विजयराघवगढ़ किला कटनी – Beautiful Vijayraghavgarh Fort Katni, Travel guide 2026

विजयराघवगढ़ किला, कटनी: इतिहास, वीरता और बुंदेलखंडी शौर्य की अमर गाथा

विजयराघवगढ़ किला कटनी शहर एक ऐतिहासिक विरासत है। यह किला कटनी जिले के विजयराघवगढ़ तहसील में बना हुआ है। यह किला बुंदेलखंड क्षेत्र के गौरवशाली अतीत और वीर शासको की गाथाओं को आज भी जीवंत बनाए हुए हैं।

विजयराघवगढ़ किला (Vijayraghavgarh Fort) कटनी जिले अपनी भव्य संरचना, प्राचीन दीवारों का ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इतिहास प्रेमियों को इस किले में जरूर घूमने के लिए आना चाहिए। इस लेख में हम आपको विजयराघवगढ़ किले के बारे में जानकारी देंगे

विजयराघवगढ़ किले की यात्रा

विजयराघवगढ़ किला कटनी (Vijayraghavgarh Fort Katni) जिले के प्रसिद्ध किलों में से एक है। कटनी जिले में ढेर सारे प्राचीन मंदिर और किले हैं, जिनमें से विजयराघवगढ़ का किला एक प्रमुख स्थल है। यह किला पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है और आप इस किले में जाकर घूम सकते हैं और इस किले की संरचना को देख सकते हैं।

विजयराघवगढ़ किला कटनी जिले के पास विजयराघवगढ़ तहसील में बना हुआ है। विजयराघवगढ़ तहसील कटनी जिले से करीब 35 किलोमीटर दूर है। यह कटनी शहर की तहसील और नगर पंचायत है। यहां पर आप अपनी गाड़ी से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ सकते हैं। यह एक यह काफी बड़ा कस्बा है और काफी फेमस है।

विजयराघवगढ़ प्राचीन समय से ही एक फेमस कस्बा रहा है। विजयराघवगढ़ में घूमने के लिए ढेर सारे स्थान है। विजयराघवगढ़ का किला (Vijayraghavgarh Fort) इस कस्बे के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। इस किले में आप आकर घूम सकते हैं और इस किले की भी संरचना को देख सकते हैं, जो बहुत ही सुंदर है। इस किले के अंदर देखने के लिए बहुत सारे स्थल है, जो बहुत सुन्दर है।

विजयराघवगढ़ का किला (Vijayraghavgarh Fort) पुलिस थाने के तरफ बना हुआ है। यहां पर आप अपने निजी वाहन से पहुंच सकते हैं। किले तक पहुंचाने के लिए पक्का रास्ता बना हुआ है। किले के पास में ही बाहर की और एक मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप जा सकते हैं। इस किले के बाहर पार्किंग के लिए बहुत बड़ा एरिया बना हुआ है, जहां पर आप गाड़ी खड़ी कर सकते हैं।

किले के बाहर ही आपको एक बड़ी खाई देखने के लिए मिलती है, जिसमें प्राचीन समय में मगरमच्छ और जहरीले जीव को रखा जाता था। ताकि अगर कोई किले में अटैक कर रहा हो, तो वह खाई में गिर जाए और किले में अटैक ना हो सके।

किले में प्रवेश करने के लिए एक भव्य प्रवेश द्वार बना हुआ है। किले के प्रवेश द्वार में प्रवेश करने के बाद, आपको एक और प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलता है, जिसके बाद आपको आप महल के प्रांगण में पहुंच जाते हैं। महल के अंदर यहां पर एक व्यक्ति बैठे रहते हैं, जो आपकी इनफॉरमेशन लेते हैं।

