रतलाम जिले में घूमने की जगह: इतिहास, संस्कृति, स्वाद और प्रकृति का अनोखा संगम
मध्य प्रदेश का रतलाम मालवा क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख जिला है। रतलाम अपने ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सुंदरता के कारण देश भर में प्रसिद्ध है। रतलाम जिले का नाम आते ही सबसे पहले से फाफड़ा और नमकीन का ख्याल आता है। यह जिला पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
रतलाम जिला में प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक स्थल, नदिया, पहाड़ और शांत वातावरण पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस लेख में हम आपको रतलाम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Ratlam Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे, ताकि अगर आप रतलाम यात्रा करने का प्लान बना रहे हो, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा।
चलिए जानते हैं, रतलाम जिले में घूमने की प्रमुख जगह (Ratlam Tourist Places in Hindi), रतलाम में घूमने का सही समय, रतलाम कैसे पहुंचे, यात्रा टिप्स, इतिहास और भी बहुत सारी जानकारी।
रतलाम जिले का इतिहास (Ratlam district History)
रतलाम जिला मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित है और यह राजस्थान व गुजरात की सीमा के निकट है। यह क्षेत्र अपने ऐतिहासिक , सांस्कृतिक, व्यापारिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। रतलाम जिले का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक रतलाम मालवा क्षेत्र के राजनीतिक और आर्थिक आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
प्राचीन काल में रतलाम मालवा जनपद का हिस्सा था। यहां से पुरातात्विक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो यहां पर प्राचीन काल में मानव आबादी का सबूत है। मालवा की उपजाऊ भूमि और व्यापारिक मार्गों के कारण यह लगातार विकास होता रहा है।
मध्यकाल में रतलाम में परमार वंश का शासन रहा है। इस काल में कला, संस्कृति, स्थापत्य का विकास हुआ। रतलाम के आसपास कई मंदिरों और ऐतिहासिक संरचनाओं इसी समय की बनाई हुई है, जिससे इनके अवशेष आज भी देखी जा सकते हैं।
रतलाम रियासत की स्थापना इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महत्व बढ़ती है। रतलाम रियासत की स्थापना 1652 में हुई थी। यह रियासत राठौड़ वंश द्वारा स्थापित की गई थी। रतलाम रियासत मालवा की प्रमुख रियासत और संगठित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित हुई।
18वीं शताब्दी में रतलाम क्षेत्र पर मराठा का प्रभाव बढ़ा। मराठा शासन के दौरान व्यापार और सैन्य गतिविधियां तेज हुई। इस काल में रतलाम एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बना। ब्रिटिश काल के दौरान रतलाम एक रियासत राज्य के रूप में रहा। अंग्रेजों के समय यहां पर रेल मार्ग का विस्तार हुआ, जिससे रतलाम में व्यापार और उद्योग बढ़ा। यहां पर कपड़ा, नमकीन, मसाला, उद्योग काफी तेजी से विकसित हुआ।
स्वतंत्रता संग्राम में रतलाम के लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई। यहां पर कई जन आंदोलन, सभाए और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हुए हैं, जिसमें ब्रिटिश शासन का विरोध हुआ।
स्वतंत्रता के बाद रतलाम रियासत मध्य भारत का हिस्सा हुआ। यह मध्य प्रदेश में विलय हो गया और मध्य प्रदेश का एक प्रमुख जिला बना। आज रतलाम उद्योग, व्यापार, शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख जिला है। रतलाम अपने रतलामी नमकीन और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।
रतलाम जिले के आसपास घूमने की प्रमुख पर्यटन स्थल (Ratlam Tourist Places in Hindi)
1. महालक्ष्मी मंदिर रतलाम (Mahalakshmi Temple, Ratlam)
महालक्ष्मी मंदिर रतलाम के प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह मंदिर रतलाम मुख्य शहर में मानक चौक के पास बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से सड़क मार्ग से अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। इस मंदिर की मुख्य गर्भगृह में महालक्ष्मी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।
