नरसिंहपुर में घूमने की 10 बेहतरीन जगह : Beautiful Narsinghpur Tourist Places in Hindi

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नरसिंहपुर में घूमने की जगहें – इतिहास, प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक धरोहरों का संगम 

नरसिंहपुर मध्य प्रदेश के हृदय में बसा एक प्रमुख जिला है। नरसिंहपुर जिला उसकी ऐतिहासिक विरासत, घने जंगलों, जलप्रपातों और नर्मदा नदी के किनारे बने घाटों के लिए प्रसिद्ध है। यह जिला विंध्याचल और सतपुड़ा रेंज के बीच स्थित है, जो इसे प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनता है।

यहां का शांत वातावरण, हरियाली, प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक किले, गुफाएं और रोमांचक जगह नरसिंहपुर आने वाले हर यात्रियों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। इस लेख में नरसिंहपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों (Narsinghpur Tourist Places in Hindi) के बारे में जानेंगे, जहां पर जाकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है।

इस लेख में हम नरसिंहपुर जिले की बेहतरीन और प्रसिद्ध जगहों (Narsinghpur Tourist Places in Hindi)  का विस्तृत विवरण, उनका इतिहास, खासियत, पहुंच मार्ग, घूमने का सही समय और सभी आवश्यक जानकारी देगें।

नरसिंहपुर जिले का इतिहास (Narsinghpur District History)

नरसिंहपुर जिला मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है। इसका ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। यह जिला नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर बसा है और प्राचीन काल से ही सभ्यता, व्यापार, और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।

नरसिंहपुर क्षेत्र का इतिहास वैदिक काल का है। नर्मदा घाटी भारत की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यहां से प्राप्त पुरातात्विक अवशेष से यह प्रमाणित होता है, कि इस क्षेत्र में पाषाण युग में मानव रहते थे। पुराणों के अनुसार नर्मदा नदी के किनारे अनेक ऋषि मुनियों ने तपस्या की है और यह क्षेत्र तपोभूमि और यज्ञस्थल के रूप में प्रसिद्ध था।

नरसिंहपुर का नामकरण भगवान नरसिंह (विष्णु भगवान जी की अवतार) पर किया गया है। भगवान नरसिंह का प्राचीन मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है, जिसके कारण इस क्षेत्र को नरसिंहपुर कहा जाता है।

मध्यकाल में नरसिंहपुर में कई राजवंशों का शासन रहा। यहां पर गुप्त वंश, कलचुरी वंश और परमार वंश का शासन रहा। कल्चरी शासको ने अपने शासन के समय इस क्षेत्र में कई मंदिर, तालाब और धार्मिक स्थलों का विकास किया। उस समय यह क्षेत्र सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण था।

मुगल काल में नरसिंहपुर मालवा सुबे का हिस्सा था। उस समय यहां प्रशासनिक व्यवस्थाएं मजबूत हुई और कृषि का विस्तार हुआ। नर्मदा नदी की उपजाऊ भूमि के कारण, यहां पर कृषि का विस्तार हुआ, जिससे यह क्षेत्र आर्थिक रूप से मजबूत बन गया।

मराठा शासन के समय इस क्षेत्र में मराठाओ का प्रभाव बढ़ा। होल्कर और भोंसले शासको ने यहां शासन किया। ब्रिटिश शासन के दौरान नरसिंहपुर को प्रशासनिक जिला बनाया गया। 1857 की क्रांति में नरसिंहपुर के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।

ब्रिटिश काल में यहां रेलवे, सड़क और कृषि व्यवस्था का विकास हुआ। स्वतंत्रता के बाद नरसिंहपुर मध्य प्रदेश राज्य का एक महत्वपूर्ण जिला बना। आज नरसिंहपुर जिला अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यह एक कृषि प्रधान जिला है।

नरसिंहपुर के आसपास घूमने की प्रमुख जगह (Narsinghpur Tourist Places in Hindi)

1. झोतेश्वर मंदिर नरसिंहपुर (Jhoteswar Temple Narsinghpur)

