उमरिया जिले में घूमने की जगहें – पर्यटन, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का संगम
मध्य प्रदेश का उमरिया जिला अपने समृद्ध इतिहास और विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ नेशनल पार्क के लिए पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। उमरिया विंध्य पर्वत श्रृंखला में बसा एक सुंदर शहर है। उमरिया मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है। अगर आप प्राकृतिक, एतिहासिक और धार्मिक जगह देखने का शौक है, तो उमरिया आपके लिए एक पर्यटक गंतव्य स्थल है, जहां पर जाकर आप अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
इस लेख में हम आपको उमरिया जिले में घूमने की जगह (Umaria Tourist Places in Hindi), उमरिया में घूमने का सही समय, उमरिया जिले के आस-पास घूमने की स्थल, उमरिया ट्रैवल प्लान कैसे बना सकते हैं, उमरिया कैसे पहुंचे, इन सभी चीजों के बारे में जानकारी देंगे। यह सभी जानकारी आपकी उमरिया की यात्रा को सुगम बनाएगी।
उमरिया जिले का इतिहास (Umaria District History)
उमरिया मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है। उमरिया का इतिहास भगवान श्री राम से जुड़ा हुआ है। माना जाता है, की रामायण काल में यहां पर भगवान श्री राम जी आए थे और उन्होंने बांधवगढ़ की पहाड़ी में कुछ समय बिताया था। यहां पर भगवान लक्ष्मण ने भगवान श्री राम जी को किला भेंट किया था। जिसके कारण इस जगह को बांधवगढ़ कहा जाता है, अर्थात बंधु या बंधुओ से मिलता-जुलता।
यह जगह धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। उमरिया में कौशल, मगध, कलिंग वंश का प्रभाव रहा है। 16वीं शताब्दी में बघेल राजाओं ने बांधवगढ़ को अपनी पहली राजधानी बनाया। बाद में, वह रीवा में शिफ्ट हो गए।
उमरिया क्षेत्र गॉड और बेगा जनजातियों के लिए प्रमुख था। ब्रिटिश शासन के दौरान उमरिया अपनी खनिज संपदा विशेष कर कोयले के लिए प्रसिद्ध रहा। यहां पर कोयले के उत्खनन के लिए खदान और रेलवे लाइन बिछाई गई। इस समय उमरिया रेलवे स्टेशन का महत्व बढ़ गया।
भारत की स्वतंत्रता के बाद और मध्य प्रदेश की गठन के साथ ही उमरिया, इस राज्य का हिस्सा बना और 1998 में उमरिया एक स्वतंत्र जिला घोषित किया गया, जो शहडोल और कटनी से अलग कर बनाया गया। आज उमरिया की एक अलग पहचान है। उमरिया में सबसे अधिक टाइगर डेंसिटी है।
उमरिया में घूमने के प्रमुख दर्शनीय और पर्यटन स्थलों की जानकारी (Umaria Tourist Places in Hindi)
नीचे उमरिया जिले की टॉप पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी दी गई है—
1. बांधवगढ़ नेशनल पार्क
बांधवगढ़ नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित भारत का प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व है, जो अपनी सबसे अधिक बाघ घनत्व (Tiger Density) के लिए जाना जाता है। बांधवगढ़ “लैंड ऑफ़ टाइगर” के नाम से जाना जाता है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व 1968 में नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था, बाद में इसे 1993 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। नेचुरल लवर्स के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है।
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उमरिया, शहडोल और कटनी जिले में फैला हुआ है। 1536 स्क्वायर किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है। यह राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे अच्छा राष्ट्रीय उद्यान है, क्योंकि यहां पर टाइगर देखने के बहुत ज्यादा चांसेस रहते हैं।