यह मंदिर अपनी एक और खासियत के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर अपनी दिवाली के समय सजावट के लिए भी प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दिवाली के समय सजावट की जाती है और यह सजावट भारतीय रुपए, सोने और चांदी से की जाती है। पूरा मंदिर भारतीय रुपए और सोने चांदी से सजा हुआ रहता है।
यह सोना, चांदी और रुपया यहां के व्यापारियों के द्वारा दिया जाता है और दीपावली के 4 से 5 दिन के बाद यह सोना, चांदी व्यापारियों को वापस कर दिया जाता है। यह सजावट देखने के लिए पूरे भारतवर्ष से लोग यहां पर आते हैं।
महालक्ष्मी मंदिर की खासियत
- मंदिर में माता के 9 स्वरूप देखने के लिए मिलते हैं
- मंदिर का माहौल सकारात्मक और शांति प्रदान करता है
- यह मंदिर प्राचीन है
- यहां पर घूमने का सबसे अच्छा समय धनतेरस और दिवाली का है
2. कालिका माता मंदिर रतलाम (Kalika Mata Temple, Ratlam)
कालिका माता मंदिर रतलाम के प्रसिद्ध मंदिर में एक है। यह मंदिर रतलाम के शहर में झाली तालाब के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यह मंदिर कालिका माता को समर्पित है। मंदिर के गर्भगृह में कालिका माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
यह मंदिर प्राचीन है। मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि इस मंदिर में राजघराने के लोग पूजा करने के लिए आते थे। मंदिर में विराजमान देवी उनकी कुलदेवी थी। मंदिर के आस-पास का वातावरण बहुत अच्छा और शांत है। मंदिर के आसपास ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर श्री राम मंदिर, संतोषी माता मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर बना है। मंदिर के पास में एक बड़ा सा पार्क भी बना है, जो बहुत सुंदर है।
कालिका मंदिर की खासियत
- इस मंदिर के पास एक तालाब बना है, जो बहुत बड़ा और सुंदर है। इसे झाली तालाब के नाम से जानते हैं।
- काली का मंदिर के आसपास का परिसर बहुत अच्छा है और शांत है।
- यहां पर पार्क बना हुआ है, जहां पर चारों तरफ हरियाली और पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर शांतिपूर्वक समय बिताया जा सकता है।
- मंदिर में नवरात्रि के समय बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं।
3. श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर रतलाम (Kedareshwar temple Ratlam)
श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर रतलाम शहर के पास स्थित एक दर्शनीय और सुंदर स्थान है। यह रतलाम जिले में सैलाना से करीब 6 किलोमीटर दूर है। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग है। यहां पर आप गाड़ी से आराम से जा सकते हैं। यहां पर आपको खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं और बरसात के समय यहां पर सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है।
यह झरना एक गहरे कुंड पर गिरता है। जलप्रपात में नीचे की तरफ गुफा बनी है। यह गुफा मानव निर्मित है। यहां पर शिवलिंग विराजमान है, इसलिए इस जगह को केदारेश्वर महादेव मंदिर कहा जाता है। यहां पर आप बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है और यहां पर झरना चट्टानों के ऊपर से गिरता है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
श्री केदारेश्वर मंदिर की खासियत
- सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय यहां मेले का आयोजन होता है, जिसमें भारी संख्या में लोग आते हैं।
- यहां बरसात में चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है।
- यहां पर आकर आप शांतिपूर्वक समय बिता सकते हैं।
- यहां पर चारों तरफ प्रकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलते हैं।
4. विरुपाक्ष मंदिर बिलपांक रतलाम (Virupaksha Temple Bilpank Ratlam)
विरुपाक्ष महादेव मंदिर रतलाम के पास घूमने के लिए एक प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान है। यह मंदिर रतलाम से 20 किलोमीटर दूर बिलपांक गांव में बना हुआ है। यहां पर आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आराम से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर भगवान शंकर जी को समर्पित है।
यह पूरा ही मंदिर पत्थरों से बना हुआ है। इस मंदिर गुजरात के राजा सिद्धराज जयसिंहदेव द्वारा 1998 में कराया गया था और भगवान विरुपाक्ष पुनः प्रतिष्ठा की गई थी। मुख्य मंदिर के उत्तर दिशा में मौर्य कालीन स्तंभ लगा हुआ है, जिसमें हंस और कमल की आकृति है।
