मंडला का प्राचीन महल – राय भगत की कोठी : – Beautiful Rai Bhagat ki Kothi Ramnagar Mandla

राय भगत की कोठी मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित एक प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से प्रसिद्ध स्थल है। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) मंडला जिले के रामनगर में बनी हुई है। यह मंडला में स्थित गोंडवाना क्षेत्र की एक ऐतिहासिक धरोहर है। यह कोठी न केवल स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह गोंड शासको और क्षेत्र के इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई है।

आज के लेख में हम रामनगर में बनी हुई राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) के बारे में जानेंगे

Rai Bhagat ki Kothi Ramnagar Mandla
Front side of Rai Bhagat ki Kothi Ramnagar Mandla

रामनगर की राय भगत कोठी की यात्रा (Rai Bhagat ki Kothi Ramnagar Trip)

राय भगत की कोठी मध्य प्रदेश (Rai Bhagat Ki Kothi Madhya Pradesh) के मंडला जिले में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह कोठी मंडला जिले के विरासत में शामिल है, जो आज भी अपने गौरवशाली इतिहास की कहानी को सुनाती है। यह जगह इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटन में रुचि रखने के लिए रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर आप इस कोठी को देख सकते हैं और इस कोटी की संरचना को देख सकते हैं, जो बहुत ही सुंदर है।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) चारों तरफ से प्राकृतिक सुंदरता से घिरी हुई है। यहां पर आपके गांव का परिदृश्य और दूर-दूर तक खेतों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां बहने वाली नर्मदा नदी इस जगह को और भी सुंदर बनती है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) में घूमने की यात्रा के लिए आपको सबसे पहले मंडला आना पड़ता है और मंडला से करीब 25 किलोमीटर दूर आपको रामनगर आना पड़ेगा। रामनगर मंडला जिले के पास एक प्रसिद्ध कस्बा है। यह एक ऐतिहासिक जगह है। यहां पर ढेर सारे स्थल है, जहां पर आप घूमने से के लिए जा सकते हैं, उनमें से राय भगत की कोठी भी प्रमुख स्थल है।

रामनगर कस्बा नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां पर रामनगर का किला बना हुआ है। रामनगर के किले से 1 किलोमीटर की दूरी पर न्यू रामनगर बस स्टैंड के पास में ही राय भगत की कोठी बनी हुई है। आप यहां पर सड़क मार्ग से आराम से आ सकते हैं। अगर आप यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आना चाहते हैं, तो आ सकते हैं। यहां पर बस से आने की सुविधा उपलब्ध है और पास में बस स्टैंड है। इससे आप यहां पर आना-जाना आराम से कर सकते हैं।

अगर आप अपनी गाड़ी से आते हैं, तो राय भगत की कोठी के सामने पार्किंग की जगह उपलब्ध है, जहां पर आप अपनी गाड़ी कर सकते हैं। उसके बाद इस महल में घूमने के लिए जा सकते हैं। यह महल अच्छी अवस्था में है और महल के सभी हिस्से घूमने लायक है। महल के सामने एक बड़ा सा गार्डन बना हुआ है और महल थोड़ी ऊंचाई पर बना हुआ है।

इस कोठी के सामने एक छोटा सा बगीचा बनाया गया है जिसे बहुत अच्छी तरह से मेंटेन किया है। राय भगत की कोठी तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। सीढ़ियां के दोनों तरफ ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं। सीढ़ियां से ऊपर पहुंचकर आप इस महल के प्रवेश द्वार में पहुंचते हैं।

महल का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर है और इसमें सफेद मार्बल का प्रयोग करके सुंदर नक्काशी की गई है। अंदर जाने पर आपको महल की छत देखने के लिए मिलती है, जिसमें गोंड पेंटिंग बनाई गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

महल के अंदर जाने पर एक आंगन देखने के लिए मिलता है। आंगन के चारों तरफ कमरे बने हुए हैं यह आंगन चकोर आकार में बना हुआ है। आंगन के बीच में एक कुंड बना हुआ है, जिसमें पानी भरा रहता है और कमल के फूल लग ही रहते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं।

यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है। वैसे इस कोठी की देखभाल पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही है। इस कोठी के कई रूम में साफ सफाई नहीं होती है और यहां पर चमगादड़ों ने अपना घर बना लिया है, इसलिए यहां पर बहुत ज्यादा बदबू आती है।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) के ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप महल के ऊपर जा सकते हैं। यह महल दो मंजिला है। महल के ऊपर भी कमरे बने हो गए हैं। आप देख सकते हैं। महल की छत में जाने के लिए भी सीढ़ियां बनी हुई है। महल की छत में जाकर घूम सकते हैं।

महल के चारों कोने पर छोटे-छोटे कमरे बने हुए हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। महल के ऊपर से दूर-दूर तक का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां पर अपना कुछ समय बिताने के बाद नीचे आ सकते हैं।

