मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित सहस्त्रधारा झरना (Sahastradhara Waterfall) प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक अत्यंत आकर्षक स्थल है। सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall) नर्मदा नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात अपने नाम के अनुसार ही हजारों धाराओं में विभक्त होकर बहता है और अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है।
सहस्त्र धारा का अर्थ होता है हजारों धाराए। यहां पर नर्मदा नदी की हजारों धाराएं देखने के लिए मिलती हैं, जो चट्टानों के ऊपर से बहती हैं और आकर्षक लगती है। इस लेख में हम आपको सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall) के बारे में संपूर्ण जानकारी देंगे

सहस्त्रधारा जलप्रपात मंडला की यात्रा (Sahastradhara Waterfall Mandla Trip)
सहस्त्रधारा मंडला (Sahastradhara Mandala) जिले के पास घूमने के लिए प्राकृतिक स्थान में से एक है। यह जलप्रपात मंडला जिले में नर्मदा नदी पर बना हुआ एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात मंडला जिले से करीब 7 किलोमीटर दूर है। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपनी कार, बाइक और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आसानी से पहुंच सकते हैं।
सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall) बहुत ही सुंदर है और यहां पर चारों तरफ आपको नर्मदा नदी के आकर्षक दृश्य का आनंद लेने के लिए मिलता है। यहां पर काले रंग की चट्टानें हैं, जिनके ऊपर से नर्मदा नदी बहती है और बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर आपको मंदिर भी घूमने के लिए मिलते हैं। यहां पर भगवान शिव का मंदिर बना हुआ है और इस मंदिर के बारे में ढेर सारी मान्यताएं प्रसिद्ध है।
यहां नर्मदा नदी के बीच में सहस्त्रार्जुन मंदिर बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। आप इस मंदिर में जाकर घूम सकते हैं। यह मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध है और इस मंदिर के बारे में भी ढेर सारी मान्यताएं हैं। सहस्त्रधारा जलप्रपात के पास में सहस्त्रधारा आश्रम बना हुआ है, जहां पर भी आप घूमने के लिए जा सकते हैं।
सहस्त्रधारा जलप्रपात मंडला मुख्य शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर है। यहां पर आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर पक्का सड़क मार्ग बना हुआ है, जिससे आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यह जलप्रपात गोंझीमल गांव के पास में बना हुआ है। वैसे जलप्रपात के आसपास लोग नहीं रहते हैं। यहां पर अधिकतर समय सुनसान रहता है और यहां पर दुकान नहीं है, इसलिए आप यहां पर आते हैं, तो अपने लिए खाने पीने का सामान जरूर लेते हैं, क्योंकि अगर आपको भूख लगे, तो आप खाने खा सकें।
सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall) में पहुंचकर आप अपनी गाड़ी कर सकते हैं। यहां पर बहुत बड़ा मैदान है, जहां पर आप गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। उसके बाद आप जलप्रपात में घूम सकते हैं। आप यहां पर भगवान शिव का मंदिर देख सकते हैं, जो बहुत सुंदर है और यह मंदिर सफेद रंग का है, जो दूर से ही अट्रैक्टिव लगता है।
इस मंदिर के चारों-कोने पर छोटे-छोटे गुंबद बने हुए हैं और बीच में एक बड़ा गुंबद बना हुआ है, जो इसे बहुत ही अट्रैक्टिव बनता है। इस मंदिर में आपको भगवान शिव के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर का डिजाइन भी बहुत ही सुंदर लगता है। इस मंदिर के थोड़ा आगे नर्मदा नदी के बीच में एक और मंदिर बना हुआ है, जो राजराजेश्वर सहस्त्रार्जुन भगवान जी का है।
राजराजेश्वर सहस्त्रार्जुन मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बना हुआ है। इस मंदिर का आकार बहुत ही आकर्षक लगता है। मंदिर ज्यादा बड़ा तो नहीं है, छोटा सा है। मगर बहुत सुंदर लगता है। मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है, जिसके माध्यम से आप मंदिर में जा सकते हैं और सहस्त्रार्जुन भगवान के दर्शन कर सकते हैं।