झोतेश्वर मंदिर राजराजेश्वरी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर नरसिंहपुर के पास गोटेगांव से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। आप गोटेगांव तक रेल मार्ग और सड़क मार्ग से जा सकते हैं। उसके बाद, ज्योर्तेश्वर मंदिर जाने के लिए स्थानीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग कर सकते है।

ज्योर्तेश्वर मंदिर में ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए आधा मार्ग सीढ़ियों का है और आधा सड़क मार्ग है। आप मंदिर तक आराम से पहुंच सकते हैं। ज्योर्तेश्वर मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर मां राजराजेश्वरी को समर्पित है। यह मंदिर साउथ इंडियन वास्तुकला में बना हुआ है।

मंदिर की छत पर सुंदर काम किया गया है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में राज राजेश्वरी माता की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर के आस-पास का वातावरण बहुत अच्छा और शांत है। यहां पर जाकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय व्यतीत कर सकते हैं।

इस मंदिर में आप घूमने के लिए जाते हैं, तो आप समय का जरूर ख्याल रखें। क्योंकि यह मंदिर 11:00 के बाद बंद हो जाता है और शाम को 4 बजे के बाद खुलता है, इसलिए आप समय का विशेष ध्यान रखें। झोतेश्वर मुख्य मंदिर के आस-पास और भी मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं।

झोतेश्वर मंदिर के पास अन्य देवी देवताओं के मंदिर (There are other temples of various deities near the Jhoteshwar temple)

हनुमान टेकरी झोतेश्वर (Hanuman Tekri Jhoteshwar)

हनुमान टेकरी मंदिर झोतेश्वर मंदिर के पास में पहाड़ी के शीर्ष पर बना हुआ है। इस मंदिर तक आप आसानी से पहुंच सकते हैं। मंदिर में जाने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। मंदिर में हनुमान जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा विराजमान है। मंदिर के आसपास ढेर सारे बंदर है।

विचार शिला झोतेश्वर (Vichar Shila jyoteshwar)

विचार शिला ज्योतिश्वर के पास स्थित एक और पवित्र धाम है। यहां पर एक सुंदर गार्डन बना हुआ है और एक शिला रखी हुई है, जिसे विचार शिला के नाम से जाना जाता है। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी बना है। इस गार्डन में रंग बिरंगे फूल लगे हुए हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं।

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर (Radha Krishna Temple Jhoteshwar)

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर के एक प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर ज्योर्तेश्वर मंदिर के पास में बना हुआ है। यहां पर राधा कृष्ण जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा गर्भगृह में विराजमान है। आप इस मंदिर में जाकर दर्शन कर दे सकते हैं।

लक्ष्मीनारायण मंदिर झोतेश्वर (Laxminarayan Temple Jhoteshwar)

लक्ष्मी नारायण मंदिर झोतेश्वर मंदिर के पास में स्थित एक छोटा सा मंदिर है। यह मंदिर भगवान श्री विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी को समर्पित है। यहां पर आप श्री विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी के दर्शन कर सकते हैं।

शिव मंदिर ज्योतिश्वर (Jyotishwar Shiva Temple)

शिव मंदिर ज्योतिश्वर मंदिर के पास में ही शिव मंदिर बना है। यहां पर स्फटिक शिवलिंग विराजमान है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। इस मंदिर के पीछे एक छोटा सा कुंड बना हुआ है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि नर्मदा नदी यहां पर अवतरित हुई है।

गुरु गुफा (Guru Cave)

शिव मंदिर के पास गुरु गुफा बनी हुई है, जहां पर प्राकृतिक गुफा है। जिसके बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन समय मैं यहां पर साधु महात्मा तपस्या किया करते थे। यह गुफा ज्यादा बड़ी नहीं है, मगर खूबसूरत है। आप इसे देख सकते हैं।

2. नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर (Narsingh Temple Narsinghpur)

नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर का प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर मुख्य शहर में बना हुआ है। नरसिंहपुर शहर का नाम इस मंदिर में स्थापित देवता के नाम पर रखा गया है। यह मंदिर करीब 600 वर्ष पुराना है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं।