मुख्य मंदिर में 64 खंबे, गर्भगृह, मंडप, सभा मंडप, उसके साथ ही चारों ओर चार सहायक मंदिर है। सभा मंडप में इंद्र की अप्सराय नृत्य करती हुई विभिन्न मुद्रा में अपने वाद्य यंत्रों के साथ है। यहां पर हनुमान जी, भगवान शिव जी, देवी प्रतिमाएं, विष्णु भगवान जी की प्रतिमा, गणेश जी की प्रतिमा विराजमान है। यह मंदिर पंचायतन शैली में बना है।
इस मंदिर के बारे में एक और मान्यता प्रसिद्ध है। मंदिर में आकर लोग बच्चों के लिए मन्नत मांगते हैं और और लोगों की यहां पर मन्नत पूरी होती है। यहां पर खीर का प्रसाद बांटा जाता है, जिसको लोग ग्रहण करते हैं। यहां पर सावन सोमवार पर कावड़ यात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों की संख्या में कावड़ यात्री भाग लेते हैं।
5. धोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क रतलाम (Dholawad eco tourism park Ratlam)
धोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क रतलाम के पास घूमने के लिए एक एडवेंचरस प्लेस है। यहां पर आकर आप ढेर सारी एडवेंचरस गतिविधियों का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर ढोलवाड़ डैम बना हुआ है, जो बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और बहुत सुंदर है। डैम के चारों तरफ का वातावरण प्राकृतिक है। यहां पर अच्छा समय बिताया जा सकता है।
धोलावाड़ बांध रतलाम जिले से 20 किलोमीटर दूर है। यहां पर सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर बोटिंग, पैरासेलिंग, बनाना राइड, माउंटेन बाइकिंग, तीरंदाजी, पेंटबॉल जैसी गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है। यह जगह रतलाम में परिवार में दोस्तों के साथ आने के लिए बहुत ही बढ़िया है।
6. कैक्टस गार्डन सैलाना रतलाम (Cactus Garden Sailana Ratlam)
कैक्टस गार्डन रतलाम के पास घूमने के लिए एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यहां पर एक महल और एक बड़ा कैक्टस गार्डन देखने के लिए मिलता है। यह गार्डन रतलाम शहर से 22 दूर सैलाना में स्थित है। यह मुख्य शहर में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से अपने वाहन से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।
कैक्टस गार्डन में एंट्री के लिए चार्ज लगता है। यह गार्डन एशिया के सबसे बड़े कैक्टस गार्डन में से एक है। इस गार्डन में कैक्टस की विभिन्न प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर राजमहल देखने के लिए मिलता है। उसके पीछे की तरफ कैक्टस गार्डन बना हुआ है। यहां पर भारत के और विदेशी प्रजाति के कैक्टस देखे जा सकते हैं।
यह कैक्टस गार्डन काफी पुरानी है। कैक्टस गार्डन की स्थापना यहां के राजा दिग्विजय सिंह के द्वारा की गई थी। यहां पर जो राजमहल बना हुआ है, वहां पर राजा निवास करते थे। यह राजमहल बंद कर दिया गया है। इसे आप बाहर से देख सकते हैं। गार्डन में बैठने के लिए चेयर बनी हुई है और यहां पर ढेर सारे मोर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर अच्छा और शांतिपूर्ण समय व्यतीत कर सकते हैं।
7. कीर्ति स्तंभ सैलाना रतलाम (Kirti Stambh Sailana Ratlam)
कीर्ति स्तंभ रतलाम के पास सैलाना में स्थित एक प्रमुख ऐतिहासिक इमारत है। यह स्थल मुख्य सड़क के पास में बना हुआ है। यहां पर आसानी से सड़क मार्ग के द्वारा आ सकते हैं। इस स्तंभ का निर्माण तत्कालीन नरेश जसवंत सिंह द्वारा कराया गया था। इस स्तंभ का निर्माण 1859 से 1919 के बीच करवाया गया था।
यह कीर्ति स्तंभ पत्थर व चूना से बना हुआ है। इस स्तंभ का निर्माण ब्रिटिश शासन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर कराया गया था। स्तंभ में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप स्तंभ के ऊपर जा सकते हैं और चारों तरफ का सुंदर दृश्य देख सकते हैं।
8. बिरला मंदिर नागदा रतलाम (Birla Temple Nagda Ratlam)
बिरला मंदिर रतलाम के पास घूमने के लिए धार्मिक और सुन्दर स्थान में से एक है। यह मंदिर रतलाम के पास नागदा मुख्य शहर में बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग और रेल मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर रेलवे स्टेशन के काफी करीब है। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। यह मंदिर बिरला फाउंडेशन के द्वारा बनाया गया है।
बिरला मंदिर बहुत विशाल है और आकर्षक है। मंदिर की दीवारों में खूबसूरत नक्काशी की गई है। मंदिर बहुत बड़े एरिया में फैला है। मंदिर के चारों तरफ सुंदर बगीचा बना हुआ है, जिसमें तरह-तरह के पेड़ पौधे और फूल लगे हुए हैं। यह मंदिर श्री राधा कृष्ण जी को समर्पित है।