घने जंगल, पहाड़ियाँ, घास के मैदान और प्राचीन बांधवगढ़ किला इसे प्राकृतिक व ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाते हैं। पार्क में Tala, Magadhi और Khitauli मुख्य कोर जोन हैं, जहाँ बाघ, तेंदुए, हिरण, भालू और सैकड़ों पक्षी प्रजातियाँ देखने मिलती हैं।
सफारी का शुल्क लगभग 7,000–9,500 रुपये तक होता है और टिकट एमपी ऑनलाइन या ऑफलाइन गेट से प्राप्त की जा सकती है। पार्क अक्टूबर से जून तक खुला रहता है, जबकि मॉर्निंग सफारी 6:00–11:00 बजे और इवनिंग सफारी 3:00–6:30 बजे के बीच होती है। रोमांच, प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह भारत का सबसे बेहतरीन वन्य पर्यटन स्थल है।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क का मुख्य आकर्षण
- बाँधवगढ़ का “कोर जोन” (जैसे Tala Zone, Magadhi Zone, और Khetauli Zone) बाघ देखने के सर्वोत्तम क्षेत्र माने जाते हैं। वहाँ सफारी में बाघ, तेंदुए, हिरण, तीतर-पक्षी और अन्य वन्यजीव दिखने की संभावना अधिक होती है।
- “बफर ज़ोन” (जैसे Johila Zone, Panpatha Zone, Dhamokhar Zone) में सफारी करने वालों को जंगल, प्राकृतिक झरने, हिरण-वंशीय जीव-जंतु, और पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है — यह उन लोगों के लिए अच्छा है, जो सिर्फ बाघ नहीं बल्कि सम्पूर्ण जंगल अनुभव चाहते हों।
टिकट, प्रवेश शुल्क व सफारी बुकिंग
- एक पूरी जीप (6 व्यक्तियों तक) के लिए कोर ज़ोन में सामान्य रूप से भारतीयों के लिए ~₹8,500–₹9,500 होती है और विदेशियों के लिए ~₹13,000–₹14,500।
- बफर ज़ोन में कीमत थोड़ी कम होती है — भारतीयों के लिए लगभग ₹7,000–₹7,500। आप सफारी टिकट ऑनलाइन (पार्क की आधिकारिक वेबसाइट या एमपी-ऑनलाइन पोर्टल) से बुक कर सकते हैं। इसके अलावा ऑफलाइन (गेट पर) भी टिकट मिल सकती है, पर ऑनलाइन बुकिंग पहले से सुनिश्चित कर लेना बेहतर रहता है।
सफारी का समय
- पार्क आमतौर पर 1 अक्टूबर से 30/31 जून तक खुला रहता है। मानसून (July–September) में अधिकांश कोर ज़ोन बंद रहते हैं।
- मॉर्निंग सफारी: लगभग 06:00–06:30 AM से शुरू होती है और 10:00–11:30 AM तक चलती है।
- इवनिंग सफारी: प्रायः 03:00–04:00 PM के आसपास होती है और ~05:30–07:00 PM तक रहती है (मौसम और सीजन के अनुसार बदल सकती है)।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर घूमने की मुख्य जगह (Main Places to Visit Inside Bandhavgarh National Park)
बांधवगढ़ का किला (Bandhavgarh Fort)
बांधवगढ़ का किला बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर सबसे ऊंचाई पर स्थित है। यह बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर एक मुख्य आकर्षण और ऐतिहासिक स्थान है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 799 मीटर है। इस किले के बारे में कहा जाता है, कि इस किले का निर्माण रावण को मारने के बाद, अयोध्या लौटते समय राम जी इस जंगल से गुजरे थे और उन्होंने यहां एक किला बनाने और उसे अपने भाई लक्ष्मण को उपहार देने का निश्चय किया था।
इसके अलावा ऐसा माना जाता है कि बांधवगढ़ किला तीसरी सदी में बना हुआ है और इस किले में बहुत सारे राजाओं ने शासन किया है। इस किले में मुगल बादशाह हुमायूं की बेगम को भी शरण मिली थी। जब शेर शाह सूरी हुमायूं का पीछा कर रहे थे। उनके एहसान को चुकाने के लिए हुमायूं के बेटे अकबर ने बांधवगढ़ के सिक्के जारी किए थे।
वर्ष 1617 में बघेल अपने राज्य की राजधानी बांधवगढ़ को हटाकर रीवा ले गए। तब से यह किला खाली कर दिया गया और तब से इस किले में जंगली जानवरों का शासन हो गया। बांधवगढ़ किले के अंदर प्राचीन इमारतें एवं जलकुंड देखने के लिए मिलते हैं। इन जलकुंड में आज भी पानी भरा रहता है। यह किला बांधवगढ़ नेशनल पार्क के ताला जोन में आता है।
शेष शैया (Shesh Shaiya)
