सीधी जिले में घूमने की 10 बेस्ट जगह : Amazing Sidhi Tourist Places in Hindi

सीधी जिले में घूमने की जगह – Sidhi District Travel Guide in Hindi

सीधी जिला मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है। यह रीवा संभाग का एक महत्वपूर्ण जिला है। यह जिला अपने प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ों, जंगलों, नदियों और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र विंध्य पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है, जिसके कारण यहाँ का भू-दृश्य बेहद मनोरम है।सीधी जिला उन पर्यटकों के लिए खास है, जो शांति से ग्रामीण जीवन को नजदीक से देखना चाहिए चाहते हैं।

इस लेख में हम सीधी जिला के प्रमुख पर्यटन स्थलों (Sidhi Tourist Places in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे, ताकि आप सीधी जिले में घूमने का प्लान बना रहे हो, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी हो।

इस लेख में सीधी जिले में घूमने की जगह (Sidhi Tourist Places in Hindi), सीधी कैसे पहुंचे, सीधी में घूमने का सही समय, सीधी यात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी।

सीधी जिले का इतिहास (Sidhi District History in Hindi)

सीधी जिला मध्य प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित है। सीधी जिला विंध्य पर्वतमाला में स्थित है। यह जिला घने जंगलों, पहाड़ों और नदी संपदा से घिरा हुआ है ,इसका प्राचीन इतिहास बहुत ही रोचक रहा है। सोन नदी जैसी प्राचीन नदियों के कारण यह क्षेत्र मानव के रहने का स्थल रहा है।

प्राचीन काल में सीधी क्षेत्र विंध्य क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा था। यहाँ आदिवासी समुदायों— जैसे गोंड, कोल और बैगा प्राचीन काल से निवास करती थी। यहां पर मौर्य और गुप्त काल का भी प्रभाव देखने के लिए मिलता है। इस समय यहां पर सांस्कृतिक और प्रशासनिक परिवर्तन किए गए हैं। गुप्त काल में इस क्षेत्र पर धार्मिक, कला और स्थापत्य पर बहुत अधिक महत्व दिया गया है।

मध्यकाल में सीधी क्षेत्र पर कलचुरी, चंदेल और बाद में बघेल वंश का शासन रहा। बघेल राजपूतों ने इस क्षेत्र में अनेक किले, मंदिर और तालाबों का निर्माण कराया। रीवा रियासत के अंतर्गत सीधी क्षेत्र का महत्व बढ़ा है। इस क्षेत्र का राजनीतिक महत्व बढ़ा है।

इसके के बाद सीधी क्षेत्र में मुगलों का शासन आया। मुगलों ने यहां पर प्रत्यक्ष रूप से शासन नहीं किया, परंतु आसपास की रियासतों के माध्यम से यहां पर उनका प्रभाव बना रहा। मुगल के पतन के बाद, यह क्षेत्र मराठा शासको के अधीन आया। मराठा काल में यह एरिया रीवा रियासत के अधीन रहा है।

ब्रिटिश काल में सीधी रीवा रियासत का हिस्सा था, जो ब्रिटिश सरकार के अधीन एक रियासत के रूप में कार्य करती थी। ब्रिटिश काल में सीधी क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्थाएं, शिक्षा और सड़कों का विकास हुआ। इस क्षेत्र के लोगों ने स्वतंत्रता के आंदोलन में भी विशेष योगदान दिया था।

स्वतंत्रता के बाद, 1956 में मध्य प्रदेश के पुनर्गठन के समय सीधी जिला अस्तित्व में आया। बाद में 2008 में सिंगरौली जिले के गठन से सीधी जिले की सीमाओं में परिवर्तन हुआ।

सीधी जिले के आस-पास घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल (Sidhi Tourist Places in Hindi)

भंवरसेन संगम (Bhanwarsen Sangam)

भंवरसेन संगम स्थल सीधी जिले के पास घूमने का एक प्राकृतिक और धार्मिक महत्व का स्थान है। ये जगह सीधी जिले से करीब 50 किमी दूर शिकारगग गांव के पास में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर खूबसूरत पहाड़ियां और जंगल का दृश्य देखा जा सकता है। साथ ही साथ यहां पर मध्य प्रदेश की दो प्रमुख नदियों सोन नदी और बनास नदी का संगम हुआ है।

यह संगम स्थल बहुत ही सुंदर है। यह संगम स्थल चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह जगह धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। यहां पर हर साल मकर संक्रांति के समय मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से लोग इस मेले में शामिल होने के लिए आते हैं।

यहां पर संगम स्थल के पास भंवरसेन ब्रिज बना है, जो आस-पास के सुंदर नजारों और नदियों का दृश्य देखने के लिए एक परफेक्ट जगह है। यहां पर आस-पास पहाड़ी है, जहां पर व्यू प्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप आस-पास के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहां पर भगवान शिव का मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर आप दर्शन के लिए जा सकते हैं।