महल में पहुंचकर आपको सबसे पहले रंग महल देखने के लिए मिलता है, जो विजयराघवगढ़ किले (Vijayraghavgarh Fort) का सबसे सुंदर और आकर्षक स्थल है। यह महल दो मंजिला है और इस महल में आपको खूबसूरत पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। आप महल के ऊपर जा सकते हैं। महल के ऊपरी मंजिल में ढेर सारी खूबसूरत पेंटिंग बनी हुई है।

यहां पर कमरे बने हुए हैं और कमरों की दीवारों में और छत में सुंदर पेंटिंग बनी हुई है। रंग महल देखने के बाद, आप रंग महल निचला हिस्सा भी देख सकते हैं। रंग महल के निचला हिस्से में आपको चमगादड़ देखने के लिए मिलती है। यहां पर बहुत ज्यादा बदबू भी आती है। आप इस जगह को बाहर से देख सकते हैं।

रंग महल देखने के बाद, आप मुख्य महल में आते हैं, जहां पर आपको राजा रानी का महल देखने के लिए मिलता है। राजा रानी महल के अंदर जाने पर आपको एक बड़ा सा आंगन देखने के लिए मिलता है। इस आंगन के चारों तरफ कमरे बने हुए हैं। यहां पर देखने के लिए बहुत सारी चीज हैं। यहां पर एक चबूतरा देखने के लिए मिलता है। यह चबूतरा पवित्र बाबा जी की समाधि है। इस समाधि पर लोग आकर झंडा चढ़ाते हैं और पूजा करते हैं।

यहां पर हर साल झंडा चढ़ाए जाते हैं। यहां पर आपको एक प्राचीन कुआं देखने के लिए मिलता है, जिसमें लोहे की रॉड लगी हुई है। आप महल के ऊपरी हिस्से में जाकर भी घूम सकते हैं। महल के ऊपरी हिस्से में जाकर आप आस-पास के महल का दृश्य देख सकते हैं। महल के अंदर एक बरगद का विशाल पेड़ लगा हुआ है, जो महल की दीवारों को धीरे-धीरे अपनी जड़ फैलता जा रहा है, जिससे दीवारें कमजोर होती जा रही है।

विजयराघवगढ़ का किला (Vijayraghavgarh Fort) भारतीय पुरातत्व विभाग की निगरानी में है। यह किला जर्जर हालत में है। अगर आप यहां पर जाते हैं, तो अपने साथ पानी और खाने का सामान जरूर लेकर जाए, क्योंकि यहां पर किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। किले में आप अपना कुछ समय बिता सकते हैं। उसके बाद आप अपने आगे की यात्रा कर सकते हैं।

जानें : कटनी में घूमने के प्रमुख जगह

विजयराघवगढ़ किले का इतिहास और निर्माण (The history and construction of Vijayraghavgarh Fort)

विजयराघवगढ़ किले (Vijayraghavgarh Fort) का निर्माण राजा प्रयाग दास जी ने किया था। राजा प्रयाग दास जी मैहर के राजा के भाई थे। इस किले के निर्माण 1826 में हुआ था और कई वर्षों तक इस किले का निर्माण कार्य चला था। इस किले की खासियत यह है कि यह बहुत सुरक्षित किला है।

इस किले में बहुत ही खूबसूरत पत्थरों पर नक्काशी देखने मिल जाती है। राजा प्रयाग दास के पुत्र सरयू प्रसाद ने अंग्रेजो के खिलाफ लड़कर देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण योगदान निभाया है। राजा सरयू प्रसाद ने अंग्रेजों के खिलाफ 1857 की क्रांति में शामिल हुए थे, जिससे अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उनसे यह किला छीन लिया।

विजयराघवगढ़ किले का ऐतिहासिक महत्व

विजयराघवगढ़ किले (Vijayraghavgarh Fort) का इतिहास कई शताब्दियों पुराना है और इसका संबंध बुंदेला शासकों से जोड़ा जाता है।