शेष शैया बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर स्थित मुख्य आकर्षणों में से एक है, जो बांधवगढ़ किले के पास में स्थित है। यहां पर विष्णु भगवान जी की एक विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जिसमें विष्णु भगवान जी शेष शैया में लेटे हुए हैं।
यह पूरे प्रतिमा पत्थर से बनी है और भगवान विष्णु के सर की तरफ शेषनाग देखे जा सकते हैं, जो फन फैलाये है। इस प्रतिमा के पास में जलकुंड भी बना हुआ है, जिससे इस जगह की शोभा बढ़ जाती है। यहां पर आस-पास और भी ढेर सारी प्रतिमाएं हैं, जो आकर्षण का मुख्य कारण है और यहां बिखरी पड़ी हुई है।
सदगुरु कबीर गुफा मंदिर (Sadguru Kabir Cave Temple)
सदगुरु कबीर गुफा मंदिर बांधवगढ़ नेशनल पार्क में, बांधवगढ़ किले के पास ही में स्थित है। यह स्थल कबीर जी को समर्पित है। कबीर जी संत थे और उन्होंने बहुत सारे दोहे लिखे हैं, जिनका जीवन में बहुत महत्व है। यहां पर कबीर जी का प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर उनकी मूर्ति और उनके खड़ग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
लक्ष्मण मंदिर या बांधवाधीश मंदिर (Laxman Temple or Bandhwadhish Temple)
लक्ष्मण मंदिर बांधवगढ़ का एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। यह मंदिर लक्ष्मण भगवान जी को समर्पित है। लक्ष्मण जी को बांधवगढ़ के देवता के रूप में जाना जाता है और लोगों इनकी पूजा करते हैं। यहां पर श्री राम, माता सीता जी और लक्ष्मण जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर चारों तरफ बहुत ही सुंदर वातावरण है।
रानी महल या मोती महल (Rani Mahal or Moti Mahal)
रानी महल लक्ष्मण मंदिर के पास में रानी तालाब के पास में बना हुआ है। रानी महल के पास एक तालाब बना हुआ है, जिसे बलुआ पत्थर की खुदाई करके बनाया गया है। रानी महल को मोती महल के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर रानियां का निवास स्थान हुआ करता था। रानी महल के किनारे ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं।
2. सागरेश्वर शिव मंदिर उमरिया (Sagareshwar Shiva Temple, Umaria)
सागरेश्वर शिव मंदिर उमरिया जिले का एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर उमरिया मुख्य सिटी में उमरिया बांधवगढ़ मार्ग के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से जा सकते हैं और घूम सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है।
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और 11वीं शताब्दी में बना हुआ है। इस मंदिर का संरक्षण भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस मंदिर के मुख्य गर्भगृह प्राचीन शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इसमें खजुराहो जैसी सुन्दर नक्काशी देखने के लिए मिलती है। आप उमरिया जाते हैं, तो इस मंदिर में जाकर घूम सकते हैं।
3. मदिबघ शिव मंदिर उमरिया (Madibagh Shiva Temple Umaria)
मदिबघ शिव मंदिर उमरिया के पास घूमने का ऐतिहासिक और प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर उमरिया से करीब 7 किलोमीटर की दूर, करामाती गांव में स्थित है। इस मंदिर के चारों तरफ घना जंगल है। इस मंदिर में आकर अच्छा और शांतिपूर्ण महसूस होता है, क्योंकि यहां पर चारों तरफ हरियाली और शांति है। यहां पर आप जाकर भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं।
यहां पर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर बना हुआ है। यह पूरा मंदिर पत्थर का बना है। मंदिर की दीवारों में बारीक़ नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।इसकी तल योजना में अंतराल, गर्भगृह एवं मंडप है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन होते हैं।