मुख्य आकर्षण

  • शांत वातावरण
  • पिकनिक के लिए बढ़िया जगह
  • बरसात और ठंड के समय घूमने के लिए परफेक्ट

शिव मंदिर एवं विहार चंद्रेह (Shiv Mandir and Vihar Chandreh)

शिव मंदिर और विहार सीधी जिले के पास घूमने के लिए एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थान है। यह मंदिर सीधी से 50 किलोमीटर दूर शिकारगग गांव में भंवरसेन संगम स्थल के पास में स्थित है। यहां पर आप सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से या अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। यहां पर शिव जी का प्राचीन मंदिर बना हुआ है।

यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर के गर्भ में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के बाहर एक बड़ा गार्डन बना हुआ है। गार्डन में ढेर सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं। मंदिर परिसर में विहार के भी अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों में खूबसूरत नकाशी है। यह मंदिर एक ऊंचे चबूतरे के ऊपर बना हुआ है।

यह मंदिर चेदि वंश के प्रारंभिक काल का है। यह प्रबोधशिव के गुरु द्वारा बनाया गया था। इस मंदिर में गोलाकार गर्भगृह, अंतराल और मंडप है। मंदिर के सामने की तरफ सुंदर नक्काशी की गई है। आप जब भी भंवरसेन संगम में घूमने लिए आते हैं, तो आपको इस मंदिर में भी जरूर घूमने के लिए आना चाहिए और इस मंदिर की सुंदरता को देखना चाहिए।

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गुलाब सागर बांध सीधी (Gulab Sagar Dam Sidhi)

गुलाब सागर बांध सीधी शहर के पास घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है। यह एक जलाशय है, जो बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यह जलाशय चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह बांध सीधी जिले के पास खड्डी ग्राम के पास में स्थित है। इस बांध में आप सड़क मार्ग से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आकर आप बांध के सुंदर नजारों का आनंद ले सकते हैं।

बांध का सबसे अच्छा नजारा बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय बांध का दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। बांध के चारों तरफ का एरिया हरियाली से घिर जाता है और बांध पानी से ओवरफ्लो होकर बहता है, जिससे आप बांध का शानदार दृश्य देख सकते हैं।

तातेश्वर नाथ मंदिर (Tateshwar Nath Temple)

तातेश्वर नाथ मंदिर सीधी जिले के पास घूमने के लिए एक अद्भुत स्थान में से एक है। यहां पर गर्म पानी का कुंड देखने के लिए मिलता है। गर्म पानी के कुंड में लोग यहां पर स्नान करते हैं। यहां पर दो से तीन पक्के कुंड बने हुए हैं, जहां पर आराम से स्नान किया जा सकता है। यहां पर भगवान शिव का मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर आप दर्शन कर सकते हैं।

यह जगह बहुत अच्छी है और प्रकृति के करीब है। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आप आसानी से सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह जगह पपरेड़ी गांव गांव में है। आप यहां पर बस और टैक्सी से आराम से आ सकते हैं।

श्री परमहंस आश्रम ऋषिघाट

श्री परमहंसी आश्रम ऋषि घाट सीधी में घूमने के लिए सुंदर स्थान है। यहां पर बनास नदी बहती है और बनास नदी के किनारे यह स्थल है। आप यहां पर आराम से आ सकते हैं और इस जगह में घूम सकते हैं। यहां पर आश्रम बना हुआ है और भगवान शिव का मंदिर बना हुआ है। यहां पर साधु संत रहते हैं और बहुत शांति है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यह जगह सीधी जिले में पपरेड़ी गांव के पास में स्थित है।

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संजय नेशनल पार्क सीधी (Sanjay National Park Sidhi)

संजय नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सीधी और सिंगरौली जिले में फैला हुआ है। यह नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के प्रमुख पार्कों में से एक है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। आप जब भी सीधी आते हैं, तो इस पार्क में घूमने के लिए जा सकते हैं। इस पार्क में ढेर सारे वन्य प्राणी और वनस्पतियां देखने के लिए मिलती है।

संजय नेशनल पार्क में घास के मैदान, घना जंगल, पहाड़िया, नदी और जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। अगर आप मध्य प्रदेश में सबसे कम भीड़ भाड़ वाले राष्ट्रीय उद्यान में घूमना चाहते हैं, तो आप संजय नेशनल पार्क में आ सकते हैं। यहां पर मिश्रित पर्णपाती वन क्षेत्र है।

यहां पाई जाने वाली वनस्पतियों में सागौन, साल और बांस के पेड़ अधिकतर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पाए जाने वाले वन्य जीव में नीलगाय, चिंकारा, सियार, सांभर, जंगली बिल्ली, बायसन, लकड़बग्घा, जंगली कुत्ते, तेंदुआ और बाघ जैसे वन्य प्राणी देखे जा सकते हैं। यहां प्रवासी पक्षी ठंड के समय देखे जा सकते हैं। आप यहां पर आकर सफारी का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर ट्री हाउस बने हुए हैं, जहां पर आप स्टे कर सकते हैं।

