होशंगाबाद का सुंदर और ऐतिहासिक घाट – सेठानी घाट : Sethani Ghat Narmadapuram

सेठानी घाट, नर्मदापुरम (होशंगाबाद): इतिहास, आस्था और नर्मदा तट की दिव्यता

सेठानी घाट मध्य प्रदेश की सबसे प्रसिद्ध और सुंदर घाटों में से एक है। यह घाट पूरे भारत में सबसे बड़े घाटों में से एक है। सेठानी घाट (Sethani Ghat) मध्य प्रदेश के होशंगाबाद शहर में बना हुआ है, जिसे अब नर्मदापुरम के नाम से भी जाना जाता है। सेठानी घाट (Sethani Ghat) न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपने ऐतिहासिक महत्व, स्थापत्य सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के कारण पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।

सेठानी घाट (Sethani Ghat) नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। नर्मदा मैया के तट पर बसा यह घाट सदियों से श्रद्धालुओं, साधु-संतों और यात्रियों की आस्था का साक्षी रहा है। यह घाट प्राचीन है। आज इस लेख में हम होशंगाबाद के सेठानी घाट के बारे में बात करेंगे

नर्मदा पुरम के सेठानी घाट की यात्रा

सेठानी घाट मध्य प्रदेश (Sethani Ghat, Madhya Pradesh) के सबसे बड़े और सुंदर घाटों में से एक है। यह भारत का सबसे बड़ा घाट है। यह घाट मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के जिले में नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। वैसे अब होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम कर दिया गया है। नर्मदा नदी होशंगाबाद की प्रमुख और पूजनीय नदी है, इसलिए इस शहर का नाम नर्मदा नदी के नाम पर नर्मदापुरम रखा गया है।

सेठानी घाट (Sethani Ghat) बहुत बड़ी एरिया में फैला हुआ है और बहुत सुंदर है। आप यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं। यहां पर आकर नर्मदा नदी का दृश्य देखना बहुत ही अच्छा लगता है। यहां का शांत वातावरण श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

सेठानी घाट (Sethani Ghat) में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। सेठानी घाट में आने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। यहां पर आप अपनी बाइक, कार और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यहां पर पार्किंग के लिए बहुत बड़ा स्पेस दिया गया है, जहां पर आप अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं और उसके बाद सेठानी घाट में घूमने के लिए जा सकते हैं।

सेठानी घाट होशंगाबाद रेलवे स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पार्किंग एरिया के दोनों तरफ ढेर सारी दुकान देखने के लिए मिलती है, जहां पर अलग-अलग तरह का सामान मिलता है। यहां पर आपको नर्मदा नदी और मंदिर में पूजन पाठ की सामग्री मिल जाती है। यहां पर और भी शॉपिंग के लिए ढेर सारी दुकाने हैं, जहां पर आप शॉपिंग कर सकते हैं।

सेठानी घाट (Sethani Ghat) की तरफ आगे बढ़ने पर, सेठानी घाट का भव्य दृश्य देखने के लिए मिलता है और नर्मदा नदी का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर प्रवेश करने पर सबसे पहले राम जानकी मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और मंदिर के गर्भगृह में राम जी, सीता जी और लक्ष्मण जी विराजमान है।

आगे बढ़ने पर प्राचीन मां नर्मदेश्वर मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर प्राचीन है और यहां पर मां नर्मदा की सुंदर प्रतिभा विराजमान है। यहां पर सुबह एवं शाम के समय मां नर्मदे की आरती होती है, जिसमें बहुत सारे लोग शामिल होते हैं। सेठानी घाट में हनुमान मंदिर भी बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। यहां पर राधा कृष्ण मंदिर बना हुआ है। राधा कृष्ण मंदिर के पास में ही गायत्री शक्तिपीठ मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह सभी मंदिर बहुत सुंदर है।