मंदिर एक ऊंचे चबूतरे के ऊपर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर के आसपास और भी प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जिनकी आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के पास प्राप्त अभिलेख से प्राप्त होता है, कि यह एक विष्णु मंदिर है।
मंदिर की दीवारों पर मूर्तियों को बनाया गया है। यह मूर्तियां धार्मिक और दैनिक जीवन से संबंधित है। यह मंदिर बहुत सुंदर लगता है। इस मंदिर में मकर संक्रांति के समय मेला भरता है, जिसमें बहुत सारे लोग शामिल होते हैं।
4. जोहिला बांध उमरिया (Johila Dam, Umaria)
जोहिला बांध उमरिया के पास बिरसिंहपुर पाली में बना हुआ एक सुंदर स्थान है। यह बांध बहुत बड़े एरिया में फैला है। यह बांध जोहिला नदी पर बना हुआ है। इस बांध को बिरसिंहपुर पाली बांध, पाली बांध और मंगथर बांध के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं और सूर्यास्त का सुंदर दृश्य देख सकते हैं।
बरसात में बांध का नजारा देखते बनता है, क्योंकि बरसात में बांध के गेट खोल दिए जाते हैं, जिससे इसका व्यू और भी आकर्षक हो जाता है। यहां पर आप फोटोग्राफी कर सकते हैं। यह बांध संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट के पास में बना है। इस बांध से संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट के लिए पानी सप्लाई किया जाता है।
5. मां बिरासनी देवी मंदिर उमरिया (Maa Birasani Devi Temple Umaria)
मां बिरासनी देवी मंदिर उमरिया के प्रसिद्ध और धार्मिक स्थान में से एक है। यह मंदिर उमरिया में बिरसिंहपुर पाली में बना हुआ है। बिरसिंहपुर शहर का नाम बिरासनी माता के नाम पर ही पड़ा है। यह मंदिर रेलवे स्टेशन से करीब 600 मीटर दूर है। यहां पर आप ट्रेन से उतर कर पैदल ही मंदिर तक जा सकते हैं।
मां बिरासनी देवी मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के गर्भगृह में काली माता की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा विराजमान है। यह प्रतिमा कलचुरी कालीन है। यह प्रतिमा बहुत ही आकर्षक लगती है। इस प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इस मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था जुडी हुई है।
बिरासनी देवी मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। पूरा मंदिर संगमरमर से बना हुआ है, जो आकर्षक लगता है। इस मंदिर में लोग जाकर मन्नत मानते हैं और माता उनकी मन्नत को पूरा करती है। नवरात्रि में मंदिर में बहुत ज्यादा धूमधाम रहती है।
जाने – पन्ना जिले में घूमने की बेहतरीन जगह के बारे में
6. माँ ज्वाला धाम शक्ति पीठ उमरिया (Maa Jwala Dham Shakti Peeth Umaria)
मां ज्वाला धाम शक्तिपीठ उमरिया के पास उचेहरा में स्थित एक प्रसिद्ध और सुंदर मंदिर है। यह मंदिर उचेहरा के पास हाईवे सड़क से 1 किलोमीटर दूर जंगल के अंदर और नदी के पास बना है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यह मंदिर बहुत प्राचीन है और मंदिर के बारे में ढेर सारी मान्यताएं प्रसिद्ध है।
यहां पर मां ज्वाला की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। मां ज्वाला देवी धाम 1 शक्तिपीठ है। यह मंदिर करीब 2000 वर्ष पुराना है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में ज्वाला देवी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
इस मंदिर में एक सुंदर गार्डन भी है, जहां पर आप शांति से बैठ सकते है। यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर श्री गणेश मंदिर, श्री राम जी का मंदिर, श्री कृष्ण जी का मंदिर, काल भैरव मंदिर बना है। इन सभी मंदिरों में आप घूम सकते हैं।