बैनाकुंड मंदिर सीधी (Bainakund Temple Sidhi)

बैनाकुंड मंदिर सीधी शहर के पास में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। ये मंदिर गोपाद नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है। पहाड़ी के नीचे तलहटी पर गोपट नदी बहती है। यह मंदिर मां दुर्गा के एक रूप को समर्पित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर के आसपास का दृश्य बहुत ही शानदार होता है। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत सारे लोग दर्शन करने लिए आते हैं।

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सोन घड़ियाल अभ्यारण सीधी (Son Gharial Sanctuary Sidhi)

सोन घड़ियाल अभ्यारण सीधी जिले के पास घूमने के लिए एक प्राकृतिक स्थान में से एक है। यह अभ्यारण सीधी जिले के जोगदहा में सोन नदी में स्थित है। यह अभ्यारण बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर मगरमच्छ और घड़ियालों का संरक्षण किया जाता है। यहां पर आप अपनी बाइक, स्कूटी और सार्वजनिक परिवहन से पहुंच सकते हैं।

इस अभ्यारण की स्थापना 1981 में की गई थी। यहां पर आप मगरमच्छ और घड़ियाल आराम से देख सकते हैं। आप यहां दूरबीन लेकर आ सकते हैं और मगरमच्छों को साफ-साफ देख सकते हैं। यहां पर सोन नदी का भी बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत सारे वॉच टावर बने हुए हैं, जहां से आप सोन नदी के दृश्यों का आनंद उठा सकते हैं।

बरदी का किला (Bardi Fort)

बरदी का किला सीधी जिले के पास घूमने के लिए प्राचीन स्थान में से एक है। यह किला सोन और गोपद नदी के संगम स्थल पर स्थित है। यह एक गढ़ी है। यह गढ़ी सीधी जिले के बर्दी नाम के गांव में स्थित है। यह किला अच्छी अवस्था में है। आप इस जगह पर आ सकते हैं और इस किले को देख सकते हैं। यह किला 18वीं शताब्दी में बनाया गया था।

राजा मयूर शाह ने बरदी को अपनी राजधानी बनाया था और इस किले का निर्माण करवाया था। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार राजा मयूर सिंह चंदेल के वंशज थे। यह किला बहुत सुंदर है। इस गढ़ी के पूर्व एवं पश्चिम में प्रवेश द्वार बने हुए हैं। पूर्व का प्रवेश द्वार मुख्य प्रवेश द्वार है और इस प्रवेश द्वार में सुंदर पत्थरों की कारीगरी देखने के लिए मिलती है। इस गढ़ी में मुगल वास्तुकला देखने के लिए मिलती है।

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सीधी जिले का प्रसिद्ध भोजन

सीधी जिले के भोजन में सादगी और स्थानीय स्वाद झलकता है।

ज़रूर चखें

  • मक्का और चावल की रोटी
  • साग-भाजी
  • महुआ से बने व्यंजन
  • देसी दाल

सीधी में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Sidhi)

सीधी में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का रहता है। इस समय यहां पर ठंड का मौसम रहता है। ठंड का मौसम घूमने के लिए बढ़िया है। आप इस समय जाकर सीधी के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं।

यहां पर आप बरसात के समय भी आ सकते हैं। बरसात के समय आप यहां पर आसपास के झरने और जंगल वाली जगह में जा सकते हैं। इस समय जंगल हरियाली से घिरे रहते हैं और बहुत ही सुंदर लगते हैं।

सीधी कैसे पहुँचे (How to Reach Sidhi)

सड़क मार्ग : सीधी जिले में सड़क मार्ग से आसानी से आ सकते हैं। सीधी सड़क मार्ग द्वारा रीवा, सिंगरौली और प्रयागराज से जुड़ा है। आप यहां पर बस एवं पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं।

रेल मार्ग : सीधी जिले का निकटतम रेलवे स्टेशन रीवा और सिंगरौली में है। आप अपनी सुविधा के अनुसार रीवा और सिंगरौली आ सकते हैं और उसके बाद सीधी जिले में सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

हवाई मार्ग : सीधी जिले का निकटतम हवाई अड्डा रीवा में बना हुआ है। आप रीवा आ सकते हैं और उसके बाद सीधी पहुंच सकते हैं।

सीधी जिला का गूगल मैप लोकेशन

सीधी जिले में ठहरने की सुविधा

  • बजट होटल
  • सरकारी विश्राम गृह
  • गेस्ट हाउस

सीधी पर्यटन क्यों खास है?

  • प्राकृतिक सुंदरता
  • वन्यजीव अभयारण्य
  • आदिवासी संस्कृति
  • शांत और प्रदूषण-मुक्त वातावरण

निष्कर्ष

सीधी जिला मध्य प्रदेश का एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ प्रकृति, वन्यजीव, नदी और आदिवासी संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यदि आप शांति, हरियाली और प्राकृतिक पर्यटन के शौकीन हैं, तो सीधी जिले में घूमने की जगह आपकी यात्रा सूची में अवश्य होनी चाहिए।

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