मंदिर के गर्भगृह में राधा कृष्ण जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यह रतलाम के नागदा के पास घूमने के लिए बढ़िया जगह में से एक है।
9. कुंड वाली चामुंडा माता मंदिर रतलाम (Kund wali Chamunda Mata Temple Ratlam)
कुंड वाली चामुंडा माता मंदिर रतलाम के पास नागदा में घूमने के लिए एक बढ़िया जगह है। यह मंदिर नागदा में चंबल नदी में बना हुआ है। यह मंदिर चंबल नदी के किनारे साइड बना हुआ है। भारी बरसात के समय यह मंदिर पानी में डूब जाता है। मंदिर के पास में ही चंबल नदी पर कुंड बना हुआ है। यहां पर चट्टानें हैं, जहां से पानी गिरता है और बहुत ही सुंदर लगता है।
आप इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आ सकते हैं। मंदिर के गर्भगृह में चामुंडा माता की बहुत ही भव्य प्रतिभा विराजमान है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। ठंडी और गर्मी के समय यहां पर पानी सूख जाता है, तो आप मंदिर में जाकर मां चामुंडा के दर्शन कर सकते हैं। बरसात के समय यहां पर मां के दर्शन नहीं हो पाते हैं। नवरात्रि में मंदिर में बहुत ज्यादा भीड़ लगती है।
10. सैलाना वन्यजीव अभयारण्य रतलाम (Sailana Wildlife Sanctuary Ratlam)
सैलाना वन्यजीव अभ्यारण मध्य प्रदेश के प्रमुख अभ्यारण में से एक है। यह अभ्यारण रतलाम के पास सैलाना में बना हुआ है। यह अभ्यारण 13 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर विभिन्न प्रकार के जीव जंतु और वनस्पतियां देखने के लिए मिलती है।
यहां पर आकर आप ढेर सारी गतिविधियों का आनंद उठा सकते हैं। यहां परआप नेचर में वॉक का आनंद ले सकते हैं और ढेर सारी बर्ड्स देख सकते हैं। यहां पर आने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड के समय और बरसात के समय आ सकते हैं। यहां पर एक तालाब भी बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है।
रतलाम का विश्व-प्रसिद्ध खान-पान
रतलाम का खान-पान देशभर में प्रसिद्ध है।
प्रसिद्ध व्यंजन
- रतलामी सेव
- फाफड़ा
- कचौरी
- जलेबी
- पोहा
रतलाम में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Ratlam)
रतलाम में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच में होता है। इस समय ठंड का मौसम रहता है। इस समय का मौसम सुहावना रहता है और आप इस समय जाकर रतलाम के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। मानसून का समय पहाड़ी और नदी क्षेत्र में घूमने के लिए बेहतर है। रतलाम के आसपास ढेर सारे झरने हैं। आप मानसून के समय जाकर इन सभी जगह की सैर कर सकते हैं। गर्मी के समय घूमने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है।
रतलाम कैसे पहुँचें (How to reach Ratlam)
रेल मार्ग: रतलाम जंक्शन एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जो देश के सभी बड़े शहरों से जुड़ा है। आप रतलाम में सभी प्रमुख शहरों से आ सकते हैं और उसके बाद अन्य जगहों पर सड़क मार्ग से जा सकते हैं।
सड़क मार्ग: रतलाम में सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। रतलाम प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। रतलाम में इंदौर, उज्जैन, भोपाल और राजस्थान जैसे शहरों से आने के लिए बस की सुविधा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध है।
हवाई मार्ग: रतलाम का नजदीकी हवाई अड्डा इंदौर में बना हुआ है। इंदौर रतलाम से 120 किलोमीटर दूर है। आप इंदौर में वायु मार्ग से अन्य शहरों से आ सकते हैं और उसके बाद रतलाम सड़क मार्ग के द्वारा या रेल मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।
रतलाम जिला का गूगल मैप लोकेशन
रतलाम यात्रा के लिए उपयोगी टिप्स
- नवरात्रि और त्योहारों के समय होटल पहले बुक करें
- स्थानीय खान-पान जरूर चखें
- धार्मिक स्थलों पर मर्यादा बनाए रखें
निष्कर्ष
रतलाम जिला केवल स्वादिष्ट सेव और नमकीन के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। कालिका माता मंदिर से लेकर शिवगढ़ की पहाड़ियों तक, यहाँ हर प्रकार के पर्यटकों के लिए कुछ न कुछ खास है। यदि आप मध्य प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में एक संपूर्ण पर्यटन अनुभव चाहते हैं, तो रतलाम जिला आपकी यात्रा सूची में अवश्य होना चाहिए।