ज्वाला धाम के पास में ही कैलाश गुफा बनी हुई है, जहां पर भी आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर शिव जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। पास में नदी बहती है, जिसका दृश्य भी सुंदर लगता है। आप यहां पर जाकर पिकनिक बना सकते हैं। यह उमरिया के पास एक अच्छा और पिकनिक के लिए उपयुक्त प्लेस है।
7. झोझा फॉल चांदिया उमरिया (Jhojha Falls Chandia Umaria)
झोझा जलप्रपात उमरिया के पास घूमने के लिए एक प्राकृतिक स्थान है। यह जलप्रपात उमरिया के पास चंदिया से करीब 8 किलोमीटर दूर है। यहां पर आप सड़क मार्ग से पास सकते हैं। यहां पर आप अपने वाहन से आसानी से आ सकते हैं। चंदिया में रेलवे स्टेशन है। रेलवे स्टेशन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी यहां पर आ सकते हैं।
झोझा जलप्रपात एक स्थानीय नदी है। यह जलप्रपात बड़ी-बड़ी चट्टानों के ऊपर से बहता है और बहुत आकर्षक लगता है। यह जलप्रपात ऊंचाई से गिरता है। यहां पर नीचे एक छोटा सा कुंड बना हुआ है। जलप्रपात के आस-पास बड़ी-बड़ी चट्टान हैं, जहां पर जाकर आप जलप्रपात के सुंदर दृश्य का आनंद ले सकते हैं।
8. कोदार जलप्रपात उमरिया (Kodar Falls Umaria)
कोदार जलप्रपात उमरिया के पास घूमने का एक सुन्दर स्थल है। इस जलप्रपात को K फॉल के नाम से भी जाना जाता है। यह जलप्रपात उमरिया से दूर कोदर गांव में बना हुआ है। यहां पर सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। यह जलप्रपात बहुत ही आकर्षक है। यहां पर नदी का तल पथरीला है।
यहां पर बड़ी-बड़ी और नुकीली चट्टानें नदी के तल पर निकली हुई है, जो इस जगह को और भी आकर्षक बनाती है। इस जगह पर नदी का पानी बहता है, तो बहुत सुंदर लगता है। यह जलप्रपात चट्टानों के ऊपर से नीचे गिरता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां पर जाकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
जलप्रपात के आसपास प्राकृतिक परिदृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां हर तरफ जंगल पहाड़ का दृश्य देखा जा सकता है। ये जगह सुनसान और खामोश है। आप यहां बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलप्रपात जोहिला नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है।
9. प्राचीन शिव मंदिर समूह सीतामढ़ी (Ancient Shiva Temple Complex, Sitamarhi)
प्राचीन शिव मंदिर समोसे सीतामढ़ी उमरिया के पास घूमने लिए एक ऐतिहासिक स्थान है। यह मंदिर उमरिया के पाली तहसील के ग्राम रतवाई में बने हुए हैं। यहां पर आप सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह मंदिर घने जंगल के अंदर सोन नदी के पास में बने हुए हैं।
यह मंदिर प्राचीन और ऐतिहासिक है। पूरे मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर पत्थर से बने हुए हैं। मंदिर की दीवारों में सुंदर कारीगरी की गई है। इन मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर ढेर सारे मंदिर बने हुए हैं। मंदिर के आस-पास का वातावरण बहुत सुंदर और प्राकृतिक है। यहां पर आप आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
जाने – जबलपुर के प्रमुख आकर्षणों के बारे में
10. जोहिला जलप्रपात उमरिया (Johila Falls Umaria)
जोहिला जलप्रपात उमरिया जिले में बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के अंदर स्थित है। यह जलप्रपात जोहिला नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। यहां पर काले रंग की प्राकृतिक चट्टानें देखने के लिए मिलती है, जो पूरे जलप्रपात के एरिया में फैली हुई है और बहुत ही आकर्षक लगती है।
यहां पर आकर अच्छा और शांतिपूर्ण समय बिताया जा सकता है। यहां पर चारों तरफ हरियाली और पेड़ पौधे देखे जा सकते हैं। यह जगह प्राकृतिक प्रेमियों और फोटोग्राफी वाले पर्सन के लिए बहुत ही बढ़िया है।
उमरिया कैसे पहुंचे (How to reach Umaria?)
