रामनगर की राय भगत कोठी की यात्रा (Rai Bhagat ki Kothi Ramnagar Trip)
राय भगत की कोठी मध्य प्रदेश (Rai Bhagat Ki Kothi Madhya Pradesh) के मंडला जिले में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह कोठी मंडला जिले के विरासत में शामिल है, जो आज भी अपने गौरवशाली इतिहास की कहानी को सुनाती है। यह जगह इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटन में रुचि रखने के लिए रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर आप इस कोठी को देख सकते हैं और इस कोटी की संरचना को देख सकते हैं, जो बहुत ही सुंदर है।
राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) चारों तरफ से प्राकृतिक सुंदरता से घिरी हुई है। यहां पर आपके गांव का परिदृश्य और दूर-दूर तक खेतों का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां बहने वाली नर्मदा नदी इस जगह को और भी सुंदर बनती है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) में घूमने की यात्रा के लिए आपको सबसे पहले मंडला आना पड़ता है और मंडला से करीब 25 किलोमीटर दूर आपको रामनगर आना पड़ेगा। रामनगर मंडला जिले के पास एक प्रसिद्ध कस्बा है। यह एक ऐतिहासिक जगह है। यहां पर ढेर सारे स्थल है, जहां पर आप घूमने से के लिए जा सकते हैं, उनमें से राय भगत की कोठी भी प्रमुख स्थल है।
रामनगर कस्बा नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां पर रामनगर का किला बना हुआ है। रामनगर के किले से 1 किलोमीटर की दूरी पर न्यू रामनगर बस स्टैंड के पास में ही राय भगत की कोठी बनी हुई है। आप यहां पर सड़क मार्ग से आराम से आ सकते हैं। अगर आप यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आना चाहते हैं, तो आ सकते हैं। यहां पर बस से आने की सुविधा उपलब्ध है और पास में बस स्टैंड है। इससे आप यहां पर आना-जाना आराम से कर सकते हैं।
अगर आप अपनी गाड़ी से आते हैं, तो राय भगत की कोठी के सामने पार्किंग की जगह उपलब्ध है, जहां पर आप अपनी गाड़ी कर सकते हैं। उसके बाद इस महल में घूमने के लिए जा सकते हैं। यह महल अच्छी अवस्था में है और महल के सभी हिस्से घूमने लायक है। महल के सामने एक बड़ा सा गार्डन बना हुआ है और महल थोड़ी ऊंचाई पर बना हुआ है।
इस कोठी के सामने एक छोटा सा बगीचा बनाया गया है जिसे बहुत अच्छी तरह से मेंटेन किया है। राय भगत की कोठी तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। सीढ़ियां के दोनों तरफ ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं। सीढ़ियां से ऊपर पहुंचकर आप इस महल के प्रवेश द्वार में पहुंचते हैं।
महल का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर है और इसमें सफेद मार्बल का प्रयोग करके सुंदर नक्काशी की गई है। अंदर जाने पर आपको महल की छत देखने के लिए मिलती है, जिसमें गोंड पेंटिंग बनाई गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।
महल के अंदर जाने पर एक आंगन देखने के लिए मिलता है। आंगन के चारों तरफ कमरे बने हुए हैं यह आंगन चकोर आकार में बना हुआ है। आंगन के बीच में एक कुंड बना हुआ है, जिसमें पानी भरा रहता है और कमल के फूल लग ही रहते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं।
यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है। वैसे इस कोठी की देखभाल पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही है। इस कोठी के कई रूम में साफ सफाई नहीं होती है और यहां पर चमगादड़ों ने अपना घर बना लिया है, इसलिए यहां पर बहुत ज्यादा बदबू आती है।
राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) के ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप महल के ऊपर जा सकते हैं। यह महल दो मंजिला है। महल के ऊपर भी कमरे बने हो गए हैं। आप देख सकते हैं। महल की छत में जाने के लिए भी सीढ़ियां बनी हुई है। महल की छत में जाकर घूम सकते हैं।
महल के चारों कोने पर छोटे-छोटे कमरे बने हुए हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। महल के ऊपर से दूर-दूर तक का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां पर अपना कुछ समय बिताने के बाद नीचे आ सकते हैं।
महल के बाहर जो बस स्टैंड बना हुआ है। उसके पास ढेर सारे पीने की दुकानें हैं, जहां पर अगर आपको भूख लगी हो, तो आप वहां से खाने का सामान ले सकते हैं और अगर यहां पर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा कर रहे हैं, तो यहां पर बस का इंतजार कर सकते हैं। उसके बाद आप अपनी आगे की यात्रा कर सकते हैं।
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राय भगत कोठी का इतिहास एवं निर्माण का समय (History and time of construction of Rai Bhagat Kothi)
राय भगत की कोठी (Rai Bhagat ki Kothi) ऊंचे टीले पर बनी हुई है। लोग इसे राय भगत की कोठी के नाम से जाए जानते हैं। यह कोठी उनका निवास स्थान थी। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat’s Kothi) का निर्माण 17 वीं शताब्दी ईस्वी में गौड शासक हृदय शाह के द्वारा किया गया था।
इस महल का प्रवेश द्वार पूर्व की ओर है। महल के प्रवेश द्वार की चौखट संगमरमर पत्थर द्वारा निर्मित की गई है। प्रवेश द्वार के ऊपर नौबत खाना है। महल के बीच में आंगन है, जिसके चारों और मोती महल जैसे लंबे-लंबे किंतु सकरे कमरे हैं।
भवन के चारों ओर फलकदार गुंबद निर्मित है। इसकी भव्यता और विशालता को संजोए हुए यह महल मोती महल का संक्षिप्त संस्करण है, जो इस तथ्य का प्रतीक है, कि केवल शासन के लिए नहीं, अपितु राजाओं के सहकर्मियों के लिए भी भवनों का निर्माण किया जाता था।


