पांडव फॉल और गुफा पन्ना: Pandav Fall and Caves Panna
पांडव जलप्रपात और गुफा मध्य प्रदेश के सबसे सुंदर और खूबसूरत स्थल में से एक है। पांडव जलप्रपात और गुफा अपने प्राचीन इतिहास, ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। यह जलप्रपात मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के अंदर बना हुआ है।
पांडव जलप्रपात और गुफा (Pandav Fall and cave) प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां पर चारों तरफ घना जंगल देखने के लिए मिलता है। इस लेख में हम पन्ना जिले के पास स्थित पांडव जलप्रपात और गुफा के बारे में जानकारी देंगे
पांडव जलप्रपात और गुफा का प्राकृतिक सौंदर्य (Natural Beauty of Pandav Waterfall and Cave)
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित पांडव फॉल (Pandav Fall) एक खूबसूरत और प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक भव्यता, साफ पानी और हरे-भरे जंगलों के बीच स्थित होने के कारण पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
यह स्थल प्राकृतिक पर्यटन स्थल ही नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी रखता है, क्योंकि इस जगह के बारे में ढेर सारी मान्यताएं हैं। इस जगह को ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए भी जान सकते हैं। यह जगह बहुत सुंदर है। यहां पर आकर अलग एहसास होता है।
पांडव जलप्रपात में ढेर सारी स्थल देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) देखने के लिए मिलता है, जो चट्टानों के ऊपर से बहता हुआ बहुत ही सुंदर लगता है। जलप्रपात का पानी एक बड़े कुंड में गिरता है। यह कुंड बहुत ही सुंदर लगता है और इस कुंड में ढेर सारी मछलियां देखने के लिए मिलती है।
बरसात के समय जब जलप्रपात अपने पूरे प्रवाह में रहता है। तब इस कुंड का पानी बहता हुआ देखने के लिए मिलता है, जो आगे जाकर केन नदी से मिलता है। यह झरना बरसात के समय और ठंड के समय बहता हुआ देखने के लिए मिल जाता है। गर्मी के समय झरने में पानी की मात्रा बहुत कम रहती है, मगर थोड़ा बहुत पानी बहता रहता है।
पांडव झरने के पास ही में प्राचीन गुफाएं बनी हुई है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि इन गुफाओं को पांडवों के द्वारा बनाया गया था। इसलिए इस स्थल को पांडव जलप्रपात और गुफा के नाम से जाना जाता है। यहां पर आप इन गुफाओं के अंदर जाकर घूम सकते हैं। यहां पर पहाड़ियों को काटकर गुफाएं बनाई गई है।
यहां पर प्राचीन मूर्तियों के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो गुफा के अंदर संरक्षित करके रखी गई है। आप इन मूर्तियों को देख सकते हैं। यहां पर शिवलिंग विराजमान है, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर गुफाओं के ऊपर पहाड़ियों से पानी गिरता है, जो बहुत ही अच्छा लगता है। जलप्रपात और गुफाओं के आसपास चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं और हरियाली देखी जा सकती है।
इस जगह का ऐतिहासिक महत्व भी है। भारत की स्वतंत्रता संग्राम के समय यहां पर श्री चंद्रशेखर आजाद जी ने अपनी मीटिंग बुलाई थी, जिसमें उन्होंने कुछ लोगों को शामिल किया था और भारत की स्वतंत्रता के लिए चर्चाएं करी थी और नीतियां बनाई थी। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। अगर आप प्रकृति प्रेमी है, तो आपको इस जगह पर जरूर आकर घूमना चाहिए।
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पांडव फाल्स में प्रवेश करने का प्रवेश शुल्क (Entry Fee at Pandav Falls Panna)
पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) में प्रवेश करने के लिए प्रवेश शुल्क लगता है। यहां पर अलग-अलग लोगों का अलग-अलग शुल्क लिया जाता है।
- पैदल (एक व्यक्ति) – ₹30
- मोटरसाइकिल (अधिकतम दो व्यक्ति) – ₹55
- ऑटो रिक्शा (अधिकतम तीन व्यक्ति) – ₹210
- हल्के वाहन का जिप्सी (अधिकतम 6 व्यक्ति) – 265 रुपए
- मिनी बस (अधिकतम 20 व्यक्ति) – ₹430
- गाइड का अलग शुल्क लगता है।
पांडव फॉल और गुफा की यात्रा (Trip to Pandav Fall Nahri Madhya Pradesh)
पांडव फॉल और गुफा मध्य प्रदेश (Pandav Falls and Cave Madhya Pradesh) के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक है और मध्य प्रदेश की यात्रा करने वाले पर्यटकों को यहां पर जरूर घूमने आना चाहिए और इस जगह की सुंदरता को देखना चाहिए। यह जगह प्राकृतिक रूप से ही सुंदर नहीं है, बल्कि यह जगह ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व ही रखती है।
पांडव जलप्रपात और गुफा (Pandav Falls and Cave) की यात्रा करने के लिए आप खजुराहो आ सकते हैं। खजुराहो पांडव फॉल के नजदीक है और आप यहां पर आराम से आकर खजुराहो की यात्रा कर सकते हैं। आप चाहे, तो पन्ना भी आ सकते हैं, मगर पन्ना मेंरेल मार्ग और हवाई मार्ग की सुविधा नहीं है, इसलिए खजुराहो आना बेस्ट है, क्योंकि खजुराहो में हवाई मार्ग और रेल मार्ग की सुविधा उपलब्ध है।
खजुराहो पहुंचने के बाद, आप पन्ना की तरफ ट्रेवल कर सकते हैं। यह जलप्रपात नेशनल हाईवे 39 में स्थित है। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़क मार्ग बना हुआ है। आप यहां पर आराम से आ सकते हैं। रास्ते में केन नदी देखने के लिए मिलती है, जो मध्य प्रदेश की प्रमुख नदी है। केन नदी को देखते हुए आप आगे बढ़ सकते हैं।
यहां पर जंगल का खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। यहां पर जगह जगह पर इंस्ट्रक्शन भी लगे हुए हैं, की गाड़ी को धीमा चलाएं, क्योंकि जानवर निकालते रहते हैं। जंगल के सुंदर नज़ारे का आनंद लेते हुए आप पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) के एंट्री गेट के पास पहुंच जाते हैं।
यहां पर अगर आप पैदल यात्रा करते हैं, तो आपकेअलग चार्ज लिया लगता है। अगर आप मोटर, बाइक, रिक्शा, कार से ट्रैवल करते हैं, तो आपका अलग चार्ज लगता है। यहां पर मैंने हाईवे रोड पर एंट्री गेट बना हुआ है। एंट्री गेट के पास में ही टिकट काउंटर बना हुआ है, जहां से आप पांडव जलप्रपात में प्रवेश करने के लिए टिकट ले सकते हैं।
यहां पर एंट्री गेट के पास वेटिंग हॉल भी बना है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और आपको अगर किसी का वेट करना है, तो वेट कर सकते हैं। आप एंट्री गेट से करीब 600 मीटर अंदर जाएंगे, तो आपके यहां पर पार्किंग एरिया देखने के लिए मिलेगा, जहां पर आप अपनी गाड़ी कर सकते हैं।
यहां पर व्यू पॉइंट बना हुआ है, जहां से आप आस-पास के दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहां पर बैठने की व्यवस्था भी है। आप यहां पर बैठकर आराम कर सकते हैं, कुछ खा भी सकते हैं। यहां पर बाथरूम की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां पर जलप्रपात की तरफ जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। सीढ़ियां से चलकर आप जलप्रपात की ओर जा सकते हैं।
सीढ़ियों के दोनों ओर पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे लगे हुए हैं। साथ ही साथ यहां प्राकृतिक जल कुंड देखने के लिए मिलता है, जिसमें जलप्रपात का पानी गिरता है। यह कुंड बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत सुंदर है।
