चित्रकूट धाम भारत के पवित्र तीर्थ स्थान में से एक है। चित्रकूट धाम में ढेर सारे धार्मिक तीर्थ स्थान हैं, जिनमें से एक सती अनसूया मंदिर और आश्रम है, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं और अच्छा अनुभव कर सकते हैं।
सती अनुसुइया मंदिर प्राकृतिक परिवेश चारों तरफ से घिरी हुई है। यहां पर चारों तरफ को बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस लेख में हम आपको चित्रकूट धाम के सती अनसूया मंदिर के बारे में जानकारी देंगे

सती अनसूया मंदिर का धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता
सती अनसूया मंदिर चित्रकूट (Sati Anusuya Mandir Chitrakoot) एक पवित्र स्थान है। यहां पर भगवान श्री राम से जुड़ी ढेर सारी कहानी सुनाने के लिए मिलती है। यह मंदिर पतिव्रता धर्म, नारी शक्ति, तपस्या और आध्यात्मिक शुद्धता का अद्भुत प्रतीक माना जाता है। यहाँ हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और इस जगह की सुंदरता का आनंद लेते हैं।
यह जगह घने जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर माता सती अनुसुइया का मंदिर बना हुआ है। माता सती अनुसुइया, ऋषि अत्रि की पत्नी थी और पति धर्म, तप और सादगी के लिए प्रसिद्ध थी। मंदिर में आकर आप मंदिर के चारों तरफ का सुंदर दृश्य देख सकते हैं।
सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) घने जंगल के अंदर बना हुआ है। मंदिर में आने का रास्ता भी जंगल से घिरा हुआ है। मंदिर में जब आप आते हैं, तो यहां पर ढेर सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं। मंदिर के सामने आपको नदी देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल भी देखने के लिए मिलता है।
मंदिर में ढेर सारी देवी देवताओं की प्रतिमा देखी जा सकती है। यहां पर आपको ऋषि मुनियों की प्रतिमाएं भी देखने के लिए मिलती है। मंदिर का परिसर बहुत अच्छा और शांत है। यहां पर ढेर सारे लोग आकर शांति से बैठकर नदी की सुंदर दृश्य का आनंद लेते हैं। यहां पर बंदर भी घूमते हुए रहते हैं।
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यह मंदिर महर्षि अत्रि और माता अनसूया की तपोभूमि है। इस मंदिर में माता सती अनसूया के तप के बल से ब्रह्मा जी, विष्णु जी और शंकर जी बालक रूप में परिवर्तित हो गए थे। इस स्थल पर माता सती अनुसूया ने देवी सीता जी को पतिव्रता होने का ज्ञान दिया था। यहां पर अनसूया माता के मंदाकिनी नदी का उद्गम हुआ था।
मंदिर के और आगे जाने पर आपको प्राचीन आनसूया मंदिर देखने के लिए मिलता है, जहां पर आपको अनसूया माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको एक विशाल चट्टान देखने के लिए मिलती है, जिसमें गणेश जी, विष्णु भगवान, लक्ष्मी जी, जी और अन्य देवी देवताओं की मूर्ति बनी हुई है, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं।

सती माता सती अनसूया का मंदिर बहुत ही शांत और प्राकृतिक वातावरण में स्थित है। आप यहां पर आकर अच्छा अनुभव कर सकते हैं। यहां पर प्राकृतिक दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहां पर चारों तरफ आपको प्रकृति का एक नया नजारा देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर अच्छा समय बिता सकते हैं।
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सती अनसूया मंदिर की यात्रा (Trip to Sati Anusuya Mandir)
चित्रकूट के सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) की यात्रा करने के लिए आप आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर तक आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यह मंदिर मुख्य चित्रकूट सिटी से १४ किलोमीटर दूर है। मंदिर तक पहुंचाने का रास्ता बहुत ही खूबसूरत है। सती अनसूया मंदिर आने के लिए आपको गुप्त गोदावरी जाने वाले रास्ते की तरफ आना पड़ता है।
सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) जाने का पूरा जंगल वाला रास्ता है। यहां रोड के दोनों तरफ आपको जंगल देखने के लिए मिलता है। आप इस रास्ते से होते हुए सती अनसूया मंदिर में पहुंचते हैं। सती अनुसुइया मंदिर में आपको पार्किंग की व्यवस्था मिलती है, जहां पर आप गाड़ी पर कर सकते हैं। उसके बाद मंदिर में घूमने के लिए जा सकते हैं।
यहां पर ढेर सारे खाने-पीने की भी दुकान मिलती है, जहां पर चाय भजिया पकड़ा जैसे सामान मिल जाते हैं। यहां पर अगर आप शॉपिंग करना चाहते हैं, तो उसकी व्यवस्था भी उपलब्ध रहती है। यहां पर आपको शॉपिंग में बहुत ही इंटरेस्टिंग चीज मिलती है। जैसे यहां पर काले घोड़े की नाल की अंगूठी मिलती है, जो मात्र ₹20 में मिल जाती है।
आप यहां पर वह अंगूठी ले सकते हैं और पहन सकते हैं। वैसे इसके बहुत सारे फायदे हैं। इसके अलावा यहां पर और भी बहुत सारी इंटरेस्टिंग चीज मिलती है, जो आप ले सकते हैं। रास्ते में आपको ढेर सारे बंदर भी मिलते हैं। अगर आपके पास खाने-पीने का समान है, तो वह आप छुपा के रख ले, नहीं तो बंदर आपसे छीन सकते हैं।
बाजार से होते हुए आप सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) पहुंच जाते हैं। सती अनसूया मंदिर पहुंचकर आपको मंदाकिनी नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदाकिनी नदी के किनारे घाट बना हुआ है, जहां पर आप शांति से बैठ सकते हैं और ढेर सारी मछलियों को देख सकते हैं।
यहां पर आप मछलियों का दान भी ले सकते हैं और दाना मंदाकिनी नदी में डाल सकते हैं। यहां पर ढेर सारी मछलियां देखी जा सकती है। यहां मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल भी देखा जा सकता है। यह स्थान बहुत सुंदर है और यहां पर आकर अच्छा समय बिताया जा सकता है।
मंदाकिनी नदी को ठीक सामने परमहंसी आश्रम बना हुआ है। यह आश्रम बहुत ही सुंदर और बहुमंजिला है। इस आश्रम में आप घूमने के लिए जा सकते हैं। इस आश्रम के अंदर आपको ढेर सारे साधु संतों की प्रतिमाएं, भगवान की प्रतिमाएं और रामायण की बहुत सारी घटनाओं को चित्रों के माध्यम से और मूर्तियों के माध्यम से दिखाया गया है, जिन्हें आप देख सकते हैं।