मंदिर के बाहर ढेर सारे शिवलिंग देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको प्राचीन प्राचीन प्रतिमाएं भी देखने के लिए मिलती है। मंदिर के अंदर आपको राजराजेश्वर सहस्त्रार्जुन की मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर है। यहां पर शिवलिंग भी विराजमान है। मंदिर की दीवार में सहस्त्रार्जुन की पेंटिंग भी बनी हुई है, जो आप देख सकते हैं, जिसमें उनके ढेर सारे हाथ दिखाए गए हैं।

वैसे यह मंदिर बरसात के समय पानी में डूब जाता है। आप यहां पर ठंडी के समय आकर दर्शन कर सकते हैं। ठंडी में यह मंदिर साफ दिखाई देता है और मंदिर में आप अंदर जाकर दर्शन कर सकते हैं। यहां पर मंदिर के चारों तरफ आपको नर्मदा नदी का पानी देखने के लिए मिलता है।
राजराजेश्वर सहस्त्रार्जुन मंदिर के पास, जब मंदिर का पानी गर्मियों में सूख जाता है, तो नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है और घाट बना हुआ है, जहां पर जाकर आप स्नान कर सकते हैं। मंदिर में जो पानी रहता है। तब आप नीचे नहीं जा सकते हैं, क्योंकि यहां पर पूरा मंदिर तक पानी आ जाता है और नीचे काफी गहराई रहती है, जिसमें आप डूब भी सकते हैं, मगर पानी नहीं रहने की स्थिति में आप नीचे जा सकते हैं और नर्मदा नदी में स्नान कर सकते हैं।
सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall) इन मंदिरों से थोड़ी दूरी पर स्थित है। मगर आपको मंदिरों से जलप्रपात साफ दिखाई देता है। आप इस जलप्रपात तक जा सकते हैं। यहां पर जाने के लिए चट्टानों का रास्ता है, क्योंकि यहां पर सभी जगह चट्टानें है। वह भी उबर खाबड़ चट्टानें हैं। आप यहां पर जाते हैं, तो जूते पहन कर जाइए, नहीं तो यहां पर आप गिर सकते हैं।
यहां पर जो चट्टान है, वह काले रंग की है और चिकनी है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं। यहां पर जलप्रपात के पास पहुंचते पहुंचते, आपको यहां पर सुंदर सुंदर चट्टानें देखने के लिए मिलती हैं। जलप्रपात में पहुंचने के बाद आप नर्मदा नदी का सुंदर स्वरूप देख सकते हैं, जिसमें नर्मदा नदी अनेकों धाराओं में विभक्त होकर बहती है और बहुत ही सुंदर लगती है।
बरसात के समय सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall) में भारी जल प्रवाह रहता है, जिसके कारण यहां पर चट्टानों को देखना मुश्किल रहता है और बरसात के समय आप जलप्रपात के पास ना ही जाए, तो बेहतर रहेगा। मगर सहस्त्रधारा जलप्रपात का सबसे अच्छा दृश्य ठंड के समय देखने के लिए मिलता है। जब यहां पर चट्टानें और जलप्रपात साथ में देखने के लिए मिलता है।
यहां के स्थानीय लोग यहां पर मछली पकड़ते हैं और लोग यहां पर जाल बिछा देते हैं और जो भी मछलियां नदी में बहकर आती है। वह जाल में फंस जाती हैं। यहां पर बहुत सारे लोगों की रोजी-रोटी इसी तरह से चलती है। यहां पर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। यह आप फोटोग्राफी कर सकते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। नर्मदा नदी की बहती हुई कल कल धारा बहुत ही सुकून देती है कानों को।
सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Waterfall) के पास ही में थोड़ा आगे साथ सहस्त्रधारा जलप्रपात आश्रम बना हुआ है, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर बना हुआ है। यहां आस-पास ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर आप मेडिटेशन कर सकते हैं। यहां पर बहुत अच्छा लगता है।
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सहस्त्रधारा झरना कहाँ स्थित है (Where is Sahastradhara waterfall located)
सहस्त्रधारा झरना मंडला शहर से लगभग 6 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह झरना नर्मदा नदी के प्रवाह क्षेत्र में आता है, जहाँ नदी की धारा चट्टानों से टकराकर सैकड़ों छोटी-छोटी धाराओं में विभाजित हो जाती है। यह स्थान सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सहस्त्रधारा झरने का प्राकृतिक सौंदर्य
सहस्त्रधारा झरना (Sahastradhara Waterfall) चारों ओर से प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है। यहाँ का वातावरण पर्यटकों को शहर की भीड़-भाड़ से दूर शांति प्रदान करता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहाँ का दृश्य बेहद मनमोहक होता है, जब सूर्य की किरणें जलधाराओं पर पड़कर चमकती हैं।
प्राकृतिक विशेषताएँ:
- चट्टानों के बीच बहती हजारों जलधाराएँ
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