इस मंदिर के मुख्य गर्भगृह में नरसिंह भगवान जी की बहुत ही अनोखी और अद्भुत प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर की मूर्ति की स्थापना इस प्रकार से की गई है, कि मंदिर को अंदर से देखने में या मंदिर के किसी भी कोने से देखने में मूर्ति एक ही जैसी दिखाई देती है। नरसिंह जयंती के समय यहां पर बहुत सारे लोग भगवान नरसिंह के दर्शन करने के लिए आते हैं। मंदिर में आकर अच्छा लगता है।

नरसिंह मंदिर की खासियत

  • नरसिंह मंदिर के पीछे एक बहुत बड़ा तालाब है, जिसे नरसिंह तालाब के नाम से जाना जाता है।
  • नरसिंह मंदिर में एक गुप्त सुरंग है। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में राजा महाराजा इसका प्रयोग किया करते थे।
  • नरसिंह जयंती के समय यहां पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग आते हैं। इस मेले में तरह-तरह की दुकान लगती हैं।
  • मंदिर में सुबह एवं शाम की आरती में ढेर सारे लोग शामिल होते हैं। मंदिर का वातावरण अच्छा है।

3. डमरू घाटी नरसिंहपुर (Damru ghati Narsinghpur)

डमरू घाटी नरसिंहपुर में स्थित एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल है। यह एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर के गाडरवारा कस्बे में शक्कर नदी के पास बना है। यह मंदिर शिव भक्तों के लिए एक पवित्र स्थान है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में डमरू आकार की घाटी है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

डमरू घाटी भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर की वस्तुकला बहुत ही अद्भुत है। इस मंदिर में शिव भगवान जी के विशाल प्रतिमा है, जो साधना करती हुई मुद्रा में दिखाई गई है। यह शिव प्रतिमा 19 फीट की है। यह मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा में से एक है। यहां पर एक बड़ा डमरू और त्रिशूल भी है।

साथ साथ यहां पर शिव भगवान जी का एक अनोखा मंदिर बना हुआ है, जिसका आकार शिवलिंग के आकार का है। इस मंदिर के अंदर शिवलिंग स्थापित है। यहां से आप आस-पास की घाटी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं।

डमरू घाटी मंदिर की खासियत

  • डमरू घाटी मंदिर में एक छोटा सा तालाब बना हुआ है, जिसमें भगवान कृष्ण की मूर्ति विराजमान है।
  • यहां पर एक छोटा सा गार्डन बना हुआ है , जो बहुत सुंदर है। यहां पर आस-पास हरियाली है। यहां पर ढेर सारी बदक है।
  • यहां पर प्राचीन प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती हैं।
  • मंदिर में महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें आस-पास से लोग इस मंदिर में घूमने के लिए आते हैं।

4. बरमान घाट नरसिंहपुर (Barman ghat)

बरमान घाट नरसिंहपुर जिले के पास में नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ एक प्रसिद्ध और खूबसूरत घाट है। यह एक पवित्र स्थान है। यहां पर साल भर श्रद्धालु आते है और नर्मदा नदी में स्नान करते हैं। यहां पर ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं।

बरमान घाट के आसपास ढेर सारे ऐतिहासिक और प्राचीन स्थल मौजूद है। यहां पर ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली, रानी दुर्गावती का मंदिर, भगवान विष्णु का वराह मंदिर, मां नर्मदा मंदिर देखने के लिए मिलता है। बरमान घाट मुख्य रूप से मकर संक्रांति में लगने वाले मेले के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर हर साल मकर संक्रांति के समय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में लोग यहां पर भाग लेते हैं।

यहां पर करीब 15 दिनों तक मेला लगता है। यहां पर तरह-तरह की दुकान लगती है। बरमान घाट में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह घाट सागर नरसिंहपुर हाईवे मार्ग पर स्थित है। यहां पर हाईवे मार्ग से पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से आ सकते हैं। बरमान घाट का नजदीकी रेलवे स्टेशन करेली है।

5. रानीदहारा शिव पार्वती मंदिर नरसिंहपुर (Ranidahara Shiva Parvati Temple Narsinghpur)