परमहंसी आश्रम के बाहर विजय रथ देखने के लिए मिलता है, जो कुरुक्षेत्र के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता उपदेश देना और सारथी श्री कृष्ण को दिखाया गया है। साथ ही साथ मंदिर के बाहर सबसे ऊपर तरफ सप्त ऋषि देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको ढेर सारी देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) में आप मंदाकिनी नदी के पास चट्टानों में बैठकर आसपास के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। आप यहां पर नहाने का भी आनंद उठा सकते हैं। मंदिर के आगे जाने पर प्राचीन सती अनसूया का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक विशाल चट्टान बनी हुई है, जिसमें आपको हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं ,यहां पर चारों तरफ का वातावरण बहुत अच्छा है ,आप यहां पर एक अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
मंदिर परिसर और प्राकृतिक वातावरण
- चारों ओर हरियाली और वन क्षेत्र
- शांत, निर्मल और ध्यानयोग्य वातावरण
- प्राचीन आश्रम शैली की संरचना
- पास में बहती छोटी जलधाराएँ
यह स्थान ध्यान, साधना और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

दर्शन और पूजा का उचित समय
- सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) वर्ष भर खुला रहता है
- अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे उत्तम
- सुबह और शाम की आरती का विशेष महत्व
सती अनुसुइया मंदिर कैसे पहुँचें (How to Reach Sati Anusuya Temple)
सड़क मार्ग : सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) चित्रकूट से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आ सकते हैं। इस मंदिर में आप ऑटो से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।
रेल मार्ग : चित्रकूट का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन चित्रकूट धाम कर्वी स्टेशन है। आप चित्रकूट धाम कर्वी स्टेशन में देश के अन्य सिटी से आराम से आ सकते हैं और उसके बाद चित्रकूट में सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए बस की सुविधा और ऑटो की सुविधा उपलब्ध है।
वायु मार्ग : चित्रकूट का निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज में बना हुआ है। प्रयागराज चित्रकूट से 120 किलोमीटर दूर है। आप देश के अन्य शहरों से प्रयागराज वायु मार्ग के द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद चित्रकूट सड़क के द्वारा पहुंच सकते हैं।
सती अनसूया मंदिर चित्रकूट धाम का गूगल मैप लोकेशन
सती अनसूया मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Sati Anasuya Temple)
सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां ठंड के समय आ सकते हैं और इस जगह मैं आराम से घूम सकते हैं। इस समय मौसम सुहावना रहता है, जिससे घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। आप यहां पर बरसात के समय भी आ सकते हैं, मगर बरसात के समय यहां पर फिसलन हो सकती है, इसलिए आपको यहां पर संभाल कर रहने की आवश्यकता होगी।
सती अनुसुइया मंदिर के पास दर्शनीय स्थल
सती अनसूया मंदिर (Sati Anusuya Mandir) दर्शन के साथ आप इन स्थलों को भी देख सकते हैं:
- जानकी कुंड
- स्फटिक शिला
- रामघाट
- श्री राम भरत मिलाप मंदिर
- कामदगिरि पर्वत परिक्रमा
- हनुमान धारा
- लक्ष्मण पहाड़ी
यात्रा के लिए उपयोगी सुझाव
- वन क्षेत्र में शांति बनाए रखें
- मंदिर की मर्यादा का पालन करें
- प्लास्टिक का उपयोग न करें
- सुबह जल्दी जाएँ तो बेहतर दर्शन होंगे
निष्कर्ष
सती अनुसुइया मंदिर (Sati Anusuya Mandir), चित्रकूट केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति, पतिव्रता धर्म और तपस्या का जीवंत उदाहरण है। यह स्थान श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। यदि आप चित्रकूट यात्रा पर जा रहे हैं, तो सती अनुसुइया मंदिर के दर्शन अवश्य करें और माता अनुसुइया की कृपा प्राप्त करें।