सेठानी घाट (Sethani Ghat) पूरा पक्का बना हुआ है। यहां पर जगह-जगह पर छोटी-छोटी दुकान है, जहां पर खाने-पीने का सामान मिलता है। आप यहां पर नर्मदा नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी अपने पूरे प्रवाह से बहती है और बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर सीढ़ियां बहुत अच्छी तरह से बनी हुई है। सीढ़ियां के यहां पर बहुत अच्छी तरह से सजाया गया है। विशेष त्यौहार के समय नर्मदा घाट को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है। इसकी सीढ़ियां को रंग-बिरंगे कलर से पेंट किया जाता है, जिससे यह बहुत ही सुंदर लगते हैं।

सेठानी घाट (Sethani Ghat) में और आगे जाने पर प्राचीन श्री महाकाल महादेव मंदिर देखने के लिए मिलेगा। यह मंदिर प्राचीन है और बहुत सुंदर है। इस मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग विराजमान है और आगे बढ़ने पर जगदीश मंदिर देखने के लिए मिलेगा। जगदीश मंदिर प्राचीन है और इस मंदिर की स्थापत्य कला बहुत ही सुंदर है।

मंदिर के ऊपर एक बड़ा सा शिखर है और मंदिर में छोटे-छोटे शिखर बने हुए हैं। यह मंदिर विष्णु भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आप यहां पर नर्मदा नदी में स्नान कर सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी का दृश्य बहुत ही सुंदर लगता है।

सेठानी घाट का इतिहास (Sethani Ghat History)

सेठानी घाट (Sethani Ghat) का निर्माण 19वीं शताब्दी में किया गया था। इस घाट का निर्माण इंदौर राज्य की प्रसिद्ध परोपकारी महिला सेठानी तिलोकचंद द्वारा करवाया गया। कहा जाता है कि सेठानी तिलोकचंद नर्मदा माता की परम भक्त थीं और उन्होंने जनकल्याण एवं धार्मिक उद्देश्यों से इस घाट का निर्माण कराया।

निर्माण काल में घाट को मजबूत पत्थरों और उत्कृष्ट वास्तुकला से सजाया गया, जिससे यह आज भी उसी भव्यता के साथ खड़ा है। अंग्रेजी शासन काल में भी सेठानी घाट धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहा। समय के साथ यह घाट नर्मदापुरम की पहचान बन गया।

नामकरण का महत्व

सेठानी घाट” नाम स्वयं में इसके इतिहास को समेटे हुए है। सेठानी घाट का नाम सेठानी घाट (Sethani Ghat) इसलिए रखा गया, क्योंकि इसका निर्माण करने वाली महिला को सम्मान देने के लिए इसका नाम सेठानी घाट रखा गया।

भौगोलिक स्थिति और पहुँच

सेठानी घाट (Sethani Ghat) नर्मदापुरम शहर के मध्य भाग में नर्मदा नदी के तट पर स्थित है।

  • रेल मार्ग: नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन से सेठानी घाट की दूरी लगभग 2–3 किमी है। सेठानी घाट में आप रेलवे स्टेशन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट से या ऑटो से आ सकते हैं।
  • सड़क मार्ग: नर्मदापुरम शहर अन्य आने शहरों से सड़क द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों से बस व टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है।
  • हवाई मार्ग: होशंगाबाद का निकटतम हवाई अड्डा भोपाल में बना है। आप भोपाल में वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद होशंगाबाद सड़क मार्ग से पहुंच सकते है।

सेठानी घाट का गूगल मैप लोकेशन

प्रमुख धार्मिक गतिविधियाँ

  • नर्मदा स्नान: प्रातःकाल और संध्या समय श्रद्धालु स्नान करते हैं।
  • आरती: प्रतिदिन सायंकाल होने वाली नर्मदा आरती घाट का मुख्य आकर्षण है।
  • पिंडदान और तर्पण: श्राद्ध पक्ष और अमावस्या पर विशेष रूप से पिंडदान किया जाता है।
  • कल्पवास: माघ मास में यहाँ कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।

