेशन
नरसिंह मंदिर में घूमने को सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Narasimha Temple)
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च महीने के बीच में आ सकते हैं और इस मंदिर में घूम सकते हैं। इस समय काफी पर्यटक यहां पर घूमने के लिए आते हैं। आप यहां पर नरसिंह जयंती के समय भी आ सकते हैं। नरसिंह जयंती के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ लगती है और यहां पर मेले का आयोजन भी होता है।
नरसिंह मंदिर के पास घूमने की जगहें
- नर्मदा घाट
- कपिलधारा (नजदीकी क्षेत्र)
- नरसिंहपुर शहर के अन्य जगह
- भेड़ाघाट
- जबलपुर की प्रमुख जगह
श्रद्धालुओं के लिए सुझाव
- मंदिर की मर्यादा बनाए रखें
- भीड़ में सावधानी रखें
- कैमरा उपयोग की अनुमति पहले पूछें
- स्वच्छता का ध्यान रखें
FAQ – नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर
Q1. नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) कहाँ स्थित है?
यह मंदिर नरसिंहपुर जिले, मध्य प्रदेश में स्थित है।
Q2. नरसिंहपुर का नाम कैसे पड़ा?
भगवान नरसिंह और इस मंदिर की प्रसिद्धि के कारण।
Q3. नरसिंह जयंती कब मनाई जाती है?
वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को।
Q4. क्या मंदिर नर्मदा नदी के पास है?
हाँ, यह क्षेत्र नर्मदा नदी से धार्मिक रूप से जुड़ा है।
निष्कर्ष
नरसिंह मंदिर (Narsingh Mandir) नरसिंहपुर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। भगवान नरसिंह की कृपा और नर्मदा नदी की पवित्रता इस स्थान को आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। यदि आप मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की यात्रा कर रहे हैं, तो नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर के दर्शन अवश्य करें।