आप सीढ़ियों से उतरते हुए प्राकृतिक रास्ते से चलते हुए, आगे बढ़ते हुए पांडव गुफा (Pandav Fall) की ओर जाते है। यहां पर ओवर ब्रिज बना हुआ है। बरसात के समय जब कुंड में पानी बहुत अधिक हो जाता है और झरना बहुत ही तेज गति से बहता है। तब यहां से पानी बहता है। यहां पर नदी बहती है और यहां पर बरसात के समय आप नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यह नदी आगे जाकर केन नदी से मिल जाती है।
इस ओवर ब्रिज को पार करके आप पांडव गुफा (Pandav Fall) के तक पहुंच जाते हैं। यहां पर आपको झरने का भी सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। झरना ऊंची चट्टानों से गिरता हुआ बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर बरसात और ठंड के समय झरने में पर्याप्त पानी रहता है और झरने का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। गर्मी के समय झरने में पानी नहीं रहता है। बहुत कम मात्रा में पानी झरने में गिरता है। कुंड का बहुत सुंदर दृश्य देखा जा सकता है, जो बहुत ही सुंदर लगती है।
यहां पर प्राचीन गुफाएं बनी हुई है, जिनमें आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर बरसात और ठंड के समय पहाड़ों के ऊपर से पानी गिरता है, जो बहुत ही अच्छा लगता है। यहां पर प्राकृतिक गुफाओं के ऊपर गुफाएं बनी हुई है। यह गुफा चट्टानों को खोदकर बनाई हुई है। इन गुफाओं में जाने के लिए सीढ़ियों का मार्ग है। यहां पर आप गुफा में जाकर प्राचीन मूर्तियां देख सकते हैं, जो यहां पर संभाल कर रखी गई है। यहां पर शिवलिंग के दर्शन किया जा सकते हैं, जो यहां पर रखा हुआ है।
पांडव जलप्रपात और गुफा के आसपास का नजारा यहां पर बहुत सुंदर है। यहां पर अच्छा लगता है। यहां पर आपको चट्टानों का, जलप्रपात का और पेड़ पौधों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है ,यहां पर गाइड आपके साथ रहता है, जो आपको इस जगह की जानकारी देता है।
आप यहां पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। ये जगह बहुत ही बढ़िया है। यह पन्ना जिले के पास एक प्रसिद्ध और सुन्दर जलप्रपात है। आप इसके बाद पन्ना जिले की भी यात्रा कर सकते हैं।
पांडव जलप्रपात का ऐतिहासिक महत्व (Historical Significance of Pandav Waterfall)
पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां परचंद्रशेखर आजाद जी के द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के समय मीटिंग किया गया था। यहां पर दिनांक 4 सितंबर 1929 को पांडव जलप्रपात पर स्वतंत्रता सेनानी श्री चंद्रशेखर आजाद की अध्यक्षता में क्रांतिकारियों की बैठक संपन्न हुई थी।
इस बैठक का आयोजन पंडित राम सहाय तिवारी ने किया था। टीकमगढ़ के निवासी श्री नारायण दास खरे व प्रेम नारायण, सलीला के निवासी बिहारी लाल, महोबा के निवासी जय नारायण व झांसी के अन्य चार लोग इस बैठक में शामिल हुए थे। यहां पर आपको चंद्रशेखर आजाद जी का स्टेचू देखने के लिए मिलता है और यह इनफॉरमेशन मिलती है।
पांडव फॉल का इतिहास और पौराणिक महत्व
पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) का धार्मिक महत्व भी है। पांडव जलप्रपात का नाम महाभारत के पांच पांडवों से जोड़ा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है, कि पांडवों ने अपने वनवास काल के दौरान इसी क्षेत्र में विश्राम किया था। जलप्रपात और जलप्रपात के आसपास के जंगलों में पांडवों की कथाओं से जुड़े स्थान देखने के लिए मिलते हैं। इस पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण पांडव फॉल न केवल प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
