रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध और सुंदर अभ्यारण में से एक है। यह अभ्यारण चारों तरफ से घने जंगलों, पहाड़ों, नदियों और झीलों से घिरा हुआ है। यह अभ्यारण दमोह जिले में प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक विरासत और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।
रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) वन्य जीव प्रेमियों, प्रकृति शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। यह अभयारण्य केवल वन्य जीव संरक्षण का केंद्र है, बल्कि यह बुंदेलखंड की विंध्य क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को भी दर्शाता है।
इस लेख में हम रानी दुर्गावती वन्य जीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) के बारे में जानकारी देंगे

अभयारण्य का नामकरण
अभ्यारण का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। यह नाम रानी दुर्गावती को सम्मान देने के लिए रखा गया है। रानी दुर्गावती का गोंडवाना साम्राज्य की महान वीरांगना थी, जिन्होंने अपने साथ बलिदान और नेतृत्व से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है।
रानी दुर्गावती प्राचीन समय में यहां पर निवास करती थी। उनके निवास स्थान घने जंगलों के अंदर बना हुआ है। आप आज भी उनके निवास स्थान में जाकर घूम सकते हैं। यह स्थल रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाता है।
जानें : दमोह में घूमने की जगह
रानी दुर्गावती अभ्यारण की यात्रा (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary Trip)
रानी दुर्गावती अभ्यारण मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध और सुंदर अभ्यारण में से एक है। यह अभ्यारण मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित है। यहां पर आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए ही बहुत बढ़िया है। यहां पर प्राकृतिक वातावरण में अच्छा समय बिताया जा सकता है। यहां पर आकर आपको ढेर सारे स्थल देखने के लिए मिलते हैं।
रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) की यात्रा करने के लिए आपको दमोह और जबलपुर आना पड़ेगा। दमोह या जबलपुर आप अपने सुविधा अनुसार आ सकते हैं और उसके बाद इस अभ्यारण में सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण अब रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में परिवर्तित कर दिया गया है और यहां पर टाइगर को संरक्षण दिया गया है।
रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) के अंदर ढेर सारे स्थल है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं, जो बहुत ही सुंदर है। इस अभ्यारण में पहुंचने के लिए आप जबलपुर या दमोह आ सकते हैं और उसके बाद अभ्यारण में जा सकते है। यह अभ्यारण जबलपुर दमोह हाईवे मार्ग पर स्थित है। यह जबलपुर से करीब 60 किमी दूर है।

यहां पर पहुंचने के लिए अच्छी सड़क बनी हुई है। आप अपने बाइक और कार से यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। आप यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आते हैं, तो आपको दिक्कत हो सकती है, क्योंकि अभ्यारण तक जाने के लिए कोई भी अन्य साधन नहीं है। आप यहां पर टैक्सी बुक करके आ सकते हैं।
रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) में जाने का रास्ता बहुत ही सुंदर है। यह अभ्यारण सिंग्रामपुर गांव के पास में बना हुआ है। सिंग्रामपुर गांव के पास में आपको जंगल के अंदर जाना पड़ता है और आपको यह अभ्यारण देखने के लिए मिलता है। यहां साइन बोर्ड लगा है, जिसको फॉलो करके आप यहां जा सकते है।
आप रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर स्थित ढेर सारे स्थलों की सैर कर सकते हैं। अभ्यारण के अंदर निदान वॉटरफॉल या भैंसाघाट वॉटरफॉल बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। यह वॉटरफॉल घने जंगल के अंदर बना है। इस वॉटरफॉल में आप घूमने के लिए जाते हैं, तो आपको टिकट लेना पड़ता है। आप यहां पर बरसात के समय आकर इस जलप्रपात के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।
भैंसाघाट वॉटरफॉल के चारों तरफ चट्टानों और पहाड़ों को देख सकते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। अभ्यारण के अंदर नजारा व्यू प्वाइंट भी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है। आप यहां पर भी जाकर घूम सकते हैं और आसपास की वादियों के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।
रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) के अंदर आपको पशु-पक्षी भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बंदर, हिरण, जंगली सूअर जैसे जानवर देखे जा सकते हैं। अभ्यारण में आपको सिंगौंरगढ़ का किला भी देखने के लिए मिलता है, जो एक फेमस किला है और प्राचीन स्थल है। आप यहां पर जाकर प्राचीन किला देख सकते हैं।