रानीदहारा मंदिर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के पास स्थित एक शांत और आध्यात्मिक स्थल है। यहां पर आप आकर शांतिपूर्ण माहौल में ध्यान और चिंतन कर सकते हैं। यह मंदिर शहर से काफी दूर घने जंगल में सतपुड़ा की घाटियों के पास में स्थित है। यहां पर आप गाडरवारा से चिचली और गोटीटोरिया होते हुए आ सकते हैं।

यहां पर ऊंचे ऊंचे पहाड़, पहाड़ों के बीच से बहती नदी और भगवान शिव और पार्वती जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यहां पर आकर आप नदी में नहाने का आनंद उठा सकते हैं। यह बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया है। यहां पर नदी का पानी साफ और स्वच्छ है। यह गाडरवारा के पास फैमिली और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है।

6. चौरागढ़ का किला नरसिंहपुर (Chauragarh Fort Narsinghpur)

चौरागढ़ का किला नरसिंहपुर के पास घूमने के लिए ऐतिहासिक स्थान है। यह जगह प्राकृतिक परिवेश से घिरी है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। चौरागढ़ का किला नरसिंहपुर के पास गाडरवारा में सतपुड़ा की पहाड़ियों में बना हुआ है। यह किला बहुत सुंदर है।

चौरागढ़ किले में आप आसानी से सड़क के द्वारा आ सकते हैं। उसके बाद आपको कुछ दूरी तक ट्रैकिंग करनी पड़ेगी। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। इस किले को चैगान का किला भी कहा जाता है। यह किला पत्थर और चूने पत्थर से निर्मित है।

किले के पास में एक तालाब बना हुआ है, जिसे रेवा कुंड कहा जाता है। यह कुंड खूबसूरत है। किले के आसपास ढेर सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं। यहां पर नरसिंह मंदिर बना है, जो प्राचीन है। आप यहां पर आ कर प्राकृतिक दृश्य का मजा ले सकते हैं। चौरागढ़ किले का निर्माण गोंड शासक संग्राम शाह ने 15 वीं शताब्दी में कराया था। यह किला गाडरवारा रेलवे स्टेशन से लगभग 19 किलोमीटर दूर है।

7. हाथीनाला झरना नरसिंहपुर (Hathinala Waterfall Narsinghpur)

हाथीनाला जलप्रपात नरसिंहपुर के पास घूमने के लिए एक प्राकृतिक स्थान है। यह जलप्रपात नरसिंहपुर के पास जबलपुर भोपाल मार्ग में विक्रमपुर के पास में बना हुआ है। यह जलप्रपात घने जंगल के अंदर स्थित है। इस झरने तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। आप यहां पर मुख्य सड़क के पास में अपनी गाड़ी पर करके जंगल में ट्रैकिंग करके इस जलप्रपात तक जा सकते हैं।

हाथीनाला जलप्रपात बहुत ही खूबसूरत है। यहां पर जलप्रपात काफी ऊंचाई से गिरता है और बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आप बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय जलप्रपात में पानी की बहुत अधिक मात्रा रहती है। यहां पर ठंड के समय भी घूमने के लिए आया जा सकता है। यहां पर चारों तरफ हरियाली और पहाड़ी का सुंदर नजारा देखा जा सकता है।

8. बिल्धा पांच स्तरीय झरना नरसिंहपुर (Bildha Five-Tiered Waterfall, Narsinghpur)

बिल्धा झरना नरसिंहपुर के पास सबसे खूबसूरत और आकर्षक स्थान में से एक है। यह झरना जबलपुर भोपाल मार्ग में बिल्था गांव के पास में बना हुआ है। यह झरना घने जंगल के अंदर स्थित है। इस झरने तक पहुंचाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है।

इस झरने की सबसे खास बात यह है, कि इस झरना का पानी स्तरों में, चट्टानों से नीचे गिरता है और पानी बहता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। झरने का दृश्य और आसपास के दृश्य बहुत ही मनमोहक रहते हैं। आप यहां पर आकर इस जगह की खूबसूरती का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर आप बरसात को और ठंड में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है।

9. टोनघाट नरसिंहपुर (Ton ghat Narsinghpur)