भौगोलिक विशेषताएं
- जलप्रपात की ऊँचाई लगभग 20-30 मीटर
- आसपास का जंगल और हरियाली
- प्राकृतिक घाटियां और चट्टानी मार्ग
यह भौगोलिक परिदृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षक और रोमांचक अनुभव प्रदान करता है।
पांडव फॉल का प्राकृतिक सौंदर्य
पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्वाभाविक और अछूता सौंदर्य है।
प्राकृतिक आकर्षण
- झरने का तेज और निर्मल बहाव
- चारों ओर हरे-भरे पेड़ और वनस्पति
- छोटे-छोटे जलाशय और प्राकृतिक कुंड
- पक्षियों और तितलियों की भरपूर उपस्थिति
पांडव फॉल घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Pandav Falls)
पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) में घूमने का सबसे अच्छा समय मानसून का रहता है। आप यहां पर मानसून के समय आ सकते हैं। इस समय झरना बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है और झरना बहुत ही तेज गति से बहता है, जिसका दृश्य बहुत ही शानदार रहता है।
आप यहां पर सर्दी के मौसम में भी आ सकते हैं। सर्दी का मौसम सुहावना रहता है और झरने में पानी रहता है। गर्मी में पानी का प्रवाह कम हो जाता है, लेकिन यह स्थल फिर भी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए उपयुक्त रहता है।
पांडव फॉल और गुफा में कैसे पहुंचें (How to Reach Pandav Falls and Caves)
सड़क मार्ग : पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) अन्य शहरों से सड़क मार्ग के द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यह नेशनल हाईवे 39 में स्थित है। यहां पर आप बाइक और कार से आराम से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी आ सकते हैं।
रेल मार्ग : पांडव झरना का निकटतम रेलवे स्टेशन खजुराहो है। आप खजुराहो में अन्य शहरों के द्वारा पहुंच सकते हैं और उसके बाद पांडव झरने में सड़क मार्ग से आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : पांडव झरने का निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो में बना हुआ है। आप खजुराहो आ सकते हैं और उसके बाद पांडव झरना सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं।
पांडव झरना और गुफा का गूगल मैप लोकेशन
पांडव फॉल के आसपास के दर्शनीय स्थल
पांडव जलप्रपात (Pandav Fall) के पास कई अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं:
- श्री जुगल किशोर जी मंदिर, पन्ना
- पन्ना किला
- केन नदी और वन्यजीव अभयारण्य
- मधुबन झील
इन स्थलों के साथ पांडव फॉल की यात्रा एक संपूर्ण प्राकृतिक और धार्मिक अनुभव प्रदान करती है।
पर्यटकों के लिए सुझाव
- ट्रेकिंग और चढ़ाई में सुरक्षा का ध्यान रखें।
- फिसलन भरी जगहों पर सावधानी बरतें।
- पानी और आवश्यक वस्तुएं साथ रखें।
- प्राकृतिक सुंदरता और जलधारा का सम्मान करें।
- कूड़ा-कचरा न फैलाएं।
निष्कर्ष
पांडव फॉल, पन्ना प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का अद्भुत स्थल है। यह झरना केवल पर्यटकों के लिए ही नहीं बल्कि प्राकृतिक प्रेमियों, शोधकर्ताओं और आध्यात्मिक अनुभव चाहने वालों के लिए भी आदर्श स्थल है।
यदि आप मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की यात्रा कर रहे हैं, तो पांडव फॉल को अपनी यात्रा सूची में अवश्य शामिल करें। यहाँ की हरियाली, झरने की आवाज और शांत वातावरण आपका अनुभव अविस्मरणीय बना देंगे।