शाम के समय सेठानी घाट का सुंदर नजारा (Sethani Ghat Night View)

संध्या समय सेठानी घाट (Sethani Ghat) पर होने वाली नर्मदा आरती एक अलौकिक अनुभव प्रदान करती है। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार, शंख-घंटियों की ध्वनि और बहती नर्मदा—यह दृश्य मन को शांति और भक्ति से भर देता है। आरती के समय घाट पर सैकड़ों दीप प्रवाहित किए जाते हैं, जो नदी की लहरों पर तैरते हुए अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

स्थापत्य और घाट की संरचना

सेठानी घाट (Sethani Ghat) का स्थापत्य पारंपरिक भारतीय शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।

  • चौड़ी और मजबूत सीढ़ियाँ
  • पत्थर से निर्मित प्लेटफॉर्म
  • बैठने और पूजा के लिए व्यवस्थित स्थान

घाट की संरचना ऐसी है कि यहाँ एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा कर सकते हैं। समय-समय पर स्थानीय प्रशासन द्वारा घाट का सौंदर्यीकरण भी किया गया है।

सेठानी घाट और नर्मदा परिक्रमा

नर्मदा परिक्रमा करने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए सेठानी घाट (Sethani Ghat) एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहाँ उन्हें विश्राम, पूजा और भोजन की सुविधाएँ मिलती हैं। परिक्रमा मार्ग में यह घाट आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है।

प्रमुख पर्व और मेले

सेठानी घाट (Sethani Ghat) पर वर्ष भर अनेक धार्मिक पर्व और आयोजन होते हैं:

  • मकर संक्रांति: हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं।
  • नर्मदा जयंती: विशेष पूजा, शोभायात्रा और भंडारे आयोजित होते हैं।
  • कार्तिक पूर्णिमा: दीपदान और स्नान का विशेष महत्व।
  • महाशिवरात्रि: आसपास के शिव मंदिरों में विशेष पूजा के साथ घाट पर भी आयोजन होते हैं।

इन अवसरों पर घाट पर भव्य सजावट की जाती है और वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

पर्यटकों के लिए आकर्षण

धार्मिक महत्व के साथ-साथ सेठानी घाट (Sethani Ghat) पर्यटकों के लिए भी आकर्षक है।

  • सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है।
  • नर्मदा तट पर शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव मिलता है।
  • फोटोग्राफी और ध्यान के लिए उपयुक्त स्थान है।

आसपास के दर्शनीय स्थल

सेठानी घाट (Sethani Ghat) घूमने के साथ-साथ आप नर्मदापुरम के अन्य दर्शनीय स्थलों की यात्रा भी कर सकते हैं:

सेठानी घाट में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Sethani Ghat)

सेठानी घाट (Sethani Ghat) में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। सेठानी घाट घूमने का सर्वोत्तम समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और धार्मिक आयोजनों की भी भरमार होती है। आप यहां पर त्योहारों एवं प्रमुख उत्सवों के समय भी आ सकते हैं।

उस समय भी इस घाट में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग यहां पर स्नान करने के लिए आते हैं। मकर संक्रांति के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहेगी। आप यहां पर मकर संक्रांति में जा सकते हैं। गर्मियों में तापमान अधिक हो सकता है, इसलिए सावधानी आवश्यक है।

स्वच्छता और संरक्षण

हाल के वर्षों में सेठानी घाट पर स्वच्छता अभियान और संरक्षण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अनुरोध किया जाता है कि:

  • नदी में प्लास्टिक न डालें
  • घाट की स्वच्छता बनाए रखें
  • धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें

निष्कर्ष

सेठानी घाट नर्मदापुरम की आत्मा कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। यह घाट इतिहास, आस्था, संस्कृति और प्रकृति का सुंदर संगम है। नर्मदा मैया की कृपा और घाट का दिव्य वातावरण हर आगंतुक को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। यदि आप मध्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से देखना चाहते हैं, तो सेठानी घाट की यात्रा अवश्य करें।

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