इतिहास की झलक

  • यह किला बुंदेलखंड के शक्तिशाली राजवंशों द्वारा निर्मित माना जाता है
  • किले का नाम महाराजा विजयराघव सिंह से जुड़ा हुआ बताया जाता है
  • यह क्षेत्र लंबे समय तक राजनीतिक और सैन्य गतिविधियों का केंद्र रहा
  • किले ने कई युद्धों और संघर्षों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है

विजयराघवगढ़ किले की वास्तुकला

विजयराघवगढ़ किले (Vijayraghavgarh Fort) की वास्तुकला उस काल की निर्माण शैली और तकनीकी कौशल को दर्शाती है। किले की बनावट इसे शत्रुओं से सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई थी।

वास्तुशिल्प की विशेषताएं

  • ऊँची और मजबूत पत्थर की दीवारें
  • विशाल प्रवेश द्वार
  • निगरानी के लिए बुर्ज और मीनारें
  • भीतर खुले आंगन और संरचनाएं
  • किले के बड़ी एरिया में विशाल खाई

पर्यटन की दृष्टि से विजयराघवगढ़ किला

विजयराघवगढ़ का किला एक प्राचीन किला है। इतिहास प्रेमियों को इस किले में जरूर घूमने के लिए आना चाहिए। यह किला बुंदेला स्टाइल में बना हुआ है और बहुत ही खूबसूरत लगता है। इस किले के अंदर घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। अगर आप विजयराघवगढ़ जाते हैं, तो इस किले में जरूर घूमे

पर्यटकों के लिए आकर्षण

  • ऐतिहासिक वातावरण
  • फोटोग्राफी के लिए सुंदर स्थल
  • बुंदेलखंडी संस्कृति का अनुभव
  • शांति और प्राकृतिक दृश्य

विजयराघवगढ़ किले के आसपास घूमने की जगहें

विजयराघवगढ़ किला कैसे पहुंचें (How to Reach Vijayraghavgarh Fort)

सड़क मार्ग : कटनी से विजयराघवगढ़ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। विजयराघवगढ़ आने के लिए नियमित बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं। यह किला सिटी के आउटसाइड बना हुआ है। इसलिए आप यहां पर टैक्सी या ऑटो बुक करके आ सकते हैं।

रेल मार्ग : विजयराघवगढ़ का निकटतम रेलवे स्टेशन कटनी जंक्शन है, जो भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। आप कटनी रेल द्वारा आ सकते हैं और उसके बाद विजयराघवगढ़ सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

हवाई मार्ग : विजयराघवगढ़ का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर एयरपोर्ट है, जहाँ से सड़क मार्ग द्वारा किले तक पहुँचा जा सकता है।

विजयराघवगढ़ किला कटनी का गूगल मैप लोकेशन

विजयराघवगढ़ किले में घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Vijayraghavgarh Fort)

विजयराघवगढ़ किले में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का है। आप यहां पर ठंड के समय जाकर किले की सैर कर सकते हैं। ठंड का समय घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया रहता है। इस समय मौसम सुहावना रहता है, जिससे आप आराम से पैदल घूम सकते हैं। किले में आप दिन के समय 10:00 बजे से 6:00 तक आ सकते हैं। विजयराघवगढ़ किला 10:00 से 6:00 तक खुला रहता है।

विजयराघवगढ़ किला क्यों देखें?

  • बुंदेलखंड के इतिहास को जानने के लिए
  • वीरता और शौर्य की कहानियों को महसूस करने के लिए
  • ऐतिहासिक वास्तुकला देखने के लिए
  • शांत और प्रेरणादायक वातावरण के लिए

निष्कर्ष

विजयराघवगढ़ किला, कटनी केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की वीरता, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। इसकी प्राचीन दीवारें आज भी अतीत की कहानियां सुनाती हैं और आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ती हैं।

यदि आप इतिहास, संस्कृति और पर्यटन में रुचि रखते हैं, तो विजयराघवगढ़ किला आपकी यात्रा सूची में अवश्य होना चाहिए।

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