किले के कुछ भाग अच्छे हालात में है, जिन्हें आप देख सकते हैं। इसके अलावा अभ्यारण के अंदर नदी बहती है, जो इसको बहुत ही आकर्षक बनाती है और अभ्यारण के अंदर झील भी बनी हुई है, जिसे आप देख सकते हैं। यहां पर मगरमच्छ का संरक्षण किया है। यहां पर ढेर सारे मगरमच्छ है, जिन्हें आप देख सकते हैं।
ठंड के समय मगरमच्छ यहां पर आराम से देखने के लिए मिल जाते हैं, क्योंकि ठंड के समय मगरमच्छ धूप सेकने के लिए आते हैं। झील में उतरने की मनही है। आप झील के किनारे बैठकर झील के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। इसके साथ ही अभ्यारण के अंदर ढेर सारे व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं।
भौगोलिक स्थिति और विस्तार
वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य दमोह (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) जिले के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित है और यह विंध्य पर्वतमाला के अंतर्गत आता है। यहां पर आपको पहाड़ी और पठारी क्षेत्र देखने के लिए मिलता है। यहां घना जंगल है। यहां पर प्राकृतिक जल स्रोत है। इस वन्य जीव अभ्यारण के अंदर ढेर सारी झील बनी हुई है, जो वर्षा जल का संरक्षण करती हैं। यहां पर सुंदर घाटियों और चट्टानें देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। यहां आपको विभिन्न प्रकार के वन्य जीव देखने के लिए मिलते हैं।
वनस्पति (Flora)
वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) में पाई जाने वाली वनस्पति इसे जैव विविधता से भरपूर बनाती है।
यहां प्रमुख रूप से पाए जाते हैं:
- सागौन
- साल
- अर्जुन
- महुआ
- तेंदू
- बांस
इसके अलावा अनेक औषधीय पौधे भी यहां पाए जाते हैं।
वन्यजीव (Fauna)
यह अभयारण्य कई प्रकार के वन्यजीवों का प्राकृतिक घर है।
स्तनधारी जीव
- तेंदुआ
- भालू
- नीलगाय
- जंगली सूअर
- चीतल
- सांभर
- सियार
पक्षी प्रजातियां
- मोर
- तोता
- बाज
- उल्लू
- कबूतर
- विभिन्न प्रवासी पक्षी
सरीसृप
- अजगर
- कोबरा
- मॉनिटर लिज़र्ड
यह जैव विविधता इसे वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास बनाती है।
वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Veerangana Durgavati Wildlife Sanctuary)
वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का है। इस समय मौसम सुहावना होता है और वन्यजीव देखने की संभावना अधिक रहती है। इस समय आप आराम से अभ्यारण की सैर कर सकते हैं। इस समय अभ्यारण में आप बहुत सारी जगह ट्रैकिंग का भी आनंद ले सकते हैं।
रानी दुर्गावती अभ्यारण (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) की यात्रा आप बरसात के समय भी कर सकते हैं। बरसात के समय यहां का खूबसूरत झरना देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही अद्भुत लगता है। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली देखी जा सकती है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।
रानी दुर्गावती अभ्यारण कैसे पहुंचें (How to Reach Rani Durgavati Sanctuary)
सड़क मार्ग : रानी दुर्गावती अभ्यारण (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) में आने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। आप यहां पर जबलपुर या दमोह शहर से आराम से सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं। आप यहां पर टैक्सी बुक करके आ सकते हैं या अपने निजी वाहन से आ सकते हैं।
रेल मार्ग : रानी दुर्गावती अभ्यारण का निकटतम रेलवे स्टेशन दमोह रेलवे स्टेशन है। आप अगर रेल मार्ग से आ रहे हैं, तो आप जबलपुर या दमोह सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा इस अभ्यारण में आ सकते हैं।
हवाई मार्ग : अभ्यारण का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर एयरपोर्ट है, जो लगभग 60 किमी दूर है। आप वायु मार्ग से जबलपुर आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग के द्वारा अभ्यारण में पहुंच सकते हैं।
रानी दुर्गावती अभ्यारण की गूगल मैप लोकेशन
अभयारण्य के आसपास दर्शनीय स्थल
- नोहटा शिव मंदिर
- जटाशंकर मंदिर दमोह
- सिंगौरगढ़ का किला
- बांदकपुर
- हटा का किला दमोह
- भैंसाघाट वाटरफॉल
- कुण्डलपुर
पर्यटकों के लिए जरूरी सुझाव
- वन विभाग के नियमों का पालन करें
- शोर न करें
- वन्यजीवों को परेशान न करें
- प्लास्टिक का उपयोग न करें
- गाइड की सलाह मानें
निष्कर्ष
वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary), दमोह प्रकृति, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह अभयारण्य न केवल दमोह जिले की प्राकृतिक पहचान को मजबूत करता है, बल्कि मध्य प्रदेश के इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देता है।
यदि आप प्रकृति और वन्यजीवों के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो यह अभयारण्य आपके लिए एक आदर्श स्थल है।