टोन घाट नरसिंहपुर के पास स्थित प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर एक स्थान है। टोन घाट नरसिंहपुर के पास बेलखेड़ी में नरसिंहपुर लखनादौन हाईवे सड़क के पास स्थित है। आप यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से जा सकते हैं। यह हाईवे सड़क से करीब 5 किलोमीटर अंदर बना हुआ है।

यहां पर एक सुंदर सी घाटी देखने के लिए मिलती है, जहां पर शेर नदी बहती है और शेर नदी यहां पर चट्टानों के ऊपर से बहती है और बहुत ही अद्भुत दृश्य बनाते हुए बहती है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। टोन घाटी को छोटा धुआंधार भी कहा जाता है। यहां पर झरना देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। आप यहां पर पिकनिक मना सकते हैं। यह परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए एक बढ़िया जगह है।

10. श्री दादा दरबार नरसिंहपुर (Shri Dada Darbar Narsinghpur)

श्री दादा दरबार मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्र में प्रसिद्ध है और दूर-दूर से लोग इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर नरसिंहपुर में हाईवे मार्ग पर बना हुआ है। यह मंदिर दादा महाराज या दूल्हे देव के नाम से जाना जाता है। मंदिर परिसर बहुत अच्छा और साफ सुथरा है। मंदिर में आकर लोग आते हैं और प्रार्थना करते हैं।

नरसिंहपुर कैसे पहुंचे (How to Reach Narsinghpur)

सड़क मार्ग से : नरसिंहपुर NH-44 पर स्थित होने के कारण सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। नरसिंहपुर में आप बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से आ सकते हैं।

रेल मार्ग से : नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन जबलपुर–इटारसी रूट का प्रमुख स्टेशन है। यहां पर सभी प्रमुख शहरों से डायरेक्ट ट्रेन आती है। यहां पर जबलपुर, भोपाल, उज्जैन से डायरेक्ट ट्रेन आती है। आप यहां पर रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं।

हवाई मार्ग से : नरसिंहपुर का नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर में बना हुआ है। जबलपुर नरसिंहपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर है। आप अपनी सुविधा अनुसार वायु मार्ग से अन्य शहरों से जबलपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा नरसिंहपुर पहुंच सकते हैं।

नरसिंहपुर जिला का गूगल मैप लोकेशन

नरसिंहपुर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Narsinghpur)

नरसिंहपुर में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च महीने के बीच में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस समय मौसम बहुत ही अच्छा और सुहावना रहता है, जिससे आप आराम से यहां पर घूम सकते हैं।

आप यहां पर बरसात के समय भी घूमने के लिए आ सकते हैं। नरसिंहपुर के आसपास ढेर सारी झरने हैं, जहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। गर्मी के समय यहां पर घूमने में कठिनाई होती है।

नरसिंहपुर के आसपास घूमने की जगह

जबलपुर के पर्यटन स्थल
भोपाल के पर्यटन स्थल
पचमढ़ी

नरसिंहपुर यात्रा टिप्स (Travel Tips)

  • मानसून में झरनों पर सावधानी रखें
  • धार्मिक स्थलों पर अनुशासन बनाए रखें
  • पहाड़ी क्षेत्रों में स्पोर्ट्स शू पहनें
  • स्थानीय भोजन का आनंद जरूर लें

नरसिंहपुर में घूमने की जगहें – निष्कर्ष

नरसिंहपुर जिला संस्कृति, प्रकृति, रोमांच और धार्मिक आस्था—चारों का संतुलित मेल है। यहां के मंदिर, पहाड़, झरने, किले और नर्मदा तट इसे मध्य प्रदेश के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। चाहे आप परिवार के साथ घूमने जाएं, दोस्तों के साथ एडवेंचर प्लान करें या अकेले प्रकृति का आनंद लेने निकलें—नरसिंहपुर आपको निराश नहीं करेगा।

इस लेख में हमने आपको नरसिंहपुर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Narsinghpur Tourist Places in Hindi) के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। यदि आपको इस लेख में किसी प्रकार का बदलाव करना हो या कोई अतिरिक्त जानकारी जोड़नी हो, तो आप हमें अवश्य बताएं। हम आपके सुझावों के अनुसार लेख में आवश्यक संशोधन कर देंगे।

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