महल के बाहर जो बस स्टैंड बना हुआ है। उसके पास ढेर सारे पीने की दुकानें हैं, जहां पर अगर आपको भूख लगी हो, तो आप वहां से खाने का सामान ले सकते हैं और अगर यहां पर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा कर रहे हैं, तो यहां पर बस का इंतजार कर सकते हैं। उसके बाद आप अपनी आगे की यात्रा कर सकते हैं।

जानें : मंडला में घूमने की प्रमुख जगह

राय भगत कोठी का इतिहास एवं निर्माण का समय (History and time of construction of Rai Bhagat Kothi)

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) ऊंचे टीले पर बनी हुई है। लोग इसे राय भगत की कोठी के नाम से जाए जानते हैं। यह कोठी उनका निवास स्थान थी। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat’s Kothi) का निर्माण 17 वीं शताब्दी ईस्वी में गौड शासक हृदय शाह के द्वारा किया गया था।

इस महल का प्रवेश द्वार पूर्व की ओर है। महल के प्रवेश द्वार की चौखट संगमरमर पत्थर द्वारा निर्मित की गई है। प्रवेश द्वार के ऊपर नौबत खाना है। महल के बीच में आंगन है, जिसके चारों और मोती महल जैसे लंबे-लंबे किंतु सकरे कमरे हैं।

भवन के चारों ओर फलकदार गुंबद निर्मित है। इसकी भव्यता और विशालता को संजोए हुए यह महल मोती महल का संक्षिप्त संस्करण है, जो इस तथ्य का प्रतीक है, कि केवल शासन के लिए नहीं, अपितु राजाओं के सहकर्मियों के लिए भी भवनों का निर्माण किया जाता था।

Rai Bhagat ki Kothi Ramnagar Mandla
Rai Bhagat ki Kothi Ramnagar Mandla

कोठी की वास्तुकला (Architecture)

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) की वास्तुकला उस समय की निर्माण शैली और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को दर्शाती है। यह कोठी आवास और सुरक्षा दोनों उद्देश्यों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।

वास्तुशिल्प की विशेषताएं

  • मजबूत पत्थर और चूने से निर्मित संरचना
  • मोटी दीवारें और ऊँचे द्वार
  • हवादार कमरे और खुले आंगन
  • सुरक्षा की दृष्टि से सीमित प्रवेश द्वार

पर्यटन की दृष्टि से राय भगत की कोठी

पर्यटन की दृष्टि से राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) एक महत्वपूर्ण आकर्षक स्थल है। यह कोठी मुख्य शहर में स्थित है। आप यहां पर आसानी से घूम जा सकता है और यहां पर हर साल ढेर सारे पर्यटक आकर इस कोठी को देखते हैं। आप अगर मंडला जिले के रामनगर में आते हैं, तो आपको इस जगह घूमना चाहिए और इस जगह की सुंदरता को देखना चाहिए।

पर्यटकों के लिए आकर्षण

  • गोंडवाना इतिहास को समझने का अवसर
  • शांत वातावरण
  • फोटोग्राफी और अध्ययन के लिए उपयुक्त

राय भगत की कोठी के पास घूमने की जगहें

राय भगत की कोठी कैसे पहुँचें (How to reach Rai Bhagat Ki Kothi)

सड़क मार्ग : राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) मंडला में रामनगर में स्थित है। मंडला शहर से स्थानीय साधनों द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। रामनगर में आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। आप यहां पर अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग : मंडला का निकटतम रेलवे स्टेशन जबलपुर जंक्शन है। अगर आप इस जगह घूमने के लिए आना चाहते हैं रेल मार्ग से, तो आप जबलपुर हो सकते हैं और उसके बाद सड़क के द्वारा रामनगर पहुंच सकते हैं और इस जगह घूम सकते हैं।

हवाई मार्ग : मंडला का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर एयरपोर्ट है। आप जबलपुर में हवाई मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद मंडला सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

राय भगत की कोठी की गूगल मैप लोकेशन

राय भगत की कोठी में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Rai Bhagat Ki Kothi)

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। अक्टूबर से मार्च के मौसम में आप यहां पर जाकर आराम से घूम सकते हैं। उस समय मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है। उस समय आप यहां पर आकर महल के सभी हिस्सों में घूम सकते हैं। आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय भी यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। बरसात के समय नर्मदा नदी अपने पूरे प्रवाह में रहती है और रामनगर के आस-पास जंगल और पहाड़ों का दृश्य बहुत ही खूबसूरत लगता है।

राय भगत की कोठी क्यों देखें?

  • गोंडवाना इतिहास को जानने के लिए
  • मंडला की विरासत को समझने के लिए
  • शांत और ऐतिहासिक वातावरण के लिए
  • शोध और अध्ययन के उद्देश्य से

निष्कर्ष

राय भगत की कोठी, मंडला गोंडवाना काल की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, जो हमें उस दौर की प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक संरचना और स्थापत्य कला से परिचित कराती है। यह कोठी मंडला के गौरवशाली अतीत की मूक साक्षी है।

यदि आप मध्य प्रदेश के इतिहास, आदिवासी संस्कृति और विरासत में रुचि रखते हैं, तो राय भगत की कोठी आपके लिए अवश्य देखने योग्य स्थल है।

 

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