वायु मार्ग से उमरिया कैसे पहुंचे (How to reach Umaria by air)
उमरिया का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर में बना है। जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट बना हुआ है। जबलपुर उमरिया से करीब 140 किलोमीटर दूर है। आप जबलपुर में वायु मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग द्वारा उमरिया पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग द्वारा उमरिया कैसे पहुंचे (How to reach Umaria by train)
रेल मार्ग द्वारा उमरिया में आसानी से पहुंचा जा सकता है। उमरिया में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। यह रेलवे स्टेशन प्रमुख शहरों से कनेक्ट है। आप यहां पर प्रमुख शहर जैसे कटनी, जबलपुर, बिलासपुर से डायरेक्ट पहुंच सकते हैं। उमरिया आने के बाद आप अन्य जगहों पर सड़क मार्ग से जा सकते हैं।
सड़क मार्ग से उमरिया कैसे पहुंचे (How to reach Umaria by road)
उमरिया अन्य शहरों से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से कनेक्ट है। उमरिया में आने के लिए बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर आप रीवा, शहडोल, जबलपुर, कटनी, अमरकंटक जैसे शहरों से डायरेक्ट उमरिया पहुंच सकते हैं।
उमरिया का गूगल मैप लोकेशन
उमरिया में यात्रा करने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Umaria)
उमरिया में यात्रा करने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च के महीने में आकर यात्रा कर सकते हैं। वैसे भी बांधवगढ़ नेशनल पार्क ठंड के महीने में ज्यादा सक्रिय रहता है।
यहां पर ठंड के समय पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। आप इसी समय यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और उमरिया के सभी पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। बाकी आप अपने हिसाब से यहां पर कभी भी घूमने के लिए आ सकते हैं।
उमरिया में क्या करें?
✔ टाइगर सफारी
✔ लोक संस्कृति अनुभव
✔ ग्रामीण पर्यटन
✔ फोटोग्राफी
✔ धार्मिक स्थलों के दर्शन
खरीदारी और भोजन
उमरिया में स्थानीय कारीगरी, गोंड कला, जनजातीय सजावटी चीजें और हाथ से बने आइटम खरीदे जा सकते हैं। यहां जनजातीय और बुंदेली भोजन का स्वाद जरूर लें।
निष्कर्ष
उमरिया जिला हर तरह के यात्रियों के लिए खास है — चाहे आप adventure तलाश रहे हों या इतिहास। बांधवगढ़ नेशनल पार्क यहां का मुख्य आकर्षण है, लेकिन इसके अलावा मंदिर, प्राकृतिक स्थल और जनजातीय संस्कृति उमरिया को और भी रोचक बनाती हैं।
इस लेख में हमने उमरिया के पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी है। अगर आपको इसमें कुछ परिवर्तन करना हो, या कुछ जोड़ना हो, तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं। हम वह परिवर्तन कर देंगे, ताकि आपके लिए उपयोगी हो।
आप इस लेख को अपने दोस्तों को सोशल मीडिया सर्कल में शेयर कर सकते हैं, ताकि यह लेख उन लोगों के लिए उपयोगी हो, जो भी उमरिया में यात्रा करने का प्लान कर रहे हो।
